दोस्त की बहनियां चुद गई

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Author :अंजू Update On: 2016-06-03 Views: 1978

मेरा नाम अंजू हे और मेरे भाई का नाम अमर अपने माता पिता के हम दो ही संतान थे भाई कही भी जाते कोई प्रसंग में तो मुझे अक्सर ले जाते थे. एक दिन में अपने भाई के साथ उसके दोस्त के यहाँ शादी में गई हुई थी भाई के दोस्त की ही

शादी थी रवि हे उनका नाम तो भाई और उनके सभी दोस्त काम में बीजी थे में रवि की बहेन (जिसका नाम रागिनी था.) के साथ थी दोस्तों ये कहानी आप सेक्सवासना डॉट कॉम पर पड़ रहे है। हम दोनों काफी देर रात तक बाते करते रहते थे. एक दिन

रात को हम लोग बेठे हुए थे और एक लड़का आया ठीक मेरे भाई की उम्र का ही होगा उसने आकर रागिनी को कुछ संदेश दिया और रागिनी मुझे उसके साथ बिठा कर चली गयी वो लड़का मेरे भाई का दोस्त ही था फिर साथ में बेठ ने से इधर उधर की बाते

करने पर हमें पता चला. हम दोनों ने एक दुसरे का परिचय दिया और लिया उसने अपना नाम अक्षय बताया. दो दिन में हमारी काफी अच्छी पहचान हो गयी. फिर वह से घर लोटते समय हमने एक दुसरे का फोन नंबर भी ले लिया. अब हम घर चले आये पता

नहीं वो केसी फीलिंग्स थी घर आने के बाद मुझे चेन नहीं पड़ा मुझे लगा वो फोन करेगा कभी फोन हाथ में उठती कभी रखती थी की उसका फोन आएगा… अब तो मेने सोचा चलाओ में फोन कर ही देती हूँ मुझे उससे बात करनी थी मुझे चेन नहीं पड़ता

था तो मेने फोन लगाया लेकिन बीजी आया थोड़ी देर बाद लगाय तो फिर भी बीजी आया…… फिर मेने फोन रख दिया और आँखे बंद करके वो दो दिन हम दोनों ने जो साथ में दो दिन गुजारे थे वो याद कर रही थी की फोन रिंग बजी. मेने देखा तो उसका ही

फोन था में तो जेसे अपने पति को दांत रही हो एसे ही उसे डांटने लगी तो वो भी बोला मेडम क्या में आपका पति हु जो इस तरह से मुझे दांत रही हो अरे में भी अगर गुस्सा करके तुम्हे फोन नहीं करू तो में भी तुमको फोन लगा रहा था दो

बार मेने तुम्हे फोन लगाया लेकिन दोनों समय तुम्हारा फोन बीजी आया थोड़ी देर बाद लगे तो अब जा के लगा आप से बात करनी थी लेकिन आप तो लड़ने के मूड में हो…. अरे अक्षय क्या सच में तुम मुजको फोन लगा रहे थे मेने तो सोचा

की…….तुम मुझे भूल गए होगे ….अरे पगली जिसे दिल दे बेठा हु उसे केसे भूलूंगा में….क्या..? मेने उसे पूछा हां अंजू में तुम्हे प्यार करता हु. में तो जेसे वो सामने खड़ा होकर अपने प्यार का इजहार कर रहा हो और में शर्मा रही हु

एसे फोन पर भी शर्मा गयी. थोड़ी देर कुछ नहीं बोली फिर मेने भी अपने प्यार का इजहार किया. और उसने स्वीकार लिया. अब हम दोनों रोज़ फोन पर बाते करने लगे और हमारी दोस्ती भी बढती गई दोस्ती ने बढ़ते बढ़ते अपना अलग मकाम बनाया और

वो था प्यार मोहब्बत का. पहले पहले तो फोन पर हम दोनों बस युही प्यार की और सारा दिन हुई बातो की चर्चा करते थे लेकिन अब हम थोड़े गंभीर हुए थे और अकेले में कही मिलना कहते थे हम दोनों की यही इच्छा थी की दो तिन घंटो के लिए

कही अकेला हमें मिलने का मोका मिल जाए क्यों की अब तो हम दोनों फोन पर सेक्स भरी बाते करते करते ही सेक्स के नशे में चूर हो जाते थे और हम दोनों इतने तड़प उठते थे की फोन चालू रख कर ही ऊउह्ह्ह आःह्ह्ह आःह्ह जेसी सेक्सी

