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भाभी और मूली


दोस्तों ये कहानी आप सेक्सवासना डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

हैल्लो दोस्तों.. मेरा नाम शेखर है और में पंजाब का रहने वाला हूँ और मुझे पता है कि इस वक़्त इस सेक्सवासना डॉट पर आप लोग कोई मजेदार कहानी ढूंड रहे हो.. मुझे पक्का यकीन है कि मेरी आप बीती घटना आप सभी को ज़रूर पसंद

आएगी। Hindi Sex Story Antarvasna Indian Hot Sex Stories Sex Kahani Kamukta Hindi Chudai ki kahani Sex Vasna. दोस्तों में बीटेक की पढ़ाई एक अच्छे कॉलेज से कर रहा हूँ.. जैसा कि आप सभी जानते ही है कि पेपर के बाद करीब डेढ़ महीने की छुट्टियाँ हो जाती है और में घर आ जाता हूँ। मेरे

घर के सामने एक आंटी रहती है जो कि पंजाब की रहने वाली है। उनके दो बेटे हैं और उन दोनों की शादी हो गयी है। उनका छोटा वाला लड़का इंग्लेंड में रहता है और बड़ा यहीं पंजाब में ही रहता है और मेरे परिवार के उन सबसे बहुत

अच्छे रिश्ते है। सामने वाली आंटी की बड़ी बहू किरणजीत के एक लड़का था जो कि एक साल का था। उसके साथ खेलने के लिए में कभी कभी उनके घर चला जाता था। बड़ी भाभी और छोटी भाभी करमजीत दोनों का नेचर बहुत अच्छा है। वो दोनों ही

मेरी बहुत इज़्ज़त करती है और जब भी में जाता तो दोनों मिलकर मुझसे मज़ाक किया करती थी.. लेकिन छोटी वाली भाभी कभी कभी ऐसी अजीब से बातें बोल देती थी और अपने शरीर को मुझसे कई बार टच भी कर देती थी.. लेकिन में ध्यान नहीं

देता था। फिर मेरा कॉलेज का तीसरा साल खत्म हुआ और में घर पर आया हुआ था। उस वक़्त सिर्फ़ छोटी भाभी ही घर पर थी और बड़ी भाभी के पापा भी थे.. लेकिन वो अपने घर में रहते थे जो कि हमारी गली में ही था। फिर एक दिन में उनके घर पर

गया तो छोटी भाभी बाथरूम में कपड़े धो रही थी और वो उस वक़्त घर पर अकेली थी। तभी वो बोली कि कुर्सी लाकर यहीं पर बैठ जाओ में अकेली बोर हो रही हूँ.. में कमरे के अंदर से कुर्सी लाया और बाथरूम के बाहर बैठ गया जहाँ पर धूप आ

रही थी.. तभी मैंने भाभी से पूछा कि.. में : भाभी आप कैसी हो? भाभी : में तो ठीक हूँ.. तुम बताओ कब आए और कब तक रहना है? में : में तो कल ही रात को आया हूँ और अब मुझे पूरे 1.5 महीने रहना है। भाभी जब कपड़े धो रही थी.. तब वो गीली हो

गयी थी और जिसकी वजह से उनके कपड़े पूरे बदन से चिपके हुए थे। में बता दूँ कि छोटी भाभी का बदन एकदम मस्त है और आपको पता होगा कि पंजाबी लड़कियों का फिगर कैसा होता है? कोई भी एक बार देख ले तो चोदने की ज़रूर सोचेगा। तभी

मैंने भाभी से पूछा कि बड़ी भाभी और आंटी कहाँ पर है.. तो उन्होंने बताया कि तुम्हारी आंटी इंग्लैंड गयी है अपने छोटे बेटे से मिलने और अब वो दोनों एक साल बाद ही आएँगे और तुम्हारी बड़ी भाभी के घर पर शादी है तो वो लोग वहाँ

पर गये है। फिर मैंने पूछा कि क्या आप घर पर अकेली है? तो उन्होंने कहा कि नहीं तुम्हारे अंकल है और फिर बातों बातों में ही भाभी ने मज़ाक करना शुरू कर दिया और फिर उन्होंने मेरे ऊपर पानी फेंक दिया। ठंड में मेरे ऊपर पानी

फेंका तो मुझे भी बहुत गुस्सा आया और मज़ाक में ही में उनके पास गया और फिर मैंने साबुन के झाग को उनके मुहं पर लगा दिया और वो भी लगाने की कोशिश करने लगी.. लेकिन मैंने लगाने नहीं दिया और इसी बीच उनके बूब्स मेरे हाथों से

