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कजिन के साथ मुखमैथुन


दोस्तों ये कहानी आप सेक्सवासना डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम अमित है और में मोहाली का रहने वाला हूँ। दोस्तों में पिछले कुछ महीनों से सेक्सवासना डॉट कॉम पर सेक्सी कहानियाँ पढ़ता आ रहा हूँ और मुझे इसकी सभी कहानियाँ बहुत अच्छी लगती है, जिन्हें पढ़कर

मुझे बहुत मज़ा आता है और आज में आप सभी के सामने वैसी ही अपनी एक सच्ची घटना सुनाने जा रहा हूँ और में उम्मीद करता हूँ कि जिसको पढ़कर आप सभी को बहुत मज़ा आएगा और दोस्तों सबसे पहले में थोड़ा अपने बारे में भी बता देता हूँ।

मेरी उम्र 22 साल हाईट 5.8 इंच और मेरी अच्छी खासी बॉडी है, क्योंकि में हर रोज जिम जाता हूँ। दोस्तों यह मेरी और मेरी कज़िन बहन जिसका नाम सोनल है, उसकी उम्र 21 साल है और वो भी हर रोज जिम जाया करती है, उसका बदन बहुत आकर्षित

है और हर कोई उसका दीवाना है, उसके बूब्स को देखकर में क्या हर कोई पागल हो जाता है, उसके फिगर का साईज 30-28-32 है और वो चंडीगढ़ में रहती है। दोस्तों यह बात आज से एक साल पहले की है, जब में अपनी ताईजी के घर मेरे पेपर खत्म होने के

बाद गर्मियों की छुट्टियों में गया हुआ था और उस टाईम उसकी भी गर्मियों की छुट्टियाँ लगी हुई थी तो में जब उनके घर पर पहुंचा तो घर के सब लोग मुझे अचानक आया हुआ देखकर बहुत खुश हुए, क्योंकि में बहुत लंबे समय के बाद उनके

घर पर गया था, में सबसे मिला ताईजी, ताऊजी और उनका एक छोटा बेटा जो कि 3rd में पढ़ता है और फिर सोनल से मिला और जब मैंने उसे देखा तो उसने मुझे देखकर स्माईल दी और मुझसे अपना हाल चाल पूछा। दोस्तों उस समय गरमी कुछ ज्यादा ही

थी। फिर में अपनी बातचीत खत्म करके बाथरूम में फ्रेश होने चला गया और उस समय तक मेरे मन में सोनल के लिए कोई ग़लत सोच नहीं थी, लेकिन जब में बाथरूम में नहाने गया तो मेरी नज़र एक साईड में पड़ी टोकरी पर गई और फिर मैंने देखा

कि उसमें कुछ कपड़े पड़े हुए है और उन सब कपड़ो के ऊपर एक ब्रा पड़ी हुई थी। दोस्तों वो शायद सोनल की ही थी, क्योंकि मेरी ताईजी की ब्रा का साईज़ बहुत ज़्यादा बड़ा है और वो ब्रा करीब 30 साईज़ की थी। फिर उसे देखकर मेरे मन में

एक अजीब सा अहसास आने लगा तो में उसे उठाकर सूंघने लगा और मन ही मन सोनल के बूब्स, गांड और उसके कातिल जिस्म के बारे में सोचने लगा और अब में उन सब में इतना खो गया कि जब में झड़ा तो मेरा वीर्य ब्रा के कफ पर निकल गया। फिर

मैंने उस ब्रा को पानी से धो दिया और उसी टोकरी में गीला ही वापस से रख दिया और फिर में नहाकर बाहर आ गया। फिर में कमरे में गया और तैयार होकर नाश्ता करने लगा तो इतने में ताई जी ने सोनल से कहा कि जा तू अपने कपड़े धो ले और

फिर सोनल ताई जी की यह बात सुनते ही जल्दी से अपने कपड़े धोने बाथरूम में चली गई, लेकिन कुछ देर बाद जब वो कपड़े धोकर बाहर आई तो वो मेरी तरफ कुछ अजीब से तरीके से देख रही थी और मुस्कुरा भी रही थी। फिर में थोड़ा अजीब सा महसूस

कर रहा था। फिर में हर रोज की तरह अपने छोटे कज़िन के साथ बाहर मैदान में खेलने लगा और फिर दोपहर निकल गई। फिर शाम को हम सभी लोग कार में बैठकर मार्केट घूमने चले गये, उस समय मेरे ताऊ जी कार चला रहे थे और ताईजी आगे बैठी हुई

