गंदा है पर धंधा है ये 8


Author :अंजली Update On: 2016-01-31 Views: 2386

दीदी के बूब्स को इतना दबाया और निचोड़ा गया था की निपल्स के आस पास लाल और नीले निशान पड़ गये थे. गालों पर इतने तमाचे मारे गये थे की वो सूज कर डबल हो गये थे. दीदी की गाण्ड पर, नाख़ून के नोचने के मार्क्स बनाए गये

थे. नीचे, दीदी के पेटीकोट मे भी काफ़ी सारा ब्लड लगा था. उनकी थाइस और उसके जायंट्स पर, बेल्ट से मारने के निशान थे. चूत तो आज, पूरी नीली पड़ चुकी थी. मस्त कहानियाँ हैं,सेक्सवासना डॉट कॉम पर !!! !! दीदी की गाण्ड पर भी

पीटने के मार्क्स थे. दीदी के बूब्स को ठीक से देखने के बाद, ऐसा लगा की वहाँ पर काफ़ी सारे नीडल चुभाये गये हैं. दीदी की गाण्ड पर इतने बेल्ट्स से मारा गया था की उसकी कही-कही थोड़ी सी चमड़ी भी निकल गई थी. दीदी के मुंह से

रह रह कर ‘कराह’ फूटती थी. उनकी आँखों के नीचे, एक ही रात मे काले निशान पड़ गये थे. एक ही रात में ऐसा लगा की वो कई महीनों से बीमार है. आंटी ने तोलिये को गरम पानी में डाल कर, दीदी को पूरा सॉफ किया. उनके बदन पर लगा हुआ

खून, मूत और स्पर्म भी ठीक से सॉफ किया. फिर आंटी, मेरे लिए चाय बना कर लाई. आंटी और मैंने चाय, नाश्ते के साथ लिया. हम दोनों दीदी के बगल में बैठ कर, दीदी के होश मे आने का इंतज़ार करने लगे. इंतज़ार करते करते, हम दोनों

दीदी के ही बेड पर दीदी के बगल में सो गये. 6 बजने पर, किसी ने रिंग किया तो आंटी ने जाकर डोर ओपन किया. राहुल अंकल थे. वो उनको लेकर, रूम में लाई और दीदी के बारे में बताया. दीदी की कंडीशन देख कर, अंकल ने दीदी को एक

इंजेक्शन दिया. (शायद, उसमें कुछ ड्रग्स था.) क्या सभी रंडी के साथ ऐसा ही होता है या राहुल अंकल, पैसे के लिए मेरी दीदी की माँ बहन कर रहे थे. वैसे ये तो मैंने सुना है की एक ना एक दिन, हर रंडी की जिंदगी में ये दिन आता है पर

दीदी की तो शुरूवात ही ऐसे हुई. थोड़ी देर बाद, दीदी को होश आने लगा. वो करहाने लगी और उठने की कोशिश करने लगी. मस्त कहानियाँ हैं, सेक्सवासना डॉट कॉम पर !!! !! आंटी ने पकड़ कर, दीदी को उठाया और उनकी पीठ को बिस्तर से सटा

दिया तभी दीदी को वॉमिट जेसा फील हुआ. वो बेड से नीचे उतरने की कोशिश करने लगी पर पैर नीचे रखते ही, बेड के नीचे गिर गई और वही पर उसने वॉमिट किया. वॉमिट में ब्लड देख कर, आंटी भी शॉक्ड रह गई. मैं फिर रोने लगी. आंटी ने

राहुल अंकल से पूछा – ये क्या है… ?? अंकल ने बोला – कुछ नहीं… कल रात में, इसकी एक खास ब्लू फिल्म बनाई गई है… उसमें इसने अपना ही खून पिया… अपनी और कुछ और लोगों की छी छी को भी खाया… काफ़ी लोगों का स्पर्म भी पिया… हो सकता

है, वो डाइजेस्ट नहीं हुआ होगा और अब बाहर उल्टी के ज़रिए निकल रहा है… वॉमिट के बाद, दीदी को थोड़ा ठीक फील हुआ. अंकल ने दीदी को आँख मारी और कहा – रानी, कल तो तूने कमाल ही कर दिया था… ये अलग बात है की तुझे थोड़ा ड्रग्स भी

