Medam Ko Apne Bacche Ki Maa Banaya


Author :युवराज Update On: 2016-05-16 Views: 5782

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम युवराज है और में आज आप सभी को मेरी लाईफ की एक सच्ची घटना बताने जा रहा हूँ जो मेरे साथ कुछ साल पहले घटित हुई। दोस्तों सबसे पहले में अपने बारे में आप लोगों को बता दूँ, में नासिक के एक प्राईवेट

कॉलेज में बी-टेक कर रहा हूँ और मेरे लगातार जिम जाने के कारण में बहुत तगड़ा और मजबूत भी हूँ और अब में अपनी हसीना के बारे में आप लोगों को बता दूँ जो कि मेरी मेडम है और मेरी अपार्टमेंट में मेरे फ्लेट के सामने रहती है।

उसका नाम अमृता है और वो दिखने में माधुरी दीक्षित जैसी लगती है, दोस्तों वो हमेशा साड़ी पहनती है, वो शादीशुदा है और उसके पति एक प्राईवेट मल्टीनेशनल कंपनी में काम करते है और अब में आपका ज्यादा समय बर्बाद ना करते हुए

सीधे अपनी कहानी पर आता हूँ। दोस्तों यह कहानी तब की है जब में अपने कॉलेज के दूसरे साल में था और उस समय अमृता मेडम मेरा दूसरे साल में मेरी एक विषय की क्लास लेती थी और इसके कारण मेरी मेडम से बहुत अच्छी जान पहचान हो गई

थी। एक दिन कॉलेज खत्म होने के बाद मैंने देखा कि मेडम पैदल पैदल अपने घर की तरफ जा रही थी और में जल्दी से अपनी बाईक लेकर मेडम के पास पहुंच गया और फिर मैंने मेडम से कहा कि मेडम चलो में आपको घर तक छोड़ देता हूँ। तो मेडम

कहने लगी कि तुम्हारा बहुत बहुत धन्यवाद युवराज, लेकिन में ऑटो से चली जाउंगी, तुम मेरे लिए परेशान क्यों होते हो? मैंने उनसे कहा कि मेडम में भी तो बिल्कुल अकेला अपने घर पर ही जा रहा हूँ, फिर आपको मेरे साथ जाने में क्या

समस्या है? और मेरे बहुत ज़िद करने के बाद वो मान गई और अपार्टमेंट में पहुंचने के बाद अमृता ने मुझे एक बार फिर से धन्यवाद बोला और फिर वो मुझसे बाय बोलकर मुस्कुराती हुई अपने फ्लेट के अंदर चली गई। दोस्तों उस दिन से में

हर दिन जब भी मौका मिलता अमृता को कॉलेज से घर पर छोड़ा करता और इस कारण से मेरी अमृता मेडम से एक बहुत अच्छी दोस्ती हो गई थी। एक दिन मुझे अचानक दोपहर को आवाज सुनाई दी कि कोई औरत किसी के ऊपर ज़ोर ज़ोर से चिल्ला रही है तो

मैंने अपने फ्लेट का मेन दरवाजा खोलकर देखा और मैंने सुना कि वो आवाज़ तो अमृता मेडम के फ्लेट से आ रही थी और फिर मैंने एक छोटे से छेद से अंदर झांककर देखा कि मेडम रो रही थी और उनकी सासू माँ उन्हें डाट रही थी और तब मैंने

सुना कि मेडम को शादी के इतने समय बीतने के बाद भी अब तक कोई औलाद नहीं हो रही थी इसलिए वो उन्हें डांट रही थी और मुझे मेडम पर बहुत तरस आ रहा था, लेकिन में मजबूर था। अगले दिन रविवार था और मेडम ने मुझे उनके घर पर चाय पीने

के लिए बुलाया था और में तैयार होकर मेडम के घर पर चला गया। मैंने देखा कि अमृता मेडम ने उस दिन लाल कलर की सारी पहनी हुई थी और उनके वो बूब्स वाह में आपको क्या बताऊँ? मेरा मन तो कर रहा था कि में तुरंत उन्हे ज़ोर से दबोचकर

उनका सारा रस पी जाऊं, लेकिन मैंने अपने आप पर कंट्रोल किया और फिर उन्हे गुड मॉर्निंग कहा, उन्होंने मुझे बैठने को कहा और किचन में जाने लगी। दोस्तों अब में आपको क्या बताऊँ? उनकी गांड को देखकर तो मेरा लंड अचानक से टाईट

