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ममेरी दीदी की शादी मे मेरी सुहाग रात - 3


दोस्तों ये कहानी आप सेक्सवासना डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

प्रेषिका : रुचि हेलो दोस्तो मैं रूचि एक बार फिर आप लोगो के सामने...... पिछले भाग मे आप ने पढ़ा मैं अपनी ममेरी दीदी की शादी मे गयी और वाहा मैं दीदी की सुहाग रात से पहले दो लोगो के साथ अपनी शूहाग रात माना ली पहले ममेरा

भाई फिर दीदी का देबर आब उसके बाद मेरे साथ क्या हुआ वो मैं आप को ईस कहानी मे बतौउँ गी उस दिन दीदी की सुहाग रात हुए फिर दूल्हे बाले को आज ही जाना था तो दीदी बोली की रूचि तुम देल्ही कब जाओ जी तो मैं बोली आज साम को तो बोली

एक काम कर ना तू भी मेरे साथ चल ना |तो भैया बोले की हा आछा होगा तुम इन सब के साथ ही नीकल जाओ क्यू की मैं आज थोरा ब्य्स्त हू सो तुमको आज नही पहुचा पाउ गा या तो इनलोगो के साथ नीकाल जा या मैं परसो पहुचा दूँगा | तो मैं बोली

नही मैं दीदी के साथ ही जाउ गी तो उनलोगो ने एक एक्सट्रा टिकट बानबाया | लेकिन पता चला की ट्रेन 10 घंटे लेट है तो हम लोग साम को 5 बजे उनलोगो के साथ चल दी |हम लोग 6 लोग थे मैं , दीदी ,जीजा जी ,हर्ष और उसके 2 दोस्त सब को देल्ही ही

जाना था सो हम सब लोग स्टेसन पहुच गये और और 6:30 मे गाड़ी आई और हम लोग उस मे बैठ गये हम लोगो का आरक्च्छन 2 एसी मे था जिस मे से दीदी और जीजा जी का एक साथ था और मेरी और हर्ष का एक साथ और बाकी दोनो का एक साथ था और कुछ देर तक हम एक

ही कॉम्पाटमेंट मे बैठे और कुछ देर तक हम लोगो के बीच हसी-मज़ाक चला और कुछ देर बाद उसका दोस्त बोला की अरे यार इनलोगो की नयी-नयी सादी हुई है आब तो आकेला छोर दो ये बात सुन कर हम लोग हसने लगे और चारो उठ कर अपने-अपने सीट पर

चले गये | और आपनी सीट पर जाते ही मैं पेट के बाल लेट गयी तब मैने टाइट ब्लू जिन्स और पिंक टी-शर्ट पहनी थी तो हर्ष आया और मेरी चूतर को दबाया और चूतर पे ही किस कीया और उसी सीट पर बैठ गया जिस पे मैं थी तो मैं बोली क्या है

तो बोला की मन हो रहा है |तो मैं बोली तो मैं क्या करू तो वो बोला एक बार करते है ना मैं बोली अभी नही बाद मे तभी उसके दोनो दोस्त आ गये और बोले की क्या करने बाले थे जो बाद मे करो गे तो मैं बोली कुछ भी तो नही |तो उसका दोस्त

बोला आप हम से छुपा रही है हम लोगो को सब पता है |तो मैं बोली क्या सब पता है तो बोला की कल रात मे आप लोग के बीच क्या हुआ था |तो मैं गुस्से मे हर्ष की तरफ देखी तो वो बोला की ये लोग पूछे तो मैं झूठ नही बोल पाया सॉरी .....और अपना

कान पाकर के बैठक लगाने लगा तो मैं बोली इटस ओक कोई बात नही | फिर मैं उसके दोस्त की तरफ देखी तो वो बोला मुझे कुछ नही चाहीए बस आप को इन कपारे मे देखनी है और उस ने दो छोटे से कपारे दीए जो की बीकीनी जैसी ही थी पिंक रंग का

