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Shama Ki Ungli Chudai (Fingering)


दोस्तों ये कहानी आप सेक्सवासना डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

हैलो दोस्तो, मेरा नाम समीर है। सभी पाठकों को मेरा नमस्कार। मैं 23 साल का लड़का हूँ। मेरा लण्ड 7 इंच लम्बा और दो इंच मोटा है। मैं कानपुर उत्तर-प्रदेश से हूँ। मैंने आज तक बहुत सी लड़कियों और आंटियों के साथ सम्भोग

किया है। आज मैं आपको अपनी एक घटना बताने जा रहा हूँ। आशा करता हूँ आपको पसंद आएगी। यह बात एक साल पहले की है जब मैं अपने बुआ के लड़के की शादी में लखनऊ गया था। भाई की शादी थी तो इसलिए भाई ने मुझे 10 दिन पहले बुला लिया

था। वहाँ मैंने एक लड़की को देखा जिसे देखते ही मैं उस पर फिदा हो गया। उसका नाम शमा था कुछ देर बाद पता चला कि वो सामने वाले घर में रहती है। वो बहुत ही खूबसूरत थी, गोरा बदन फिगर 34-30-32 का होगा। घर में शादी होने की वजह से

उसका आना-जाना लगा रहता था। मैं तो बात करने का बहाना ढूंढ रहा था और भगवान से मेरी सुन ली। मेरी बुआ की लड़की मेरी बहन ने उससे मेरा परिचय कराया और हमारी बात होना शुरू हो गई। तब उसने बताया कि वो मेडिकल स्टूडेंट है।

मैंने धीरे-धीरे अपनी नज़दीकियाँ बढ़ाईं। एक दिन जब घर में शादी के दो दिन पहले प्रोग्राम था तो उस दिन वो भी आई। उसके मम्मी-पापा कहीं बाहर गए हुए थे और वो रात को भी नहीं आने वाले थे। मैंने सोचा चलो आज शायद कुछ बात बन

जाए। रात के दो बजे होंगे, जब सब लोग सोने गए और मैं भी अपने कमरे में सोने के लिए जा रहा था। तभी मैंने शमा से पूछा- आज तुम कहाँ सोओग़ी? तो उसने कहा- मैं अपने घर जा रही हूँ पर मुझे डर लग रहा है। तो मैंने उससे कहा- यहीं

सो जाओ। तो उसने कहा- नहीं.. घर पर कोई नहीं है, तो मुझे जाना ही पड़ेगा। तो मैंने कहा- मैं चलूँ? तो उसने कहा- ठीक है। मैं उसके साथ चल दिया और उसने मेरा सोने का इंतज़ाम दूसरे कमरे में कर दिया। मैं वहाँ जाकर लेट गया और

वो अपने कमरे में जाकर सो गई। करीब तीन बजे मैं बाथरूम जाने के लिए उठा तो मैंने कुछ आवाज़ सुनी। यह आवाज़ शमा के कमरे से आ रही थी। मैंने वहाँ जाकर देखा तो मैं सन्न रह गया। मैंने देखा शमा अपनी योनि में उंगली कर रही थी

और उसके मुँह से सिसकारियाँ निकल रही थीं- आअहह.. मुऊउम्म्म्म.. आआहह…’ कुछ देर तक तो मैं देखता रहा, जब मुझसे बर्दाश्त नहीं हुआ तो मैं उसके कमरे में घुस गया। जैसे ही उसने मुझे देखा तो उसने तुरन्त अपना पजामा सही कर

लिया। उसने कहा- समीर किसी से बताना नहीं प्लीज़.. मैंने कहा- मैं किसी से नहीं बताऊँगा। मैंने उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए और चूमने लगा। पहले तो वो मुझे अपने से दूर हटाने लगी, पर मैं कहाँ मानने वाला था। मैं

उसको चुम्बन करता ही रहा और उसके कपड़ों के ऊपर से उसकी चूची दबाता रहा। फिर वो भी मेरा साथ मेरे होंठों को चूम कर देने लगी, करीब दस मिनट तक एक-दूसरे को चुम्बन करने के बाद मैंने उसकी टी-शर्ट उतार दिया। काली ब्रा में

उसकी चूचियां क्या लग रही थीं। मैं ब्रा के ऊपर से ही उसकी चूचियों को चूसने लगा। बहुत मज़ा आ रहा था उसके चूचक एकदम सख्त और नुकीले हो गए थे। मैंने अचानक ब्रा के ऊपर से ही उसकी चूचकों को काट लिया और वो चिल्ला उठी-

अहहाहह आओउउच… उसने कहा- ज़रा धीरे से करो…। फिर मैंने उसकी चूचियों को ब्रा से आज़ाद कर दिया और कस कर चूसने लगा। उसके मुँह से सिसकारी निकल रही थी और वो बस एक ही बात कह रही थी- और ज़ोर से करो जानू.. मैं भी कुछ कम नहीं

था मैंने भी थोड़ा ज़ोर से चूसना चालू कर दिया। अब मेरा लंड पैंट फाड़ कर बाहर आने को बेताब था तो मैंने अपनी पैंट और शर्ट उतार दी। उसकी नज़र मेरी अंडरवियर पर गई जो एकदम तंबू बन चुका था। मैंने उसका पजामा उतार दिया,

अब वो सिर्फ़ पैंटी में थी, उसको भी मैंने उतार दी और उसकी योनि को सहलाने लगा। उसके मुँह से ज़ोर-ज़ोर से सिसकारियाँ निकल रही थीं- आअहह आआअहह जानू अब डाल दो.. रहा नहीं जा रहा है.. आअहह म्म्म्मा आआहह। अभी तो मज़ा आना