थी और जाते समय सोनल मेरे एक साईड में बैठ गई और में बीच में बैठा हुआ था और उसका छोटा भाई एक साईड में। दोस्तों मैंने अपने और सोनल के बीच में कुछ दूरी बना रखी थी, क्योंकि उस समय दिन का उजाला बहुत था। अब हमे शॉपिंग करने

में वहां पर बहुत समय लग गया और जब हम लोग वापस आने लगे तो तब तक अंधेरा हो चुका था और घर पर वापस आते समय उसका छोटा भाई ज़िद करने लगा कि मुझे फिर से खिड़की की तरफ बैठना है तो में अब भी बीच में आ गया और अब सोनल मेरे बिल्कुल

पास में चिपक कर बैठी हुई थी और मेरे पैर उसके पैरों की गरमी महसूस कर रहे थे कि तभी अचानक में थोड़ा सा खड़ा हो आ गया था और तभी ताऊजी ने ज़ोर से ब्रेक लगा दिया और इस चक्कर में मेरा सर सोनल के साथ टकरा गया और फिर मेरा हाथ

उसके पैर पर छू गया तो वो हंस पड़ी और मुझसे पूछने लगी कि क्यों तुम्हारे लगी तो नहीं? फिर मैंने भी हंसकर बोल दिया कि नहीं, लेकिन मेरा हाथ अभी भी उसकी जांघ पर ही था, लेकिन उसने मेरी इस बात का कोई भी विरोध नहीं किया और अब

वो सामने की तरफ अपना चेहरा करके बैठ गई। दोस्तों मेरा लंड तो अब जींस में से बाहर आने को तड़प रहा था और मचल रहा था। फिर में थोड़ी हिम्मत करके उसकी जांघ की गरमी को अपने हाथों से महसूस करने लगा, लेकिन वो अब भी मेरा कोई

विरोध नहीं कर रही थी, शायद उसे भी मज़ा आ रहा था, लेकिन इतने में उसने मेरा हाथ पकड़कर धीरे से पीछे कर दिया और बोली कि तुम कब तक ऐसा करोगे? दोस्तों मेरी तो उसके मुहं से यह बात सुनकर फट ही गई और जब उसने मेरा हाथ अपने पैर से

हटा दिया तो में एक बार फिर से उससे थोड़ा दूर होकर बैठ गया। फिर कुछ देर बाद घर पर पहुंचकर हम सबने खाना खाया और फिर टी.वी. देखने लगे। दोस्तों मेरे ताऊजी और ताईजी दोनों ही नौकरी करते है तो इसलिए वो कुछ देर टी.वी. देखने

के बाद जल्दी ही सोने के लिए अपने बेडरूम में चले गये और उन्होंने उनके छोटे बेटे को भी सुला दिया, क्योंकि उसको भी सुबह जल्दी उठकर काम जाना था और फिर सोनल अपने कपड़े चेंज करने चली गई। फिर ताईजी ने मुझसे कहा कि अमित

बेटा तुम भी फ्रेश हो जाओ और अपने कपड़े चेंज कर लो और तुम थोड़ी देर टी.वी. देखकर गेस्ट रूम में जाकर सो जाना। फिर मैंने उन्हे हाँ कहा और अब में कपड़े चेंज करने चला गया, लेकिन में जब रूम में कपड़े चेंज कर रहा था तो मुझे ऐसा

लगा कि सोनल भी अपने रूम में है और अब रूम में कोई नहीं आएगा तो मैंने जल्दी से अपने बेग से लोवर निकाला और मैंने सोचा कि में अपनी अंडरवियर को उतार देता हूँ और वैसे भी रात को सोना ही तो है। फिर जब मैंने अपना अंडरवियर

उतारा तो अचानक सोनल वहां पर आ गई और वो मुझे इस हालत में देखते ही ऊहह बोलकर वापस मर गये यह कहकर वहां से चली गई। फिर में भी जल्दी से चेंज करके टी.वी. देखने बाहर आ गया, तब सोनल ने मुझे मुस्कुराते हुए कहा कि क्या तुम

