आज मैं संतुष्ट हुई पति के दोस्त ने मेरी वासना शांत की

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Author :Unknown Update On: 2015-12-10 08:56:41 Views: 2184

हेलो दोस्तों आज मैं आपको एक अपनी सच्ची कहानी बता रही हु, आज की रात ही है, मुझे बहुत मजा आया और यूं कहिये की आज ही मुझे पता चला की सेक्स क्या होता है, आज मेरी चूत का बाजा बज गया जब मैं अपने पति के दोस्त समीर के साथ

हमविस्तर हुई, आज में उस लम्हों को मैं शब्दों के रूप में आपके सामने पेश कर रही हु, ओह्ह्ह्ह क्या चुदाई किया समीर ने अभी जब मैं इस कहानी को लिख रही है तब भी मेरा चूत बुरी तरह से गीली हो गहि है मेरी चूचियाँ फिर से तन गयी

है, पर क्या करूँ आज तो बस यादों से ही काम चलाऊंगी. मेरे नाम किरण है, पिछले साल ही मेरी शादी हुई है, मैं 22 साल की हु, लम्बी और गोरी हु, पति मुझे सही नहीं मिला, क्यों की वो चुदाई करने में फीसदी साबित होता है, जब मैं पुरे

जोश में होती हु तब वो अपना झड़ झुड के साँसे ले रहा होता है, मेरी चूचियाँ तनी होती है, चूत में गर्मी हो रही होती है, तन बदन जल रहा होता है मुझे झटके की और मजबूत हाथो की पकड़ की जरूरत होती है पर सब का सब धरा का धरा रह जाता है,

मैं वासना की आग में जलते रहती हु, और कुछ भी नहीं हो पता है. मेरे पति का भी दोष शायद नहीं है इसमें मैं आपको बताती हु की ऐसा क्यों होता है की मेरा पति मुझे संतुष्ट नहीं कर पा रहा है. मेरी हाइट और मेरी पति की हाइट बराबर

है, मैं शरीर से उससे उन्नीस ही हु, मेरी पर्सनालिटी के सामने मेरा पति कुछ भी नहीं है, सच तो ये है की जब मैं साथ चलती हु, तो लोग कौवा और हंस की उपाधि देते है आप समझ गए होंगे, मैं मटकती बलखाती हुई जब चलती हु मेरी चूचियाँ और

मेरा चूतड़ जो बाहर से उभरा हुआ दीखता है लोगो को मजबूर कर देता है, और वो मुझे देखे बिना नहीं रह सकता है, रात को जब मैं नाईट गाउन में होती हु और भी सेक्सी होती हु, मैं टूट पड़ती हु अपने पति के ऊपर वो मुझे नहीं चोदता है

बल्कि मैं उससे चोदती हु, वो झटके कम मारता है मैं ज्यादा झटके मारती हु, वो मुझे चुदाई की वक्त गालियां नहीं देता है बल्कि मैं उससे गालियां देती हु, मैं कहती हु, ले बहन चोद, चोद मुझे ऐसे क्या कर रहा है कस के पेल, चोद मुझे,

आज तर वतर कर दे मुझे आज मेरी चूत की प्यास बुझा दे, आज मैं चुदने के लिए तैयार हु, और मैंने उसके होठ को चूसने लगती है, वो निचे आ जाता है और मैं उसके ऊपर आ जाती हु, और अपने पति का लंड अपने चूत में लेके बस झटके पे झटके लेते

रहती हु, मैं अपने बाल को उसके ऊपर विखरा देती हु, और मेरे पति की हालत ऐसी हो जाती है जैसा की वो एक मोटर साइकिल हो और मैं सवारी कर रही हु और एक्सलेटर दे रही हु, मैं सोचती हु की मेरी बाइक 100 से 120 तक चले पर वो 80 की स्पीड के बाद

वो आगे बढ़ ही नहीं पाता है और वो धीरे धीरे वो रूक जाता है. मुझे ज्यादा हॉर्स पावर की बाइक चाहिए थी, मैं स्पीड और रफ़्तार को सहने के लिए तैयार हु, मेरा शरीर गदराई हुई है, मैं चाहती हु की मुझे मेरे पति मुझे चोदे मेरी

वासना को शांत करे पर वो हमेशा नाकामयाब हो रहा था, मैंने उसके लिए कई सारे बाजार में उपलव्ध काम शक्ति को बढ़ने बाली दबाई भी लेके आई पर मेरी वासना उसे भी शांत नहीं कर पाई, उसके बाद मैं पति से चुदवाने के बाद मैं ऊँगली डाल