टच हुए। में तो जैसे डर गया.. लेकिन उन्होंने कुछ नहीं कहा और फिर में कपड़े बदलने चला आया। फिर रात को भाभी ने खाना बनाकर और खाकर मुझे बुलाया और जब में गया तो वो अकेली थी। उनके ससुर अपने कमरे में सोने चले गये थे और

भाभी अपने बेड पर बैठी हुई थी.. तभी मैंने पूछा कि क्या हुआ? भाभी मुझे क्यों बुलाया? तो उन्होंने कहा कि क्या में तुम्हे बुला नहीं सकती? फिर मैंने कहा कि अरे नहीं नहीं.. आप तो बुरा ही मान गयी। मैंने पूछा कि आप इतने बड़े

घर में क्या आप अकेली सोती है? तो उन्होंने मज़ाक में कहा कि क्यों क्या तुम मेरे साथ सोना चाहते हो? मैंने कहा कि अरे नहीं में तो ऐसे ही पूछ रहा था। फिर उन्होंने कहा कि क्या तुम्हे पैरो में ठंड नहीं लग रही? मैंने कहा कि

हाँ लग रही है और में उनके कहने पर उनकी रज़ाई में पैर डालकर उनकी उल्टी साईड में बैठ गया और हम दोनों बहुत देर तक बातें करते रहे और मैंने महसूस किया कि भाभी अपने पैरो से मेरे पैरो को सहला रही है और कुछ कामुक सी लग रही

है। तो में बहाना बनाकर वहाँ से चला आया। फिर अगले दिन उनके ससुर को कहीं पर जाना था तो वो मेरी माँ को बोल कर गये थे कि मुझे आज उनके घर सोने के लिए भेज दे.. क्योंकि उनकी बहूँ घर पर अकेली है। फिर जब में घर पर आया तो माँ ने

मुझे बताया और में सोने के लिए वहाँ पर चला गया और भाभी मुझे देखकर बहुत खुश हुई और बोली कि तुम बैठो में चाय बनाकर लाती हूँ.. कल की तरह में फिर उनकी रज़ाई में बैठा था। तभी कुछ ही देर में वो चाय लेकर आई और हम बैठकर चाय पी

रहे थे और बातें भी कर रहे थे। फिर बातों ही बातों में मैंने पूछा कि भैया कैसे है? तो वो थोड़ी सी उदास हो गयी फिर जब मैंने पूछा कि क्या हुआ? तो वो थोड़ी नाराज़ मन से बोली कि जहाँ भी होंगे वो तो खुश ही होंगे और मेरी बात

काटते हुए उन्होंने मुझसे पूछा कि क्या तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड है? तो मैंने कहा कि नहीं.. तो वो हैरान हो गयी और बोली कि क्यों झूठ बोल रहे हो शेखर? तभी में बोला कि सच में भाभी कोई नहीं है। फिर उन्होंने कहा कि इसका मतलब

तुमने कभी भी वो नहीं किया है और तुम अभी अनाड़ी हो.. लेकिन में समझ नहीं पाया तो वो बोली कि कोई बात नहीं.. ज्यादा सोचो मत। तभी में बोला कि ठीक है भाभी अब सोते है रात ज्यादा हो गयी है तो वो बोली कि आज मेरे साथ ही सो जाओ। तभी

में बोला कि क्या भाभी आपको हर वक़्त मज़ाक ही सूझता है क्या? तो वो हंस पड़ी और गुड नाईट बोल कर सोने लगी। में भी बाहर आकर बरामदे में सो गया। तभी रात को करीब एक बजे मेरी नींद खुली तो भाभी के कमरे की लाईट जल रही थी.. जो कि

ज़ीरो वॉट के बल्ब की थी। फिर में दबे पैर भाभी के रूम के पास गया और उनकी खिड़की पर गया जो कि भाभी ने बंद नहीं की थी मैंने खिड़की को थोड़ा सा खोला और देखा तो भाभी पूरी नंगी अपने बेड पर लेती हुई थी और अपनी आँखे बंद करके

एक हाथ से अपने बूब्स दबा रही थी और उनके दूसरे हाथ में एक छोटी साईज़ की मूली थी.. जिसे वो अपनी चूत में डालकर अपनी चूत को चोद रही थी। तभी यह सब देखकर मेरा लंड भी अपनी पोज़िशन पर आ गया और दिल किया कि अभी जाकर भाभी की चूत

