नेहा की बजाया कार में


Author :देव Update On: 2016-03-14 Views: 1739

हाय दोस्तो मेरा नाम देव है। और में दिल्ली का रहने वाला हूँ। में उम्मीद करता हूँ कि आप लोगो को मेरी पिछली दोनो कहानीयां बहुत अच्छी लगी। तो दोस्तो मे अपनी कहानी शुरू करता हूँ। ये कहानी मेरी नई गर्लफ्रेंड नेहा की

है। नेहा मेरे दोस्त रवि की बहन थी और उसकी उम्र 23 साल थी। वो दिखने मे बहुत ही सुंदर लगती है। उसका फिगर 32-26-34 था। मुझे वो बहुत अच्छी लगती है। में उसे चोदना चाहता था। रवि के घर में मम्मी – पापा और उसकी बहन नेहा थी। में

हमेशा अपने दोस्त रवि के घर जाता रहता था। वहाँ पर नेहा भी होती थी। में उसे बहुत घूरता था। पर वो नॉर्मल बिहेव करती है। एक दिन मे उसके घर गया। तो वहाँ पर रवि नहीं था और अंकल आंटी भी कहीं गये हुए थे। मैंने नेहा से बात की

पहले तो वो कुछ नहीं बोल रही थी, लेकिन फिर धीरे धीरे वो भी बात करने लगी। हमने बहुत देर बाते की और फिर कुछ देर बाद मैंने उससे कहा कि नेहा मुझे तुमसे बात करना बहुत अच्छा लगता है, क्या हम रोज बात कर सकते है। तो फिर मैंने

उसका मोबाईल नंबर माँगा उसने मुझे अपने मोबाईल से मिसकॉल दे दिया, मुझे तो आज बहुत मज़ा आ गया था। मैंने घर आकर उसे कॉल किया और फिर हम रोज एक दो घंटे बाते करते थे। दो महीने के बाद मैंने नेहा से कहा कि चलो कहीं बाहर

घूमने चलते है। उसने पहले तो मना किया लेकिन बाद मे मेरे रिक्वेस्ट करने पर मान गई। हम लोग गार्डन मे घूमने चले गये। फिर हम फिल्म का प्रोग्राम बना कर बाहर सिनेमा में फिल्म देखने चले गये। उस टाईम मर्डर-2 मूवी लगी हुई

थी। तो हम टिकट लिया और अन्दर चले गये। फिल्म मे शुरू मे ही बहुत सेक्सी सीन आ रहा था। मैनें नेहा की गर्दन मे हाथ डाल दिया तभी वो मना करने लगी पर मैंने हाथ नहीं हटाया अब मूवी मे ईमरान हाशमी और हिरोईन का सेक्सी सीन आ

रहा था और मेरे साथ भी बहुत सेक्सी लड़की बैठी थी। मैंने नेहा को ज़बरदस्ती पकड़ा और उसके लिप्स को चूसने लगा। बहुत मज़ा आ रहा था। वो मना करने के लिए हाथ पैर मार रही थी। पर मे उसे किस करता ही रहा। थोड़ी देर के बाद वो

थोड़ी शांत हुई और अब उसे भी अच्छा लगने लगा था। वो भी मुझे किस कर रही थी। मुझे तो उसका नशा सा हो गया था। तभी मैंने नेहा को कहा कि में तुमसे बहुत प्यार करता हूँ और उसे फिर स्मूच करने लगा पांच मिनट तक हम दोनो स्मूच

करते रहे फिर मैंने अपना हाथ उसके टॉप मे डाल दिया और उसके बूब्स दबाने लगा। उसके बड़े बड़े बूब्स बहुत ही सॉफ्ट थे। मुझे बहुत मज़ा आ रहा था। मेरा तो लंड ही खड़ा हो गया था। तभी मैंने उसकी जांघ पर हाथ रखा तो वो डर गई और

मेरा हाथ हटा दिया और वो बोली नहीं देव प्लीज़ नहीं ये अभी नही प्लीज़। फिर मैंने भी सोचा कि अभी नहीं फिर कभी देखता हूँ और फिर मूवी के दौरान मैंने उसे खूब चूसा और उसके बूब्स दबाए। मूवी ख़त्म होते होते रात हो गई और

बहुत अंधेरा हो गया था। हम जब पर्किंग मे पहुचे तो देखा कि कार के पास कोई नहीं है और मेरी कार मे ब्लैक शीशे है। मैंने उसे अंदर ले जाकर किस करना शुरू कर दिया अब वो भी मेरा फुल साथ दे रही थी, शायद वो मेरे पहले बूब्स दबाने

