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गंदा है पर धंधा है ये 7


दोस्तों ये कहानी आप सेक्सवासना डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

आंटी ने फोन किया. उस साइड पर, राहुल अंकल थे. आंटी ने स्पीकर चालू कर लिया. उन्होंने दीदी की कंडीशन पूछी तो आंटी ने बोला – हालत छोड़िए… ये तो रंडी ही बनने को तैयार है… पैसे लेकर, चुदवाने को ये सही समझती है और इसे कोई

ऐतराज नहीं है… अंकल ने बोला – मैंने पहले ही कहा था… हरामखोर रंडी है, साली… एक काम कर, उसे 8 बजने पर तैयार कर देना… आज रानी का बाहर का प्रोग्राम है… एक हाइ क्लास पॉर्न मूवी बनाने वाला डाइरेक्टर और उसका प्रोड्यूसर

सिटी मे आया हुआ है… तेरी बात हो चुकी थी… ये जाएगी तो काफ़ी अच्छे पैसे मिलेंगे… आंटी ने बोला – क्या ये सेफ रहेगा… ?? राहुल ने जवाब दिया – हाँ, क्यों नहीं… और तुम जैसी रंडियों के लिए क्या सेफ… तुम जैसी छीनाल, गली में

कुतिया की मौत ही मरती हो… खैर, तू और तेरी माँ भी तो साली छीनाल है… मुझे फसाया की नहीं, तेरी बहन की लौड़ी अम्मा ने… देख रंडिया भी आम लड़कियों की तरह ही जीती हैं… बाहर भी जाती हैं… उनके बॉय फ्रेंड भी बनते हैं और पति भी…

तेरी और तेरी माँ की किस्मत खराब थी, जो तुम्हें मैं मिला… कई चूतियों को कभी पता भी नहीं चलता… तू चिंता मत कर… और वैसे भी ये मूवी इंडिया में नहीं दिखाई जाएगी… मस्त कहानियाँ हैं, सेक्सवासना डॉट कॉम पर !!! !! आंटी ने

दीदी को देखा. दीदी सब सुन रही थी. दीदी ने थोड़ा सोचने के बाद, बोला – ठीक है… नो प्राब्लम… जीजू, सही कह रहे हैं और जब इंडिया में दिखाई ही नहीं जानी तो कैसी चिंता… आंटी ने अंकल को बताया और फोन रख दिया. ऐसा लग रहा था

आंटी खुश नहीं थी पर दीदी तो शायद पैदा होते ही छीनाल बन गई थी. फिर हम तीनों ने, थोड़ा मील लिया. रश्मि ने दीदी को बाथरूम ले जाकर खुद ही नहलाया और फिर बाहर ले आई. 7 बजे तक, हम लोग मूवी देखते रहे. फिर आंटी ने दीदी को हरी

साड़ी, मिलते रंग का ब्लाउज, हरी ब्रा और पैंटी पहनने को दे दिया. दीदी गोरी होने की वजह से, हरे रंग और साड़ी में कयामत लग रही थी. फिर दीदी, अपने रूम मे आ गई. आंटी ने एक ब्लू मूवी लगाई, जिसमे एक विदेशी गोरी लड़की को 3

नीग्रोस तीनों छेद में चोद रहे थे. (दीदी का आज गैंग बैंग होने वाला था. राहुल अंकल और उनके 6 दोस्तों के साथ. ये मुझे अगले दिन पता चला. इसीलिए आंटी दीदी को गैंग बैंग मूवी दिखा के तैयार कर रही थी.) 8 बजे तक, हम तीनों मूवीस

देखते रहे. (उस टाइम मुझे ये समझ नहीं आता था की इन गंदी मूवीस को देख कर, आख़िर लोगों को मिलता ही क्या है. मैं उस टाइम 12वी में ही तो थी. आज वही मूवीस मेरी लाइफ का एक हिस्सा हैं. लाइफ ऐसे ही तो चलती है.) 8 बजने पर, किसी ने डोर

