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लण्ड की प्यासी पारुल


दोस्तों ये कहानी आप सेक्सवासना डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

नमस्कार दोस्तो.. मैं आपका नवदीप.. दोस्तों के बीच मुझे नवी नाम से जाना जाता है। आज फिर आपके सामने एक अपनी सच्ची कहानी लेकर आया हूँ। मैं उम्मीद करता हूँ कि आपको यह कहानी अच्छी लगेगी। मुझे आपसे यह उम्मीद है कि आप अपना

फीडबैक मुझे जरूर देंगे। यह कहानी एक भाभी पारुल की है.. पारुल की उम्र 26 साल है, उसका पति और वह दोनों ही गवर्मेंट जॉब पर हैं। पति अक्सर घर से बाहर रहता है और उसकी अभी नई-नई शादी हुई है.. तो आपको तो पता ही है कि अगर किसी की

नई-नई शादी हुई हो और ऊपर से उसका पति घर में ना हो तो कैसा फील होता है। ऊपर से अब सर्दी का मौसम हो तो हर किसी का मूड तो बन ही जाता है। हुआ यूं कि मेरी कहानी को पढ़ कर पारुल का ईमेल आया। जिसमें उसने मेरे साथ सेक्स करने के

लिए लिखा था। उसका ईमेल पढ़ कर पहले तो मैंने उसको धन्यवाद किया कि आपने मेरी कहानी को इतना पसंद किया और आपने अपना कीमती समय देकर मुझे चुना.. इसी के साथ मैंने उसे यकीन दिलाया कि मैं आपकी चूत से इतना पानी निकाल दूँगा कि

जितना आज तक आपके पति ने नहीं निकाला होगा। उसने अपने बारे में मुझे सब कुछ बता दिया कि वह पंचकूला की रहने वाली है और अपनी सास के साथ रहती है। वह एक नर्स है.. व उसका पति अक्सर बाहर रहता है। हमारी ईमेल की मुलाक़ात के बाद

बात आ गई whatsapp पर… उसने whatsapp पर ‘हैलो’ किया.. तो मैंने भी रिप्लाई किया और उसके बाद हमारी बात शुरू हो गई। उसकी बातों से मुझे लगा कि उसको सेक्स की बहुत ज्यादा भूख है। पारुल- क्या आप वही हैं.. जिसने वह कहानी लिखी है? नवी- जी

हाँ मैं वही हूँ.. जिसने वह कहानी लिखी है? पारुल- मुझे आपकी कहानी बहुत अच्छी लगी और मैंने पढ़ते-पढ़ते अपनी चूत में दो बार उंगली की और मेरा इतना पानी निकला.. जितना आज तक नहीं निकला। नवी- अच्छा जी.. यह बात है.. अरे अभी तो

आपने देखा ही क्या है.. हमने अभी तो शुरूआत की है.. चलिए बताइए.. क्या आप मेरा लिंग देखना चाहोगी? पारुल- अरे यह भी कोई पूछने की बात है.. अगर लिंग नहीं देखना था तो आपको ईमेल ही क्यों करती। नवी- ओके जी.. ठीक है.. जरा प्रतीक्षा

करिए.. मैं अभी आपको पिक्चर तो सेंड करता हूँ। पारुल- और हाँ आपने लिखा था कि आपकी एक वीडियो भी है क्या आप मुझे वह दिखा सकते हैं? नवी- जी हाँ क्यों नहीं.. मैं आपको अभी लिंक भेजता हूँ.. आप उसे देख लीजिएगा। नवी- क्या आपकी एक

तस्वीर देख सकता हूँ? पारुल- जी हाँ.. मैं अभी सेंड करती हूँ। वो मुझसे चाहती थी कि मेरी और उसकी चुदाई की कहानी सेक्सवासना पर प्रकाशित हो.. इसलिए वो मुझसे कहती थी कि एक ऐसी कहानी लिखो जिसमें हम दोनों की सेक्स की

