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बूड़े ने जिंदगी बना दी


दोस्तों ये कहानी आप सेक्सवासना डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

हैल्लो दोस्तों, में मानसी बहुत दिनों के बाद अपना एक नया सेक्स अनुभव लेकर आप सभी सेक्सवासना डॉट कॉम के चाहने वालों के सामने हाजिर हूँ और में आशा करती हूँ कि आप लोगों को मेरी यह दास्तान जरुर पसंद आएगी। दोस्तों यह

बात कुछ दिन पहले की है, जब मेरे पति का तबादला उस समय गोरखपुर हो गया था और वो उस समय मुंबई गए हुए थे और में उस समय पॉंडिचेरी में ही रह रही थी। फिर एक दिन उन्होंने मुझे फोन करके मुंबई बुलाया, क्योंकि वहाँ पर उनके एक खास

दोस्त की शादी की एक पार्टी थी और जैसे ही उन्होंने मुझे मुंबई आने के लिए कहा तो मैंने फ्लाईट में अपना टिकिट बुक करवाने के लिए कोशिश की, लेकिन मुझे बुकिंग नहीं मिली और ना ही मुझे किसी ट्रेन में जगह मिली। फिर में बस

से बेंगलोर से मुंबई जाने के लिए निकल पड़ी और मुझे बस में एक स्लीपर मिल गई और उस समय दशहरा होने की वजह से कोई भी बस में सीट खाली नहीं थी। फिर मुझे एक बस में एक स्लीपर मिली और वो भी मुझे किसी के साथ वाला मिला, जिसमें

मेरे साथ कोई और भी जाने वाला था। पहले तो में यह बात सुनकर बिल्कुल तैयार नहीं हुई। फिर जब मुझे अपने पति की बात याद आई तो में तैयार हुई और निकल पड़ी। मेरी उसी शाम को चार बजे बस थी और जो कि अगले दिन 9 बजे मुझे मुंबई

पहुंचाएगी। मैंने कंडक्टर से बहुत आग्रह किया कि प्लीज़ एक औरत को ही मेरे साथ स्लीपर देने के लिए कहा और आखरी समय पर एक 55 साल के अंकल मेरे साथ स्लीपर में आ गये। मैंने कंडक्टर को बहुत आग्रह किया, लेकिन उसका परिणाम कुछ

नहीं निकला और आखरी में मुझे मज़बूरन स्लीपर उनके साथ बाँटना पड़ा। फिर हमारी बस निकल पड़ी और कुछ देर बाद वो अंकल मुझसे बातें करने लगे, मुझसे मेरे बारे में पूछने लगे और मुझे अपने बारे में बताने लगे। वो मुंबई में एक

कंपनी में वाईस प्रेसिडेंट है, उनको भी फ्लाईट में सीट नहीं मिली तो वो भी बस में ही सफर कर रहे थे और ऐसे ही कुछ देर बातें करते करते हम दोनों खुलकर बातें करने लगे तो उन्होंने मुझे बताया कि उनका बेटा और बहू मुंबई में ही

रहते है। उनकी बीवी का दो साल पहले देहांत हो गया है और वो अपने बेटा और बहू के साथ मुंबई में ही रहते है। फिर रात को खाना खाने के बाद बस चलने लगी, A.C. के कारण हल्की हल्की ठंड लग रही थी तो में कुछ देर बाद अपना कम्बल ओढ़कर

सोने लगी और अंकल ने स्लीपर के पर्दे लगा दिए और वो अपने टेबलेट पर कुछ काम करने लगे। दोस्तों में हमेशा रात को मेरी चोटी खोलकर सोती हूँ और वैसे ही मैंने अपने बाल खोल दिए और उन्हें एक साईड में करके सो गई। फिर रात को

करीब एक बजे मैंने महसूस किया कि अंकल ने मेरे कम्बल के अंदर अपने पैर घुसाकर वो मेरे पैरों को सहला रहे है। फिर में उस बात को अनदेखा करके सो गई और कुछ समय के बाद मैंने देखा कि वो अब अपने हाथ मेरे बूब्स पर रखकर सोए हुए

है तो में उनका हाथ हटाकर पीछे मुड़कर सो गई। दोस्तों करीब आधे घंटे के बाद अंकल मुझसे चिपककर सोए हुए थे और उनका लंड मेरे कपड़े के ऊपर से मेरी गांड में घुसा हुआ था। तो में गुस्से से एक साइड होकर फिर से सो गई और अब में