दरवाज़ा बंद नहीं कर सकते थे? फिर मैंने कहा कि मुझे क्या पता था कि अचानक से तुम वहां पर आ जाओगी और फिर वो मेरी यह बात सुनकर ज़ोर ज़ोर से हंसने लगी और फिर कहती है कि तू बिल्कुल पागल है। फिर में भी हंस दिया और टी.वी. देखने

लगा। दोस्तों उस समय टी.वी. पर मर्डर फिल्म आ रही थी तो में उसे सोनल के साथ बहुत ध्यान से देखने लगा और फिर उसमें एक हॉट सीन देखकर मेरा तो लंड एकदम से तनकर खड़ा हो गया और अब में उसे अपने लोवर के ऊपर से ही सेट करने लगा।

फिर सोनल ने मुझे ऐसा करते हुए देख लिया तो उसकी नजरे मेरे लंड से हटने को बिल्कुल भी तैयार नहीं थी और फिर जब मैंने उसकी तरफ देखा तो वो हंसने लगी और अब मुझे पूरा विश्वास हो गया था कि यह मुझसे अब क्या चाहती है? फिर में

उठकर उसके पास चला गया और मैंने उसे अपनी बाहों में ले लिया, वो पहले तो मुझसे थोड़ा शरमाई, लेकिन फिर धीरे धीरे मज़े करने लगी। फिर मैंने भी एक अच्छा मौका देखकर उसकी गर्दन, गालों पर, सर पर किस कर दिया और फिर उसने भी अपना

सर मेरी छाती पर रख दिया और अब उसने मुझे ज़ोर से हग कर लिया तो वो अब तक बहुत जोश में आ चुकी थी और वो बहुत गरम हो चुकी थी और यह सब मुझे उसकी सिसकियों की आवाज से पता चल रहा था। फिर कुछ देर के बाद मैंने उससे कहा कि सोनल कहीं

ताईजी यहाँ पर आ ना जाए जाओ तुम चेक करके आओ कि वो सब सो गये है या नहीं? में तुम्हारे रूम में चलता हूँ और तुम भी वहीं पर आ जाना तो उसने मुझसे ठीक है बोला और फिर में उसके रूम में चला गया और मैंने वहां पर जाते ही ए.सी. को

चालू कर दिया और उसके कुछ देर बाद वो अपने रूम में आ गई और अब वो मेरी तरफ मुस्कुरा रही थी और उसकी इस स्माईल की वजह से में समझ गया था कि अब हम दोनों बिल्कुल फ्री है और आज रात अपनी मर्जी का काम कर सकते है, में मन ही मन बहुत

खुश था और वैसे खुश तो वो भी बहुत थी, क्योंकि वो सब मुझे उसके चेहरे से पता चल रहा था। दोस्तों ये कहानी आप सेक्सवासना डॉट कॉम पर पड़ रहे है। फिर में उसके बेड पर लेट गया और वो भी एक साईड में आकर लेट गई। फिर मैंने उसे अपनी

तरफ खींचकर हग किया और उसकी गर्दन पर किस करने लगा। फिर मैंने उसके बूब्स को किस किया और फिर उसकी गर्दन पर किस करने लगा और वो धीरे धीरे मोन करने लगी, आआअहह उह्ह्हह्ह अमित प्लीज अब बस करो। फिर मैंने अपना एक हाथ उसके

बूब्स पर रख दिया और धीरे धीरे दबाने, मसलने लगा। फिर मैंने उसके टॉप में हाथ डाल दिया और तभी मैंने महसूस किया कि उसने टॉप के नीचे ब्रा नहीं पहनी हुई थी और अब में धीरे धीरे उसके पेट पर हाथ घुमाने लगा और साथ ही में उसे

किस कर रहा था। फिर में उसके बूब्स को अंदर से दबाने लगा और जिसकी वजह से वो अब जोश में गरम ही गई थी और धीरे धीरे मोन कर रही थी, उसके निप्पल एकदम कड़क हो चुके थे और इधर मेरा लंड भी जो अब उसकी गांड को छू रहा था और तनकर एकदम

खड़ा हो चुका था। फिर हम बेड पर बैठ गये और मैंने अपनी टी-शर्ट को उतार दिया और उसका टॉप भी उसने अपनी बाहों को ऊपर हवा में उठाया तो उसके अंदर के अंग मेरे सामने थे और मैंने उन्हे चाटना शुरू कर दिया। फिर उसने मेरा सर पकड़