में अपना लंड डालकर बहुत चोदूं.. लेकिन डर भी लग रहा था कि कहीं भाभी नाराज़ हो गयी तो और यह सोचकर में अपने बेड पर आया और अपने हाथ में लंड पकड़कर उसी तरह मुठ मारने लगा जिस तरह से चुदाई करते है और मूठ मारने के बाद सो

गया। फिर सुबह भाभी ने ही मुझे उठाया और चाय पिलाई.. फिर में अपने घर पर चला आया। उस दिन में कहीं पर घूमने नहीं गया और भाभी के बदन को याद करके कई बार मूठ मार चुका था अब मुझसे रहा नहीं जा रहा था। शाम को फिर में भाभी के घर

गया। भाभी बैठी हुई कुछ सोच रही थी। मैंने पूछा कि क्या हुआ भाभी क्या सोच रही हो? तो वो मेरी तरफ़ देखी और मुस्कुराते हुए बोली कि कुछ नहीं.. आओ बैठो। तभी में उनके पास बैठ गया और भाभी बोली कि तुम बैठो में चाय बना कर लाती

हूँ फिर हम आराम से बैठकर बातें करेंगे और वो चाय बनाने चली गई और में वहीं पर ही बैठा रहा और बेड पर जिस तरफ सर करके सोते है उधर ड्रॉ होता है। मैंने उसे खोला तो पाया कि वही मूली भाभी ने उसमे रखी थी मैंने मूली को ध्यान से

देखा तो उस पर कुछ लगा हुआ था.. शायद भाभी की चूत का पानी होगा। दोस्तों ये कहानी आप सेक्सवासना डॉट कॉम पर पड़ रहे है। फिर भाभी चाय लेकर आई तो मूली मेरे हाथ में ही थी और भाभी उसे मेरे हाथ में देखकर घबरा गयी और वो उसे

मुझसे छीनकर किचन में ले गयी और वापस आ गयी। मैंने पूछा कि अपने उसे यहाँ पर क्यों रखा था? तो वो हड़बड़ाते हुए बोली कि कुछ नहीं ऐसे ही.. फिर हम बातें करने लगे और भाभी ने मुझसे पूछा कि तुम्हे बरामदे में ठंड तो नहीं लगी ना?

तो मैंने कहा कि नहीं तो वो समझ गयी कि में झूठ बोल रहा था और वो बोली कि आज तुम अंदर ही मेरे बेड पर सो जाना। में थोड़ा सा हड़बड़ाया तब वो बोली कि डरो मत में तुम्हारे साथ कुछ गलत नहीं करूँगी (मज़ाक करते हुए) तो मैंने कहा

कि ठीक है और में बाहर से अपनी रज़ाई लेकर आया और वो अपनी रज़ाई में और में अपनी रज़ाई में लेट कर बातें करने लगे.. बातें करते करते में सो गया। फिर रात को पता नहीं कैसे मेरी रज़ाई नीचे गिर गयी जब मुझे ठंड लगी तो मैंने

भाभी की रज़ाई खींच कर ओढ़ ली.. शायद भाभी की नींद खुली थी तो उन्होंने मुझे अपनी रज़ाई में खीचा और अपना मुहं मेरी तरफ करके सो गयी। मेरा मुहं रज़ाई से ढका हुआ था इसलिए मुझे सांस लेने में प्राब्लम हुई तो मेरी नींद खुल

गयी और फिर आँख खोलते ही मेरे तो होश उड़ गये। भाभी नाईटी पहनकर सोई हुई थी और उनके मस्त बूब्स बेड पर आराम कर रहे थे। भाभी के मस्त गुलाबी और रसीले होंठ मेरे होंठो के बिल्कुल करीब थे। एक पल मुझे ऐसा लगा कि में भाभी के

होंठ को चूस लूँ.. लेकिन अपने आप पर काबू करते हुए मैंने सोने की कोशिश की.. लेकिन अब मुझे भी सेक्स की भूख सताने लगी थी.. जैसे कि स्वादिष्ट भोजन को देखकर भूख बढ़ जाती है वैसे ही भाभी की मस्त जवानी देखकर में सेक्स के लिए

तड़पने लगा और मेरा लंड अंदर ही अंदर चुदाई के लिए भड़कने लगा लेकिन में डर भी रहा था कि कहीं भाभी ने बुरा मान लिया तो। तभी मैंने सोचा कि हम दोनों एक ही रज़ाई में है और अगर में कुछ भी करूं तो भाभी को शक भी नहीं होगा और