के संतुष्ट होने की कोशिश करती हु पर मैं कभी भी संतुष्ट नहीं हो पायी. एक दिन इनके दोस्त के यहाँ पार्टी थी, इनका दोस्त ही शादी शुदा है पर उनकी पत्नी अभी मायके गई थी, हम लोग तीन चार कपल ही पार्टी में थे, काफी एन्जॉय

किया, बाकी के लोगो तो पार्टी खत्म होने के बाद चले गए और इनकी कल ऑफिस में छुट्टी थी और इनके दोस्त कहने लगे रूक जाओ यार कल चले जाना, ऐसे भी आज तुमने ज्यादा पि ली गाडी ड्राइव कैसे करोगे, मैं भी दो पेग पि थी, मेरा हस्बैंड

काफी पि चूका था, वो मान गया और हम दोनों को सोने का इंतजाम दूसरे कमरे में हो गया, मुझे रात को कपडे चेंज करने के लिए रवि (पति का दोस्त) ने मुझे अपनी वाइफ का एक नाईट सूट दिया मैं उसको पहन ली, उसमे मैं और भी सेक्सी लगने

लगी, मेरा पति बेड पे जाते ही सो गया और मैं वाशरूम जाने के लिए निकली, तभी हॉल रूम में रवि था और मैं थोड़ी पि रखी थी और लड़खड़ा गई, तभी रवि ने मुझे थाम लिया, मैंने उसके बाहों में झूल गई, तभी दोनों ने एक बार में ही अपने पति के

तरफ देखि वो सो रहा था, फिर एक दूसरे को देखि और कब मैं और रवि एक दूसरे के लवो को चूसने लगे पता ही नहीं चला मैं तो उस धारा में बहती ही चली गई, रवि मेरी चूचियों को दबाता रहा मैं उसके बाल को पकड़ के उसके होठ को चुस्ती रही,

तभी रवि ने मुझे गोद में उठा लिया, और दूसरे कमरे में ले गया, मैं उसको देख के मुस्कुरा रही थी वो भी मुस्कुरा रहा था. मौक़ा था टाइम था, वो मेरे एक एक कपडे को खुद अपने हाथो से उतार दिया और मेरी चूचियों को बारी बारी से पिने

लगा मैंने लेट गई, वो बाहर आके आधी बोतल शराब बच गया था थोड़ा शराब मेरे बूर में डाल दिया और चाटने लगा, और बोतल को वही रख दिया, मैं एक एक घुट लेती रही शराब की और वो भी मेरी बूर में शराब डाल डाल के चाटता गया, मैं काफी नशे में

हो गई, रवि भी नशे में आ गया, आपको तो पता है मैं ड्राइव करने में यकीन रखती हु, मैंने उसके निचे करके मैं उसके ऊपर हो गयी, अब मैं एक्सलेटर दी गाडी उससे भी तेज भागने लगा, आज पहली बार राइड करने में मजा आ रहा था, आप ये कहानी

नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पे पढ़ रहे है. उसके बाद वो मेरी चूचियों को दबाता गया वो मुझे भद्दी भद्दी गाली देके मुझे निचे से कस कस के थोक रहा था उसका लंड बहुत बड़ा था मेरी पूरी चूत में लंड फसा हुआ था, और वो झटके पे झटके दे रहा

था, फिर वो मुझे बोला साली बड़ी हॉट है तू, आज तो मैं नहीं छोड़ूंगा, और मुझे निचे कर दिया और मेरा पैर अपने कंधे पे रख के फिर क्या था जोर जोर से चोदने लगा मैं ठण्ड में भी पसीने पसीने हो गई, मैं बस आआह आआअह आआअह आआअह उफ्फ्फ्फ़

उफ्फ्फ्फ़ उफ्फ्फ्फ़ कर रही थी, वो मुझे इतना चोदा इतना चोदा की मैं पहली बार बोली बस करो रवि, और वो कह रहा था अभी मेरा नहीं हुआ डिअर, और रात भर हम दोनों चोदते और चुद्वाते रहे, आज मैं पहली बार अपने वासना को शांत कर पायी

हु, मुझे काफी अच्छा लगा, चुद के, अब तो मुझे चस्का लग गया है मैं तो जब भी किसी मर्द को देखती हु, लगता है कास ये मुझे चोद पाता पर समाज से डरती हु, पर मौक़ा मिलेगा तो छोडूंगी नहीं जरूर चुदुंगी. आपको मेरी कहानी कैसी लगी, रेट

जरूर करे और कमेंट करे मैं जवाव दूंगी,

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