देना पड़ा… पर तूने एक रात में ही 10 लाख कमाए हैं… (जी हाँ, ये दीदी की पहली कमाई थी और पहली ब्लू फिल्म भी. इसे कुछ खास पेड पॉर्न साइट्स पर दिखाया गया था. मैंने भी बाद मे देखा. दीदी ने बाद में बताया की बाहर की कंट्रीज़

में खास तौर पर, जर्मनी में वो सी डी काफ़ी बिकी भी थी) उस सी डी में दीदी के साथ 15 लड़कों ने गैंग बैंग किया था. उनमें से 12 लड़के विदेश के थे. 3 इंडियन थे. सभी ने मंकी टोपी पहन रखी थी, सिवा दीदी के. उस मूवी में, 15 लड़के

ज़बरदस्ती रेप कर रहे थे. दीदी ने उस मूवी में, काफ़ी अच्छी एक्टिंग की और बिहोश होने तक सभी लड़कों का पूरा साथ दिया था. बेहोश हो जाने के बाद भी, उस मूवी मे दीदी का रेप होता रहा. मस्त कहानियाँ हैं, सेक्सवासना डॉट कॉम

पर !!! !! किसी ने भी रात भर, दीदी पर कोई रहम नहीं किया. रात भर, दीदी को बेहोशी के आलम मे ड्रग्स दे देकर दीदी को हर तरह से चोदा. ड्रग्स देने के बाद, दीदी की बॉडी में जान आ जाती थी और उनके गले से जानवर जैसी आवाज़ निकलती

थी. वो गाण्ड उछाल उछाल कर, अपने रेप करने वालों को सपोर्ट करती थी. मूवी, बहुत ही गंदी थी. कई लड़कों ने दीदी के ऊपर छी छी तक की. शायद, उसके बाद इतनी बेदर्द और इतनी गंदी ब्लू मूवी मैंने कभी नहीं देखी. डाइरेक्टर, दीदी

को आफ्रिका ले जाना चाहता था और ज़्यादा मूवीस दीदी पर बनाने के लिए पर ये उस वक़्त दीदी के लिए संभव नहीं था. कुछ दिनों बाद, मैंने दीदी से पूछा – क्या हुआ था उस रात… ज़्यादा प्राब्लम हुई थी… ?? दीदी ने बोला – अंजली असल

में, कुछ नहीं हुआ था… वो एक बी डी एस एम था और मुझे लगता है, मुझे ये काफ़ी पसंद है और यही मेरा टेस्ट है… मुझे इसी मे ज़्यादा मज़ा आता है और इस बार, तो काफ़ी अच्छे पैसे भी मिले… चलता है, यार… और यार सोच, 10 लाख… मम्मी को

महीने भर काम करके 10,000 मिलते हैं… फिर दीदी ने एक राज़ और खोला की वो 15 साल की उम्र से चुद्वा रही हैं. उनकी पहली चुदाई, इसी घर में छत पर हुई थी और अब तक वो बिना चुदवाए जिंदा नहीं रह सकती. उन्होंने बताया की स्कूल टाइम

में ही यानी, मेरी उम्र से भी पहले उनका चक्कर दो लड़कों से रहा और दोनों ने उनको चोदा था. पहली चुदाई, उन्होंने इंग्लीश कोचिंग के एक लड़के के साथ घर की छत पर की थी. कॉलेज में पढ़ने पर भी उसके 4 बॉय फ्रेंड बने थे और चारों

ने कई बार दीदी को हॉस्टल में, पी जी में और उनके रूम पर लेजा कर खूब चोदा. एक बार तो वो दो लड़कों के साथ, एक साथ चुदीं. मैं सोच में पड़ गई की उस टाइम, मुझे और मम्मी को कुछ पता नहीं चला. दीदी का कॉलेज, दूसरे शहर में

था. खैर, दीदी को 15 दिन लगे रिकवर होने में. कहानी जारी रहेगी.. अगर आपको मेरी कहानी पसंद आई तो अपना फीड बैक अवशय भेजें..

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