बहन की तड़पती जिस्म को शांत किया

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Author :कुणाल Update On: 2016-01-21 Views: 1971

मेरे प्यारे दोस्तों आप सब को कुणाल का नमस्कार, आज मैं आपको अपने ज़िंदगी का एक अनमोल क्षण आपके सामने पेश कर रहा हु, आशा करता हु की आपको बहुत मजा आएगा, आज मैं आपके सामने एक अपनी सच्ची कहानी जो की मेरे और मेरी प्यारी बहन

निहारिका के बारे में है, मैं कई ऐसे कहानियां सेक्सवासना डॉट कॉम पे पढ़ी है, पहले तो मुझे लगता था ये सब बकवास है क्या कोई भाई अपने बहन के साथ सेक्स सम्बन्ध बना सकता है पर जब मेरे साथ ये हुआ और मैंने अपने बहन के साथ

सेक्स किया तो लगा की ज़िंदगी में कई बार ऐसे मौके आ जाते है जिसमे रिश्ते तार तार हो जाते है और कुछ और ही हो जाता है जिसकी हमलोग कल्पना भी नहीं करते है, आज एक ऐसी ही घटना का जिक्र कर रहे है, मेरी उम्र 22 साल है और और मेरी

बहन बहक निहारिका की उम्र इक्कीस साल है, हमलोग मध्यप्रदेश के रहने बाले है, ये कहानी आज ऎसे दस दिन पहले की है जब हम दोनों को दिल्ली आना पड़ा, निहारिका का जॉब इंटरव्यू दिल्ली में था, शनिवार को, तो हमलोग दिल्ली शनिवार को

ही पहुंच गए थे करीब ७ बज रहे थे सुबह के, हम दोनों ने एक होटल का कमरा लिया, रिसेप्शन पर एक सुन्दर सा लड़का जो ब्लैक सूट में था, गुड मॉर्निंग कहा और रजिस्टर में नाम लिखने लगा, हमने आई डी प्रूफ दिया, जब सरे फोर्मलिटी हो

गया था वो लड़का मुस्कुराया और कहा, सर आपकी वाइफ बहुत सुन्दर है, एन्जॉय कीजिये, आपको किसी चीज की जरूरत होगी तो प्लीज आप हमें फोन कर दीजिये, आपका वीकेंड हैप्पी हो. हमने थैंक्स कहा, और जैसे वह से घूमे अपने कमरे जाने के

लिए हम दोनों को हसी आ गई, हस्ते हस्ते अपने कमरे तक पहुंचे और निहारिका तो और जोर जोर से हसने लगी, कहने लगी वाइफ बोला मुझे…… मुझे बहुत हसी आ रही है…. इस तरह से हम दोनों एक दूसरे को देखकर हसने लगे, फिर हम दोनों फ्रेश हुए,

ब्रेकफास्ट किया और वह से वसंत कुञ्ज के लिए निकल पड़े वही निहारिका का इंटरव्यू था, सब कुछ अच्छा हुआ, निहारिका सेलेक्ट हो गई, हम दोनों काफी खुश थे, वह से करीब तीन बजे निकले और फिर दिल्ली घूमने लगे, इंडिया गेट गए, फिर

हमलोगो कई सारे मॉल गए, शाम को कनॉट प्लेस गए, खूब मजे किये, मैंने वह पे एक कपल को देखा जो पार्क में बेंच पर ही गोद में बैठाकर चुदाई कर रहे थे, वो भी तब देखा हमदोनो ने जब आअह आआह आआअह की आवाज आ रही थी, और वो लड़की कह रही थी,

भैया धीरे धीरे चोदो दर्द हो रही है, और जल्दी चलो घर मम्मी पापा इंतज़ार कर रहे होंगे, हम दोनों एक दूसरे का मुह देखने लगे और बोले दोनों भाई बहन है, बताओ….. दिल्ली जगह ही ऐसी है, चलो सब का अपना अपना ज़िंदगी जीने का तरीका

