साथ सुलाने की सजा या मजा जो बेटे ने दिया मुझे

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Author :Unknown Update On: 2015-12-25 01:38:47 Views: 27050

मैं कौशल्या देवी उम्र ३९ साल, चंडीगढ़ के रहने बाली हु, पति मेरे कनाडा में रहते है, एक बेटा है जो मेरे साथ रहता है, आज मैं आपको एक ऐसी कहानी कह रही हु, जिसको मैं आज 6 महीने से छुपा के राखी थी, पर आज मैंने सुबह ही तय कर लिया

था की आपलोग के सामने अपनी इस कहानी को लॉन ताकि थोड़ा हल्का महसूस कर सकु. ज़िंदगी कई सारे सुख और दुःख का मेल है, कई बार इंसान के साथ अच्छा होता है तो ख़ुशी होगी है और कभी कुछ गलत होता है तो दिल के कोने में एक राज होता है

जिको सदा के लिए दफ़न हो जाता है और मरते दम तक इस बोझ को सहना पड़ता है, अब तो माध्यम है इंटरनेट का जिसपे हम अपनी बात को खोल सकते है, ना तो आपको पता है की मैं कौन हु, ना मुझे पता है की आप कौन है, इसलिए आज डर भी नहीं है की लोग और

पडोसी क्या कहेंगे, मैंने अपना असली नाम नहीं बताया है इसलिए लिए माफ़ी चाहती हु, पर कहानी 100 % सच है. मैं कई दिनों से लोगो की कहानी सेक्सवासना डॉट कॉम पे पढ़ रही थी, तभी लगा की मुझे भी बतानी चाहिए, मैं ३९ साल की हु, और एक

बैंक में जॉब करती हु, ज़िंदगी काफी अच्छी चल रही है, पति के पास नहीं जा पाती हु, क्यों की आपको पता है की वो विदेश में है, वो दो साल में एक बार आते है, सब सुख है पर सिर्फ सेक्स से बंचित थी, क्यों की दो साल में सिर्फ १ महीने

के लिए ही मैं रंगरेलियां मना पाती थी, बाकी ज़िंदगी तो सुखाड़ थी, किसी और से भी अगर सेक्स सम्बन्ध बना लू तो सकाज का डर फिर बाद में वो इंसान मुझे किस तरह से उसे करेगा, ये सब सोच के मैं बहकते बहकते बची, पर मेरा जिस्म मुझे

बहका रहा था, जब भी रात को सोती थी तो मुझे दूसरे मर्दो का ख्याल आता था, और मेरे तन बदन में आग लग जाती थी, कभी कभी तो सेक्स की जवाला ऐसे धधकती थी, मैं बाथरूम में जाके ठन्डे पानी का सहारा लेना पड़ता था चूचियाँ तन जाती थी,

चूत गरम हो के पिघलने लगती थी, और सच तो ये था की ये चार साल जब से मैं 35 की उम्र पार की, मेरे शरीर का बनावट और अच्छा हो गया था, गांड गोल गोल चूचियाँ बड़ी पर सुडौल, पेट और कमर सुराही की तरह, गोरी तो हु ही, अपने आप की मेंटेन

करती थी किसी चीज की कमी नहीं थी, स्पा और बिउटी पारलर हमेशा जाती हु, सच पूछिये तो आजकल मैं सेक्स बम हो गई थी. मेरा बेटा जो २१ साल का है, अभी कॉलेज में जाता है, रणवीर कपूर से काम नहीं लगता है, जब वो सोलह साल का हुआ था तभी

से मैंने उससे अपने साथ सुलाना बंद कर दिया था पर जब उसका बर्थडे अप्रैल 2015 में हुआ तो मैंने उसे गिफ्ट मांगने के लिए बोली, मैंने कहा मनपसंद गिफ्ट दूंगी इस बार तुझे, मैंने सोचा वो जो भी गाडी, मांगेगा मैं दूंगी, पर उसने

मुझे इमोशनल कर दिया था. उसने कहा माँ मैं आपके साथ सोना काफी मिस कर रहा हु, मुझे आप अपने आप से अलग मत करो मेरा आपके सिवा और कौन है, मैं आपके साथ ज़िंदगी में कभी भी साथ नहीं छोड़ना चाहता, मैं रो पड़ी और कह दी ठीक है बेटा तू

जो कहेगा होगा, उसके बाद से वो मेरे साथ ही सोने लगा, मेरे मन में कभी भी कोई ख्याल नहीं आया था, बस वो मेरे साथ सोने लगा था, देर रात तक बात करते और फिर दोनों एक दूसरे को गुड नाईट कहके सो जाते, पर एक दिन सब कुछ बदल गया था,

रात के करीब २ बजे मेरी नींद खुली, मैंने देखा वो मेरे ऊपर चढ़ा हुआ था, और मेरी चूचियाँ दबा रहा था, मेरे होठ को चूस रहा था, मैं जैसे ही जगी उसको धक्के दे के नीच की, और मैंने दो तीन गालियां दे दी, और कहा मैं अभी फ़ोन करते हु