उन्हें लगेगा कि मैंने नींद में हूँ ये सोच कर में आगे बड़ा और उनकी नाईटी के ऊपर से ही उनके बूब्स को सहलाने लगा और धीरे धीरे दबाने लगा और फिर मैंने अपने होंठ को उनके होंठो से सटा दिए क्या गरम गरम साँसे थी। में तो बहुत

उत्तेजित हो गया था। मुझे अब किसी का डर नहीं था और में भाभी को ज़ोर ज़ोर से चूमने लगा और उनके बूब्स दबाने लगा। जिससे भाभी की आँख खुल गयी और जल्दी से वो मुझसे दूर हट गयी। तभी में एकदम से डर गया.. भाभी ने गुस्से से पूछा

कि यह क्या कर रहे हो? फिर मैंने कुछ नहीं बोला और चुपचाप बैठा रहा। तभी यह सब बोलकर भाभी सोने लगी जैसे ही भाभी लेटी में उनके ऊपर आ गया और बोला कि क्या भाभी आप भी कमाल करती हो? एक तरफ़ चूत में मूली डालकर अपनी प्यास

बुझाती हो और जब लंड मिल रहा है तो नखरे कर रही हो। तभी यह बातें सुनकर भाभी मुझे ध्यान से देखने लगी और बोली कि कैसी बातें बोल रहे हो? मैंने कहा कि हाँ भाभी मैंने कल रात को आपको देखा था कि मूली से आप अपनी चूत आपको चोद रही

थी। भाभी देखिए आप जवान है आपकी जवानी को देखकर सब आपको चोदना चाहते होंगे और फिर आपके पति भी तो डेढ़ साल से इंग्लेंड में है आपको क्या लगता है? आप उनके पास नहीं है तो क्या वो किसी लड़की को नहीं चोदते होंगे.. नहीं वो हर

रात किसी ना किसी को लड़की को चोदते होंगे और आप अपनी इस मस्त जवानी को यूँ ही गाजर, मूली डालकर बेकार कर रही हो और मैंने भी तो आज तक किसी को नहीं चोदा। में इधर चूत के लिए तड़प रहा हूँ और आप लंड के लिए.. हम दोनों में आग बराबर

की लगी है तो क्यों ना हम दोनों अपनी अपनी इच्छा को पूरा करे और इससे पहले कि भाभी कुछ बोलती मैंने अपने होंठो भाभी के होंठो पर रख दिए और मस्ती के साथ उनके मस्त लाल लाल होंठो को चूसने लगा। फिर भाभी ने कुछ देर मेरा

विरोध किया.. लेकिन उसके बाद वो भी मस्त होने लगी और मेर साथ देने लगी। अब में भाभी को पूरी मस्ती के साथ चूम रहा था और भाभी भी मेरा साथ दे रही थी और इसी मस्ती में भाभी ने मेरी शर्ट को खोल दिया और मुझे ज़ोर से पकड़ कर

चूमने लगी। भाभी भी अब पूरे जोश में थी। मैंने भी भाभी की नाईटी को निकालने की कोशिश की.. लेकिन भाभी मेरे नीचे थी इसलिए थोड़ी सी प्राब्लम हो रही थी। तभी भाभी ने कहा कि रूको में निकालती हूँ और भाभी उठी और उन्होंने अपनी

नाईटी को उतार कर नीचे फेंक दिया और अब वो मेरे सामने पेंटी और ब्रा में थी वो अब पूरी कामुक हो चुकी थी। मैंने उसे कम से कम 20 मिनट तक चूमा और फिर हम दोनों ने एक दूसरे को चूमा और फिर मैंने भाभी की ब्रा को भी खोल दिया और

उसकी पेंटी में अपना हाथ जैसे ही डाला वो एकदम से सिहर उठी और उसने उफफफफ्फ़ की आवाज़ निकाली। उसकी चूत एकदम गर्म और क्लीन शेव थी। शायद उसने आज ही चूत की सफाई की थी.. वो इतनी कामुक हो चुकी थी कि उसकी चूत एकदम गीली हो गई

थी। अब हम दोनों ने किस्सिंग बंद की और मैंने उसकी पेंटी को भी उतार फेंका। अब वो पूरी तरह नंगी थी। फिर मुझे एक शरारत सूझी और में जल्दी से उठा और मैंने लाईट चालू कर दी क्या बदन था उसका.. एकदम दूध जैसा। उसके बूब्स के तो

