चाची ने चूतिया बना कर चूत चटवाई


Author :Unknown Update On: 2015-11-03 16:23:15 Views: 1966

दोस्तो मेरा नाम वंश है और मेरा लण्ड 7 इंच का है!! चंडीगङ में रहता हूँ तथा मुझे चूत चाटने का बहुत शोक है… “एम एस एस” पर कहानियाँ मैं पिछले कई हफ्तों से पढ़ता आ रहा हूँ। मैं आपको अपनी जिन्दगी का पहला अनुभव बताने जा

रहा हूँ, आशा करता हूँ, आप सब को पसंद आएगा। मेरी पढाई ख़त्म हो गई थी और मैं काम की तलाश कर रहा था। एक दिन मैं थक कर घर आया तो माँ ने बताया कि सोनिया चाची ने मुझे घर पर बुलाया है। काम के बारे में बात करनी है। मेरी चाची

सोनिया काफ़ी सुंदर है। उनकी उम्र 32 की होगी, लेकिन फ़िगर के हिसाब से वो एकदम 20 या 22 से ज़्यादा नहीं लगती। उनका फ़िगर 36-32-38 होगा और उनकी मोटी-2 जाँघे देखकर कोई भी मर्द ललचा जाए… चाची-चाचा हमारे घर के पास ही रहते हैं। मैं नहा

कर चाची के घर चला गया। जब मैं उनके घर पहुँचा, मैंने दरवाजा खटखटाया। दो बार खटखटाने पर चाची दरवाजे पर आईं। मैंने चाची को नमस्ते कहा और पूछा की बच्चे कहाँ है, तो वो बोलीं की नानी के घर गए है छुटी बिताने, चाची बोलीं –

अंदर आ जाओ, बाहर ही रहकर सब पुछोगे क्या? मैं अंदर चला गया। चाची मेरे लिए पानी लेकर आईं, मैंने पानी पिया। इतने मे चाची ने पूछा – वंश बेटा, तुम्हारा लैपटाप कहाँ है? मैंने कहा – घर पर चाची जी… वो बोलीं – ठीक है, कल इसी

वक्त आना साथ में लैपटाप लेकर आना। मैंने पूछा कि आपने तो काम बताने के लिए बुलाया था तो वो बोलीं कि उनके मोहल्ले में किसी ने ओनलाईन काम शुरु किया है, तुझे वो ही समझाना है, इतना सुनकर मैं उनसे इज़्ज़ात लेकर अपने घर आ

गया। अगली दोपहर को मैंने अपना लैपटाप उठाया और चाची के घर पहुँच गया, चाची को नमस्ते कहा और पूछा – लैपटाप शुरु करुँ…?? वो बोलीं – रुक मेरे बेडरुम में आ जा, वहाँ पर आराम से बैठते हैं। बेडरुम में जाकर मैंने लैपटाप

चालु कर दिया, वो बोलीं – चल अब ब्लु फ़िल्म लगा। मैं चौंक गया, मैंने कहा – क्या? वो बोलीं – जब भी घर आता है, मेरी तरफ़ कम मेरी चुचियों की तरफ़ तेरा ज्यादा ध्यान रहता है। तू क्या समझता है कि मुझे कुछ नहीं पता। मैंने तुझे

मुठ मारते हुए देखा है कितनी बार, अपने कमरे में लैपटाप में ब्लु फिल्म लगा कर। चल जल्दी कर। मैं डर गया और मैंने कहा – नहीं चाची जी, आपको कोई गल्तफ़हमी हुई है। वो बोलीं – जल्दी लगा, नहीं तो अभी तेरा चाचा को फोन कर के

बुलाती हूँ। मैं डर गया और मैंने जल्दी से लैपटाप में ब्लु फ़िल्म चला दी। चाची का सारा ध्यान फ़िल्म में था। वो अपनी सलवार में हाथ डालकर अपनी चूत को सहला रही थी। ये देखकर मेरा लण्ड खडा हो गया और मेरी पैंट में से उसकी

