ननद ने चोदना सिखाया

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Author :अनुराग Update On: 2016-03-07 Views: 1728

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम अनुराग है और में आज आप सभी के सामने अपनी एक कहानी पेश करने जा रहा हूँ जो कि मेरी अपनी एक सच्ची घटना है। दोस्तों यह बात उन दिनों की है जब मैंने कॉलेज में एड्मिशन लिया था। दोस्तों 12वीं तक की

पढ़ाई मैंने अपने गाँव से ही की थी, लेकिन हमारे गाँव में 12वीं के आगे की पढ़ाई का कोई भी साधन नहीं था तो इसलिए मुझे अपनी कॉलेज की पढ़ाई के लिए पास ही के शहर में जाना पड़ा। फिर मैंने एक अच्छे से कॉलेज में एड्मिशन ले लिया और

यह मेरा पहला ही मौका था जब में अपने घर से बाहर निकला था और इसलिए मेरे घर वाले भी थोड़ी चिंता में थे और में भी थोड़ी टेंशन में था। तभी हमारे घर मेरी मौसी जो अभी आगरा में रहती है और मेरी मम्मी से मिलने के लिए आ गई और

बातों ही बातों में जब उन्हें पता चला कि मेरा एड्मिशन पास के शहर में हो गया है तो उन्होंने मेरी मम्मी से कहा कि अनुराग के रहने का इंतज़ाम में करवा दूँगी, क्योंकि वहां पर मेरी छोटी ननद रेखा रहती है और उसके पति वहीं

पर एक बैंक में मेनेजर है और तब जाकर मेरे घर वालो की चिंता कुछ कम हुई। फिर उन्होंने कहा कि हम कल रेखा के घर चलेंगे और इसी बहाने में रेखा से भी मिल लूँगी और अनुराग के रहने का भी इंतज़ाम हो जाएगा। फिर अगले ही दिन पापा,

मम्मी, मौसी और में हम चारों शहर के लिए निकल पड़े। रास्ते में मेरी मौसी ने बताया कि रेखा की शादी को 9 साल हो गये है, लेकिन उसको अभी तक कोई औलाद नहीं है और उसका घर बहुत बड़ा है और रेखा के पति के ऑफिस चले जाने के बाद वो घर

पर बिल्कुल अकेली ही रह जाती है और जब अनुराग वहां पर रहेगा तो रेखा का अकेलापन भी दूर हो जाएगा। फिर हम लोग रेखा के घर पहुंच गये, जैसा कि मेरी मौसी ने हमें बताया था कि उनका घर एक शानदार बंगला था और रेखा पूरे दिन उसमें

अकेली ही रहती थी तो रेखा ने बड़े प्यार से हमारा स्वागत किया और मौसी की सारी बात सुनकर वो बड़ी खुश हुई और बोली कि में तो कब से इंतजार कर रही थी कि कोई आकर हमारे घर पर रहे और मेरी अपनी कोई औलाद नहीं है तो में इसे अपने

बेटे की तरह ही रखूँगी। फिर उसके बाद मेरे घर के सारे लोग मुझे वहां पर छोड़कर वापस आ गये। दोस्तों रेखा की उम्र 35 साल थी और वो भरे हुए बदन वाली एक बड़ी ही गोरी और सुंदर औरत थी। उसकी हाईट करीब 5.7 थी और उसके फिगर का साईज

करीब 36-30-38 होगा और अगर गौर से देखा जाए तो उसका फिगर और सूरत किसी फिल्म हिरोइन से मिलती थी। फिर शाम को उसका पति मुकेश ऑफिस आ गया, वो भी एक अच्छा खासा था और उसकी आदत भी बहुत अच्छी थी। मुकेश ने मुझे मेरा रूम दिखा दिया और

जब में अपना सारा सामान अपने रूम में लगा ही रहा था कि तभी वहां पर रेखा आ गई और फिर वो मुझसे बोली कि बेटा नहाकर नीचे आ जाओ और कुछ खा लो। फिर में नहाने चला गया और नहाते समय मेरा लंड खड़ा हो गया और मैंने अपना सबसे पसंद का

काम (मूठ मारना) निपटा दिया। दोस्तों रेखा वैसे दिखने में तो मुझे बहुत सुंदर लगी, लेकिन पहले उसकी चूत लेने का ख्याल मेरे मन मे नहीं आया, क्योंकि हम लोगों की अभी नयी नयी जान पहचान थी। फिर नहाकर में सीधा नीचे चला गया

और खाना खाने के साथ साथ हमने बहुत सारी बातें भी की और में मन ही मन बहुत खुश था कि चलो भगवान की दया से मुझे रहने के लिए एक अच्छी जगह मिल गयी है, लेकिन तब तक मुझे यह बात नहीं पता थी कि मुझे चूत के दर्शन भी यहीं पर होंगे?