से अब गर्म हो चुकी थी। अब तो उसको भी लंड लेने कि जरूरत महसूस हुई होगी और मैंने उसके टॉप के ऊपर से ही उसके बूब्स दबाए उसे बहुत अच्छा लग रहा था। वो आहह्ह्ह की आवाजे कर रही थी, मैंने उसका टॉप ऊपर किया और उसकी ब्रा के ऊपर

से उसके बूब्स चाटने लगा। मुझे बहुत मज़ा आ रहा था। मैंने उसे कहा कि चलो पीछे वाली सीट पर करते है। वो बोली नहीं, मैंने कहा प्लीज़ जानू चलो ना, तो वो मान गई। और पीछे वाली सीट पर जाकर बैठ गई। मैंने भी देखा कि बाहर कोई भी

नही दिख रहा था। तो में भी पीछे चला गया उसके पास और उसको सीट पर नीचे लेटाकर उसका टॉप और ब्रा ऊपर करके उसके निप्पल चूसने लगा था। आह दोस्तों बहुत मज़ा आ रहा था वो भी मस्त हो गई। फिर मैंने उसकी चूत पर हाथ रखा। और उसे

दबाने लगा वो मना करने लगी पर में कहाँ मानने वाला था। मैंने उसकी चैन खोल दी और उसका लोवर उतार दिया। वो अब सिर्फ़ ब्लैक पेंटी मे ही थी। मैंने उसकी पेंटी को किस किया। और वो आहह्ह्ह्ह करने लगी फिर मैंने उसकी पेंटी भी

उतार दी। उसकी चूत देखकर मेरा तो बुरा हाल हो गया। मैंने उसकी चूत मे उंगली डाल दी। उसकी चूत बहुत टाईट थी। और ऊँगली डालते ही उसे दर्द होने लगा। अब में अपनी जीभ से उसकी चूत को चाटने लगा, तो उसे बहुत मज़ा आ रहा था। वो

आहह्ह्ह देव प्लीज़ मत करो प्लीज मत करो बोल रही थी। उसकी चूत से पानी आ रहा था और चूत बहुत गीली हो चुकी थी। फिर मैंने उसकी चूत को दोबारा से चूसा और फिर अपनी पेंट उतार दी और उसे बोला की तुम मेरी अंडरवियर उतारो। अब उसने

मेरी अंडरवियर भी उतार दी। और मेरे लंड को गौर से देखने लगी मैंने लंड उसके हाथ मे दे दिया और उसे बोला की प्लीज़ इसे चूसो, तभी उसने मना कर दिया। मैंने जबरदस्ती उसका सर पकड़ा और अपना लंड उसके मुहं मे डाल दिया और अंदर

बाहर करने लगा। मुझे बहुत मजा आ रहा था। लेकिन लंड को मुहं में लेने से उसकी हालत बहुत खराब थी। क्योंकि मेरा लंड उसके मुहं में पूरा नहीं आ रहा था। लेकिन में तो लंड को जोर से धक्के पे धक्के दिये जा रहा था और लंड उसके गले

तक जा पहुंचा था, लेकिन पहले तो वो बिना मर्जी से ये अब कर रही थी। पर बाद मे वो भी अपनी मर्जी से लंड को चूसने लगी और लंड चूसने का मजा लेने लगी और उसने मुझे मेरा लंड चूसकर बहुत मस्त कर दिया। अब में मस्ती में आकर और जोर

जोर से लंड को उसके मुहं में ही आगे पीछे करता रहा। क्योंकि शायद अब में झड़ने वाला था। इसलिये अचानक ही मेरी स्पीड तेज हो गई थी। करीब दस मिनट के बाद में उसके मुहं में ही झड़ गया था। और उसने मेरा सारा वीर्य मुहं मे ले लिया

और कहने लगी कि आज पहली बार मैंने इसका स्वाद लिया है, ये तो बहुत ही स्वादिष्ट है और उसके होंठो पर भी मेरा वीर्य लगा हुआ था, तो मैंने अपना लंड और उसका मुहं भी रुमाल से साफ किया और फिर गाड़ी स्टार्ट की और हम वहाँ से बाहर