महसूस करने लगी कि वो अब मेरे बालों से खेल रहे है और अपनी उंगलियाँ मेरे बालों में घुमा रहे है। अब में उनसे बहुत गुस्से से बोली कि अंकल आप यह क्या कर रहे हो? तो वो थोड़ा सा डर गए और बोले कि बेटा जब से तुम्हारी आंटी का

देहांत हुआ है तब से में अकेला ही सोया हूँ और जब आज मेरे साथ के ही बेड पर एक सुंदर लड़की सोई है तो वो सब देखकर मुझसे बिल्कुल भी कंट्रोल नहीं हो रहा था, तुम जो बोलोगी में वो सब करूंगा और जैसे कहोगी में वैसे करूँगा, बस एक

बार मेरा साथ दे दो, यह बात बोलकर वो मेरे पैर छूने लगे। फिर में बोली कि देखिए अंकल आप मेरे पिताजी की उम्र के है और आप मेरे पैर मत छुईये, छोड़िए मुझे नहीं तो में शोर मचाऊँगी। अब वो डर गए और वो मुझसे बोले कि तुम्हे

जितना पैसा चाहिए बोलो, में तुम्हे दूँगा और इतना ही नहीं तुम्हारे पति को भी एक अच्छे पद पर नौकरी दिला दूँगा, लेकिन बस तुम मेरा साथ दो और यह बात कहकर उन्होंने अपने बेग से एक हज़ार के नोट का एक बंडल निकालकर मुझे दे

दिया और बोले कि अगर और चाहिए तो बोलो, में अभी तुम्हे चेक काटकर देता हूँ और में वादा करता हूँ कि में तुम्हारे पति को बहुत अच्छी पैसों वाली नौकरी दिला दूंगा, बताओ अभी तुम्हारे पति को कितने पैसे मिल रहे? तो में बोली कि

85000 रुपये, तो वो बोले कि में 150000 रुपये दिलवा दूंगा, बोलो क्या तुम मेरा साथ दोगी और तुम हाँ कहोगी तो में कल ही तुम्हारे पति की नौकरी पक्की करवा दूंगा। दोस्तों उनकी यह बात सुनकर में लालच में आ गई, क्योंकि मुझे उस समय एक

लाख रुपये नगद मिल रहे थे और पति को ज्यादा पैसों कि एक अच्छी नौकरी भी तो मैंने तुरंत हाँ कर दिया। फिर वो खुश होकर मेरे होंठो को किस करने लगे और मेरी जीभ को चूसने लगे और उन्होंने मेरे एक हाथ को लेकर अपने लंड पर रख दिया

और दबाने लगे। फिर में भी शुरू हो गई और अब में उनसे बोली कि अंकल में जैसे चाहती हूँ आपको वैसा करना पड़ेगा, में अपने हिसाब से आपके साथ सेक्स करूँगी, बोलो मंजूर? तो वो बोले कि तुम जैसे चाहो वैसे करो, में तैयार हूँ। अब वो

मेरी कुरती के अंदर हाथ डालकर मेरे बूब्स को दबाने लगे और ऊपर से ही चूसने लगे और में उनके लंड को ज़िप से बाहर निकालकर हिलाने लगी, वो तो जैसे बिल्कुल पागल हो गए और वो मुझे लेटाकर मेरे ऊपर आ गए और मेरे कपड़ो को आधा उतारकर

मेरी चूत को चाटने, चूसने लगे और मुझे अपनी जीभ से चोदने लगे और में उनका लंड हिलाने लगी और अब हिलाते हिलाते उनका रस निकल गया। फिर मैंने उनका लंड चूस चूसकर सारा रस चाट लिया। फिर वो मुझसे कहने लगे कि मेरा तो जल्दी ही

निकल गया और तुम्हारा अभी तक नहीं निकला, हम एक काम करते है 7 बजे लोनावाला आएगा तो हम वहाँ पर उतार जाते है और एक होटल में दिन भर रुकेंगे और कल सुबह कार लेकर मुंबई निकल जाएँगे। फिर मैंने कहा कि में अपनी पति को क्या

कहूंगी? तो वो बोले कि कुछ भी बहाना बना दो और में वहीं पर तुम्हारे सामने ही तुम्हारे पति की नौकरी भी पक्की कर दूंगा। फिर मैंने कहा कि ठीक है, में कोशिश करके देखती हूँ और ही वैसे रात भर वो मेरी चूत चाटते और बूब्स दबाते