फिर में खाना खाकर अपने कमरे में सोने चला गया और जब अगले दिन सुबह में उठा तो मैंने देखा कि दस बज चुके है और मुझे कॉलेज भी जाना था इसलिए में हड़बड़ाकर उठा और जल्दी जल्दी नहाया। फिर तैयार होकर नीचे चला गया और मैंने

नीचे जाकर देखा तो वहां पर कोई भी नहीं था, क्योंकि तब तक मुकेश अपने ऑफिस चला गया था और रेखा पता नहीं कहाँ थी और जब मैंने आवाज़ लगाई तो कोई नहीं बोला और अब में चुपचाप वहीं पर बैठ गया और रेखा के आने का इंतजार करने लगा।

फिर मुझे इंतजार करते हुए करीब 20-25 मिनट हो गये, लेकिन तब तक कोई नहीं आया। फिर मैंने सोचा कि चलो चलकर आज पूरा घर ही देख लिया जाए और में सारे कमरो में अंदर जाकर देखने लगा। मैंने सारे कमरे देख लिए, लेकिन एक कमरा जो

बिल्कुल कोने में था तो वो मुझसे छूट गया। फिर मैंने सोचा कि चलो इस कमरे में भी घूम लिया जाए और यह बात सोचकर में उस कमरे की तरफ चल दिया तो वो एक आलीशान बेडरूम था और में जब उस कमरे के अंदर घुसा तो मेरी आखें खुली की खुली

रह गई। मैंने देखा कि उस कमरे में रेखा सो रही थी और उसने गुलाबी कलर की जालीदार मेक्सी पहन रखी थी और वो मंद मंद चलने वाली हवा से उसके पैरों से हटकर अब उसके पेट तक आ चुकी थी। दोस्तों मैंने इतनी गोरी और चिकने पैर आज तक

कभी नहीं देखे थे और मेरा लंड पूरी तरह तनकर खड़ा हो गया था, लेकिन मैंने जैसे तैसे अपने आप पर बहुत कंट्रोल किया और फिर दरवाजा बजाया, लेकिन फिर भी वो नहीं उठी तो मैंने सोचा कि में रेखा को हिलाकर जगा दूँ और जैसे ही में

उसे हिलाकर जगाने के लिए आगे बढ़ा तो वो एकदम से उठकर बैठ गई और बोली कि क्या हुआ तुम यहाँ पर कैसे? तो में एकदम से सकपका गया और फिर मैंने उससे बोला कि में आपको बहुत देर से जगाने की कोशिश कर रहा हूँ, लेकिन आप तो बड़ी गहरी

नींद में सो रही थी। फिर उसने मुझे बताया कि मुकेश को ऑफिस भेजने के बाद मैंने दवाई ली थी और उस दवाई में एक गोली ऐसी है जिसे खाने के बाद मुझे बहुत जबरदस्त नींद आती है, इसलिए मेरी आँख लग गयी थी और में भी तुम्हे देखने ऊपर

गयी थी, लेकिन तुम भी उस समय बहुत गहरी नींद में सो रहे थे। दोस्तों वैसे मुझे वहां पर रहते हुए लगभग एक सप्ताह हो चुका था और उस दिन रेखा के गोरे गोरे पैर देखने के बाद मेरा मन पूरी तरह से उसको चोदने का ही करता रहता था और

मैंने एक सप्ताह में यह भी महसूस कर लिया था कि उसका भी मन मेरे लंड का स्वाद चखने का है और एक दिन वो दिन आ ही गया जब रेखा और मेरे बीच कुछ शुरुवात हुई। दोस्तों यह बात गर्लफ्रेंड से शुरू हुई थी। हुआ यह कि मुकेश को अपने

ऑफिस के किसी काम की वजह से दो सप्ताह के लिए बाहर जाना पड़ा और अब घर पर केवल हम दोनों ही रह गये। मुकेश के जाने के एक दिन बाद हम दोनों सुबह की चाय पी रहे थे तो रेखा ने मुझसे कहा कि अनुराग तुम मुझे एक बात सच सच बताओगे? तो

