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जोर से मत डालना


दोस्तों ये कहानी आप सेक्सवासना डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

हेलो फ्रेंड आज मैं आपको अपनी सबसे खूबसूरत पल बताने जा रहा हु, मेरे ज़िंदगी का ये सुखद एहसास है, तो मैंने सोचा क्यों ना अपने दोस्तों के साथ भी शेयर कर दू सेक्सवासना डॉट कॉम पे, मैं भी आपके जैसा ही सेक्सवासना डॉट कॉम

का रेगुलर पाठक है, मैं अपनी कहानी की शुरुआत करता हु, मेरा नाम जतिन है मैं दिल्ली में रहता हु, आज से चार साल पहले की कहानी है, मैं किराये पे रहके पढाई करता था, मेरे निचे के फ्लोर पे एक फैमिली रहती थी, वाइफ हस्बैंड और

उसकी दो बहने, उसके माँ और पापा दोनों गाँव में रहते थे, दोनों बहन की उम्र 18 और 19 साल की थी, दोनों बहने एक पर से एक थी, बड़ी ही सुन्दर नैन नक्स की लड़की थी, मेरी शादी हो चुकी थी वाइफ प्रेग्नेंट होने की वजह से गाँव गई थी, एक

दिन की बात है, आमना जो की छोटी बहन थी, वो घर पे अकेले थी, उसके भाई भाभी और दीदी किसी रिलेटिव के यहाँ गए था, मैं आपको ये नहीं कह सकता की वो अकेले क्यों रह गयी थी. शायद मेरा लक है की वो अकेली थी. मैं गाना सुन रहा था म्यूजिक

सिस्टम पे, अचानक दरवाजा खटखटाने की आवाज आई, मैं निकला देखा आमना कड़ी थी, बोली क्या कर रहे हो भैया, मेरा मन नहीं लग रहा है इसलिए आ गए है, मैंने कहा हां हां आओ आओ वो अंदर आ के बैठ गयी, वो मेरी नजर उसकी चूची पे पड़ी, वो अंदर

कुछ भी नहीं पहनी थी, बूब का निप्पल टाइट था पता चल रहा था, वो जब हिलती थी तो उसका चूच भी हिलता था, मेरा मन बिचलित होने लगा, मुझे लगा की काश मुझे चोदने दे दे मजा जाएगा. थोड़ी देर बाद वो पता नही क्या हुआ उसने मेरे पेट में

ऊँगली मार दी, फिर मैंने भी मौके का फायदा उठाया और मैंने भी ऊँगली मार दी, अब वो एक बार मारे फिर मैं एक बार मारू, यही होने लगा मैं पेट से थोड़ा ऊपर हो गया और ऊँगली उसके चूच को टच कर गया, वो कुछ भी नहीं बोली अब मैं उसके चूच

को ही टच करने लगा, वो मेरे करीब आ गयी, मैं उठ गया और उसके चूच को दोनों हाथो से मसल दिया, वो कुछ भी नहीं बोली फिर मैंने उसके कपडे के ऊपर से हाथ अंदर डालने लगा पर वो शर्मा गयी, और फिर छूने नहीं दी, मैं बैठ गया, क्यों की मुझे

डर भी था की ये बात किसी और को ना बता दे और ये ना कहे की इन्होने मेरे साथ ऐसा वैसा किया. वो उठ के बाहर जाने लगी, मैंने भी कुछ भी नहीं कहा, चुपचाप बैठा था, वो बाहर चली गयी, मैंने सोचा सत्यानाश हो गया है सबकुछ तभी वो अंदर आ

गयी और मेरे गोद में बैठ के फिर वो कड़ी हो गयी, मैं समझ गया वो कुछ चाह रही है, मैं बाहर गया देखने की कोई आस पास तो है नहीं, गर्मी का दिन था लू चल रही थी, सुनसान था, मैं अंदर आया तो देखा वो बेड पे लेटी थी आप ये कहानी

सेक्सवासना डॉट कॉम पे पढ़ रहे है. मै आते ही कहा आमना मुझे दोगी चोदने, वो बोली जोर से मत करना, ओह्ह्ह माय गॉड क्या बताऊँ यार सोचो कैसा लगा होगा इतना सुनते ही मैं उसके समीज को ऊपर कर दिया और सलवार का नाड़ा खोल दिया, अंडर

कुछ भी नहीं पहनी थी. ओह्ह्ह अब मैंने उसके समीज को ऊपर किया छोटा छोटा गोल गोल चूची निप्पल छोटा टाइट टाइट और निपप्पले के आस पास भी चुच फुला हुआ था, हाथ से पकड़ा वो आउच बोली, उफ्फ्फ्फ़ और आँख बंद कर ली, मैंने दोनों चूची

को हाथ में ले लिया और हौले हौले से दबाया, निचे सलवार को थोड़ा और डाउन किया, उसके बूर के दर्शन हो गए, साफ़ सुथरा शायद अभी तक बाल नहीं थे उसके बूर पे, मैंने हाथ लगाया छेद भी बहुत छोटा, जीभ लगाया वो सकपका गयी और अंगड़ाई ले ली,

वो फिर बोली भैया जोर से मत डालना. मैंने फिर सलवार निकाल दी, और पैर को फैला दिया वो डर रही थी, मैंने लंड निकाला और उसके बूर के ऊपर रखा, वो मुट्ठी से तकिये को दबोच रखी थी शायद उसे एहसास था की दर्द होगा, मैंने लंड को

घुसाने की कोशिश की पर बूर बहुत टाइट था, एक बार में नहीं गया, तीन चार बार कोशिश की तो लंड पूरा अंदर चला गया पर मैंने आपको उसकी चीख और रोना नहीं बताऊंगा, पर ये सब सिर्फ ५ मिनट ही चला फिर वो चुदवाने लगी, मैंने भी उसके चूत

को हमेशा चुदवाने के लिए तैयार कर दिया, वो अब मुझसे रोज चुदवाती थी, करीब एक महीने तक चुदवाने के बाद मैंने उसको गांड भी मारना सुरु कर दिया था, बस आमना ही थी जिसको मैंने इतने मजे से चोदा था, वो कमसिन कली को फूल बना दिया,

गजब का एहसास था उसको चोदने का,
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