तेरे डेड को, तुमने क्या किया है मेरे साथ, माँ बेटे के रिश्ते को तार तार कर दिया है, तुम्हे पता भी है की तुम क्या कर रहा था, माँ बेटा का एक रिश्ता होता है. तो बेटा कहने लगा, माँ तुम मुझे मत रोको, मैं जवान हु, घर से बाहर

मुह मारूं इससे बढ़िया है की आपको भी खुश कर दू और मैं खुद भी एन्जॉय करूँ, मैंने कहा हरामी है तुम, मैं सोची थी की तुम अच्छा इंसान बनेगा पर तू तो हरामी निकला, तो कहने लगा, मैंने क्या किया क्या मैं ही ऐसा करता हु, मेरे

दोस्त बंटी, मेरा दोस्त रणवीर, उन दोनों के पापा भी कनाडा में रहते है, और वो दोनों भी अपने माँ की चुदाई करता है, बंटी तो अपने बहन को भी नहीं छोड़ता, तो बुराई क्या है, घर की बात घर में ही तो है. एक मिनट के लिए तो ऐसा लगा की

मैं कोमा में चली गई, फिर अपने आप को सम्हालते हुए बोली की पर मैं ऐसा नहीं कर सकती, तभी मेरा बेटा बोला अगर तुम ऐसा नहीं कर सकती तो आज से मैं आपका बेटा नहीं, सुबह ही मैं कही और चला जाऊंगा, मैं डर गई, मैंने उसको गले से लगा

लिया और बोली बेटा तू जो कहेगा वैसा ही मैं करुँगी, मैं अपने बेटे को खोना नहीं चाहती थी, ज़िंदगी बहुत छोटी होती है, मैं इसको बर्बाद नहीं करना चाहती थी, मैं सोची अगर मैं इसके साथ सेक्स नहीं करती हु तो मेरा बेटा मेरे हाथ

से चला जायेगा और अगर राजी हो जाती हु तो बेटा तो बेटा रहेगा ही, पति भी बन जायेगा, मैंने उसको गले से लगा ली पर वो हैवान हो गया था, वो मेरी चूचियाँ पे टूट पड़ा और मेरे होठ को चूसने लगा, मैंने भी उसी नदी की धरा में बह गयी

मैं भी उसको हेल्प करने लगी, और हम दोनों अपने अपने जिस्म पर के कपडे कब निकाल दिए पता ही नहीं चला, आज मेरे सामने एक जवान लण्ड मुझे सलामी दे रहा था, मेरे तन बदन में आग लग गई थी, मैंने झट से उसके लण्ड के अपने मुह में ले ली,

और चूसने लगा वो मेरे सर के बाल को पकड़ के लण्ड को अंदर बाहर कर रहा था और कह रहा था आज से तू मेरी माँ नहीं बल्कि रंडी माँ है तू मेरी रखैल है, आज तो तुम्हे चोद के तेरे चूत फाड़ दूंगा, मैं भी कहा काम थी मैंने भी दो तीन गलियां

दे दी, मैंने कहा तेरे लण्ड में इतनी ताकत है तो मुझे आज संतुष्ट कर के देख, अगर तू सच में मादरचोद है तो आज मैं देखना चाहती हु तेरे में कितना दम है. इतना कहते ही हम दोनों 69 के पोजीशन में आ गए, और वो मेरा चूत चाट रहा था और

मैंने उसका लण्ड, लण्ड भी क्या था मोटा और करीब नौ इंच का, मेरे मुह में पूरा लण्ड नहीं आ रहा था, मैं उसके बदन को महसूस कर रही थी, उसके बाद वो फिर मेरे ऊपर आके मेरी चुचिया से अठखेलियां करने लगा, पर मैं और ज्यादा बर्दास्त

नहीं कर सकती थी मुझे जल्द से जल्द लण्ड चाहिए था, मैंने कहा देर मत कर आज तू इस रखैल को खुश कर दे. वो मेरे पैर को अपने कंधे पर रखके अपना मोटा लण्ड मेरे चूत के बीच में रखा और एक ही धक्के में पूरा नौ इंच का लण्ड मेरे चूत

में डाल दिया, मैं कराह उठी, आज तक मैं इतना मोटा लण्ड कभी भी नहीं ली थी, फिर क्या था, लैपटॉप ओन कर दिया और एक रसियन एडल्ट फिल्म लगा दिया, और मुझे उसकी स्टाइल में चोदने लगा, रात में करीब ६ बार उसने मुझे चोदा, और मैं भी

चुदवाई, आज सुहागरात के बात पहली बार था जब ६ बार मैं चुदी. अब तो बेटा बेटा ना रहा, अब तो समझ ही नहीं आ रहा है क्या कहूँ, रोज चुदती हु, अपनी वासना की आग को शांत करती हु, पर ज़िंदगी बहुत ही अच्छी चल रही है.

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