रिक्शे वाले से सील तुड़वाई


Author :ज्योति Update On: 2016-06-06 Views: 3732

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम ज्योति है और में B.A. की स्टूडेंट हूँ। इस साईट पर ये मेरी पहली कहानी है। दोस्तों ये बात 1 साल पुरानी है, तब मेरी उम्र 21 साल की थी और में दिखने में सुंदर हूँ। मेरा साईज़ 34-30-32 है और मेरे घर में छोटा

भाई, पापा-मम्मी, दादी और में हूँ। ये बात तब शुरू हुई जब सर्दी का मौसम शुरू हुआ था, तब मेरे एक दोस्त का एक्सिडेंट हो गया, जिसके साथ में कॉलेज जाती थी। फिर मेरे पापा ने मेरे लिए एक रिक्शेवाले का इंतज़ाम किया, क्योंकि

पहले में मेरी दोस्त के साथ ही कॉलेज आती जाती थी। जब 2-3 दिन तक रिक्शेवाला नहीं मिला तो मुझे बहुत प्रोब्लम हुई, फिर मेरी माँ ने कहा कि इस रविवार को कोई ना कोई रिक्शेवाला जरुर ढूंढ लेंगे और रविवार को एक रिक्शेवाला

पक्का कर लिया। अब उस रिक्शेवाले के साथ में 2 दिन ही गई थी और तीसरे दिन उसने कहा कि उसकी शादी है और वो अपने गावं जा रहा है, वो 20 दिन के बाद आयेगा और उसने कहा कि मैंने एक और रिक्शेवाले से बात कर ली है और वो कल से तुम्हे

लेने तुम्हारे घर आ जायेगा। फिर मैंने उससे उस रिक्शेवाले के लिए हाँ कह दिया। फिर अगले दिन मुझे कॉलेज ले जाने के लिए एक बूढ़े रिक्शेवाला आया, जब मैंने उसे देखा तो वो पतला सा बूढ़ा था, कम से कम 50 साल का होगा। फिर में

उसके रिक्शे पर बैठकर जाने लगी, अब 2-3 दिन तक वो अच्छे से आता और मुझे कॉलेज लेकर जाता रहा, हमारी रास्ते में कोई बात नहीं होती थी। फिर सोमवार को जब में कॉलेज जाने लगी तो मैंने बाहर देखा तो उसने एक नया लड़का भेज दिया था।

मैंने उस लड़के से पूछा कि आज मुझे लेने वो रिक्शेवाले अंकल नहीं आये, तो उसने कहा कि उनकी तबीयत खराब है इसलिए आज आपको लेने के लिए उन्होंने मुझे भेज दिया है, तो मैंने कहा कि ठीक है। फिर शाम को जब में कॉलेज से बहार निकली

और मैंने देखा तो वही बूढ़ा आया हुआ था। फिर में उसके रिक्शे पर बैठ गई और मैंने उनसे कहा कि आपकी तो तबीयत खराब थी, तो आप क्यों आए? तो उसने कहा कि अब कुछ आराम है। फिर तभी उसने एक नई गली की तरफ रिक्शा मोड़ लिया तो मैंने

कहा कि ये कौन सी गली है? तो उसने कहा कि उधर उसका घर है और उसे थोड़ा सा सामान घर पर रखना है। फिर उसने अपने घर पर सामान रखा और मुझे बैठाकर मेरे घर पर छोड़ दिया। फिर हमारी रोज कुछ-कुछ बातें होने लगी। उसने बताया कि उसकी

बीवी गावं में रहती थी और उसके दो बेटे थे, वो भी गावं में ही रहते थे। फिर एक दिन जब में कॉलेज गयी तो मेरी फ्रेंड ने उस रिक्शेवाले को देख लिया और मुझे उस रिक्शेवाले की कहानी बता दी, जिससे में गर्म हो गई। फिर जब में

कॉलेज से निकली तो रिक्शेवाले को देखकर वही स्टोरी मेरे दिमाग़ में आ गई, अब में फिर से गर्म हो गई। फिर घर जाकर मैंने देखा तो मेरी चूत थोड़ी गीली हो गयी थी। अब मेरा दिमाग रिक्शेवाले को लेकर बदल गया था, उस रात मुझे नींद