हो गया था। वो चाय लेकर आई और मुझे चाय देकर मेरे पास के सोफे पर बैठ गई। अब हम दोनों ऐसे ही अपने कॉलेज की बातें कर रहे थे और चाय पीने के बाद हमने ऐसे ही थोड़ी देर इधर उधर की बातें की और फिर मेडम ने टीवी शुरू कर दिया मैंने

देखा कि उस समय टीवी पर अच्छे रोमॅंटिक गाने आ रहे थे। अब हम दोनों एक दूसरे से बहुत खुलकर बातें कर रहे थे और हम दोनों एक दूसरे के साथ बहुत घुल मिल गये थे कि तभी अचानक से मेडम ने मुझसे पूछा कि क्या तुम्हारी कोई

गर्लफ्रेंड है? में तो उनके मुहं से यह शब्द सुनकर हैरान हो गया कि मेडम इतनी कड़क स्वभाव की थी और आज यह मुझसे अचानक ऐसा व्यहवार कैसे करने लगी? तभी मैंने उन्हें अपना तुरंत जवाब दिया कि नहीं, तो मेडम मुझसे बोली कि अरे

शरमाओ मत यहाँ पर में तुम्हारी मेडम नहीं बस एक दोस्त हूँ? दोस्तों फिर मैंने थोड़ी हिम्मत करते हुए उनसे कहा कि सच में मेडम मेरी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है, क्योंकि मुझे आज तक आपके जैसे कोई सुंदर लड़की नहीं मिली। अब मेडम

मेरे मुहं से यह बात सुनकर मुस्कुराने लगी और हंसने लगी और कहने लगी कि शरारती लड़के मुझे छेड़ते हो? दोस्तों मुझे तो जैसे अब आगे बढ़ने का मौका मिल चुका था और उस दिन शाम को मैंने तीन बार उनको याद करके मुठ मारी और अब में

उनको किसी भी हाल में चोदना चाहता था और अब में दिन रात बस उन्हे ही अपने सपनों में देखता और मुठ मारता था। उस समय हमारे कॉलेज की तीन दिन की छुट्टियाँ थी और मैंने तो मन ही मन ठान लिया था कि में कुछ भी और कैसे भी करके

अमृता को जरुर चोदूंगा और उसी समय मेरी किस्मत से मेडम के पति और उनकी सासू माँ उनके गावं में किसी रिश्तेदार के यहाँ पर पांच दिन के लिए शादी में गए हुए थे। अब में यह बात सुनकर मेडम की चुदाई करने की बात सोचने लगा कि

कैसे में उन्हें चोद सकता हूँ? में अब जल्दी से अपनी बाईक लेकर मेडिकल पर गया और एक कंडोम का पॅकेट और एक सेक्स का नशा बढ़ने वाली गोली लेकर आ गया और में अपार्टमेन्ट आते ही सीधे मेडम के फ्लेट के पास पहुंचा, मैंने दरवाजे

पर लगी घंटी बजाई मेडम ने दरवाजा खोला और मुझे अंदर आने को कहा। फिर अमृता ने मुझसे पूछा कि क्या हुआ युवराज तुम्हारा कैसे आना हुआ? मैंने कहा कि कुछ नहीं मेडम बस में घर पर अकेला बोर हो रहा था इसलिए मैंने सोचा कि चलो कुछ

देर मेडम के पास जाकर बैठता हूँ। तभी मेडम मुझसे कहने लगी कि चलो ठीक है में तुम्हारे लिए जूस लेकर आती हूँ और अब मेडम किचन में चली गई और अब मुझसे तो रहा ही नहीं जा रहा था, मेरे मन में मेडम का रेप करने का ख्याल आने लगा और

मैंने तय कर लिया कि कुछ भी हो जाए, में आज मेडम को जमकर चोदूंगा और थोड़ी देर में मेडम दो ग्लास जूस लेकर आई और उन्होंने एक ग्लास मुझे दे दिया। तो मैंने मेडम से पूछा कि क्यों मेडम आपकी सासू माँ नज़र नहीं आ रही है? तो मेडम

ने कहा कि वो और मेरे पति गावं में किसी रिश्तेदार के यहाँ पर शादी में गये है और अब उनके मुहं से यह बात सुनकर मेरे मन में तो लड्डू फूट रहे थे। तभी मैंने मेरा मोबाइल निकाला और चुपके से मेडम के घर के टेलिफोन पर फोन किया,