मैंने कहा कि हाँ पूछिए तो रेखा ने कहा कि तुम्हारी क्या कोई गर्लफ्रेंड है या नहीं? फिर मैंने मुस्कुराते हुए कहा कि नहीं मुझे लड़कियों से शर्म आती है, इसलिए मैंने कभी कोशिश नहीं की। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट

कॉम पर पड़ रहे है। फिर रेखा ने मुझसे पूछा कि लड़कियों में तुम्हे सबसे ज़्यादा क्या पसंद आता है? तो में बहुत गहरी सोच में पड़ गया कि अब में इसे क्या जवाब दूँ? लेकिन मैंने बहुत हिम्मत की और बोला कि जो चीज मुझे पसंद है

वो में ऐसे बता नहीं सकता? फिर रेखा ने कहा कि अच्छा ऐसा है तो तुम मुझे किसी पेपर पर लिखकर बता दो। फिर मैंने कहा कि नहीं आप बुरा नहीं मानो तो में ऐसे ही बता सकता हूँ, क्योंकि उसकी ऐसी बातें सुनकर मेरी हिम्मत थोड़ी बढ़

गयी थी। फिर रेखा ने कहा कि में क्यों भला बुरा मानूंगी, क्योंकि तुम मेरे बारे में थोड़े ही कुछ कह रहे हो? चलो अब जल्दी से बताओ कि तुम्हे लड़की मे सबसे ज्यादा की क्या पसंद है? फिर मैंने कहा कि मुझे सबसे ज़्यादा उनके

बूब्स अपनी तरफ आकर्षित करते है। फिर रेखा ने मेरी तरफ घूरते हुए मुझसे कहा कि तू सूरत से तो बड़ा सीधा लगता है, लेकिन वैसे तू बड़ा तेज है और मुस्कुराती हुई वहां से उठ गई, लेकिन दोस्तों रेखा ने मेरा मौसम पूरी तरह से

बिगाड़ दिया था और अब मेरे पास मुठ मारने के अलावा कोई और चारा भी नहीं था तो इसलिए में अपने रूम की तरफ चल दिया और रूम में घुसते ही मैंने दरवाजा बंद किया और नंगा होकर मुठ मारने लगा और मुठ मारने की जल्दबाज़ी में मैंने

दरवाजा भी पूरी तरह से बंद नहीं किया था और मैंने अपने लंड को इतना बेकरार और इतना टाईट कभी महसूस नहीं किया था जितना कि उस दिन कर रहा था और मेरे लंड का साईज़ भी अब बहुत बड़ा हो गया था और मुठ मारते हुए मुझे कुछ आहट महसूस

हुई तो मैंने दरवाजे की तरफ देखा तो सामने रेखा चाय का कप अपने हाथ में लेकर खड़ी हुई थी। तभी अचानक उसे वहां पर देखते ही मेरी सिट्टी पिट्टी गुम हो गई और उसने गुस्से में मेरी तरफ देखा और बोली कि यह क्या कर रहे हो तुम?

और तुमने अपने सारे कपड़े क्यों नहीं पहने है? तो में एकदम से बहुत घबरा गया और घबराहट में मैंने अपने लंड को अपने हाथ से दबा लिया, लेकिन लंड अब भी पूरे जोश में था इसलिए वो मेरे काबू में नहीं आया और फनफनाता हुआ मेरे हाथ

से फिसलकर छूट गया और अब मेरा खड़ा हुआ लंड रेखा के बिल्कुल सामने था। रेखा ने जब उसे देखा तो वो मुझसे बोली कि थोड़ी शर्म कर और इसे काबू में रख, अब तेरी शिकायत में मुकेश से करूँगी कि तू अपने रूम में नंगा रहता है और बहुत

ग़लत काम करता है और इतना कहकर वो वहां से चली गई, लेकिन अब डर के मारे मेरा बहुत बुरा हाल हो गया था। फिर मैंने जल्दी जल्दी कपड़े पहने और नीचे आ गया और रेखा से आग्रह करने लगा कि वो किसी को कुछ नहीं बताए। तभी वो अचानक

मुस्कुराने लगी और बोली कि तू मुझे एक सवाल का जवाब दे तो में किसी को नहीं बताउंगी। फिर मैंने कहा कि हाँ पूछिए तो वो बोली कि एक बात बता तेरी उम्र तो 18 साल है तो तूने कभी किसी लड़की के साथ कभी सेक्स नहीं किया है। फिर