लिया और बोली कि प्लीज अमित यहाँ ना करो, मुझे बहुत गुदगुदी हो रही है, लेकिन मुझे ऐसा करने से बहुत मज़ा आ रहा था और उसके बूब्स इतने प्यारे थे बिल्कुल सफेद और उसके ऊपर भूरे कलर की निप्पल उसके बूब्स एकदम अच्छे आकार के

बूब्स थे। फिर मैंने उसे अब बेड पर लेटा दिया और में उसके बूब्स को चूसने लगा और उसके निप्पल के ऊपर अपनी जीभ को गोल गोल घुमाने लगा और उन्हे अपने दांत से खींचने लगा और वो मेरे सर को अपने बूब्स पर ज़ोर से दबा रही थी और मोन

कर रही थी। फिर मैंने उसकी बाहों को एक बार दोबारा ऊपर किया और उसके पूरे बदन को चाटने लगा, वहां से बहुत अच्छी खुशबू आ रही थी और ज़रा ज़रा सा नमकीन सा पसीने का स्वाद भी आ रहा था। दोस्तों में तो उसके जिस्म से मदहोश सा

हो गया था और सोनल भी बहुत गरम हो चुकी थी। फिर उसने मुझे अपने नीचे किया और वो खुद मेरे ऊपर आ गई और मुझे किस करने लगी, पहले हमने बहुत देर स्मूच किया। फिर वो मेरी गर्दन और छाती को चूसने लगी। दोस्तों वाह मुझे तो बहुत मज़ा

आ रहा था। फिर उसने मेरे निप्पल को अपने मुहं में ले लिया, में तो मानो जन्नत में था और हम फिर से स्मूच करने लगे और अब हम पूरे मदहोश हो चुके थे। उसके बाद मैंने अपना लोवर उतार दिया और उसका भी उसने नीचे पेंटी पहन रखी थी जो

कि अब तक पूरी गीली हो चुकी थी। फिर उसने मेरे लंड को देखा और हाथ फेरने लगी और लंड की झांटो को सहलाने लगी, क्योंकि उसने आज से पहले किसी का लंड नहीं देखा था और ना ही उसको कभी अपने हाथों से छुआ था और तभी उसने हल्के से मेरे

लंड के टोपे पर किस किया और मेरा तो माल निकलने वाला ही था और फिर मैंने उससे कहा कि मेरा झड़ने वाला है। फिर वो मुझसे बोली कि मैंने कभी काम नहीं देखा और आज मुझे वो देखना है। फिर मैंने उसको कहा कि तुम अपने एक हाथ से मेरे

लंड की चमड़ी को ऊपर नीचे करो और वो ऐसा ही करने लगी। फिर उसके कुछ देर मेरे लंड को ऊपर नीचे करने के बाद उसकी छाती पर मेरा माल निकल गया और एक ज़ोरदार पिचकारी गिरी और में मोन करने लगा, वो उस गरम गरम पदार्थ को गौर करके देख

रही थी और उसने ज़रा सा अपने मुहं में भी लगाकर देखा और कहने लगी कि थोड़ा नमकीन है, लेकिन बहुत स्वादिष्ट लग रहा है। दोस्तों अब मेरी बारी थी। मैंने उसकी पेंटी को उतार दिया और फिर मैंने देखा कि उसकी चूत पर बहुत ज़्यादा

बाल थे और शायद उसने आज तक कभी शेव नहीं किया था, उसमें से बहुत अजीब सी बदबू आ रही थी। मैंने अपने हाथों से उसके बालों को एक साईड किया और उसके चूत के होंठो को दबाने लगा और वो मोन करने लगी। दोस्तों उसकी चूत अब तक वर्जिन

थी तो इसलिए बहुत टाईट थी। फिर मैंने धीरे से एक उंगली उसकी चूत में डाली और अंदर वाह क्या एहसास था, उसकी चूत बिल्कुल गरम गरम थी। फिर में धीरे धीरे उसकी चूत को चूसने लगा और वो कहने लगी कि अमित तुम यह क्या कर रहे हो? फिर

मैंने कहा कि सोनल में तो तुम्हे मज़े दे रहा हूँ और मैंने उसकी चूत को अपने दातों से दबा दिया, अब वो ज़ोर ज़ोर से मोनिंग करने लगी और कहने लगी कि मुझे कुछ कुछ हो रहा है और अब उसका पूरा शरीर कम्पन करने लगा। फिर मैंने उससे