शुरू हुआ था, मैं उसके पेट में चुम्बन करते हुए नीचे की तरफ जा रहा था और नीचे योनि पर अपने होंठ रख दिए और अपनी ज़ीभ से उसकी योनि के आस-पास चाटने लगा, वो मछली की तरह तड़प रही थी। अब मैं उसकी योनि को अपने मुँह में लेकर

चूसने लगा और उसकी चूचियों को दबा भी रहा था। चूंकि मैं उसके योनि को बहुत तेज़-तेज़ चूस रहा था इसके साथ ही मैं उसके मटर के दाने को मुँह में लेकर चूसने लगा, अपने होंठों से दबा रहा था। तभी अचानक उसका हाथ मेरे लंड पर

महसूस हुआ। फिर हम लोग 69 की अवस्था में आ गए। अब मैं उसकी योनि को चूस रहा था और वो मेरे लंड को हिला-हिला कर चूस रही थी। अब मैंने उसकी योनि में दो ऊँगलियां डाल दीं और अन्दर-बाहर करने लगा और चूसता भी जा रहा था। करीब 5

मिनट ऐसे ही एक-दूसरे को चूमने के बाद उसका बदन अकड़ने लगा और वो कहने लगी- मैं झड़ने वाली हूँ.. वो मेरे मुँह में ही झड़ गई और मैं उसका सारा माल पी गया। मैंने उसके नमकीन रस को अपनी जीभ से चाट-चाट कर उसकी योनि को साफ़ कर

दिया। फिर मैं उसके मम्मों को चूसने लगा और उसे गर्म करने लगा और उसके होंठों को चूमने लगा। कुछ देर बाद वो फिर से गर्म हो गई। अब मैंने उससे कहा- कभी पॉर्न मूवी देखी है? तो उसने कहा- हाँ.. देखी है। मैंने कहा- चलो उसी

के जैसे करते हैं। वो बोली- बहुत दर्द होगा। मैंने कहा- मैं हूँ ना.. बस थोड़ा दर्द होगा, जो तुम्हें सहन करना पड़ेगा। वो बोली- ठीक है। मैंने उसे बिस्तर पर लेटा दिया और उसके एक पैर को अपने कंधे पर रखा और उसकी योनि में

अपना लंड रगड़ने लगा। तभी उसने कहा- ज़रा धीरे से करना.. मेरा पहली बार है। तो मैंने उससे कहा- तुम घबराओ मत कुछ नहीं होगा। मैंने उसकी योनि के छेद पर अपना लंड रख कर एक धक्का मारा, लंड थोड़ा सा ही अन्दर गया और उसके मुँह

से चीख निकल पड़ी- आअहह मर गई.. तो मैं वहीं रुक गया और उसके होंठों को चूमने लगा। फिर मैंने एक और धक्का मारा और मेरा आधा लंड उसकी योनि में चला गया और वो रोने लगी, कहने लगी- निकालो इसे… मुझे बहुत दर्द हो रहा है। तो

मैंने उससे कहा- कुछ नहीं होगा पहली बार इतना तो बर्दाश्त करना पड़ता ही है उसके बाद मज़ा आएगा। ऐसा कहते हुए एक और धक्का मार दिया जिससे मेरा पूरा लंड उसकी योनि में पेवस्त हो गया और वो रो पड़ी। फिर मैं वहीं रुक गया

और उसके होंठों को चूमने लगा, जब मुझे लगा कि उसका दर्द थोड़ा कम हुआ, तब मैंने अपने लंड को धीरे-धीरे अन्दर-बाहर करना शुरू किया। अब उसे मज़ा आने लगा था और वो भी अपनी कमर आगे-पीछे करके मेरा साथ दे रही थी। अब मैंने

रफ़्तार थोड़ी बढ़ा दी और मैं तेज़-तेज़ करने लगा और उसके मुँह से सिसकारियाँ निकल रही थीं- आहह.. आआअहह.. मुऊआअह और तेज़ जानू.. आआहह और तेज़.. आअहह आअहह आअहह… फिर मैंने अपनी रफ़्तार और बढ़ा दी। अब मैं तेज़-तेज़ उसकी योनि

में अपने लंड के धक्के मार रहा था और उसे बहुत मज़ा आ रहा था। कुछ देर चोदने के बाद वो अकड़ने लगी और मुझसे कहने लगी- मैं झड़ने वाली हूँ.. तो मैंने अपने धक्कों की रफ़्तार एकदम राजधानी की गति जैसी कर दी और फिर वो झड़ गई,

पर मैं कहाँ रूकने वाला था। मैं अपने धक्के मारता रहा। फिर उसके माल की गर्माहट से मुझे लगा कि मैं झड़ने वाला हूँ तो मैंने उससे पूछा- मैं कहाँ गिराऊँ, बाहर या तुम्हारी सुरंग में? उसने कहा- मेरे मुँह में झड़

जाओ। तो मैंने तुरंत अपना लंड निकाल कर उसके मुँह में डाल दिया और उसके मुँह को चोदने लगा। फिर मैं ‘आह्ह..’ झड़ गया और वो मेरा सारा माल पी गई और उसने मेरा लंड चूस-चूस कर साफ़ कर दिया। इस तरह हम लोगों ने रात को दो बार यह

खेल खेला और सुबह 6 बजे अपने कमरे में आकर सो गया। अब उसके पापा का ट्रांसफर कहीं और हो गया है तो वो लखनऊ से चली गई। दोस्तो, आपको मेरी यह सच्ची कहानी कैसी लगी, प्लीज़ मुझे ईमेल करके जरूर बताइएगा। sameer1463@gmail.com
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