मैंने कहा कि हाँ मैंने कभी बूब्स भी नहीं देखे। फिर बहुत ज़ोर से हंसी और बोली कि इतना मोटा और लंबा क्या हाथ मार मारकर ही किया है? में उसकी बातें सुनकर हक्का बक्का रह गया और मन ही मन खुश भी हो गया कि शायद आज चूत के

दर्शन हो जाए और इतना कहकर मुझे अपने पीछे आने का इशारा करते हुए वो बाथरूम की तरफ चल पड़ी और बोली कि क्या तू मेरा एक काम करेगा? फिर में बोला कि आप जो बोलोगी में वो सब करूँगा बस आप किसी को बताना मत। फिर वो हँसी और बोली कि

तुझे अब भी लगता है कि में किसी को कुछ बताने वाली हूँ? फिर उसने मेरी तरफ देखा और बोली कि मैंने तेरी माँ से कहा था कि तुझे अपने हाथ से कोई काम करने की ज़रूरत नहीं है, में उसका पूरा ध्यान रखूँगी, लेकिन तू तो अपने हाथ से

काम करने लग गया तो अब तेरी माँ को दिया हुआ वादा तो निभाना ही है ना। चल आ जा यह काम मुझे अपने हाथों से ही कर देने दे और फिर इतना कहकर उसने मेरी पेंट को नीचे सरका दिया और मेरा लंड जो कि लोहे की तरह सख्त हो रहा था तो उसको

अपने हाथों में पकड़ लिया और बोली कि बाप रे तू तो पतला सा है और सारा माल इसी को खिलाता है क्या? फिर मैंने उससे पूछा कि क्यों आपके पति का इतना बड़ा नहीं है? तो बोली कि नहीं उनका तो 4 इंच का है और बहुत पतला सा है और उनसे तो

कुछ नहीं हो पाता, इसलिए मेरे 9 साल से औलाद नहीं हो रही और शादी के बाद से कभी भी मैंने सेक्स का भरपूर आनंद नहीं उठाया है। फिर मैंने पूछा क्यों और शादी से पहले? तो वो मुस्कुराई और बोली कि मैंने अपनी चुदाई 12वीं क्लास से

ही करवानी शुरू कर दी थी, क्योंकि उस समय मेरा मेरे क्लास टीचर से अफेयर था और वो भी एकदम जवान था और उसका लंड भी तेरे लंड जैसा ही मजबूत और बड़ा था तो पहली बार उसने अपने घर पर मुझसे जबरदस्ती की थी, लेकिन मुझे इतना मज़ा

आया कि मैंने किसी से शिकायत करने की बजाए उससे लगातार चुदने का मन बना लिया और शादी तक उसने मुझे बहुत बार चोदा। रेखा ने मेरा लंड अपने मुहं में डाल लिया और चूसने लगी। में तो जैसे स्वर्ग में ही पहुंच गया और वो इस कदर

मेरे लंड को चूस रही थी कि जैसे मेरे लंड को पिचका ही देगी। में भी जल्दी में था कि कब उसके बूब्स और चूत के दर्शन हो? लेकिन वो लंड चूसने में इतनी व्यस्त थी कि वो मेरे लंड को अब छोड़ ही नहीं रही थी। फिर मैंने उससे कहा कि

क्यों सारा माल चूसकर ही ख़त्म करना है क्या? तो वो बोली कि आज सबसे पहले मुझे इसका रस पीने दो तभी में तुम्हे कुछ करने दूँगी और करीब दस मिनट तक लंड चूसने के बाद मेरा मौसम बनने लगा। फिर मैंने उससे कहा कि अब मेरा काम होने

वाला है, क्या में इसे बाहर निकाल लूँ? लेकिन वो तो जैसे सुन ही नहीं रही थी और लगातार चूसे जा रही थी। फिर इतने में ही मैंने पिचकारी को उसके मुहं में छोड़ दिया, लेकिन वो फिर भी चूसती रही और उसने लगातार चूस चूसकर मेरे

लंड को बिल्कुल साफ कर दिया और सारा माल पी गयी और फिर उसके ऐसा करने से मुझे बड़ा मज़ा आया और गुस्सा भी बहुत आया कि मुझे चूत के दर्शन आज भी नहीं हो पाएँगे, लेकिन अब वो उठी और बोली कि अब तुम्हारी बारी है जो चाहो कर लो।