है, सच बताऊँ दोस्तों उसके बाद निहारिका को मेरे देखने का तरीका ही चेंज हो गया, मैं अब उसके बूब को निहार रहा था, जब वो चल रही थी तो उसके मटकते कमर को देख रहा था, वो तब से और भी ज्यादा हॉट लगने लगी थी, पर मैं ये भी ध्यान रख

रहा था की कही उसको मेरी ये नजर पता ना चल जाये, है तो मेरी बहन ही, फिर धीरे धीरे नार्मल होते गए, एक बार तो उसका बूब मेरे केहुनी से लग गया, उसने कुछ भी नहीं कहा और वो मुस्कुरा दी, मुझे बहुत ही अच्छा लगा, क्या रुई के तरह

उसका गोल गोल चूच लग रहा था यार., शाम को खाना कहते हुए करीब हमलोग आठ बजे होटल पहुंचे, कमरे में गए और फ्रेश होके टी वी देखने लगे, तभी निहारिका बाथरूम से निकली, मैं उसको देखकर हैरान हो गया, वो पिंक कलर की नाईटी में थी,

बाल खुले थे बड़ी ही हॉट लग रही थी, वो अंदर ब्रा नहीं पहनी थी और उसकी नीति सिल्की सिल्की थी तो उसका बूब का साइज निप्पल समेत दिख रहा था वो जब चल रही थी और कंघी कर रही थी तो उसका बूब हिल रहा था, यहाँ तक की जब वो चलती थी उसकी

चूतड़ गजब की दिख रही थी, सच पूछो दोस्तों मेरा लंड तो खड़ा होने लगा था मैंने फटा फट कम्बल रख लिया ताकि उसको पता ना चले की मेरे हीरो सलामी ठोंक रहा है. तभी बेल्ल बजा दरवाजा सिर्फ सटाया हुआ था, मैंने कहा कमीन वो होटल का

बेटर था, वो एक बोतल व्हिस्की दो गुलाब का फूल, दो कैंडल देते हुए कहा, सर ये सारे चीज मैनेजर ने भेजा है, और कहा है, सर के लिए गिफ्ट है उनके हनीमून पे, निहारिका फिर जोर जोर से हसने लगी और मैं भी वैसे ही खुल के हसने लगा,

निहारिका कह रही थी क्या बेवकूफ मैनेजर है उसको लग रहा है की हम लोगो हनीमून मनाने आये है, पागल कहिका और खूब हसने लगे दोनों मिलकर. उसके बाद व्हिस्की देखा वो काफी अच्छे ब्रांड का था, पहले भी कई मौके पर हम दोनों ने पि

है, तो निहारिका बोली अच्छा है, चल निकाल आज पि ही लेते है, और फिर वो पेग बनाने लगी और हम दोनों पिने लगे, अब मुझे काफी नशा आ गया था और निहारिका को भी चढ़ गया था, अब वो और भी ज्यादा सेक्सी लग रही थी, बार बार वो अंगड़ाई ले रही

थी, मैं भी उसके बूब को बार बार देख रहा था, जब वो अंगड़ाई लेती थी उसकी दोनों चूचियाँ और भी बाहर के तरफ हो जा रही थी, बड़ा ही हॉट नजारा था उस समय का, उसकी आँखे और भी सेक्सी हो गई थी और वो बहकी बहकी बात कर रही थी, वो कह रही थी

भाई याद आया वो लड़की वो कह रही थी धीरे धीरे डालो भैया, उफ्फ्फ्फ्फ़ क्या नजारा था यारा, क्या मस्त लग रही थी वो सेक्स करते हुए, निहारिका कह रही थी साले मैनेजर क्या सुझा इसे हमलोग पति पत्नी है, ओह्ह्ह भैया तुम्हे तो

मेरा सैया बना दिया है इस होटल बाले ने, और वो बार बार अंगड़ाई ले रही थी, फिर निहारिका बोली भैया आज मैं बहुत खुश हु आज मेरी जॉब लग गई है, आज तो पार्टी बनती है, मांग तू आज जो भी मांगेगा आज मैं मना नहीं करूंगी, मैंने कहा सच

