प्यासी जवानी


Author :आंकिता Update On: 2016-02-07 Views: 1670

हाय दोस्तो, मेरा नाम आंकिता है, मेरे वक्ष बड़े हैं, मेरी लम्बाई 5 फुट 3 इन्च, 39 किलो वजन है। मैं आपको आज अपनी कहानी सुनाने जा रही हूँ। मेरा जब बी.ए. तीसरे वर्ष में प्रवेश हुआ था। तब मैं 19 साल की थी। मेरी एक सहेली थी उसका

नाम नीलम था। जो मेरे घर के कुछ ही दूरी पर रहती थी। नीलम और मैं कोई भी बात नहीं छुपाते थे। उसका एक भाई भी था जो एम.कॉम. कर रहा था। अब आप समझ ही गए होंगे कि मेरी बातें किस ओर इशारा कर रही हैं। तो सुनिए, मैं एक हफ्ते में

तीन-चार बार नीलम के घर जाती थी। जब मैं पहली बार नीलम के घर गई तो उसके घर पर नीलम और उसके पापा-मम्मी थे। मैंने नमस्ते की, फिर नीलम के साथ उसके कमरे में चली गई। हमने थोड़ी मस्ती की, गेम खेले फिर बातें करने लगे। फिर नीलम

का भाई निखिल आ गया। निखिल को मैंने पहली बार देखा था। वो दिखने में थोड़ा सांवला था। उसने मुझे देखा और चला गया। नीलम ने बताया- यह मेरा भाई निखिल है। कुछ समय बाद मैं भी उधर से अपने घर वापिस आ गई। फिर दूसरे दिन ही मुझे

मन हुआ तो मैं फिर नीलम के घर गई। नीलम सेक्स कर चुकी थी। जब वो अपनी वो कहानी सुनाती तो मेरे पूरे शरीर में एक लहर सी दौड़ जाती! नीलम और मैं अकेले में ब्लू-फिल्म देखा करते थे। एक दिन मुझे नीलम ने फोन किया और अपने घर

बुलाया। मैं नीलम के घर गई। मैंने नोटिस किया कि जब भी मैं अपनी सहेली के घर जाती तो उसका भाई निखिल मुझे घूर कर देखता और ज्यादातर मेरे उभारों पर उसकी निगाह रहती थी। मैं नीलम के कमरे चली गई। नीलम बोली- मेरी कल की कहानी

सुनेगी? मैंने कहा- हाँ.. क्यों नहीं। नीलम कहानी सुनाती गई और मैं गर्म होती चली गई, मेरे मम्मे सख्त हो गए, मेरी चूत भी गीली हो गई, मैं अपने बोबों को दबाने लगी। इतने में ही नीलम भी मेरे मम्मों को दबाने लगी और मैं उसके

मम्मे दबा रही थी। कुछ समय तक हमने ऐसे ही किया। कुछ ही समय में हम दोनों का पानी निकल गया और हम लोग अलग हो गए। फिर मैं अपने घर चली आई। हम अक्सर ऐसा करते और ब्लू-फिल्म देखते। मुझसे अब नहीं रहा जाता था, मुझे चुदाई करने

का मन करता था। एक दिन मैं अपनी सहली के घर गई उस समय उसके घर पर सिर्फ उसका भाई था। मैंने निखिल से पूछा- नीलम कहाँ है? बोला- बाजार गई है.. आने वाली है, आप उसका इन्तजार कर लो..! मैं नीलम के कमरे में चली गई, मैंने नीलम को फोन

किया- नीलम.. तू बाजार से कब तक वापस आ जाएगी? नीलम बोली- मैं तो अपने मामा जी के घर हूँ। कल आऊँगी.. पापा-मम्मी के साथ। मैं हैरान रह गई। मैंने नीलम को नहीं बताया कि उसके घर पर हूँ और निखिल ने मुझसे क्या कहा। मैं चुपचाप

