कुंवारा लन्ड कुंवारी चूत


Author :Mr.X Update On: 2016-02-26 Views: 1747

सेक्सवासना के सभी पाठकों को मेरा नमस्कार ! मैं हरियाणे का रहने वाला हूँ और मेरी उम्र 25 साल है। मैं सेक्सवासना का नियमित पाठक हूँ। मैं जो कहानी लिख रहा हूँ वो बिल्कुल सच्ची है, इसमें थोड़ा सा भी झूठ नहीं है। आज तक

मैंने यह बात कभी किसी से नहीं कही लेकिन अब यह मैं आप सब के साथ बाँट रहा हूँ। मेरा लन एक अच्छी भली औरत की तसल्ली करवाने के लिए बहुत है। मैंने अभी तक एक ही लड़की की फुद्दी ली है। इस कहानी में मैं उस लड़की का नाम नहीं

लिख रहा हूँ क्योंकि में यह नहीं चाहता कि कोई उसका नाम जाने ! बात स्कूल के दिनों की है जब मैं बारहवीं कक्षा में पढ़ता था, तब हमारी क्लास में एक बहुत ही खूबसूरत लड़की पढ़ती थी, जिस पर हर कोई लाइन मारता था लेकिन वो मुझ पर

मरती थी और मेरा भी दिल उसे चोदने को बहुत करता था। लड़की इतनी खूबसूरत थी कि हर एक का लन उसे देख कर खड़ा हो जाता था। एक दिन मैंने उस लड़की से अपने प्यार का इजहार कर ही दिया और वो भी झट से मान गई जैसे वो पहले ही तैयार बैठी

थी। उस दिन हम दोनों इकट्ठे पैदल स्कूल से आये तो रास्ते में प्यार भरी बातें ही की। धीरे धीरे हमारा प्यार आगे बढ़ा तो मैंने उसे हाथ भी लगाना शुरू किया। आखिर वो घड़ी आ गई जिसका मुझे बेसब्री से इंतजार था, मैं उसके नाम की

कई बार मुठ भी मार चुका था। एक दिन जब हम घर को वापिस आ रहे थे, रास्ते में मैंने उसको पकड़ कर किस की। पहले तो उसने ना की लेकिन जब मैंने उसके होंटों को अच्छे से चूमा तो वो भी मेरा साथ देने लगी। उसने स्कर्ट और कमीज पहनी

हुई थी, मेरा हाथ धीरे धीरे उसके मम्मों पर गया और मैंने उन्हें मसलना शुरू कर दिया। वो भी गर्म हो गई, मैंने उसकी कमीज के ऊपर वाले दो बटन खोल कर अन्दर हाथ डाल दिया और उसके मम्मों को जोर से मसलने लगा। पहले तो उसने मुझसे

छुटने की कोशिश की लेकिन मैंने सोचा कि अगर मैं अब कुछ न कर पाया तो कभी भी कुछ नहीं कर पाऊँगा। फिर मैंने होंसला सा करके उसकी स्कर्ट के अन्दर भी हाथ डाल दिया। वो और गर्म हो गई। फिर मैंने अपना लन अपनी पैंट में से बाहर

निकाल दिया। तब तक उसे भी मजा आने लग गया था। जब मैंने अपना लन उसे पकड़ा दिया तो वि शरमा गईई और मेरी ओर देखने लगी। मैंने उसकी शर्म दूर करने के लिए उसका हाथ पकड़ कर आगे पीछे करना शुरू कर दिया और उसकी स्कर्ट को ऊपर उठा

दिया और उसकी फुद्दी के साथ अपना लन रगड़ दिया। वो भी अब पूरी तैयार हो गई थी। मैंने उसकी गीली हुई फुद्दी में अपना लन घुसाने की कोशिश की लेकिन उसकी फुद्दी बड़ी कसी थी क्योंकि अभी तक उसका मुहूर्त नहीं हुआ था, फिर मैंने

जोर लगा कर अपना सुपारा उसके अन्दर थोड़ा घुसो दिया तो वो दर्द से बिलबिला उठी। मैंने उसे दर्द से निजात दिलाने के लिए उसकी चूची अपने मुँह में ले ली और उसे मजा आने लगा। फिर मैंने अहिस्ता अहिस्ता अपना लन उसकी फुद्दी

में घुसेड़ना शुरू किया और वो भी मेरा साथ देने लगी। अभी मैंने अपना आधा लन ही उसके अन्दर डाला था, वो मजा लेने लगी, फिर मैंने आहिस्ता से अपना पूरा लन उसकी फुद्दी में डाल दिया और अन्दर-बाहर करने लगा। इस चुदाई का मजा

मैंने उसे घोड़ी बना कर लिया तो वो थोड़े ही समय के बाद झड़ गई और उसे बहुत मजा आया लेकिन झड़ने के बाद जैसे ही वो मेरा लन बाहर निकलने लगी तो मैंने उसे पीछे से पकड़ लिया। उसने मुझे छोड़ने को कहा तो मैंने कहा- रानी, अभी तो

तेरा काम हुआ है, मेरा अभी बाकी है। उसने कहा- तेरा काम कैसे होगा? तो मैंने उसे कहा- जब तू मेरा लन अपने मुँह में डाले तब ! उसने कहा- फिर क्या होगा? मैंने कहा- जैसे तेरे को मजा आया है, वैसे जब मेरे को मजा आएगा, तब मेरा

काम होगा। फिर उसने मेरे गीले लन को, जिस पर थोड़ा सा खून भी लगा हुआ था, को अच्छी तरह साफ़ किया और कहा- यह खून कहाँ से लगा? तो मैंने कहा- तेरी फुद्दी फटी है, उसमें से खून निकला है। और जब उसने अपनी फुद्दी को हाथ लगाया तो

उसमें से थोड़ा खून निकला, जिसे देख कर वो रोने लगी। मैंने सोचा कि यह तो पंगा खड़ा कर लिया है, इसे बताने की जरूरत ही नहीं थी। उसने कहा- अब यह खून निकलता रहेगा और मेरे घर वालों को पता चल जायेगा। मैंने उसे समझाया- ऐसा

सब लड़कियों के साथ होता है लेकिन किसी को कोई पता नहीं चलता। फिर वो थोड़ा सा चुप हो गई और सिसकारियाँ लेती हुई मेरे लन को अपने मुँह में डालने लगी। फिर क्या था, वो बड़ी मस्ती से अपने मुँह में लोलीपोप की तरह मजा लेने

लगी और करीब पाँच मिनट के बाद मेरा भी काम जब होने लगा तो मैंने जोर जोर से उसके मुँह में धक्के मारने शुरू किये। और जैसे ही मेरा काम हुआ तो मैंने अपना सारा माल उसके मुँह में ही उड़ेल दिया, जिसके बाद उसने भी उसे बड़े मजे

से पी लिया और कहने लगी- बड़ा मजा आया ! हम रोज ऐसा करेंगे ! उसके बाद हम लोग अपने अपने घर को चले गए।

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