मेडम ने अपना ग्लास टेबल पर रखा और वो फोन पर बात करने चली गई और इस बीच मैंने जल्दी से मेरी जेब से सेक्स की नशे की कुछ गोली निकाली औट मेडम के उस ग्लास में डाल दिया और मैंने भी एक सेक्स की गोली खा ली, क्योंकि आज मुझे मेडम

को ज्यादा देर तक चोदना जो था। अब मैंने फोन कट कर दिया और मेडम वापस सोफे पर आकर बैठ गई। दोस्तों अमृता ने उस दिन पीले कलर की साड़ी और ब्लाउज पहना हुआ था और उसमे से उनकी वो सफेद कलर की ब्रा साफ साफ दिख रही थी जिसको देखकर

मेरा लंड तो किसी नाग की तरह मेरी जींस के अंदर खड़ा हो गया था और आज वो सेक्स की देवी दिख रही थी। अब हम दोनों ने जूस खत्म किया और बातें करने लगे और बातें करते करते मेडम से मैंने पूछा कि क्या में टीवी देख सकता हूँ?

अमृता ने कहा कि क्यों नहीं और उसने मुझे टीवी का रिमोट दे दिया, मैंने टीवी शुरू किया और सीधा फिल्म चेनल लगा दिया, उस पर आशिक़ बनाया आपने फिल्म आ रही थी, हम दोनों फिल्म देखने लगे। तभी आशिक़ बनाया गाना आने लगा वो देखते

ही मेडम पर उस गोली का असर होना शुरू हो गया और अब मुझसे भी कंट्रोल नहीं हो रहा था। मैंने तुरंत टीवी को बंद कर दिया और अमृता के ऊपर टूट पड़ा। मैंने उसके दोनों हाथ पकड़ रखे थे और उसे अपने नीचे सोफे पर दबोच रखा था और में

लगातार उसके गालों, गर्दन को चूमता जा रहा था। तो वो मुझे धक्के देने लगी और कहने लगी कि युवराज तुम यह सब क्या कर रहे हो, प्लीज छोड़ दो, मुझे जाने दो, में तुम्हारी माँ जैसी हूँ, तुम मेरे साथ ऐसा कैसे कर सकते हो? अह्ह्ह्हह

छोड़ो में तुम्हारे आगे हाथ जोड़ती हूँ प्लीज आह्ह्ह्हह्ह छोड़ो। तभी में उससे कहने लगा कि नहीं मेरी जान चाहे कुछ भी हो जाए आज में यह मौका अपने हाथ से नहीं जाने दूंगा। देखो मुझे तुम बहुत अच्छी लगती हो और यह बात

कहकर मैंने उसे अपनी बाहों में ले लिया और उसके गालो को चूमने लगा, लेकिन वो लगातार अपना सर इधर उधर करके छटपटा रही थी और मुझसे छोड़ने की भीख माँग रही थी, लेकिन में किसी की कोई भी बात सुनने के मूड में नहीं था और अब उसकी

आँखो में से आंसू आने लगे थे और वो रोने लगी। फिर मैंने उसे उठाया और उसे अपने नीचे दबोच कर उसके होंठो के ऊपर किस करने लगा। मैंने उसके दोनों हाथ ऊपर करके पकड़ रखे थे। अब वो रोते रोते मुझसे कहने लगी कि मैंने तुम्हारा

क्या बिगाड़ा है प्लीज मुझे छोड़ दो? में एक शादीशुदा औरत हूँ और अगर बाहर किसी को पता चल गया तो में कहीं मुहं दिखाने के लायक नहीं रहूंगी, लेकिन में बस उसके होंठो का रस पिए जा रहा था और वो मेरा बहुत विरोध कर रही थी, लेकिन

वो मेरे सामने बहुत कमजोर थी और अब में उसके विरोध से बहुत तंग आ गया और अब में उसे समझाने लगा, देखो अमृता में चाहू तो आज अभी इस वक्त तुम्हारे साथ ज़बरदस्ती भी कर सकता हूँ, लेकिन में चाहता हूँ कि तुम मेरा पूरा साथ दो,

मुझे पता है कि तुम्हे भी इसकी बहुत ज़रूरत है प्लीज एक बार मुझे तुम्हारे साथ प्यार करने दो, यह हमारा मिलन सिर्फ़ हम दोनों के बीच में रहेगा और बाहर किसी को भी पता नहीं चलेगा, इसलिए प्लीज तुम मेरा साथ दो। दोस्तों अब