दास्तान लिखी हो.. मैं भी राजी था पर जब तक कुछ हो न जाए तब तक फर्जी बातें लिखना मेरे उसूलों में नहीं है। सो मैं उसके साथ कुछ चुदाई जैसी बातें होने तक का इन्तजार करने लगा। यूं ही दिन बीतते चले गए। एक दिन क्या हुआ कि

उसने मुझे ब्लॉक कर दिया यह जानकर मुझे बड़ा दु:ख हुआ कि उसने मुझे ब्लॉक कर दिया.. तो मैंने उसको ज्यादा तंग नहीं किया और अपनी जिंदगी पहले जैसे जीने लग गया। फिर बात आज से कुछ दिन पहले की है.. उसने मुझे दोबारा whatsapp पर

मैसेज किया। पहले तो मैं चौंका पर फिर मैंने उससे पहले पूछा- आप कौन? पारुल- हैलो.. नवी- जी हाँ कहिए.. अब आपको क्या चाहिए मुझसे? पारुल- मैं अपने शहर से कुछ दिन के लिए बाहर गई थी.. अपने पति के साथ। नवी- अच्छा ठीक है तो अब

आपको मुझसे क्या चाहिए? पारुल- अरे आप गुस्सा क्यों कर रहे हो.. मैंने आपको इसलिए ब्लॉक किया था..कि मुझे किसी भी तरह की परेशानी ना हो। नवी- तो आप मुझे बता देतीं न.. कि आप अपने पति के साथ बाहर जा रही हो। मैं आपके एक बार

बोलने पर आपको मैसेज नहीं करता.. पर आपने मुझे ब्लॉक क्यों किया? पारुल- सॉरी मेरी जान.. मुझे माफ कर दो नवी.. ‘हाँ.. चलो इस बार माफ कर रहा हूँ.. पर अगली बार अगर कहीं जाओ तो मुझे जरूर बताना कि कहाँ जा रही हो!’ पारुल- हाँ ठीक

है.. तो और बताओ कि हमारी कहानी का क्या चल रहा है.. कब लिखोगे नवी? ‘अपनी कहानी मैं कैसे लिख पाता… मेरा पार्टनर तो पता नहीं कहाँ चला गया था। तो मैं आपके बिना ऐसे-कैसे कहानी लिख पाता।’ ‘हम्म.. क्या तुम पंचकूला आ सकते

हो?’ ‘हाँ जरूर मुझे पता दे दो.. मैं आ जाता हूँ।’ उसने मुझसे रविवार के दिन पंचकूला में मिलने का तय कर लिया। मैं गया और उससे उसके घर जाकर मिला। उसने मुझे अपने घर पर स्वागत किया और एकदम से मेरे गले लग गई। कुछ देर गरम

मुलाक़ात के बाद मैंने सबसे पहले सीधे उसकी चुदाई की आग को बुझाने का सोचा और बस पिल पड़ा। नवी- चलो अब आ ही गया हूँ.. तो क्यों ना आज कुछ हो जाए.. इतने दिन तक मेरी जान मेरे से दूर रही है.. तो आज आपकी धुआंधार चुदाई

करूंगा। पारुल- हाँ मेरी जान.. मैं तुम्हारा लण्ड लेने के लिए तरस रही हूँ.. मेरी चूत तुमने गीली कर दी है। अपना लण्ड मेरी चूत में डाल दो.. ताकि मुझे चैन आ जाए मुझे बाँहों में ले लो। नवी- हाँ जान.. यह लण्ड तेरा ही है.. इसे खा

जा.. बहुत दिन से तुम्हारी चूत के लिए तड़प रहा है.. इसे अपने मुँह में ले लो और इसका सारा पानी निकाल लो.. और अपनी प्यास बुझा लो मेरी जान.. पारुल- हाँ नवी.. मेरी जान मेरी बाँहों में आ जाओ.. मेरे इन लाल-लाल होंठों को छू लो..