क्या कहने.. वो ना तो ज्यादा बड़े थे और ना ही ज्यादा छोटे.. एकदम मजेदार गुलाबी निप्पल.. वो एकदम टाईट हो चुके थे। उसकी शेव की हुई चूत एकदम गुलाबी थी। देखने में ऐसा लग रहा था जैसे कि किसी कुवारीं की चूत है.. जो कभी भी चुदी

ना हो। में तो उसे देखता ही रह गया। तभी वो मुझे देखकर बोली कि कभी नंगी औरत नहीं देखी क्या? फिर मैंने कहा कि नहीं भाभी आपको पहली बार देखा है और ऐसा लग रहा है कि जैसे कोई अप्सरा मुझसे चुदने आई है। आज तो मेरा नसीब खुल

गया.. इस पर वो हंस पड़ी और उसकी नज़र मेरी अंडरवियर पर गयी। मेरा लंड तो जैसे भाभी की चूत को सलामी दे रहा हो.. यह देखकर भाभी ने बोला कि इधर आओ और फिर में भाभी के पास गया और भाभी ने मेरी अंडरवियर उतार दी। अब हम दोनों ही

नंगे हो चुके थे। तभी मैंने कहा कि भाभी मैंने कभी किसी के साथ सेक्स नहीं किया.. तो भाभी बोली कि तुम टेंशन मत लो अब तुमने मुझे नंगा कर ही दिया है तो आज में तुम्हे कुछ सीखा ही देती हूँ। अब भाभी ने मुझे बेड पर लेट जाने को

कहा और में लेट गया भाभी पहले मेरे मुहं के पास अपने बूब्स लेकर आई और बोली इन्हें चूसो और दबाओ। में एक हाथ से एक बूब्स को पकड़ कर दबा रहा था और एक बूब्स को चूस रहा था.. जिससे भाभी मस्ती में उफफफ्फ़ आअहह की आवाज़े निकाल

रही थी और सिसकियाँ ले रही थी और फिर कुछ देर बाद जब मैंने दोनों बूब्स को चूस लिया तब भाभी ने मुझसे कहा कि अब तू मेरी चूत को चाटना। मैंने कहा कि ठीक है और भाभी 69 पोज़िशन में आ गयी और उन्होंने अपनी गीली चूत को मेरे मुहं

के पास कर दिया और में उनकी चूत की गहराई को अपनी जीभ से चाटने लगा और भाभी मेरे लंड को मुहं में लेकर अपने मुहं को चोदने लगी.. में तो जैसे जन्नत में आ गया था। तभी भाभी इस तरह से मेरे लंड को चूस रही थी कि क्या बताऊँ? में भी

भाभी की चूत को मज़े से चाट रहा था और फिर भाभी मेरे लंड को मुहं से निकालकर कहती कि शेखर और ज़ोर से चाटो और कुछ ही देर में भाभी अपनी चूत को मेरे मुहं के ऊपर दबाने लगी और उनकी चूत से सफेद कलर का रस निकलने लगा। उस रस का

स्वाद थोड़ा सा नमकीन था और में उसे चाटने की सोच ही रहा था कि तभी भाभी बोली कि चाट लो उस रस को.. तुम्हे बहुत मज़ा आएगा और फिर में सारा रस चाट गया और भाभी मेरा लंड बड़े मज़े से चूस रही थी। भाभी ने अब मेरे लंड को चूसकर

एकदम टाईट कर दिया था। अब भाभी मेरे पेट पर बैठ गयी और कहा कि अब देखो तुम्हारी भाभी तुम्हे किस तरह से स्वर्ग में ले जाती है और अपनी चूत के छेद को मेरे लंड के सुपाड़े पर धीरे से रखा और फिर धीरे से दबाने लगी और जैसे ही

थोड़ा सा उन्होंने दबाया उनके मुहं से अह्ह्ह की आवाज़ आई.. तो मैंने पूछा कि क्या हुआ भाभी? तो वो बोली कि कुछ नहीं.. बहुत महीनो के बाद चुदी नहीं हूँ ना इसलिए मेरी चूत अभी टाईट है और तुम्हारा लंड मोटा है.. इसलिए लंड के

अंदर जाने से मुझे तकलीफ़ हो रही है। फिर उन्होंने कहा कि तुम उठो और में लेटती हूँ और तुम अपना लंड खुद मेरी चूत में डालो और जब तक पूरा लंड चूत में नहीं चला जाता तुम रुकना मत.. चाहे आज जो भी ह
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