दोगी वो, बोली मांग के तो देख, आज मैं किसी भी चीज के लिए मना नहीं करुँगी, बोली चल मांग जो मांगना है, मैंने कहा आज मैं तुम्हारे साथ सेक्स करना चाहता हु, तो निहारिका बोली मैं तो कब से चाह रही थी आज जो मैनेजर बोला वो कर

लेते है, और वो मेरे गले से लग गई उसकी दोनों चुचियन मेरे छाती से चिपक रही थी, और फिर मुझे किश करने लगी, फिर वो सारे लाइट बंद कर दी और दोनों मोमबती को जला दी और नाईटी को उतार दी, हलके हलके रौशनी में काफी सेक्सी लग रही थी

मेरी बहन, क्या शरीर था यार, बहुत हॉट लग रही थी बड़ी बड़ी चुचिया, कमरे पतली, गोल गोल चूतड़, खुले बिखरे बाल, वो मटकती हुई आई, और मेरे होठ को चूसने लगी मैं हौले हौले से उसकी चूचियाँ दबाने लगा, वो बहुत ही कामुक हो गई थी, फिर वो

मेरे लंड को हाथ में ले ली और कहने लगी क्या लंड है भैया जैसा की ब्लू फिल्म में होता है वैसा ही लंड है आपका. और वो मेरे लंड को पकड़ कर पाने चूत के ऊपर लगा ली, और हलके हलके से बैठ गई पूरा लंड मेरी बहन के चूत में समा गया,

ओह्ह्ह फिर क्या बताऊँ दोस्तों वो उछाल उछाल कर चुदवाने लगी, उसके मुह से आअह आआह आआअह आआअह उफ्फ्फ्फ़ उफ्फ्फ की आवाज निकल रही थी जब वो मेरे लंड पे झटके देती तो फच फच की आवाज आती, पूरा कमरा महक रहा था हलकी हलकी मोमबती जब

रही थी और मेरी बहन की सेक्सी आवाज पुरे कमरे में गूंज रही थी, मैं भी हाय हाय हाय कर के लंड को पेले जा रहा था. आप ये कहानी सेक्सवासना डॉट कॉम पे पढ़ रहे है , उसके बाद निहारिका निचे लेट गई और मैं ऊपर चला गया, फिर मैंने उसका

पैर को अपने कंधे पर रख लिया और अपना लंड को जोर जोर से उसके चूत में डालने लगा. वो चिलाने लगी फ़क में फ़क में हार्ड, चोदो खूब चोदो मुझे, फाड़ दो मेरी चूत को, ले लो अपनी आगोश में, बना दो मुझे रंडी, चोद जो मेरी जिस्म को शांत कर

दो, फिर मैंने उसको घोड़ी बनाया और पीछे से बड़े चौड़े गांड को पकड़ के फिर उसके चूत में लंड पेलने लगा, वो काफी हॉट और वाइल्ड हो गई और जोर जोर से गांड को धक्के लगा रही थी, फिर हम दोनों एक लम्बी आआह भरे आआह्ह्ह्ह्ह्ह्

आह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह और मैंने पूरा वीर्य उसके चूत में डाल दिया और हम दोनों एक दूसरे को चूमते हुए लेट गए, फिर आधे घंटे बाद एक एक पेग व्हिस्की फिर ली उसके बाद फिर चुदाई की, रात भर करीब ४ बार मैंने अपनी प्यारी बहन को

रंडी बना कर चोदा. आपको मेरी कहानी कैसी लगी जरूर बताएं, ये मैं नहीं कह रहा हु ये मेरी बहन कह रही है, क्यों की ये कहानी हम दोनों साथ मिलकर लिख रहे है, और आपको ये कहानी सिर्फ सेक्सवासना डॉट कॉम पे ही मिलेगा, आपको मेरी

कहानी पढ़ने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद,

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