आंटियों की प्यास बुझाई

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Author :रवि Update On: 2016-04-28 Views: 3813

हैल्लो दोस्तों मेरा नाम रवि है और में 27 साल का हूँ, मेरी हाईट 5.6 है और मेरी आँखे सेक्स से भरी हुई है, क्योंकि अब मुझे सेक्स की लत पड़ गयी है और मैं जितना भी सेक्स करूं मुझे कम ही लगता है। दोस्तों में शुरू से ही सोचता था

कि मुझमें कोई कमी है, लेकिन जब मुझे जैसे ही एक औरत मिली तब में समझ गया कि में कितना लक्की हूँ। दोस्तों में आज आप सभी को अपनी पहली सेक्स पर आधारित घटना सुनाने जा रहा हूँ। वैसे में सेक्सवासना डॉट कॉम पर पहले से ही

बहुत सारी सेक्सी कहानियाँ पढ़ चुका हूँ, जिन्हें पढ़ना मुझे बहुत अच्छा लगता है इसलिए में उम्मीद करता हूँ कि यह आप सभी को जरुर अच्छी लगेगी। दोस्तों में कुछ बच्चों को अपने घर पर ट्यूशन देता हूँ और उन स्टूडेंट्स में से

एक की माँ (रोशनी) मुझे एक दिन मेरी फीस देने मेरे घर पर आई और उसने मेरे साथ मन ही मन में सेक्स का प्लान बना लिया, जो मुझे बाद में पता चला। वो बार-बार फोन करके अपनी बेटी की रिपोर्ट का पता करना (एक सप्ताह में 4 बार मुझे फोन

करती) और फिर कुछ देर के बाद अपनी इधर उधर की बातें लेकर बैठ जाना और उसने मुझे कई बार अपने घर पर बुलाया, लेकिन में नहीं गया। फिर आख़िर में उनसे तंग आकर एक दिन में उनके घर पर चला ही गया, तब में सिर्फ़ 23 का था और मैंने कभी

भी किसी को नहीं चोदा था। उन्होंने मेरा बहुत अच्छी तरह से स्वागत किया, मेरे लिए चाय बनाकर लाई और फिर बातें करती रही और फिर थोड़ी ही देर के बाद वो अपने पति की बातें मुझे बताने लगी और बहुत दु:खी सी लगने लगी और जब उसको

लगा कि में उनकी बातें ध्यान से सुन रहा हूँ तभी उन्होंने एकदम उदास होकर रोने का नाटक किया। तो इस पर मैंने उनको चुप कराया तो वो मुझसे चिपक गयी और मुझसे कहने लगी कि मुझे प्यार चाहिए ना कि जैल। तो मैंने कहा कि ठीक है

में अंकल से बात करता हूँ सब ठीक हो जाएगा, लेकिन तभी वो कहने लगी वो मुझसे प्यार करती है। में उनकी यह बात सुनकर एकदम चकित रह गया और फिर करीब दो मिनट में उन्होंने अपने बूब्स को अपने कपड़ो से मेरे सामने बाहर निकाल दिया

और मुझसे कहा कि में तुमसे बहुत प्यार करती हूँ, यह बूब्स अब तुम्हारे है तुम जो भी चाहो इसके साथ कर सकते हो। तो मैंने बहुत देर कंट्रोल किया फिर कहा कि आप अपना ब्लाउज बंद कर लीजिए, वो कहने लगी कि वो तभी बंद करेगी जब में

उसका प्यार कबूल करूँगा। फिर मुझे अब हाँ कहना पड़ा और इसके बाद उसने कहा कि हल्का करो इसे, तो मैंने पूछा कि वो कैसे? तो उसने कहा कि मेरे निप्पल को चूसकर और यह बात कहकर वो मेरे बिल्कुल पास आकर खड़ी हो गई। तभी में ज़ोर

से उसके बड़े बड़े बूब्स पर लपका, निप्पल को मुहं में लेकर चूमने, चूसने लगा तो उनके मुहं से सिसकियाँ निकल पड़ी और फिर बोली कि तुम आज मुझे चोद भी दो, में पिछले 4 महीने से चुदी नहीं हूँ। तो मैंने कहा कि नहीं यह ज़्यादा हो

