Home
Category
Sex Tips
Hinglish Story
English Story
Contact Us

दीदी की चूत का जलवा


दोस्तों ये कहानी आप सेक्सवासना डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम रेहान है और में सेक्सवासना डॉट कॉम पर सेक्सी कहानियों का बहुत बड़ा फेन हूँ। मुझे इसकी सभी कहानियाँ पढ़ना बहुत अच्छा लगता है और में इसको बहुत सालों से पढ़ता आ रहा हूँ और में बहुत मज़े करता

हूँ। दोस्तों में आज जो कहानी आप सभी को सुनाने जा रहा हूँ यह मेरी एक सच्ची घटना है जो कि मेरी चचेरी बहन जो मुझसे से उम्र में तीन साल बड़ी है उसकी है और सबसे पहले में उसका और अपना परिचय आप सभी से करवा देता हूँ। मेरी

उम्र अभी 25 साल है और में दुबई में एक बहुत बड़ी कम्पनी में काम करता हूँ और मेरी बहन जिसका नाम नाज़िया है वो अभी 28 साल की और उसकी शादी हो चुकी है। नाज़िया बहुत ही सुंदर गोरे रंग की और शुरू से बहुत हॉट, सेक्सी लड़की है और

यह बात कुछ साल पुरानी है जब में 20 साल का था और वो 23 साल की थी। तब मेरे स्कूल की छुट्टियों में मेरे चाचा जी गावं से मुझे लेने आते थे और में उनके साथ चला जाता था। मेरे चाचा जी गावं के एक पोस्ट ऑफिस में काम किया करते थे और

चाची जी घर का काम करती थी। उनकी यह एक ही बेटी थी जिसका नाम नाज़िया था। फिर एक बार में और नाज़िया दीदी बाहर आँगन में बैठे हुए कुछ बातें कर रहे थे कि तभी अचानक दीदी ने मुझसे कहा कि तुम दस मिनट इंतजार करो और में अभी

आती हूँ। मैंने पूछा कि आप कहाँ जा रही हो? तो वो हंसकर बोली कि में बाथरूम जा रही हूँ और यह बात सुनकर मुझे कुछ कुछ होने लगा और में भी धीरे से उनके पीछे पीछे चला गया। वो बाथरूम के अंदर चली गयी और में बाहर धीरे से वहां पर

जाकर रुक गया। तभी मेरी नज़र नीचे दरवाजे पर गई जहाँ पर थोड़ी सी खुली जगह थी और मैंने वहां से अंदर देखा तो में एकदम चकित होकर देखता ही रह गया, क्योंकि दीदी नीचे बैठकर पेशाब कर रही थी और उनकी वो गोरी गोरी चूत और हल्के

हल्के बाल में तो एकदम दीवाना ही हो गया था, क्योंकि मैंने ऐसी गुलाबी चूत पहले कभी नहीं देखी थी। फिर दीदी ने पानी से अपनी चूत को धोया और उठने लगी तभी में वहां से भाग आया और फिर चुपचाप अपनी जगह पर बैठ गया। फिर तो बस

में रोज़ ही इस बात का इंतज़ार करता कि दीदी कब बाथरूम जाएगी और में उनकी नंगी सुंदर चूत को देखूंगा? फिर मुझे कम से कम चार से पांच बार फिर से ऐसा ही मौका मिला और मैंने दीदी की चूत को जी भरकर देखा। एक दिन में कुछ सामान

लेने बाहर मार्केट गया हुआ था और जब में सामान लेकर वापस आया तो मैंने देखा कि चाची सो रही है, लेकिन मुझे नाज़िया दीदी कहीं भी नज़र नहीं आई तो में बाहर बाथरूम के पास गया तो मुझे पानी की आवाज़ आने लगी और अब में समझ गया

कि दीदी अंदर ही है और टाईम ना खराब करते हुए में नीचे बैठकर देखने ही लगा था कि तभी दीदी ने अचानक से दरवाजा खोल दिया और अब उन्होंने मुझे देख लिया और वो समझ गई। फिर उन्होंने मुझे बहुत डांटा और बहुत गुस्सा हुई और कहा कि

तुम कितने गंदे हो, क्या तुम्हे शरम नहीं आती अपनी दीदी को इस तरह देखते हुए? रूको में अभी अम्मी को बताती हूँ। में बहुत डर गया और फिर मैंने दीदी से माफी माँगी और कहा कि में फिर कभी ऐसा नहीं करूंगा, प्लीज मुझे माफ़ कर दो,

प्लीज यह बात किसी को मत बताना वर्ना मेरी बहुत पिटाई होगी। फिर मेरे बहुत समझाने पर दीदी मान गई और फिर उन्होंने मुझसे पूछा कि यह बताओ तुमने मुझे पेशाब करते हुए कितनी बार देखा है? तो मैंने कहा कि सिर्फ चार बार और फिर

