मकान मालिक से बना चुत का मालिक


Author :Unknown Update On: 2016-01-01 08:57:36 Views: 2073

मैं आज निर्मला पाण्डेय की बेहूदा चुदाई की बड़ी ही मज़ेदार कहानी सुनाने जा रहा हूँ जोकि मेरे घर में ही किराये पर रहा करती थी | मैं था उसका मकान मालिक और अब उसकी चुत का मालिक बनने की फिरात में भी था | मैंने उससे किराया

भी इसी वजह से काम लेना शुरू कर दिया था और जब भी मौका मिलता तो उसके पास जाकर बैठा जाता और हम चाय पीते हुए ही आपस में बातें किया करते थे | बातें करते हुए अब मैं उसके करीब आने की कोशिश करता जिसपर पहले तो वो दर सहम कर मुझे

अपने से दूर अकरने लगी पर शीरे धीरे – धीरे आदतों की आदत सी लग चुकी थी अब उसे | अब मैंने अपने होश को संभालते हुए उसके चुचों पर छू दिया करता जिससे उसकी तन कि गर्माहट मुझे पागल ही बना देती थी | उसके बदन पर हक करने के लिए

जैसे मैं तरसा जा रहा था और मैंने अब उसे तभी आँख मारते हुए अंदर वाले रूम में चलने को कहा और आज पहली बार मेरे इतने बड़े कदम उठाने पर उसने हामी भी भर दी और अपनी चुन्नी को पिछले वाले कमरे में ही छोड़ मेरे साथ अंदर आ गयी |

मैं पहले से ही उत्तेजित था और अब अंदर आते ही उसके चुचों बिलकुल सख्ती दिखाने लगा | उसने भी अब मुझे कामुक मुस्कान देते हुए मेरी शर्ट के बटन खोल दिए और मैं अब उसकी कुर्ती को उप्पर उठाका उसके चुचों को अपने हाथों में

भरते हुए चुसने लगा जिसपर वो भी गर्माते हुए गरम सांसें लेते हुए मेरे छाती पर अपनी जीभ लहराने लगी | वो कुछ ही देर में मेरे सभी कपड़ों को खोलने लगी और मुझे कतई नंगा कर दिया जिससे पता चल चूका था की वो भी मेरे लंड के मज़े

लेने की लिए काफी अरसे से ही तरसी जा रही थी | वो अब मेरे लंड को निकाल कुतिया की तरह चूस रही थी और मैंने भी उसकी पैंटी को उतार दिया और उसकी चुत को उप्पर अपनी जीभ से चाटते हुए उँगलियाँ डालने लगा | मैं उसे वहीँ लिटाकर

उसके नंगी गोरी जाँघों को अपने लंड को उसकी चुत पर सैट दिया और कुछ ही देर में जोर का धक्का लगाया जिससे मेरा लंड अब फिसलता हुआ उसकी चुत में पूरा चला गया | अब मैंने भी धक्का लगाना तेज कर दिया था जिससे वो वहीँ लेती हुए

मेरे लंड के ज़ोरदार झटकों को ले रही थी और अपनी गांड को सांप की तरह इदर से उधर घुमा रही थी | मैं उसे सहयोग बराबर बनाये रखने के लिए उसके गांड पर दमादम थप्पड़ बजाते हुए उसकी चुत को पेले जा रहा था | मैंने अपने लंड को उसकी

चुत के तले इतनी कुत्ते की रफ़्तार से आगे पीछे कर रहा था की अंत मेरा वीर्य भी निकल गया और अब से तो मैं रोज ही उसकी चुत को पेलता हूँ |

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