कहा कि जैसे मेरा वीर्य निकला है वैसे ही तुम्हारा भी काम होने वाला है और अब में लिकिंग के साथ साथ, ज़ोर ज़ोर से उसकी चूत में उँगलियाँ भी करने लगा, जिसकी वजह से उसकी चूत का रास्ता एकदम साफ हो गया और उसने ज़ोर से मोन

करके अपना सारा माल बाहर निकाल दिया। फिर मैंने उसे थोड़ा सा चखकर देखा, लेकिन वो मुझे बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगा, क्योंकि वो बहुत नमकीन था और अब हम दोनों एक दूसरे के ऊपर ऐसे ही बिल्कुल नंगे लेट गये। फिर वो मुझसे बोली

कि यह उसका पहली बार है और उसे बहुत मज़ा आया तो फिर मैंने कहा कि सोनल मज़ा तो अभी आना बाकि है और में उसके होंठो को चूसने लगा और वो भी वैसा ही कर रही थी, हमने बहुत देर तक एक दूसरे की जीभ को चूसा और फिर उसके बूब्स को चूसता और

उसके सेक्सी जिस्म को लीक किया और उसने मेरी छाती को और निप्पल को दोबारा चूसा। फिर मैंने उसे पेट के बल उल्टा लेटा दिया, में उसके ऊपर बैठ गया और अब में उसकी गर्दन और कंधो को लीक करने लगा, वो मोन कर रही थी और मैंने उसकी

गर्दन से शुरू होकर उसकी सुंदर छाती को लीक करते करते उसकी गांड तक आ गया था और मेरे ऐसा करने से उसका शरीर कम्पन कर रहा था। उसके बूब्स बहुत ही सुंदर थे एकदम गोरे गोरे। मैंने उसकी गांड, गर्दन पर किस किया और उनको लीक

किया। फिर मैंने अपने हाथों से उसकी गांड, बूब्स को गरम किया और उसकी भूरी कलर की गांड ठीक मेरे सामने थी और उसके आस पास थोड़े थोड़े बाल भी थे और वहां से बहुत गंदी बदबू आ रही थी। मैंने उस पर किस किया और उसके आस पास गोल

गोल उंगली घुमाने लगा, उसका पूरा जिस्म काँप रहा थी और वो मेरा नाम ले रही थी, अमित आह्ह्ह्हह उह्ह्ह्हह्ह्ह्हह तुम यह क्या कर रहे हो? में भी अब पूरा मदहोश सा था और उसके जिस्म में अपनी जीभ से उसके गांड को चाटने लगा।

दोस्तों वाह क्या मज़ा आ रहा था और वो मछली की तरह तड़प गई। फिर मैंने उसको डॉगी स्टाईल में बैठा लिया और उसको चाटने लगा, उसकी चूत और गांड में जो जगह थी तो में उसे लीक करने लगा और ऊपर नीचे गांड से चूत तक फिर चूत से गांड तक।

अब उसकी चूत ने एक बार फिर से दूसरी बार अपना रस छोड़ दिया और अब तक मेरे भी आंड में दोबारा वीर्य बनकर तैयार हो चुका था और फिर मैंने ऐसे ही उसके पीछे खड़े होकर अपने हाथ से लंड को हिला हिलाकर उसकी गांड पर अपना गरम गरम

वीर्य छोड़ दिया। दोस्तों उस समय हमारे पास कंडोम नहीं था और हम कोई रिस्क भी नहीं लेना चाहते थे, लेकिन अगले दिन हम दोनों घर पर बिल्कुल अकेले थे और हमे यह भी पता था कि अब हम दोनों गरम हो चुके थे और जब मैंने टाईम देखा तो

रात के एक बज चुके थे। फिर उसने मुझे बताया कि ताईजी ताऊजी सुबह चार बजे उठकर बाहर घूमने जाते है तो इसलिए हमने एक दूसरे की बाहों में आकर एक लंबा सा किस किया और मैंने उसे में तुमसे बहुत प्यार करता हूँ सोनल और कहा कि तुम

कल के लिए अब बस तैयार रहना, क्योंकि कल हमारा असली हनिमून है और वो मेरी यह बात सुनकर ज़ोर ज़ोर से हंसने लगी। उसने मुझे मेरे कपड़े दिए और अपने भी पहन लिए। फिर हमने हग किया और में अपने गेस्ट रूम में जाकर सो गया ।।
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