आ गये। रात के करीब 1.21 का समय हो गया था और में उसे घर छोड़ने के लिए जा रहा था। तभी रास्ते मे वो मुझे किस करने लगी, मुझे समझ आ गया कि उसकी चूत मे अब आग लग चुकी है और वो आग सिर्फ मेरे लंड से ही बुझेगी और मैंने सोचा कि मौका भी

है, में उसको आज अभी आसानी से चोद सकता हूँ, तो मैंने अपनी कार पास की ही एक सोसाइटी मे ले ली और एक सुनसान सी जगह पर कार रोक ली, और आसपास देखा वहाँ पर पहले से ही ओर भी कारे खड़ी हुई थी। पर सभी खाली थी। मेरी कार मे ब्लैक शीशे

थे। इसीलिए किसी को भी कुछ नहीं दिख रहा था। मैंने उसे पीछे कि सीट पर बुलाया और फिर उसको पूरा का पूरा नंगा कर दिया। और उसको चाटने लगा मैंने उसे दस मिनट तक खूब चाटा उसको बहुत मज़ा आ रहा था। फिर मे भी पूरा नंगा हो गया

और उसको बोला कि में आज तुझे बहुत अच्छे से चोदूँगा। तभी वो बोली नहीं प्लीज़ देव ऐसा मत करना। मैंने कुछ नहीं सुना और उसको सीट पर लेटाया और उसकी टाँगे खोली और अपना लंड उसकी चूत मे डालने लगा। वो आह आह कर रही थी। लंड

थोड़ा स्लिप हो गया मैंने दो तीन बार और ट्राई किया। और लंड उसकी चूत मे जबरदस्ती घुसा दिया। उसे दर्द हो रहा था और वो रोने लगी मे उसको स्मूच कर रहा था। और नीचे से धीरे-धीरे उसे चोद रहा था। फिर कुछ देर बाद धीरे धीरे मैंने

पूरा लंड उसकी चूत मे डाल दिया। और उसको चोदने लगा, अब उसकी चूत का दर्द कम होने पर अब उसे भी अच्छा लग रहा था। में उसे ज़ोर ज़ोर से चोद रहा था। दोस्तों अब हमे बहुत मज़ा आ रहा था। क्योंकि वो भी मेरा पूरा साथ दे रही थी। और

गांड उठा उठा कर चूत चुदवा रही थी। तभी वो कहने लगी आज तुम जितना चाहो जोर लगा लो में तुम से कुछ नहीं कहूँगी और चोदो जोर से फाड़ दो इसे आज और जोर से प्लीज। अब में और जोश से उसे चोदने लगा और फिर 15 मिनट चोदने के बाद में झड़

गया। मैंने लंड निकाल कर उसके चहरे पर अपना सारा वीर्य डाल दिया और वो उसे चाटने लगी। फिर मैंने उसे उल्टा किया और उसकी गांड मे लंड डालने लगा। थोड़ी देर ट्राइ करने के बाद मैंने उसकी गांड मे लंड डाल ही दिया। और उसे

कुतिया बनाकर चोदने लगा। आह क्या बताऊ दोस्तो उसकी गांड मारने मे बहुत मज़ा आ रहा था। लेकिन मजे के साथ मेरे लंड की हालत बहुत ख़राब थी। उसकी गांड की वजह से क्योकि उसकी गांड मारने से मेरे लंड पर बहुत जोर का दर्द हो रहा

था। लेकिन फिर भी मैंने उसकी गांड बहुत देर तक मारी क्योकि में तो जोश में होश खो बैठा था। मुझे तो बस आज हर तरफ उसकी गांड ही दिख रही थी और फिर कुछ देर के बाद में उसकी गांड के अंदर ही झड़ गया। अब में लंड को गांड से निकाल

कर चूत में डालने की सोचने लगा। लेकिन लंड खड़ा होने का नाम नहीं ले रहा था और अब हिम्मत भी नहीं थी, तो फिर हमने कपड़े पहने और घर चले गये। लेकिन दोस्तों उसे भी उस दिन खूब मज़ा आया। अब वो जब भी मिलते है। तो हम कार मे ही

चुदाई करते है, मे उसकी खूब गांड और चूत मरता हूँ, रियली दोस्तो अब बहुत ही मस्त लाईफ हो गई है मेरी, मुझे उसकी चूत से ज्यादा अब उसकी गांड मारने में बहुत मजा आता है। दोस्तों ये थी मेरी कहानी उम्मीद करता हूँ की आप सभी को

ये पसंद आयेगी। धन्यवाद …

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