तो मैं बोली नही यार मैं इतनी छोटी कपारे नही पहन सकती और इस कपारे मे मैं बाहर कैसे जाउ गी |तो वो बोला . रूचि एक बार वैसे भी जब से बरमाला के टाइम तुम्हारे नंगी पीठ और पेट देखी हू तब से इन कपारो मे देखने का मान हो रहा है

| तो मैं बोली ओक मैं बाथरूम से चेंज कर के आती हू तो हर्ष बोला की रूचि यार यही चेंज कर लो ना हम तीन लोग ही तो है यहा प्लज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़ तो मैं रेडी हो गयी और उन लोगो को बोली की अपने

आख बंद करो तो सब ने अपनी आख पर अपना हाथ रख लीया तो मैं खड़ी हो गयी और सब से पहले आपनी टॉप नीकाल दी तो मैं देखी सब अपनी उंगली को आलग कर के मुझे देख रहे है तो फिर मैं उनकी तरफ अपनी पीठ कर ली और अपनी जिन्स भी खोल दी और

आब मैं सिर्फ़ ब्रा और पैंटी मे उनसब के सामने थी | मेरी जिन्स खोलते ही सब ने अपना-अपना हाथ हाटा लीया और मुझे देखने लगे तो मैं अपनी ब्रा भी खोल दी जिस से मेरी चुची उन सब के सामने हो गयी फिर मैं पैंटी भी खोल दी और तीनो

के सामने नंगी हो गयी और उसकी दी हुई पिंक बीकीनी को पहन ली और एक सीट पर लेट गयी तो उसके दोनो दोस्त उसी सीट पर आ के बैठ गयी जिस पर मैं थी | और एक मेरे पैर को और एक मेरे हाथ को सहलाने लगा और बोला की जानती हो रूचि तुम इन

कपारो मे एकदम पटाखा लग रही हो जी कर रहा है की तुम्हे हमेसा इसी कपारे मे देखता राहु तो एक और लरका बोला सिर्फ़ देखता ही नही राहु तुम्हे चोद्ता राहु बस चोद्ता राहु और कुछ नही करू........... तभी हर्ष बोला की मैं तो सिर्फ़

तुम्हारी इन बड़ी-बड़ी और मस्त चुचीया के पीछे पागल हू और उठा और मेरी चुची दबाने लगा की तभी डरबाजे पर नॉक हुई तो मैं एक चादर ले कर ओढ़ ली तो टी.टी था तो हर्ष ने सब के टीकट दीखए और वो चला गया फिर उस ने अंदर से डोर लॉक कर

के फिर से आ गया तो मैं बोली मैं इतने कम कपारे मे और तुम सब लोग पूरे कपारे मे आछे नही लग रहे हो तो सब ने आपने-आपने कपारे उतार दीए और सब लोग सिर्फ़ अंडरवर मे थे की तभी उसके एक दोस्त ने अपने लंड को भी बाहर नीकाल लीया और

मेरे हाथ मे पकरा दीया और मैं उसको पकर के सहलाने लगी तो उस ने मेरी बॉल पाकर के अपनी ओर खीचा और बोला इसको अपने मूह मे लो ना तो मैं नीचे बैठ गयी और वो खरा हो गया और मैं उसके लंड को मूह मे ले ली और चूसने लगी तो उस ने मेरी सर

को पाकर के अपना लंड अंदर-बाहर करने लगा फिर मेरी सिर को पाकर के अपने पूरे लंड को मेरी मूह मे धकेलने लगा और उसका लंड मेरी कंठ तक पहुच गया और कुछ देर के बाद उस ने लंड नीकाल लीया | तब तक दूसरा भी अपना लंड ले के पहुच गया

तो मैं उसकी लंड को अपने मूह मे ले ली और पहले के लंड को अपने हाथ से हीलने लगी फिर कुछ-कुछ देर दोनो के लंड को चूसने लगी तो एक ने मेरी चुची को मसालने लगा तभी हर्ष भी मेरी चूतर पे किस कीया और उसको मसालने लगा फिर मैं घोरी

बन गयी और हर्ष मेरी पैंटी को साइड कर के अपने लंड को मेरी चूत मे डालने की कोसिस करने लगा और आगे उसके एक दोस्त के लंड को चूस रही थी और एक के लंड को हाथ से सहला रही थी तभी हर्ष मेरी दोनो टॅंगो के बीच मे आ कर अपना लंड मेरी