बैठी रही, देखते हैं अब क्या होगा। चुदाई की चुल्ल तो मुझे भी थी। कुछ समय बाद निखिल बाहर से आया। मैं कमरे से निकली, वो जब तक रसोई में चला गया था। मैंने देखा कि निखिल कोई टेबलेट खा रहा है। मैं कमरे वापस चली गई, फिर

निखिल कमरे में आया। मैंने पूछा- बहुत समय हो गया, नीलम अभी तक आई नहीं! निखिल बोला- डार्लिंग.. क्या आज मेरे साथ ब्लू-फिल्म नहीं देखोगी.. मेरी बहन के साथ के तो रोज देखती हो। मैं डर गई। निखिल ने मेरे वक्ष पकड़ लिए और दबाने

लगा, मैं उसे मना ही नहीं कर पाई। फिर निखिल ने मेरी टी-शर्ट उतार दी और मेरे वक्ष दबाने लगा, मैं निखिल से लिपट गई। यह कहानी आप सेक्सवासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं ! फिर मैंने कहा- निखिल.. मेरी ब्रा उतारो ना! निखिल बोला- यह

ले मेरी जान। निखिल ने मेरी ब्रा उतार दी, मैंने अपने निप्पल निखिल के मुँह में दे दिए। करीब 5 मिनट तक वो चूसता रहा। उसकी मदमस्त चुसाई से मैं पूरी तरह से गर्म हो चुकी थी। निखिल अब अपना करीब 7″ लम्बा लण्ड निकाला तो मैं

डर गई और मन ही मन में सोचने लगी कि अब क्या होगा मेरा। निखिल- आज तो फाड़ दूँगा तेरी..! निखिल ने मुझे लण्ड चूसने को कहा, मैंने मना कर दिया। उसने फिर कहा तो बात इस पर बात तय हुई कि वो मेरी चूत चाटेगा। मैंने निखिल का लण्ड

हाथ में पकड़ा फिर चूसने लगी, लण्ड चूसने में बहुत मजा आ रहा था। करीब 10-15 मिनट तक मैंने उसका लण्ड चूसा फिर उसने मुझे उठाया और बेड पर लिटा दिया और मेरे ऊपर आ गया। अब वो मुझे चूमने लगा। फिर उसने मेरी जीन्स उतारी फिर मेरी

पैन्टी भी उतार कर फेंक दी। अब मैं पूरी नंगी थी। निखिल भी पूरा नंगा हो गया। मुझे बहुत मजा आ रहा था, मैंने कहा- अब मुझसे रहा नहीं जाता.. चोदो मुझे! निखिल ने मेरी चूत पर लण्ड रखा और फिर एक जोर का धक्का लगाया। मेरे मुँह से

“आ..आ..आ” की बहुत तेज चीख निकली जबकि अभी लण्ड पूरा चूत में गया भी नहीं था। निखिल ने मेरे होंठ अपने होंठों से बंद कर दिए। फिर दूसरे धक्के में लण्ड पूरा चूत में घुस गया। मुझे बहुत दर्द हो रहा था। निखिल ने फिर धक्के तेज

किए, कुछ ही धक्कों के बाद मुझे दर्द के साथ बहुत मजा आ रहा था। कुछ देर बाद निखिल ने अपना बहुत सारा वीर्य मेरे मम्मों पर गिरा दिया। मेरा अभी और चुदने का मन कर रहा था। मैंने निखिल से कहा- मुझे और चोदो। फिर हमने बहुत

सारी बातें की, निखिल मेरे ऊपर लेटा हुआ था। फिर निखिल ने मुझे दूसरी बार बहुत देर तक चोदा। मुझे बहुत मजा आया और ‘हाँ’ मेरी चूत से खून भी निकला..! यह मेरी सच्ची घटना है मुझसे जैसे भी बन पड़ा मैंने आपके सामने लिख दिया। अब

आप जो भी समझो सो मुझे अपना जवाब लिखो। Angellove0143@gmail.com

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