इनका सारा रस निकाल कर पी लो.. मैं तुम्हारा लण्ड अपनी चूत में लेना चाह रही हूँ मेरी जान.. मेरी चूत तुम्हारे लण्ड के ख्यालों में खो जाती है.. और हर रोज गीली हो जाती है और सोचती है कि कब तुम्हारा लण्ड मेरी चूत में

जाएगा! नवी- हाँ मेरी जान आ जाओ मेरी पैन्ट को उतारो और मेरे लौड़े को अपने मुँह में लेकर चूस अन्दर तक लो.. पूरा गले तक लो। यह कहानी आप सेक्सवासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं ! हम दोनों में इतनी अधिक चुदास थी कि पता ही नहीं चला

कि कब कपड़े उतार गए। अब मैंने उसे फिर से बिस्तर पर धक्का दिया और उसके ऊपर चढ़ गया, मैं उसके नरम-नरम लाल-लाल होंठों को चूस रहा था और साथ में उसके मम्मों को भी दबा रहा था। फिर धीरे-धीरे मैंने उसको चोद कर ठंडा करना शुरू

कर दिया था। वह भी मस्त होकर अपनी चुदाई कराना चाहती थी। इसके बाद मैं नीचे हो गया और मैं क्या देखता हूँ कि उसकी चूत एकदम चिकनी चमेली थी.. उस पर एक भी बाल नहीं था.. कितनी हॉट एंड सेक्सी थी.. मैं तो उसकी गुलाबी चूत देखकर

पागल ही हो गया और मैं पागल कुत्ते की तरह उसकी चूत पर टूट पड़ा। मैं बेसब्री से उसकी चूत को चाटने लग गया। मैंने अपनी पूरी की पूरी जीभ उसकी चूत के अन्दर डाल दी और अन्दर-बाहर करने लग गया। इस हरकत से वह भी एकदम से पागल

हो गई और मेरा सर पकड़कर अपनी चूत में दबाने लग गई। वो अजीब सी आवाज निकाल रही थी- आआआ.. उउह उउ.. खा जा.. मेरी चूत को खा जाओ मेरी जान.. मुझे चूत ने बहुत सताया है.. आह्ह.. आप इसको खा जाओ.. आहह.. हाँ.. बहुत मजा आ रहा है..अहह.. बहुत मजा

आ रहा है.. खा जाओ.. खा जाओ.. अह.. एक बूंद भी मत छोड़ना.. मेरी चूत के प..पानी की.. ‘हाँ.. मेरी रानी, तेरी चूत देखकर तो मेरा लण्ड पागल हो रहा है.. तरस रहा है.. तुम्हारी चूत में जाने के लिए.. आ जाओ.. अब तुम्हारी बारी है.. इसे चूस कर

तैयार करो मेरी जान.. इसे पूरा ले लो मुँह में.. चूस इस लाल-लाल लण्ड को चूसो.. यह तुम्हारा लॉलीपॉप है.. खा जाओ… तुम्हारी चूत इतनी मस्त है कि मन कर रहा है.. बस मैं पीता ही रहूँ पीता रहूँ.. और तुम्हारी चूचे तो ऐसे हैं जैसे कि

एक कुंवारी लड़की की हों.. तुम्हारा पति पागल है.. एक नंबर का चूतिया है.. इतना अच्छा माल छोड़कर बाहर चला जाता है। अगर मैं तुम्हारा पति होता तो तो मैं सारी रात सोने नहीं देता मेरी जान.. आज उसको पूरा अन्दर तक लो मेरा

लौड़ा.. आह्ह.. चूसो..’ उसके बाद फिर हम दोनों 69 में आ गए थे। वह मेरा लण्ड पूरा अन्दर गले तक ले रही थी। वह मेरा लण्ड बड़े ही खतरनाक तरीके से चूस रही थी और मैं अपनी पूरी की पूरी जीभ उसकी रस भरी लाल चूत के अन्दर घुमा रहा था।