पे रिंग किया तो आंटी न दीदी को जाने को बोला. दीदी बाहर गई तो उसने कल वाले ही एक लड़के को देखा, जो टाटा सफ़ारी के साथ बाहर दीदी को ले जाने आया था. मस्त कहानियाँ हैं, सेक्सवासना डॉट कॉम पर !!! !! दीदी ने आंटी से डोर बंद

करने को कहा और उस लड़के के साथ चली गई. मैं सोच मे पड़ गई. आख़िर, वो सब दीदी को बाहर क्यों ले गये. वो सब काम यहाँ भी तो हो सकता था, तो फिर बाहर क्यों. आज क्या होगा. दीदी कल, किस हालत मे मिलेगी. रात भर, मैं यही सोचती रही

पर ये सब सोचने का अब कोई फायदा नहीं था. दीदी, चुदवाने जा चुकी थी. आख़िर वो उस राह पर चल पड़ी थी जिस पर चलने से उसको शायद, रश्मि रोकना चाहती थी. खैर, अगले दिन, मैं 10 बजने पर सो के उठी क्यूंकी पिछली दो रात से मैं ठीक से

सो तक नहीं सकी थी. उठते ही, मैंने देखा रश्मि आंटी और दो दूसरी औरतें (जो प्रोफेशनल रंडी थी) दीदी को बेहोशी के आलम मे दीदी के रूम मे ले जा रही थी. बाहर एक बुलेरो खड़ी थी, जिसमे उसका ड्राइवर बैठा था. ये दोनों रंडी, दीदी

को घर पर छोड़ने आई थी. मेरी कॉलोनी के सभी लोग ने दीदी को बुलेरो से उतरते देखा और उनकी हालत देख तमाशे का मज़ा ले रहे थे. दीदी का ब्लाउज, लगभग पूरा फटा हुआ था. मस्त कहानियाँ हैं, सेक्सवासना डॉट कॉम पर !!! !! उनका चेहरा

और बाल, लड़कों के वीर्य से सने हुए थे. होंठ के तो आज, दोनों किनारे फट गये थे. (मैं उस वक़्त ये सोचने लगी, अब दीदी मम्मी को इसका क्या जवाब देगी.) उन दोनों रंडी ने आंटी को कुछ दवाई दी, दीदी के लिए और जल्द ही वहाँ से चली

गई. उनके जाने के बाद, आंटी ने डोर लॉक किया और दीदी का फटा ब्लाउज उतार फेका. दीदी का ब्रा, शायद उन लोगों ने रख लिया था. दीदी, अभी भी बेहोशी की हालत में थी. आंटी ने फिर दीदी को पूरा नंगा किया तो जो हमने देखा, उसे देख कर

तो हम दोनों ही शॉक्ड रह गये. मैं ज़ोर ज़ोर से रोने लगी और रश्मि आंटी के मुंह से भी, कुछ बोलते नहीं बन रहा था. दीदी के बूब्स को इतना दबाया और निचोड़ा गया था की निपल्स के आस पास लाल और नीले निशान पड़ गये थे. गालों पर

इतने तमाचे मारे गये थे की वो सूज कर डबल हो गये थे. दीदी की गाण्ड पर, नाख़ून के नोचने के मार्क्स बनाए गये थे. नीचे, दीदी के पेटीकोट मे भी काफ़ी सारा ब्लड लगा था. उनकी थाइस और उसके जायंट्स पर, बेल्ट से मारने के निशान

थे. चूत तो आज, पूरी नीली पड़ चुकी थी. मस्त कहानियाँ हैं, सेक्सवासना डॉट कॉम पर !!! !! दीदी की गाण्ड पर भी पीटने के मार्क्स थे. दीदी के बूब्स को ठीक से देखने के बाद, ऐसा लगा की वहाँ पर काफ़ी सारे नीडल चुभाये गये

हैं. दीदी की गाण्ड पर इतने बेल्ट्स से मारा गया था की उसकी कही-कही थोड़ी सी चमड़ी भी निकल गई थी. कहानी जारी रहेगी.. अगर आपको मेरी कहानी पसंद आई तो अपना फीड बैक अवशय भेजें..
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