वो बहुत गुस्से में वहां से चली गई और उन्होंने दो दिन तक मुझसे बात नहीं की। फिर चाची ने एक दिन कहा कि क्या बात है तुम दोनों का कोई झगड़ा हुआ है क्या? तो मैंने कहा कि नहीं एसी कोई बात नहीं है, बस ऐसे ही थोड़ा सा। फिर उसके

अगले दिन दीदी मुझसे बोली कि आज हमे आँगन की सफाई करनी है तो तुम मेरे साथ मेरी मदद करना, मैंने कहा कि ठीक है और मैंने उनकी सफाई में पूरी पूरी मदद की और फिर दो दिन बाद हम सब खाना ख़ाकर बैठे हुए थे और उस समय रात के करीब 9

बजे थे कि तभी अचानक से लाईट चली गई तो चाची ने मोमबत्ती जलाई और हम फिर आँगन में आ गये। अब चाचा सोने चले गये और चाची को भी नींद आ रही थी। तभी दीदी ने कहा कि रेहान मेरे साथ आना। फिर उन्होंने मुझे एक मोमबत्ती दे दी और

मुझसे कहा कि चलो, वो मुझे बाथरूम के पास ले गई और कहा कि तुम यहीं पर रूको मुझे बाथरूम जाना है और फिर वो मुझसे मोमबत्ती लेकर बाथरूम के अंदर चली गई और जैसे ही दीदी दरवाजे को अंदर से बंद करने लगी तो मैंने उनसे कहा कि

दीदी यहाँ पर बहुत अंधेरा है और मुझे अँधेरे में डर लगता है, प्लीज तुम दरवाज़ा बंद मत करो। तो दीदी फिर गुस्सा हो गई और कहा कि तुझे शर्म नहीं आती ऐसा कहते हुए, में तेरी बहन हूँ? और में यहाँ पर तेरे सामने पेशाब करूं? फिर

मैंने कहा कि तो क्या हुआ दीदी मैंने तो इससे पहले भी कई बार आपको पेशाब करते हुए देखा है ना? तो वो बोली कि चुप बेशर्म कहीं का, लेकिन मैंने फिर भी उनसे आग्रह किया और कहा कि में वहां पर नहीं देखूंगा, लेकिन आप दरवाजा बंद

ना करे। दोस्तों ये कहानी आप सेक्सवासना डॉट कॉम पर पड़ रहे है। फिर दीदी ने कहा कि ठीक है, लेकिन सबसे पहले तुम अपना मुहं उस तरफ करो और फिर मैंने जैसे ही अपना मुहं दूसरी तरफ किया तो दीदी झट से पेशाब करने नीचे बैठ गई और

अब उनका पेशाब निकलते ही सू सू की आवाज़ सुनते ही मेरी धड़कने तेज हो गई और मैंने धीरे से पलटकर देखा, लेकिन मुझे कुछ साफ नज़र नहीं आया। फिर दीदी ने चूत को पानी से धोया और हम वापस आ गये। फिर एक रात को जब हम सो रहे थे तभी

अचानक से मैंने देखा कि दीदी की मेक्सी के बटन खुले हुए थे शायद ज्यादा गर्मी की वजह से दीदी ने खोले होंगे, मुझे उनकी गोरी गोरी छाती साफ साफ दिखाई दे रही थी तो मैंने थोड़ी हिम्मत करके उन पर हाथ रख दिया। दीदी उस समय बहुत

गहरी नींद में थी और मेरे हाथ रखने का उन्हे कुछ भी पता नहीं चला तो मैंने हाथ को थोड़ा अंदर किया और धीरे धीरे ब्रा के अंदर करने लगा। तभी मुझे उनके बूब्स पर आगे की तरफ बढ़ते हुए निप्पल का स्पर्श हुआ, अब मेरा लंड तो एकदम

से खड़ा हो गया था और पूछो ही मत उस समय मेरा क्या हाल था? फिर कुछ देर ऐसे ही मज़े लेकर में भी सो गया और अब में हर रोज़ रात को मौका देखकर यही सब करता रहा, लेकिन इस बीच दीदी एक बार भी नहीं जागी तो मेरी हिम्मत अब धीरे धीरे

बढ़ने लगी और फिर एक रात को मैंने दीदी की सलवार का नाड़ा थोड़ा ढीला किया और अंदर हाथ डाल दिया। अंदर दीदी ने पेंटी नहीं पहनी हुई थी तो इसलिए मुझे ज़्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ी और अब मेरा हाथ दीदी की चूत पर फिसल रहा था और

उनकी चूत के बाल एकदम मुलायम और छोटे छोटे थे। में अपने हाथ को थोड़ा आगे की तरफ ले गया और उनकी चूत के बीच में डालने की कोशिश करने लगा, लेकिन तभी अचानक से दीदी ने करवट ले ली और में डरकर सो गया और फिर दो दिन तक ऐसा ही चला और