जाएगा, लेकिन वो मेरी बात नहीं मानी फिर मैंने उनको एक बार चोद ही डाला और फिर अपने घर पर चला गया। तो उस रात में ठीक तरह से सो नहीं सका, क्योंकि मैंने आज पहली बार सेक्स किया था और फिर दूसरी बार में उनसे मिलने उनके घर पर

गया। तो वहां पर सब कुछ ठीक था अंकल आउट ऑफ स्टेशन गये हुए थे बच्चे अपने स्कूल गये हुए थे और 8 बजे से 3 बजे तक में भी बिल्कुल फ्री था इसलिए में उनके घर पर पहुँच गया और मैंने सोचा कि आज भी मुझे उनको चोदने का मौका मिलेगा,

लेकिन आज सीन कुछ और था। जैसे ही मैंने चाय पीना शुरू किया तो उनके दरवाजे की बेल बजी तो मेरे मुहं से निकला कि आज कुछ भी नहीं हो सकता और फिर तीन आंटियां उनकी पड़ोसन आ गयी। फिर उन सबने मेरे पास बैठकर चाय पी और फिर बातें

करने लगी, वो कपड़ो की बातें कर रही थी। तो आंटी ने मुझसे पूछा कि कपड़ो की बातें तुम्हे अच्छी नहीं लगती होगी? तो मैंने कहा कि हाँ जी बिल्कुल, लेकिन तभी दूसरी आंटी ने कहा कि ठीक है हम अब कुछ और काम करते है। तो उन्होंने

मुझे टेप से सभी के साईज़ नापने को कहा, दोस्तों में बहुत चकित था, लेकिन इतने में मेरे हाथ में एक टेप थी और में उनकी छाती का नाप लेने लगा और मैंने पहले कभी भी किसी का नाप नहीं लिया था। फिर आंटी (रोशनी) ने कहा कि बूब्स के

ऊपर से लो और सभी हँसने लगे और उधर मेरा लंड धीरे धीरे टाईट होता जा रहा था। फिर शिल्पा आंटी ने मेरे हाथ पकड़कर अपने बूब्स पर रख लिए और कहा कि दबाओ इसको। तो मैंने हाथ हटा लिए, लेकिन तभी रोशनी ने कहा कि कोई बात नहीं यार

सब चलता है और यह कौन सा सेक्स के लिए कह रहे है। तो मैंने फिर हल्के से उनके बूब्स दबाए और फिर उनकी मांग बढ़ गई और वो बोली कि ब्लाउज के अंदर से दबाओ फिर मैंने मुलायम बूब्स को ब्लाउज के अंदर से दबाया। मेरी आँखे धीरे

धीरे बंद हो रही थी और इतने में मैंने देखा कि वो सभी नंगी हो रही है तो मुझे थोडा डर लगने लगा था, लेकिन मुझे थोड़ी हिम्म्त थी, क्योंकि उनके साथ साथ रोशनी भी नंगी हो रही थी। दोस्तों ये कहानी आप सेक्सवासना डॉट कॉम पर पड़

रहे है। अब में समझ गया था कि कुछ होने को है तो उन्होंने मुझे सोफे पर बैठाया और फिर सभी बारी बारी से मेरे लंड को चूसने लगी। सबसे पहले शिल्पा आई, फिर रूशी, फिर शीला और सबके बाद में रेखा ने मेरा लंड चूसा और तब तक मेरे

लंड का पानी निकल गया और वो सीधा रेखा के मुहं में गया जो उसने झट से पी लिया। तो इस पर बाकी के तीन लोगों ने रेखा की निप्पल को चूस लिया और उसको बहुत गालियाँ दी कि कुतिया, रंडी हमको भी तो लंड चूसना था तूने तो खेल पहले से

ही पूरा ख़तम कर दिया। फिर रेखा को दोबारा लंड खड़ा करने को कहा गया उसने फिर से मेरे लंड को चूसना शुरू किया। वह लंड को लगातार चूसती व चाटती ही जा रही थी। तभी आंटी ने मेरे लंड पर थोड़ा सा शहद लगा दिया और अब रेखा ने और भी

प्यार से मेरे लंड को चाटना, चूसना शुरू कर दिया और उन सबने अपने अपने बूब्स पर शहद लगाया और वो सभी एक एक करके मुझसे अपने निप्पल चुसवा रही थी। में उस समय सोफे पर एकदम सीधा बैठा था और मेरा लंड रेखा चूस रही थी और में उन