भी नहीं आई। फिर अगले दिन जब में कॉलेज के लिए तैयार होकर घर के बाहर आयी तो उस बूढ़े ने कहा कि वो आज शाम को मुझे लेने के लिए नहीं आयेगा, क्योंकि उसके घर पर कोई आने वाला है, तभी मुझे उसके मुँह से शराब की स्मेल आई। फिर

मैंने कहा कि ठीक है और उसने मुझे कॉलेज छोड़ दिया, लेकिन वहाँ जाकर भी मेरा मन पता नहीं क्यों नहीं माना? मैंने कॉलेज से छुट्टी मारकर मेरे फ्रेंड की एक्टिवा लेकर उसके घर की तरफ निकल गई। में उसके घर पहुंची तो उस समय गली

में कोई नहीं था। पूरी गली में उसका घर ही था जो आउट साईड सा मकान था। फिर में एक्टिवा थोड़ी दूर खड़ी करके उसके घर की तरफ गई और जब में उसके घर के पास आई तो मैंने देखा कि उसके घर की दीवार में एक छेद था। फिर मैंने उस छेद

में से अन्दर देखा तो मेरे तो होश उड़ गये, वो एक 25 साल की लड़की को चोद रहा था। अब ये देखकर मेरा दिमाग़ खराब हो गया और मेरी चूत से पानी निकलने लगा था। फिर उसने 2 मिनट के बाद उस लड़की के मुँह पर अपना सारा माल छोड़ दिया और

ये देखकर में वहाँ से भाग गई और मेरी फ्रेंड से बोला कि मुझे घर छोड़ दे मेरी तबीयत खराब है, तो उसने मुझे घर छोड़ दिया। फिर जब मैंने सलवार उतारकर पेंटी देखी तो वो बहुत गीली हो चुकी थी और मुझे सारी रात नींद नहीं आई। फिर

मैंने सोचा कि में अपनी सील इससे ही तुड़वाऊँगी और अगले दिन मैंने ब्रा नहीं पहनी और ऊपर शॉल लेकर घर से बाहर आ गई और ब्रा बैग में रख ली। अब में जब कॉलेज के रास्ते में थी तो मैंने उस बूढ़े से कहा कि रिक्शा वापस घर की तरफ

मोड़ ले, तो उसने पूछा क्यों? तो मैंने सीधा कहा कि में मेरी ब्रा पहनना भूल गई हूँ, तो वो मेरी तरफ देखता ही रहा। फिर मैंने कहा कि कल नई ली थी, शायद बैग में ही हो। फिर मैंने जानबूझ कर बैग में हाथ डाला और कहा कि ब्रा बैग में

ही है। फिर मैंने उससे कहा कि तुम मुझे अपने घर ले चलो, में वहाँ पर ही बदल लूँगी। फिर उसने अपने घर की तरफ रिक्शे को मोड़ लिया। फिर मैंने उसके घर जाकर कहा कि बाथरूम कहाँ है? तो उसने कहा कि उस तरफ और मैंने जानबूझ कर शॉल

उसके सामने उतारकर बाथरूम में चली गई और अपना सूट खोलकर ब्रा पहनने लगी। फिर मुझे आईडिया आया और में नंगी ही चिल्लाकर सीधा बाहर आ गई। अब वो मुझे देखकर हैरान हो गया, तो मैंने कहा कि वहां छिपकली है, तो उसने कहा कि में

भगाकर आता हूँ। फिर मैंने कहा कि मेरी ब्रा भी वहीं पर है, उसे भी लेकर आना, तो वो बाथरूम से मेरी ब्रा लेकर आ गया और उसने कहा कि वहां कोई छिपकली नहीं है। फिर मैंने कहा कि पहले वहीं सामने दीवार पर थी। इसी बीच उसने मुझे

मेरी ब्रा दे दी और मैंने तब तक शॉल ओढ़ ली थी। फिर मैंने कहा कि तुम मुँह उस तरफ कर लो, में यहीं पर ब्रा पहन लेती हूँ, तो उसने अपना मुँह दूसरी तरफ कर लिया और फिर मैंने ब्रा बदल ली और कहा कि सूट भी बाथरूम में अंदर है, वो भी