वो मेरी पूरी बात को समझकर थोड़ी शांत हो चुकी थी। मुझे लगा कि शायद उस पर मेरी बातों का कोई ना कोई असर हुआ था और अब मैंने महसूस किया कि उसका विरोध भी थोड़ा कम हो गया था। फिर मैंने झट से उसकी साड़ी को उतारकर दूर फेंक

दिया उसकी साँसे अब बहुत तेज हो गई थी और उसके वो गोल गोल रसीले बूब्स उसकी तेज सांसो की वजह से लगातार ऊपर नीचे हो रहे थे। अब में उसके पीछे खड़ा रहा और उसके रसीले बूब्स ब्लाउज के ऊपर ही दबाने लगा। फिर वो अचानक से

सेक्सी आवाजें निकालने लगी आह्ह्ह उईईइइ माँ आअहह प्लीज मुझे जाने दो, में अब नहीं सहन कर सकती। अब मैंने उसे अपनी गोद में उठाया और उसके बेडरूम में लेकर चला गया और उसे बेड पर लेटा दिया। फिर मैंने मेरी शर्ट बनियान और

जींस को उतार दिया और अब में सिर्फ अंडरवियर में रह गया और मेरा लंड किसी गरम लोहे की तरह एकदम टाईट खड़ा हुआ था। तभी अमृता ने अपना एक हाथ अपनी आखों पर रख लिया था और रो रही थी। फिर मैंने उसे उठाकर बेड पर बैठाया और उसका

एक हाथ अपने लंड पर रख दिया, लेकिन उसने झट से हाथ हटा लिया और अब में उसकी जांघो पर बैठ गया और उसे चूमने लगा, वो ज़ोर से सिसकियाँ भरने लगी। अब मैंने उसे फिर से लेटाया और ब्लाउज के ऊपर से ही उसके निप्पल को चाटने लगा, वो अब

ज़ोर ज़ोर से आहे भरने लगी आईईईईइउ उह्ह्ह्हहह प्लीज युवराज ऐसा मत करो मेरे साथ उफ्फ्फ्फफ्फ्फ़। अब मैंने उसका ब्लाउज उतार दिया और पेटीकोट का नाड़ा खोलकर उसे एक तरफ फेंक दिया, लेकिन में अब बहुत हैरान हो गया था

क्योंकि अमृता ने मेरा पूरा साथ दिया और मेरा कोई विरोध नहीं किया, बस वो लगातार सिसकियाँ लेती रही। अब मैंने उससे कहा कि मैंने तुमसे कहा था ना डार्लिंग तुम्हे भी सेक्स की बहुत ज़रूरत है, तो वो बोली कि हाँ आख़िर में

भी तो एक औरत हूँ मुझे भी ठीक वैसा ही महसूस होता है जैसा तुम्हे, प्लीज अब मुझे वो मज़ा दो जिसके लिए में बहुत समय से तड़प रही हूँ। फिर मैंने उससे में तुमसे बहुत प्यार करता हूँ कहा और अब हम दोनों फ्रेंच किस करने लगे फिर

मैंने उसकी ब्रा को उतार दिया और सूंघकर दूर फेंक दिया। अब उसके वो दोनों रसीले, मुलायम, एकदम गोल, बड़े बूब्स मेरे हाथों में थे और में उन्हें ज़ोर ज़ोर से दबा रहा था और निप्पल को खींच रहा था, जिसकी वजह से वो ज़ोर ज़ोर से

आहे भर रही थी आह्ह्ह्ह आईईईई युवराज थोड़ा धीरे धीरे करो उह्ह्ह्हह्ह्ह्ह वरना में मर जाउंगी, में भी तुमसे बहुत प्यार करती हूँ। फिर मैंने दस मिनट तक उसके दूध दबाए और फिर में उसका गदराया हुआ बदन चाटते चाटते नीचे

उसकी चूत के पास आ गया और अब मैंने अपना एक हाथ उसकी लाल कलर की पेंटी में डाल दिया और फिर चूत को रगड़ने लगा। वो सिसकियाँ ज़ोर से भरने लगी आह्ह्ह्ह आईईइ दर्द कर रहा है उईईइ माँ आह्ह्ह्हह ऐसा मत करो। अब मैंने उसकी चूत को

पेंटी के ऊपर से ही चाटी और फिर उसे भी उतार कर फेंक दिया और अब वो मेरे सामने पूरी नंगी थी और उसने मुझे एक स्माइल दी और जब मैंने उसके दोनों पैर फैलाए तो मैंने देखा कि उसकी चूत पर एक भी बाल नहीं था। उसकी चूत बहुत सुंदर,

