मेरी चूत छोटी है


Author :अभिलाष Update On: 2016-02-07 Views: 2577

अभिलाष कुमार दोस्तो, मेरा नाम अभिलाष है, मैं 25 साल का नौजवान युवक हूँ। मैं छत्तीसगढ़ रायपुर का रहने वाला हूँ। मेरा शरीर गठीला और बदन कसरती है और मैं दिखने में इतना हैंडसम तो हूँ कि कोई भी लड़की मुझे किसी भी चीज के

लिये मना ना करे, मेरी हाइट 5 फुट 10 इंच है और लण्ड का आकार 8 इंच मोटा और 3 इंच मोटा है। वैसे तो मैंने बहुत सी लड़कियों और भाभियों को चोदा है और यह कहानी भी उनमें से एक की है। ये बात 2008 की है और मैं उस समय बी.ए.प्रथम वर्ष में

था और गर्मियों की छुट्टी में अपने बस में वसूली के लिये जाता था। उसी दौरान मुझे बस में एक भाभी मिली जिसका नाम बीना था, वो अपने रिश्तेदार के घर शादी में जा रही थी। तब विनोद ने, जो मेरी बस में हेल्पर का काम करता था,

बताया कि वो मुझे बहुत देर से घूर घूर कर देख रही है। तब मैंने बीना को पहली बार देखा और देखता ही रह गया। वो दिखने में ज्यादा गोरी तो नहीं थी पर उसका फिगर ऐसा था कि जो भी उसे देखे बस देखता ही रह जाये और मेरा लण्ड तो उसे

देखते ही साथ खड़ा होने लगा था। मैंने उससे बात करने की सोची और जाकर उसके बगल में हिम्मत करके बैठ गया और थोड़ी हिम्मत करके उससे बात की। फ़िर वो भी मुझसे अच्छी तरह से खुल कर बात करने लगी और अपने बारे में सब कुछ बताया। तो

मैंने भी उसे अपने बारे में सब कुछ बताया और फ़िर उसका स्टॉप आने से पहले उसका हाथ पकड़ कर कहा- तुम मुझे बहुत अच्छी लगी और मैं तुम्हारे साथ समय बिताना चहता हूँ। तो उसने मेरे हाथों को अपने हाथों में दबाकर धीरे से कहा-

मैं भी ! और तब मैं तो खुशी से पागल ही हो गया और उसे अपने साथ रायपुर वापस ले आया और उसे विनोद के साथ एक होटल में रुकने के लिये भेज दिया और मैं जल्दी से अपना काम खत्म करने के लिये रुक गया। पर शायद मेरी किस्मत को उस दिन

कुछ और ही मंजूर था क्योंकि मेरे पापा ने मुझे तुरंत ही घर बुलाया था और मुझे जाना जरूरी था तो मैं तुरंत ही बीना के पास गया, उसे सब कुछ बताया। पहले तो वो मुझसे नाराज़ हुई पर मेरे समझाने पर वो समझ गई पर उसने मुझे विनोद

को उसके साथ छोड़ने को कहा। मैंने वैसा ही किया और उसे अगले दिन मिलने को बोल कर घर आ गया। रात भर मैं बीना के बारे में सोचता रहा और अगले दिन बस अड्डे पर उससे मिला और उसके चेहरे पर नाराज़गी के साथ एक खुशी भी थी तो मैंने

विनोद से रात के बारे में पूछा तो उसने कहा कि बीना बहुत ही ज्यादा सेक्सी है और उन दोनों ने रात भर चुदाई की है। पहले तो मुझे सुनकर गुस्सा आया पर साथ ही मेरी वासना भी भड़क उठी तो मैंने विनोद से कमरे का जुगाड़ करने को

कहा। वो हमें अपने घर ले गया जो रास्ते पर ही एक गाँव में था। हम उसके घर पहुँचे जहाँ सिर्फ विनोद की माँ थी और उसकी बीवी मायके गई हुई थी तो कोई टेंशन की बात नहीं थी। विनोद हमें अपने कमरे में छोड़कर नहाने चला गया। विनोद

के जाते ही बीना मुझसे लिपट गई और मुझे पागलों की तरह चूमने लगी तो मैंने भी उसका पूरा साथ दिया और उसे हर जगह चूमने लगा। तभी बीना ने मेरे से सिगरेट लेकर पी और धुआं मेरे मुँह पर छोड़ते हुए चुम्बन करने लगी। उसकी इस हरकत

से मैं पागल हो गया और उसके कपड़े फाड़ डाले, उसने मेरे कपड़े उतार दिए। और फ़िर तो हम दोनो ही एक दूसरे के हर अंग को चाटने और चूसने लगे। मैं उसकी चूचियों को दबा दबा कर चूसने लगा और वो मेरे सिर को दबाते हुए मेरे लौड़े को

सहलाने लगी, फ़िर मुझे खड़ा करके मेरे लौड़े को मुँह में लेते हुए अपनी चूत को सहलाते हुए मुझसे कहने लगी- अभिलाष तुम्हारा लौड़ा बहुत ही बड़ा और मोटा है, आज तक मैंने इतना बड़ा लौड़ा कभी नहीं लिया है ! मैंने कहा- तो आज ले लेना ना