ला दो, तो उसने वो भी ला दिया। फिर उसने अपना मुँह मेरी तरफ ही रखा तो मैंने भी उसे दूसरी साईड में करने को नहीं कहा और सूट पहनकर शॉल ओढ़ लिया और कॉलेज की तरफ जाने लगी तो मैंने देखा कि तब उसका लंड पेंट मे खड़ा था। दोस्तों

ये कहानी आप सेक्सवासना डॉट कॉम पर पड़ रहे है। फिर अगले दिन जब में कॉलेज जाने लगी तो रास्ते में मैंने उससे कहा कि कल के लिए सॉरी, तो उसने कहा क्यों? तो मैंने कहा कि मैंने कल आपको परेशान किया था, तो उसने कहा कि कोई बात

नहीं। फिर शाम को जब वो मुझे लेने आया तो उसने मुझसे कहा कि अगर एक बात कहूँ तो आप बुरा तो नहीं मानोगी। फिर मैंने कहा कि नहीं मानूंगी कहो। फिर उसने कहा कि तुम्हारा साईज़ क्या है? तो मैंने पूछा क्यों? फिर उसने कहा कि

उसके पास 34 साईज़ की 2 ब्रा है, उसकी बीवी के लिए उसका दोस्त दे गया था, उसका ब्रा का होलसेल का काम है। फिर मैंने कहा कि बीवी को नहीं दी, तो उसने कहा कि उसका साईज़ 38 का है। फिर मैंने कहा कि मेरा 34 ही है, तो उसने कहा कि घर पर है,

जब याद आयेगा तब ले आऊंगा, तो मैंने कहा ठीक है। फिर अगले दिन जब में कॉलेज के लिए निकली तो बारिश होने लगी और उस बारिश में मेरे कपड़े और में भीग गई थी और वो भी भीग गया था, तब उसने कहा कि घर की तरफ चलते है और जब बारिश बंद हो

जायेगी तब तुम्हे कॉलेज छोड़ दूंगा, तो मैंने कहा कि ठीक है। उसके घर तक जाते समय में पूरी भीग गयी और फिर हम उसके घर पहुँच गए और उसने दरवाजा खोला और हम दोनों अन्दर चले गए। हमें उस समय सर्दी लग रही थी तो उसने कहा कि

सर्दी लग जायेगी, कपड़े ऊतार लो। फिर मैंने कहा कि में क्या पहनूंगी? तो उसने कहा कि चादर ओढ़ लेना। फिर उसने बाथरूम में जाकर अपने कपड़े उतार दिए और मैंने बाहर ही अपने कपड़े उतार कर रख दिए और चादर ओढ़ ली और पास एक ही

चारपाई थी तो में उस पर बैठ गई। अब वो सिर्फ़ लूँगी और बनियान में था और वो मेरे पास आकर बैठ गया। फिर मैंने कहा कि ठंड लग रही है तो उसने बिजली वाला हीटर जला दिया। फिर 10 मिनट के बाद बारिश बंद हो गई। फिर मैने कहा कि चलते है,

तो उसने कहा कि ठीक है। फिर मैंने कहा कि तुम अन्दर जाकर कपड़े पहन लो में यहीं बदल लेती हूँ, तो उसने कहा कि ठीक है। फिर मैंने अपने कपड़े बदल लिए और उसने भी बदल लिए और जब हम बाहर जाने के लिए आगे बड़े तो मेरा पैर स्लिप हो

गया और मेरी कमर में चोट लग गई और अब में रोने लगी। फिर उसने मुझे उठाया और चारपाई पर लेटाया। फिर उसने मुझसे कहा कि कहाँ लगी? तो मैंने कहा कि कमर पर तो उसने कहा कि बाम नहीं है, अभी लाकर मालिश कर देता हूँ। फिर वो गया और 5

मिनट में बाम लेकर आ गया। फिर उसने मुझे उल्टा लेटाकर मुझे सूट ऊपर करने को कहा तो मैंने हल्का सा ऊपर किया, तो उसने कहा कि सही तरीके से नहीं लगेगी पूरा सूट उतार दो। फिर मैंने अपना सूट उतार कर साईड में रख दिया और वो मेरी