रहे। फिर सुबह 6.30 बजे हम लोग लोनावाला पहुंच गये और उन्होंने एक अच्छा सा होटल में कमरा बुक किया और फिर हम उस रूम में चले गए। दोस्तों ठीक 7 बजे मेरे पति ने फोन किया, वो मुझसे पूछने लगे कि क्यों कहाँ तक पहुंची हो? तो मैंने

कहा कि अरे यार में कल रात को निकल नहीं पाई, क्योंकि मुझे कोई भी बस में सीट नहीं मिली। मैंने आज के लिए एक टिकट ले लिया है और में कल सुबह 9 बजे तक मुंबई पहुंच जाउंगी, तो वो बोले कि ठीक है तुम जैसे ही बस में बैठोगी मुझे एक

बार फोन जरुर कर लेना। फिर मैंने कहा कि ठीक है और फिर मैंने फोन काट दिया। फिर में फ्रेश होने के लिए जा रही थी तो अंकल आए और वो पीछे से मुझे हग करके मेरी गर्दन पर किस करने लगे और बोले कि बेटा आज में दिन और रात भर

तुम्हारे साथ बहुत मस्ती करूँगा। फिर मैंने कहा कि हाँ इसलिए तो में आपके साथ आई हूँ, आज में भी देखती हूँ कि आपके बुढ़ापे में कितना दम है? फिर वो बोले कि हाँ ठीक है देख लेना और यह बात कहकर उन्होंने मेरी चोटी को खोल दिया

और बालों को पूरा खोलकर सूंघने लगे और बोले कि बेटा तुम्हारे बाल तो बहुत अच्छे है। फिर उन्होंने मेरी कुरती और लेगी को भी खोल दिया तो में अब सिर्फ़ ब्रा और पेंटी में आ गई। वो अब मेरी ब्रा के ऊपर ही मेरे बूब्स को दबाने

लगे और चूसने लगे तो मैंने भी जोश में आकर उनको पूरा नंगा कर दिया और मैंने उनको धक्का देकर बेड पर गिरा दिया और उनके को लंड चूसने लगी। फिर हम 69 पोजीशन में आकर एक दूसरे को चूसने लगे। दोस्तों उन्होंने मेरी चूत को इतना

ज़ोर से चूसा कि मुझे पेशाब आने लगा तो में उनसे बोली कि रुकिये में पेशाब करके आती हूँ। फिर वो बोले कि रूको में भी तुम्हारे साथ आता हूँ, तो मैंने पूछा कि आप मेरे साथ वहां पर क्या करेंगे? में पेशाब करके धोकर अभी आती हूँ

हम फिर से शुरू करेंगे। अब वो मेरे पीछे पीछे बाथरूम में आ गए और मेरी चूत के नीचे अपना हाथ लगाकर मुझसे बोले कि अब मूत मेरे हाथ पर और में उनके हाथ पर मूतने लगी। फिर वो मेरे पेशाब को अपने लंड पर डालने लगे और जब मैंने

पानी डालने के लिए नल चलाया तो वो मुझसे मना करने लगे और बोले कि धोना मत में खुद तुम्हारी चूत को चाटूँगा और अब उन्होंने मुझे अपनी गोद में उठाकर बेड पर लेटा दिया और मेरी मूत वाली चूत को चाटने लगे और उन्होंने अपने लंड

को मेरे मुहं में डाल दिया और मेरी चूत को इतना चाटा कि मेरी चूत का पानी निकल गया और में बिल्कुल पागल जैसे हो गई और उनको धक्का देकर उनके लंड के ऊपर बैठ गई और अपनी चूत में लंड को डालकर चुदने लगी और वो नीचे से मुझे धीरे

धीरे धक्के देकर चोदने लगे। दोस्तों करीब 15 मिनट की चुदाई के बाद उनका वीर्य निकलने लगा तो वो मुझसे पूछने लगे कि कहाँ डालूं? मैंने कहा कि में कभी भी बाहर वीर्य को बर्बाद नहीं करती तो आप इसे मेरी चूत को ही पिलाइये और

उसके बाद मेरे मुहं में घुसाईए। अब उन्होंने मेरी चूत में ही अपना वीर्य छोड़ दिया और आख़िर में अपना लंड मेरे मुहं में डाल दिया तो में मज़े से चूसने लगी। फिर दोनों बाथरूम में चले गये और मिलकर नहाए और बाथरूम में हमने