वह इस हरकत से बहुत ही ज्यादा पागल हो रही थी और मेरे लण्ड को काट भी रही थी। हम दोनों को बहुत ही ज्यादा मजा आ रहा था। उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया था। उसके बाद हम दोनों अलग हो गए और मैंने उसको एक लम्बा किस किया और फिर

मैंने उसे कुतिया बना दिया। अब वो गाण्ड ऊपर करके हो गई थी.. मैं उसकी चूत में लण्ड डालने के लिए उसको तैयार करने लगा। उसकी इतनी खूबसूरत चूत देखकर तो बुड्ढे का लण्ड भी खड़ा हो जाए इतनी मस्त माल और इतनी मस्ती चूत.. अरे

यार.. इतनी अच्छी चूत मैंने अब तक अपनी जिंदगी में नहीं देखी थी। आज तो इसकी चूत को चोदने के बाद मजा ही आने वाला है.. मैंने धीरे से अपना लण्ड उसकी चूत पर रखा और एक अच्छा झटका मारा और उसको बहुत दर्द हुआ.. क्योंकि उसके पति

का लण्ड छोटा टुन्नू सा था और मेरा लण्ड था सात इंच का.. उसको बहुत दर्द हुआ.. तब मुझे लगा कि मुझको इसे आराम से चोदना चाहिए। मैं उसकी चूचियों को दबाने लग गया उसकी पीठ पर किस करने लग गया इससे उसका दर्द कम हो गया। मैंने एक

और शॉट मारा तो उसकी चूत मेरा पूरा लण्ड खा गई। अब मैंने अपनी चुदाई शुरू कर दी थी। मैं अलग-अलग तरीके से उसकी चूत चोद रहा था और मेरा पूरा लौड़ा उसकी चूत की गहराई में उतरता चला गया। मैं उसको जन्नत की सैर कराता रहा और साथ

में मुझे इतना मजा आ रहा था कि मैं शब्दों में बयान नहीं कर सकता। उसको इतना मजा आ रहा था कि वह तो बस चीखें मारे जा रही थी। उसकी चूत ने एक बार फिर से पानी छोड़ दिया था.. जिसके कारण कमरे में अजीब सी आवाज आ रही थी ‘फच..

फच..’ उसके बाद मेरा भी पानी निकलने वाला था. बस कुछ देर मस्त धकापेल के बाद हम दोनों चुदाई की चरम सीमा पर आ गए और मैंने अपना सारा गरम-गरम माल उसकी चूत में डाल दिया और हम ऐसे ही लेटे रहे.. थक जाने के कारण झड़ कर हम दोनों

एक-दूसरे से चिपट गए। कुछ देर बाद हमने फिर से चुदाई शुरू की और इस तरह मैंने उसे 3 बार चोदा। पूरी रात उसके साथ बिताने के बाद मैं वापस आ गया। आज भी हम दोनों हर रोज whatsapp पर सेक्स चैट करते हैं.. अब हमने फिर से मिलने का

प्लान बनाया है.. क्योंकि उसकी चूत बहुत ही ज्यादा गर्म है और मेरा लण्ड उसकी चूत में जाने के लिए फिर से तरस रहा है। हमने एक महीने के बाद मिलने का प्रोग्राम बनाया है.. इस बार की चुदाई को सेक्सवासना में अगली कहानी में

लिखूँगा। अभी के लिए इतना ही.. फिर मिलेंगे। आप सेक्सवासना पर मेरी और भी कहानियां भी पढ़ सकते हैं। धन्यवाद.. और हाँ.. कृपया मुझे ईमेल के द्वारा अपना फीडबैक जरूर देते रहना ताकि मैं आपके लिए हर बार नई कहानियां लेकर आ

सकूं। मुझे आपकी ईमेल की प्रतीक्षा रहेगी। आपका प्यारा नवदीप.. navdeepsharma1996@gmail.com
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