थोड़ी गीली और बहुत कामुक थी। फिर मैंने अपनी जीभ को उसकी चूत पर रख दिया और एक स्मूच किस किया और फिर मैंने धीरे धीरे चूत चाटने की स्पीड को बढ़ा दिया और उसके दोनों हाथ मेरे सर पर थे उसे बहुत मज़ा आ रहा था और में उसकी चूत को

चाट चाटकर उसका सारा रस गटक गया। अब मैंने उसे बेड के कोने पर बैठाया और उससे मेरी अंडरवियर उतारने के लिए बोला। दोस्तों उसका रोना अब बिल्कुल बंद हो चुका था और वो भी अब मेरे साथ साथ सेक्स के मज़े लेने लगी थी और अब उसने

शरमाते हुए अपनी दोनों आखें बंद करके मेरी अंडरवियर को उतार दिया और अंडरवियर निकलते ही मेरा लंड 90 डिग्री में तनकर खड़ा हुआ था। दोस्तों ये कहानी आप सेक्सवासना डॉट कॉम पर पड़ रहे है। फिर मैंने उससे अपनी आखें खोलकर

मेरे लंड को पकड़ने के लिए कहा, लेकिन तभी वो मेरे लंड को देखकर बिल्कुल हैरान हो गई और चकित होकर मुझसे बोली कि इतना बड़ा अरे बाप रे नहीं में इसे नहीं ले सकती प्लीज छोड़ दो मुझे प्लीज। तभी मैंने उससे कहा कि अरे बड़े से

कुछ नहीं होता और वैसे बड़े में ही ज्यादा मज़ा आता है और वैसे अमृता तुम्हारे पति का कितना बड़ा है प्लीज बताओ ना? तो उसने मुस्कुराते हुए कहा कि तुम्हारे लंड से आधा और अब मैंने उससे अपने लंड को मुहं में लेने के लिए कहा,

लेकिन उसने मुझे साफ मना कर दिया। फिर मैंने उससे बहुत बार कहा कि प्लीज बस एक बार अंदर लो और फिर तुम निकाल देना और वो अब मेरी बात पर राज़ी हो गई और उसने मेरे लंड का टोपा मुहं में ले लिया तो मैंने उससे पूरा लंड मुहं में

लेने को कहा और फिर मैंने उसकी नाक को दबाया उसके पूरा मुहं खोलते ही मैंने पूरा लंड अंदर घुसा दिया, लेकिन उसे साँस लेने में बहुत दिक्कत हो रही थी और उसकी आखों से आँसू बाहर आ रहे थे। अब मैंने अपने लंड को बाहर निकाला तो

देखा कि उसका पूरा थूक मेरे लंड पर लगा हुआ था और वो ज़ोर ज़ोर से खांसने लगी और वो मुझसे कहने लगी कि मेरे पति तो बर्फ से भी ज़्यादा ठंडे है, लेकिन तुम उनसे बिल्कुल विपरीत हो और अब तुम आराम से जी भरकर मुझे चोद सकते हो,

लेकिन मेरी एक शर्त पर। फिर मैंने उनसे पूछा कि वो क्या मेडम जी? तो वो बोली कि बस यही कि आज से तुम मुझे कभी भी अकेले में मेडम नहीं बुलाओगे। फिर मैंने बहुत खुश होकर कहा कि जो हुक्म मेरी अमृता डार्लिंग और यह बात सुनकर

हम दोनों ज़ोर ज़ोर से हंसने लगे और हंसते हंसते उसने अपने दोनों पैरों को फैलाते हुए मेरे सर को पकड़कर अपनी चूत की तरफ झुकाते हुए वो मुझसे बोली कि आओ मेरे प्यारे स्टूडेंट अपनी हॉट सेक्सी अमृता की प्यासी चूत में आज

तुम पूरी तरह से समा जाओ उह्ह्हह्ह आईईइ प्लीज थोड़ा आराम से करो जानू, अब से यह सब अपना ही समझो अह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़ हाँ हाँ थोड़ा और अंदर। फिर में अपनी जीभ को उनकी चूत के अंदर डालकर उनकी प्यासी चूत के मज़े लेने लगा और 15

मिनट के बाद हम 69 पोज़िशन में आ गये। उसकी चूत मेरे मुहं में और अब मेरा कड़क लंड उसके गुलाबी होंठो के बीच में था कुछ देर बाद अमृता

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