दोस्तों अब मेरी ख़ुशी का बिल्कुल भी ठिकाना नहीं रहा, लेकिन में तो गांड का प्रेमी था तो चूत के नाम से थोड़ा नर्वस हो गया था, लेकिन फिर भी मैंने हिम्मत नहीं हारी और काम सम्भालने के लिए एकदम तैयार हो गया। फिर मैंने

रेखा से कहा कि इसे फिर से चूसकर ज़रा तैयार तो करो और इतना सुनते ही वो फिर से मेरे लंड को चूसने लगी, लेकिन पता नहीं उसे क्या हुआ कि उसने एकदम झटके से मेरा लंड अपने मुहं से बाहर निकाल दिया और बोली कि क्या में अकेली ही

मेहनत करूं? फिर में बोला कि नहीं, बताओ मुझे क्या करना है? तो वो बोली कि तुम मेरी चूत को चूसो और में तुम्हारा लंड। मुझे इसका बिल्कुल भी अनुभव नहीं था, इसलिए में समझ नहीं पा रहा था कि यह एक साथ कैसे मुमकिन होगा और फिर

मैंने उससे पूछा कि कैसे करूं? तो वो बोली कि अब मुझे यकीन हो गया है कि तुम चूत के मामले में एकदम अनाड़ी हो और वो बोली कि आज में तुम्हे एक सेक्स पोज़िशन के बारे में बताउंगी जिसे 69 कहते है। फिर उसने मुझे अपने ऊपर लेटाया

और अपनी चूत पर मेरा मुहं रख दिया और फिर खुद ही मेरे लंड पर उसका मुहं आ गया और फिर मैंने मन ही मन सोचा कि यह तो पूरी खिलाड़ी है यार और अब हम दोनों ने अपना अपना काम शुरू कर दिया और रेखा की चूत एकदम गरम हो चुकी थी और उसकी

चूत से लगातार पानी बहकर बाहर निकल रहा था और उसकी चूत से इतना पानी निकल रहा था कि मेरा मुहं पूरी तरह से गीला हो गया और अब वो बिल्कुल पागल सी हो गयी थी और चूत में लंड लेने के लिए बिल्कुल तैयार थी। तभी कुछ देर बाद उसने

मुझसे कहा कि अनुराग जल्दी कर और अपने लंड की गर्मी से मेरी चूत को पिघला दे। दोस्तों में तो बहुत समय से यह सब करने के लिए बिल्कुल तैयार था और अब में उठकर खड़ा हुआ और मैंने अपना लंड उसकी चूत के मुहं पर रखकर अंदर की तरफ

एक जोरदार धक्का दे दिया और पहली ही कोशिश में मेरा पूरा का पूरा लंड उसकी गुफा जैसी चूत में समा गया। दोस्तों आज पहली बार मुझे महसूस हुआ कि चूत अंदर से कितनी गरम होती है और में तो सोच रहा था कि इतना मोटा और गरम लंड से

यह पिघल जाएगी, लेकिन मुझे तो कुछ देर बाद अपना लंड ही पिघलता हुआ महसूस होने लगा था और फिर मैंने उसे बहुत बुरी तरह से ताबड़तोड़ धक्के देकर चोदना शुरू कर दिया और उसकी सिसकियों की आवाज से मेरी हिम्मत और भी बड़ती जा रही

थी ओहहह्ह्ह्हह हाँ और तेज प्लीज ओह ऑश और ज़ोर से चोदो मुझे, हाँ और ज़ोर से। फिर करीब दस मिनट तक लगातार जबरदस्त उछलकूद करने के बाद उसने मुझे कसकर अपनी बाहों में जकड़ लिया और नीचे से धक्के देकर मेरा पूरा साथ देने लगी

और अब उसकी सिसकियाँ शोर में बदल गयी और तेज़ी से कमर हिलाते हिलाते वो एकदम से निढाल हो गयी, लेकिन मेरे अंदर जान अभी भी बाकी थी और में भी उसे पूरे जोश में धक्के मार रहा था, लेकिन उसने मेरा साथ देना बंद कर दिया था और वो

मुझसे बोली कि मुझे तुम्हारा वीर्य पीना है तो अपना लंड निकालकर मेरे मुहं में डाल दो प्लीज और अब मुझे भी अपना लंड चुसवाने का मन कर रहा था और लंड की सफाई भी करवानी थी इसलिए मैंने

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