एक दिन दीदी ने मुझे पकड़ लिया, लेकिन फिर भी उन्होंने मुझसे कुछ नहीं कहा। उसके अगले दिन दीदी ने मुझसे पूछा कि तुम कल रात को क्या कर रहे थे? तो मैंने डरते हुए कहा कि कुछ नहीं। फिर दीदी ने कहा कि तुम मुझसे झूठ मत बोलो,

मुझे सब कुछ पता है कि कल रात तुम मेरी सलवार के अंदर अपना हाथ डालकर मेरी चूत में उंगली कर रहे थे, क्यों मैंने ठीक कहा ना? अब में बिल्कुल खामोश हो गया और मैंने कहा कि सॉरी दीदी, लेकिन दीदी ने कहा कि कल रात पहली बार मुझे

भी तुम्हारा मेरी चूत में उंगली करना बहुत अच्छा लगा। में तो बहुत खुश हो गया, लेकिन दीदी ने कहा कि किसी को बताना नहीं, मैंने कहा कि ठीक है फिर जब भी दीदी बाथरूम में पेशाब करने जाती में भी उनके साथ जाता और अब दीदी मेरे

सामने ही अपनी सलवार को उतारकर पेशाब करती और में बहुत करीब से उनकी चूत को गौर से देखता रहता। फिर एक दिन मैंने दीदी से कहा कि दीदी आप पेशाब करना और में आपकी चूत को पानी से साफ करूंगा, दीदी ने कहा कि ठीक है। फिर दीदी ने

पेशाब किया और मैंने पानी से उनकी चूत को धोया और उसी समय चूत के अंदर उंगली भी की, उससे दीदी खुश हो गयी और फिर तो हर रोज़ यही सब होने लगा, दीदी को नहाना होता या पेशब करना होता तो वो मुझे अपने साथ लेकर जाती और में उनकी

चूत में बहुत देर तक उंगली करता। फिर एक रात को मैंने दीदी से कहा कि दीदी मुझे आपका दूध पीना है तो वो बोली कि मुझे दूध नहीं आता। फिर मैंने कहा कि अच्छा, लेकिन एक बार निप्पल तो चूसने दो। फिर दीदी ने अपने एक बूब्स को

बाहर निकालकर मेरे मुहं में दिया और फिर में चूसता रहा और एक हाथ की उंगली को उनकी चूत में करता रहा। अब तक मेरा लंड तनकर खड़ा हो गया था तो मैंने दीदी से कहा कि दीदी आप मेरा लंड अपने हाथ में पकड़ो ना और दीदी ने पकड़

लिया। फिर मैंने दीदी से कहा कि दीदी में आपसे एक बात कहूँ, कहीं आप बुरा तो नहीं मनोगी? दीदी ने कहा कि हाँ बोलो क्या बात है? तो मैंने उनसे कहा कि आप एक बार मेरा लंड चूसो ना प्लीज। दीदी पहले तो वो मुझसे मना कर रही थी,

लेकिन मैंने जब उनको बहुत देर तक समझाया तो वो मान गई और मेरा 5 इंच का लंड मुहं में लेकर चूसने लगी और तभी मैंने पहली बार दीदी की चूत को चाटा और उनका सारा चूत का रस पी गया और दीदी भी मेरे लंड से बाहर निकला गरम सफेद जूस

(वीर्य) पी गयी। मैंने उनके साथ ऐसा तब तक किया जब तक में वहां पर रहा, लेकिन मैंने उन्हे कभी नहीं चोदा ।।
दोस्तों आज की एक और नई सेक्स कहानी पड़ने के लिये यहाँ क्लिक करें।
Notice For Our Readers

दोस्तो डाउनलोड क्र्रे हमारा अफीशियल आंड्राय्ड अप (App) ओर अनद लीजिए सेक्स वासना कहानियो का . हमारी अप(App) क्म डेटा खाती है और जल्दी लोड होती है 2जी नेट मे वी ..अप(App) को आप अपने फोन मे ओपन रख सकते है

अप(App) का डिज़ाइन आपकी प्राइवसी देखते हुए ब्नाई गयइ है.. अप(App) का अपना खुद का पासवर्ड लॉक है जिसे आप अपने हिसाब से सेट कर सकते ह .जिसे दूसरा कोई ओर अप(App) न्ही ओपन क्र सकता है और ह्र्मारी अप(App) का नाम sxv शो होगा आफ्टर इनस्टॉल आपकी गॅलरी मे .

तो डाउनलोड करे Aur अपना पासवर्ड सेट क्रे aur एंजाय क्रे हॉट सेक्स कहानियो का ...
डाउनलोड करने क लिए यहा क्लिक क्रे --->> Download Now Sexvasna App

हमारी अप कोई व किसी भी तारह के नोटिफिकेशन आपके स्क्रीन पर सेंड न्ही करती .तो बिना सोचे डाउनलोड kre और अपने दोस्तो मे भी शायर करे

   Please For Vote This Story
1
0