मेरी जान… मेरा लौड़ा तो तुम्हारे लिये ही है। और फ़िर हम 69 की अवस्था में आ गये और एक दूसरे के अंगों को चाटने और चूसने लगे। मैं उसकी चूत को जीभ और उँगली से चोदने लगा और वो आहें भरती हुई मेरे लौड़े को चूसने लगी- आअ…हह ह हाँ

और चाटो… चूसो मेरी चूत को ! फ़िर मैंने उसे घोड़ी बनने को कहा तो वो घूम कर गाण्ड उठाकर चुदने को तैयार हो गई। मैं उसकी चूत को अपने लौड़े से सहलाकर धीरे धीरे डालने लगा तो वह चिल्लाते हुए कहने लगी- आआहह अभिलाष, धीरे से डालो

मेरी चूत तुम्हारे लौड़े के लिये छोटी है। मैंने कहा- तुमने तो कल ही विनोद से रात भर चुदवाया है तो इतना दर्द क्यों हो रहा है, विनोद ने तुम्हें अच्छे से नहीं चोदा क्या? तो बीना ने कहा- विनोद ने चोदा तो अच्छे से पर उसका

लौड़ा तुम्हारे जितना बड़ा नहीं है और मुझे वो मजा नहीं दिया जो मुझे तुमसे चाहिये था। तभी वहाँ विनोद आ गया और बोला- मादरचोद रंडी कल रात में मेरे से चुदवा रही थी तब तो ‘बहुत मजा आ रहा है’ बोल रही थी और अभी सेठ से चुदवा

रही है तो उनका लौड़ा ज्यादा मजेदार हो गया? तो बीना बोली- हाँ रे मादरचोद, तेरे से भी मजा आया लेकिन तेरे सेठ का लौड़ा तेरे से भी बड़ा और मोटा है और मुझे बहुत ज्यादा मजा दे रहा है। वैसे तेरा लौड़ा भी बहुत अच्छा है, मेरे पति

का तो बस 5 इंच का है लेकिन अब मैं डबल मजा लेना चाहती हूँ तो तू भी आ जा और जल्दी से मेरा मजा दुगुना कर दे। तो विनोद तौलिया खोल कर बीना के मुँह के तरफ़ चला गया तो बीना ने झट से विनोद का लौड़ा पकड़ कर अपने मुँह में ले लिया

और चूसने लगी और मैं पीछॆ से बीना की चूत चोदने लगा। अब मैं और विनोद मिलकर आगे पीछे से उसे चोद रहे थे और वो आहें भरते हुए हम लोगों से चुदवा रही थी। फ़िर बीना ने हम दोनों को साथ में चुदाई करने को बोला तो मैंने विनोद को

बिस्तर पर लेटने को कहा और बीना विनोद की ओर मुँह करके अपनी चूत सेट करके विनोद के लौड़े पर बैठ गई और मैंने खड़े होकर पीछे से बीना की गाण्ड में अपना लण्ड डाल दिया और फ़िर हम दोनों रगड़ रगड़ कर बीना को ऊपर नीचे से चोदने

लगे। बीना मदहोशी और मजे में चिल्लाने लगी- आ आ…ह ह हाँ चोदो… और जोर से… अच्छे से पूरा अंदर घुसा दो आ आ… ह ह भर दो मेरी चूत और गाण्ड को अपने लौड़े से… आ आ… स..स..आ..आ.ह..ह…हाँ…हाँ.. मादरचोदो बहुत दिन से ऐसी चुदाई के लिये मर

रही थी मैं… आ आ…..ह ह… और हम दोनो भी उसे पूरे ताकत से चोद रहे थे। फ़िर हमने अपनी जगह बदली अब मैं बीना की चूत चोदने लगा और विनोद बीना की गाण्ड मार रहा था तो विनोद बीना को बोलने लगा- मादरचोद रंडी, तेरी गाण्ड तो तेरी चूत से

भी मस्त है, कल रात को तो तू गाण्ड मराने से मना कर रही थी तो अभी क्या हुआ? बीना ने कहा- मैंने तुझे चूत मारने दी और गाण्ड को तेरे सेठ के लिये बचा कर रखा था… मादरचोद समझा? विनोद और जोर जोर से उसकी गाण्ड मारने लगा तो बीना

जोर से चिल्ला कर बोलने लगी- आ आ…ह…ह… हाँ ऐसे ही चोदते रहो जोर से… मैं झड़ने वाली हूँ। और वो झड़ गई। अब बारी हमारी थी तो उसने कहा- मैं तुम दोनों के माल से नहाना चाहती हूँ, तुम दोनों अपना माल मेरे ऊपर छोड़ना। वो नीचे बैठ

गई और मेरे और विनोद के माल को अपने मुँह चेहरे और सारे बदन पर लेने लगी, जितना माल वो पी सकती थी, पीकर बाकी का माल अपने चूचियों पर मल लिया और उठ कर बिस्तर पर लेट गई। मैं भी उसकी बगल में लेटकर उसकी चूचियों से खेलने लगा तो

विनोद ‘कुछ खाने को लेकर आता हूँ’ कह कर कपड़े पहनने के लिये जैसे ही मुड़ा तो देखा कि उसकी बीवी कमरे के दरवाजे पर खड़ी है और वो हम तीनों को नंगा देख रही थी। आगे की कहानी लिखने के लिये मुझे आपके मेल का इंतज़ार रहेगा। आगे

आपको पता चलेगा कि कैसे मैंने और विनोद ने उसकी बीवी और बीना को 3 दिनों तक साथ में चोदा।

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