एक बार और चुदाई की, दोस्तों मुझे नहीं पता था कि इस बूढ़े में इतना दम है, क्योंकि एक घंटे में उसने मेरी चूत को दो बार झड़ने पर मजबूर किया था और कुछ देर बाद हम दोनों नाहकर बाहर आए और हमने नाश्ता किया। फिर वो मुझसे बोले कि

बेटा चलो कुछ शॉपिंग करते है। मैंने कहा कि ठीक है चलो, लेकिन पहले आप मुझे यह भी बताइए कि में अभी क्या पहनूं? तो वो बोले कि तुम एक काम करो, अगर तुम्हारे पास अभी कोई साड़ी है तो पहन लो। फिर मैंने कहा कि ठीक है और अब मैंने

एक हरे कलर की नेट वाली साड़ी पहन ली साथ में उसी रंग का ब्लाउज पहना और मैंने बालों को शेम्पू से धोया था वो गीले थे और उनको सूखने के लिए मैंने उन्हें खुला छोड़ दिया। दोस्तों ये कहानी आप सेक्सवासना डॉट कॉम पर पड़ रहे

है। फिर हम दोनों बाजार की तरफ निकल पड़े। वहाँ पर उन्होंने एक बेंक में कुछ काम किया और फिर हम एक शॉप पर गए, वो मेरे लिए दो जाली वाली ब्रा और वैसी ही पेंटी खरीद लाए और एक सिल्क जाली वाली नाईट गाऊन। फिर एक मोबाईल शॉप

गये और वहां पर जाकर उन्होंने मेरे लिए एक मोबाईल खरीद लिया और कुछ देर बाद हम होटल रूम में आ गये और लंच ऑर्डर किया और वो मेरे लिए जो मोबाईल लेकर आए थे उसमें उन्होंने एप डाउनलोड कर दिए और वो बोले कि जब भी हम बात करेंगे

इस पर करेंगे। फिर में बोली कि ठीक है फिर उन्होंने मुझसे मेरे पति का फोन नंबर ले लिया और बोले कि रूको में अभी तुम्हारे पति की नौकरी पक्की करता हूँ, में बोली कि ठीक है। अब उन्होंने मेरे पति के नंबर पर कॉल किया और उनका

इंटरव्यू लिया और पैसे भी बता दिए। अब वो बोले कि आपको गोरखपुर में रहना पड़ेगा। फिर हम दोनों ने लंच किया और लंच के टाइम अंकल मुझे अपने हाथ से खाना खिला रहे थे और में उनको। फिर हमने लंच खत्म किया और फिर अंकल मुझसे

बोले कि बेटा में तुमसे एक बात पूछना चाहता हूँ, अगर तुम बुरा ना मानो तो? में बोली कि अंकल आप जो भी पूछना चाहते हो पूछिए में बिल्कुल भी बुरा नहीं मानूगी। फिर वो बोले कि देखो बेटा मेरी बीवी के देहांत को दो साल हो गए है

और तब से में अकेले ही रहता हूँ ऑल इंडिया के टूर में मेरे 20 दिन बीत जाते है, बाकी दस दिन में घर पर रहता हूँ, मेरा बेटा और बहू तो मुंबई में रहते हुए भी पास में बहुत कम आते है। में जब भी तुम्हारे पास आऊंगा तुम क्या मुझे

प्यार करोगी? मेरे पास पैसे की कोई कमी नहीं है और एक महीने में ढाई लाख मेरी पगार है, तुम्हे पैसे की कमी कभी नहीं रहेगी और अगर तुम मेरी एक छोटी सी बात मनोगी तो। फिर में बोली कि वो क्या? तो वो बोले कि तुम तो पहले से ही

शादीशुदा हो, लेकिन तुम मुझसे भी शादी कर लो, लेकिन हाँ चुपके से। अगर तुम मुझसे शादी करती हो तो में तुम्हारे नाम से 10 लाख की एक फिक्स डिपोजिट करवा दूँगा और हर महीने में तुम्हारे एकाउंट में 20 हज़ार भेजूँगा बाहर वालों

के लिए तुम मेरी बेटी जैसी रहोगी, लेकिन जब हम दोनों अकेले रहेंगे तो तुम मेरी बीवी जैसी रहोगी, अब बोलो क्या बोलती हो? तो में बोली कि अंकल में आपको सोचकर बताउंगी आप मुझे कुछ टाईम दीजिए। फिर वो बोले कि ठीक है बेबी और फिर