कमर पर मालिश करने लगा। फिर उसने कहा कि उसके कपड़े गीले है तो वो बाथरूम में गया और लूँगी बनियान में वापस आ गया, फिर मालिश करने लगा। फिर उसने कहा कि तुम्हारी ब्रा उतार दो, पूरी पीठ पर मालिश कर देता हूँ। फिर मैंने कहा

कि तुम ऊतार दो, तो उसने पीछे से मेरी ब्रा के हुक खोल दिए और मालिश करने लगा और साईड से बूब्स दबाने लगा। अब में भी गर्म होने लगी और सिसकारी लेने लगी थी। अब उसका लंड खड़ा हो गया और मेरी गांड में लगने लगा, तो उसने मुझे

सीधा होने को कहा, तो में सीधी हो गई। फिर उसने मेरे बूब्स दबाने शुरू कर दिए और अब मैंने अपनी आँखे बंद रखी। फिर उसने धीरे धीरे किस करना शुरू कर दिया तो मैंने भी हल्का सा साथ दिया। फिर उसने मुझे दोबारा किस किया, तो

मैंने भी उसका साथ दिया। फिर वो मेरे बूब्स को चूसने लगा और फिर में उसके बालों में हाथ फैरने लगी। फिर उसने मेरे बूब्स पर काटा तो में चिल्ला गई और वो हंसा फिर उसने मुझे उठाया और किस किया। कुछ देर बाद वो खड़ा हुआ और

अपनी लूँगी खोलकर लंड निकाला। में पहली बार इतना करीब से लंड देख रही थी। फिर उसने मुझे इशारा किया तो में उसके लंड को मुँह में लेकर चूसने लगी। अब वो आहह की आवाज़ निकालने लगा था। उसके लंड पर झुरीयाँ थी, लेकिन मैंने

जैसे तैसे उसके लंड को चूसा। उस वक़्त वो मुझे अच्छा लग रहा था। फिर उसने मेरी सलवार निकाली, फिर पेंटी भी निकाल दी। मैंने मेरी चूत उस दिन ही साफ की थी तो वो मेरी चूत को देखकर बहुत खुश हुआ। फिर उसने थोड़ा सा थूक उसके

लंड पर लगाया और फिर उसने मेरी चूत पर थूका और चूत के नीचे एक तकिया रख दिया और अपने लंड का मुँह मेरी चूत पर रख दिया और जोर से एक धक्का दिया तो लंड हल्का सा चूत में चला गया। अब मेरी आँखों में पानी आ गया था और फिर उसने

दूसरा धक्का दिया तो उसका लंड आधा मेरी चूत में चला गया। अब में रो पड़ी और फिर 2 मिनट के बाद उसने ज़ोर का धक्का दिया तो मेरी सील खुल गई और पूरा लंड चूत के अंदर चला गया। अब वो मुझे धक्के देने लगा था और फिर 2 मिनट में मेरा

दर्द कम हुआ तो वो ज़ोर-जोर से धक्के लगाने लगा। फिर उसने मुझे ऊपर आने को कहा तो वो नीचे लेट गया और अब में उसके लंड पर जाकर बैठ गई और ऊपर नीचे होने लगी। फिर जब में थक गई तो वो मेरे ऊपर आकर मुझे चोदने लगा। फिर 10 मिनट तक

धक्के मारते मारते वो मेरी चूत में ही झड़ गया और में वैसे ही लेट गई और वो मेरे ऊपर ही पड़ा रहा। फिर 10 मिनट के बाद उसने मेरी चूत से लंड निकाला और बोलने लगा कि बड़ा मज़ा आया। फिर हम एक साथ सो गये और फिर जब हमारी नींद खुली

तो उसका लंड मेरी जाँघ के साथ लगा था और उसका मुँह मेरे बूब्स के पास था। फिर में उठी अपने कपड़े पहने, तब तक शाम भी हो गई थी। फिर मैंने उसे उठाया फिर उसने अपने कपड़े पहने और मेरी ब्रा और पेंटी अपने पास रख ली और मुझे नई 2

ब्रा दे दी और कहा कि कल यही पहनना। फिर वो मुझे घर छोड़ आया और घर आकर में बेडरूम में गई और दर्द कि गोली खा ली। फिर मैंने रात को खाना खाया और सो गई ।।

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