झलक नजर आने लगी। जब चाची का ध्यान मेरे लण्ड की तरफ़ गया वो बोलीं – पैंट उतार। मैं डर रहा था, मैंने पैंट उतार दी। इतने में फ़िल्म में चूत चाटने का सिन आ गया। उसमे वो लोग 69 पोज़ में एक दूसरे को चाट रहे थे!! चाची ने कहा –

चल आजा, तुझे स्वर्ग में ले चलती हूँ। और इतना कह कर वो मेरे मुँह पर बैठ गईं। मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था। उनकी सलवार के अन्दर से उनकी चूत के पानी की महक आ रही थी!! मैं मदहोश हो गया और सलवार के उपर से ही चूत को चाटने लगा।

चाची के मुँह से हल्की-हल्की सिसकारियाँ निकलने लगीं। मैंने कहा – चाची जी, अपनी सलवार उतार दो। वो बोलीं – चाची मत बोल, सोनिया बोल कुत्ते। इतना सुन कर मैं पागल हो गया और मैंने चाची की सलवार को उसके जिस्म से अलग कर

दिया। उन्होनें गुलाबी रंग की पैंटी पहनी थी। वो चूत के रस से पुरी तरह भीग चुकी थी!! अब मैं पैंटी के उपर से चूत चाटने लगा। मैं बोला – सोनिया जान, तुम्हारी चूत का पानी तो अमृत है। वो बोलीं – कुते, बहन-चोद तो जोर से

चाट। मैंने कहा – कुतिया, पहले अपनी कच्छी तो उतार। चाची ने अपने हाथों से पैंटी को हटा कर चूत मेरे मुँह पर रख दी और मैं जोर जोर से चाटने लगा। इतने में चाची की चूत से गरम गरम बाथरुम की धार बहने लगी और मैं मस्ती में

उसे पीने लगा। थोडा अजीब लग रहा था, लेकिन मजा आ रहा था। वो बोलीं – चल अब मेरी चूत की प्यास बुझा दे, चोद दे इसे। मैंने अपना सुपाडा चाची की चूत पर रखा और जोर से धक्का मारा। चाची के मुँह से चीख निकली –

आह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्हं। वो बोलीं – धीरे कर चुतिये, एक दिन में ही फड़ेगा क्या? सो, मैं धीरे धीरे लण्ड को अंदर बाहर करने लगा। थोड़ी ही देर बाद वो नीचे से उछ्लने लगीं, तो मैंने भी अपनी स्पीड तेज कर दी। अब उन्हें दर्द

नहीं हो रहा था और वो मज़े में चिल्ला रही थी- आह्ह्ह्ह्ह्ह्ह आ्ह्ह्ह्ह्ह ईईईईईई ऐह्हीईई ईस्स्स्स्स्स्स्स्स मजा आ रहा है, हाय और जोर से, हाय क्या बात है, हाय। क्योंकि हम दोनों ही कुछ देर पहले झड़ चुके थे इसीलिए इस

बार ज्यादा समय तो लगना ही था। मैं करीब दस मिनट तक उनकी चूत में लण्ड पेलता रहा। फिर वो बोलीं – अब तुम नीचे आ जाओ और मुझे ऊपर आने दो। मैंने कहा- ठीक है। अब वो मेरे लण्ड पर बैठकर कूद रही थीं। जब वो कूदती तो साथ साथ

उनकी चुचियाँ भी ऊपर नीचे उछल रही थीं। वो सीन वाकई में लाजवाब था। कुछ देर बाद, मैंने फिर से उनको नीचे गिरा लिया। अब वो पीठ के बल लेटी हुई थीं और मैं उनकी कमर पर लेट कर उन्हे चोद रहा था। अब मैं झडने वाला था, मेरे लण्ड

से वीर्य का फ्व्वारा निकला, जो मैंने चाची की चूत में ही छोड़ दिया। फिर हम दोनो शांत हो गये और लेट गये। कुछ देर लेटने के बाद चाची ने एक कपड़े से मेरा लण्ड साफ़ किया और अपनी चूत की भी सफाई की। फिर अपने अपने कपड़े पहन

लिए और नीचे आ गये।

Give Ur Reviews Here