में कुछ सोचने लगी कि यह बुड्ढा अब कितने दिन जियेगा? मुझे 10 लाख का फिक्स डिपोजिट मिल रहा है और उसके साथ में हर महीने 20 हज़ार आएगें और कौन सी मेरी चूत घिस जाएगी, बुड्ढा तो कभी कभी मेरे पास आएगा और फिर मैंने सोचकर हाँ कर

दिया। फिर वो मुझे हग करने लगे और ख़ुशी से झूमकर बोले कि तुम्हे पता नहीं बेटा में आज कितना खुश हूँ और बोले कि ठीक है हम मुंबई पहुंचते ही बेंक जाएँगे और में तुम्हारे नाम पर एक फिक्स डिपोजिट करवा दूँगा, मैंने कहा कि

ठीक है। फिर में उनसे बोली कि आप रुकिये में बाथरूम से आती हूँ। फिर में बाथरूम गई और जो ब्रा और पेंटी हम बाज़ार से लाए थे, वो मैंने पहनी और वो सिल्क गाऊन पहनकर आई और जब उन्होंने मुझे खुले बाल और इस रूप में देखा तो वो

बोले कि बेटा तुम जैसी दिखती हो मन करता है कि में सारे जीवन तुम्हारा कुत्ता बनकर तुम्हारे तलवे चाटूं। फिर में बोली कि नहीं नहीं आप मेरे पापा की उम्र के है आप मेरे तलवे मत चाटीये आप सिर्फ़ मेरी चूत को चाटीये और मेरी

कमर तोड़ चुदाई करिये, यह बोलकर में उनके कपड़े उतारने लगी और उनके लंड को सहलाने लगी और उनके झांट के बाल में उंगली घुमाने लगी। अब वो मेरे एक एक कपड़े उतारने लगे और में उनके एक एक कपड़े उतारने लगी। फिर हम दोनों पूरे

नंगे हो गए और उन्होंने मुझे अपनी गोद में उठाकर बेड पर लेटा दिया और मेरे होंठो से लेकर मेरे पैरों तक किस करने लगे और मेरी चूत में उंगली करने लगे। फिर में उनको धक्का देकर उनके ऊपर आ गई और अब में उनके लंड को बहुत मज़े से

चूसने लगी। फिर हम दोनों 69 पोज़िशन में एक दूसरे को चूसने लगे, वो बुड्ढा तो है, लेकिन उनके लंड का साईज़ करीब 6 इंच से ज्यादा था और बहुत अच्छा मोटा भी, क्योंकि जब मैंने उनका लंड मुहं में डाला तो मेरा पूरा मुहं भर गया और

मैंने उनका लंड इतना चूसा इतना चूसा कि उनका वीर्य निकल गया। मुझे लड़को का वीर्य चूसना बहुत अच्छा लगता है और में अब उनके वीर्य को जीभ से चाटने लगी और वो पागलों की तरह बोलने लगे अह्ह्ह्ह और ज़ोर चूसो बेबी उह्ह्ह्ह हाँ

चूसो, खा जाओ पूरा, बड़ा मज़ा आ रहा है और वो मेरे बूब्स को दबाने लगे और मेरी निप्पल को चूसने लगे। फिर मुझसे अब और सहन नहीं हुआ और में उनके लंड को सहलाते सहलाते उसके ऊपर बैठ गई और चुदने लगी। फिर वो मुझे नीचे लेटाकर

मेरे पैरों को अपने कंधे के ऊपर रखकर ज़ोर से चोदने लगे और थप थप की आवाज से पूरा रूम कांप रहा था। फिर में बोली कि प्लीज थोड़ा धीरे अंकल, नहीं तो होटल वाले आ जाएँगे और करीब बीस मिनट तक वो मेरी लगातार चुदाई करते रहे। फिर

जैसे ही उनका माल निकलने का समय हो गया तो में बोली कि मेरे मुहं में डाल दीजिए। वो बोले कि पहले में तुम्हारी चूत में डालूँगा, में बोली कि ऐसा क्यों? तो वो बोले कि में चाहता हूँ कि तुम मेरे बच्चे को पैदा करो, हालांकि

में उसे अपना नाम नहीं दे सकता, लेकिन होगा तो मेरा ही ना। फिर में बोली कि ठीक है, डाल दीजिए अपना बीज मेरी कोख में,
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