तीनों के बूब्स चूस रहा था। वो सब मुझसे अपने बूब्स चुसवाना चाहती थी तो वे एक दूसरे के बूब्स को हटा रही थी। फिर रोशनी ने कहा कि यह मेरा दोस्त है में इससे जैसा कहूँगी यह सब वैसे ही करेगे और फिर उसने मुझे लेटने को कहा

और रेखा अब तक मेरा लंड खड़ा करने की अपनी सजा पूरी कर ली थी। फिर उन सबने अपनी अपनी चूत में एक छोटा चम्मच शहद डाल लिया और सबसे पहले शीला मेरे मुहं पर बैठ गयी और कहने लगी कि चाट मेरे राजा और फिर मैंने चाटना शुरू ही किया

था कि रोशनी और शिल्पा आई और शीला को मेरे ऊपर से हटा दिया। फिर वो बारी बारी से बैठ गई और मुझे उनकी चूत चाटनी पड़ी, जिसकी वजह से मेरा मुहं पूरा मीठा हो गया था, लेकिन फिर मुझे चूत का नशा हो गया था और मैंने चूत का स्वाद

लेकर चाटना शुरू किया और रेखा अब तक लगातार मेरा लंड चूस रही थी और वो कामुक भी होने लगी थी और हमे करीब ऐसा करते हुए 1/2 घंटा होने को था। फिर शिल्पा ने मुझसे कहा कि प्लीज अब मेरी चूत को भी थोड़ा सा हल्का कर दो। मैंने कहा कि

ठीक है और वो मेरे मुहं पर बैठ गयी फिर अपनी चूत का रस मेरे मुहं में डालने लगी। तो में भी चूसता जा रहा था और अब उसकी स्पीड बढ़ती जा रही थी और वो मेरे सर को पकड़कर खींच रही थी। तभी अचानक से उसकी चूत फट पड़ी और चूत रस मेरे

मुहं में गिर पड़ा जो मैंने चाट लिए और फिर उसने मेरे मुहं में सू सू भी किया जो मैंने बहुत स्वाद लेकर पी लिया। फिर क्या था सबने मुझसे बारी बारी से अपनी चूत चटवाई और मुझे अपनी अपनी चूत का रस पिलाया। में तो बिल्कुल

निढाल हो गया था, रेखा ने मेरा लंड खड़ा कर दिया और वो सब उस पर टूट पड़ी और मुझसे कहने लगी कि पहले मुझे चोदो पहले मुझे, लेकिन में अकेला किस किस को चोदता? और फिर वो सब डॉगी स्टाइल में बन गयी, क्योंकि लंड एक बार खाली हो चुका

था और अब मेरा जोश भी बढ़ गया था। फिर मैंने 5 मिनट तक हर एक की चूत को तृप्त किया और में उसके बाद में जैसे ही झड़ने को हुआ तो उन सबने मेरे लंड के आगे अपना अपना मुहं खोलकर लगा दिया और चाटने लगी। तो मेरे समझ में नहीं आ रहा था

कि में यह कहाँ पर हूँ और यह सब क्या हो रहा है? मेरे लंड की यह सब इतनी प्यासी क्यों है? तभी मेरे लंड से वीर्य निकल गया और उन सबने उसको चाट लिया और रेखा के मुहं में सबसे ज़्यादा वीर्य की बूंदे गिरी थी और वो बहुत खुश भी थी,

लेकिन अब तक उसको अपनी चूत चटवाने का सुख नहीं मिल पाया था जो कि मैंने दस मिनट बाद उसकी चूत को चाटकर दिया और हमे ऐसा करते हुए पूरे दो घंटे बीत चुके थे और अब हम सभी साथ-साथ नहा रहे थे और अब में उन सबके बूब्स को धो रहा था

और चूत को चाट रहा था। तो वो भी एक एक करके मेरे लंड को चूस रही थी। अब में जब भी उनसे मिलता हूँ सेक्स तो करता ही हूँ, लेकिन उनके परिवार के सुख दुख को भी समझता हूँ। हमारी टीम में अब तक 11 औरतें हो चुकी है और सभी वो है जो

सेक्स को सेक्स समझती है ना कि व्यापार ।।

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