आवाज़े एक दुसरे की सुनते सुनते एक दुसरे का दिलो दिमाग में ख़याल रख के हम हस्त मैथुन करते थे में उसका ख़याल करके अपनी चूत में उंगलिया करती थी और वो भी मेरा ख़याल करते हुए अपने लंड को मुठ्ठी में लेकर मसलता था और मुठ

मारता था बड़ा मज़ा आता था लेकिन अब ये मज़ा ओवर हो चूका था ये दूर से अब हमें और भी तडपा रहा था हम दोनों बहुत जल्द मिलना चाहते थे और सेक्स करना चाहते थे लेकिन क्या करे एसा कोई मौका तो मिले एसी कोई जगह तो मिले जहा हम दोनों

सुकून से बिना किसी के डर से सेक्स का मज़ा ले सके. और हम दोनों की दुआ रंग लाइ. एक दिन एसा हुआ की मेरी भाभी के मैके में किसी कीमोत हो गयी तो मेरे घर से मेरा भाई, भाभी, माँ और मेरे पापा सभी लोग वहां गए हुए थे अब घर में में

अकेली थी तो मेने अक्षय को फोन किया की .. तुम मेरे घर आ जाओ कही पर रुकना नहीं में एक मिनट भी गवाना नहीं चाहती एक एक मिनट का सेक्स करना चाहती हूँ .मेरे घर इस वक्त कोई नहीं हे में अकेली हूँ. तुम जल्दी से आ जाओ अब में

नाहाने जा रही हूँ. कह कर मेने फोन रख दिया में तो नहाने चली गयी . लेकिन वो जहा था वही से बाइक पर सिर्फ २० मिनट में आ गया. मेरे घर से वो १ घंटे की दुरी पर था लेकिन बाइक उसने इतनी तेज रफ़्तार से चलाई को सिर्फ २० मिनट में ही

आ गया. जब उसने डोर बेल बजाया तभी में नहा के निकली थी नाईट शूट पहने मेने डोर खोला वो सामने खड़ा था मुझे सेक्सी नाईट ड्रेस में देख कर उसका लंड खड़ा हो गया जो मेने देखा उसका लंड ७ इंच लम्बा था जो उसकी पेंट के ऊपर से भी दिख

रहा था मेने उसके लंड को नशीली तरीके से देखा वो तो मर ही गया मुज पर मुझे अन्दर धक्का दे कर वो भी अन्दर आया और दरवाजा बंद किया टूट पड़ा सीधा मुज पर और में उसके लंड पर.दोस्तों ये कहानी आप सेक्सवासना डॉट कॉम पर पड़ रहे

है। में तो दबा दबा के उसे उकसा रही थी और वो मुझे किस करे जा रहा था वो मुझे काट रहा था मेरे बूब्स दबा रहा था और हां मेरा नाईट ड्रेस में छुपा के रखती थी घरवालो से. क्यों की मेरा नाईट ड्रेस सेक्सी था मेरे बूब्स की निपल

को ढकता था और चूत के सेंटर पे आता था और पूरा बदन नंगा में ये ड्रेस जब उसे रात को फोन सेक्स करती थी जब पहनती थी और चूत में उंगलिया करने के बाद निकाल कर छुपा देती थी किसी के हाथ ना लगे आज मेने पहनी थी उसके लिए और खुदके

लिए जिसे देख कर वो बहुत ही एक्साईट हो चूका था. मुझे उछल उछल कर किस किये जा रहा था मेरे बूब्स को दबा रहा था फिर तो उसे मेरा ये सेक्सी नाईट ड्रेस भी दिवार लगने लगा तो उसने उसे भी फाड़ दिया और मुझे पूरी की पूरी नगी कर दी

और मुझे गोद में उठाये मेरे बेडरूम में ले गया जहा बेड पर मुज फेकते ही वो मुज पर चढ़ बता उसने मेरी चूत में सीधा अपना लंड घुसा दिया और जोर जोर से उछल उछल कर मुझे चोदने लगा और में भी अपनी गांड हिला हिला कर चोद रही थी और

चुदाई का मज़ा ले रही थी क्या बताऊ दोस्तों क्या मज़ा आ रहा था. १ घंटा तक उसने मुझे अलग अलग तरीको से चोदा फिर मेरी चूत के अन्दर ही वो झड गया मेने उसे गिफ्ट समज कर अपने अंदर एंटर कर लिया.

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