चूत मे डाल दीया और अंदर-बाहर करने लगा और बीच-बीच मे मेरी चूतर पे चपत भी मार रहा था | की तभी उस ने मेरी दोनो चूतर को पकर के तेज़्ज़-तेज़्ज़ झटके मारने लगा और मेरी मूह से आआआआआआआआआहहाआआआआआआआआआ

उूुुुुउउम्म्म्मममममममममाआआअ की आबाज आने लगी तो उसके एक दोस्त ने फिर मेरी मूह मे अपना लंड डाल दीया और मेरी आबाज अंदर ही रह गयी फिर दोनो ने एक साथ अपना लंड मेरी मूह मे डाल दीया और हर्ष पीछे लगा हुआ था |फिर कुछ देर मे

उसका एक दोस्त पीछे गया और मैं हर्ष के लंड को चूस रही थी फिर दूसरा पीछे चोद रहा था और दो आगे लंड चुसबा रहे था | फिर उस ने मुझे नीचे लीटा दीया और मेरी एक टाग उठा के चोद्ने लगा और एक अपना लंड मेरी मूह मे और और एक ने मेरी

चुची को दबाया और डोर को खोल दीया जिस से मेरी चुची फिर से आज़ाद हो गयी तो एक उसको चूसने लगा और तीनो ने बारी-बारी अपनी पोजीसन बदल-बदल के मुझे चोद रहा था फिर उसका एक दोस्त नीचे लेट गया और मैं उसके लंड पे बैठ गयी और वो

नीचे से अपनी कमर उठा-उठा के चोद्ने लगा और जब वो मुझे झटका मार रहा था तब मेरी चूतर हील रही थी तो हर्ष ने मेरी गन्द की छेड़ के पास थूक गीराया और उस मे अपनी उंगली डाल दी और फिर अंदर-बाहर करने लगा फिर उस ने अपने दोस्त को

पैर सीधा करने को बोला और मेरी गंद की छेद के पास अपना लंड घुमाने लगा और अपनी लंड को मेरी गंद मे घुसाने की कोसिस की लेकिन जा नही पा रही थी लेकिन उस ने थोरी ज़बरदस्ती की और मैं चीख उठी

उूुुुुुुुुुउउम्म्म्ममममममममममममाआआआअहह और अपनी गन्द पकर ली और दर्द से कहराने लगी तभी जो मेरी चूत चोद रहा था उस ने मेरी चुची को अपने मूह मी लीया और चूसने लगा और जब थोरा आराम मीला तो उस ने फिर मेरी चूत को चोद्ना

स्टार्ट कर दी और हर्ष फिर से मेरी गांद मे लंड घुसाने की कोसिस करने लगा और फिर उस ने एक जोरदार झटका मारा और उसका लंड मेरी गान्द मे भी चला गया और मैं कहराती उस से पहले एक ने अपना लंड मेरी मूह मे डाल दीया |और तीनो ने

बारी-बारी अपनी पोजीसन बदल-बदल के मुझे चोदा | फिर कुछ देर मेरी समुहीक चुदाई करने के बाद तीनो खरे हो गये और अपने लंड को अपनी हाथो से हीलने लगे और सारा माल मेरी फेस पर छोर दीया और देल्ही पहुचने तक मैं दो बार समुहीक

चुदी | फिर देल्ही पहुच कर भी कभी-कभी उनलोगो से चूडबाती रही लेकिन हर्ष बड़ा ही कमीना नीकाल उस ने मेरी दीदी को मतलब आपने भाभी को भी चोद दीया ओए एक बार हम दोनो बहानो को भी एक साथ चोदा ये बात मैं आप को आगली कहानी मे लीखू

गी लेकिन तभी जब आप लोगो को मेरी कहानी आछी लगे गी तो ही ..और आप लोगो के मेल मुझे मीले गे तब तो दोस्तो आप को मेरी चुदाई कैसी लगी आप मुझे मेल कर के बता सकते है या कोई और काम हो तब भी मेल कर सकते है |लेकिन प्लज़्ज़्ज़ मैं

सब से तो नही ना चुद सकती ना ............मुझे मेल ज़रूर करना अगर बुरा भी लगे तो भी
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