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मम्मी ने मेरा बुर डोक्टर मामा से चुदवाया


दोस्तों ये कहानी आप सेक्सवासना डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

यह सब की शरुआत सन २०११ में हुई थी, मैं उस वक्त स्कुल में थी. मेरा नाम जोया हैं और यह मेरे साथ हुए एक सेक्स के किस्सा हैं. सच कहूँ तो मुझे सेक्स के बारे में तब कुछ पता नहीं था और कैसे उसका आनंद लेना हैं वो मेरे जहाँ में

नहीं था. गर्मियों के दिन थे और छुट्टियां ऑलमोस्ट ख़तम होने को थी. मुझे माइग्रेन होती हैं इसलिए मम्मी को चिंता होती थी. हमने इसके लिए बहुत सब डोक्टर को दिखाया था. और एक दिन मम्मी मुझे अपने एक कजिन के पास ले के गई जो

खुद डोक्टर हैं. वो आयुर्वेद के डोक्टर हैं. मैं १८ की थी और दिखने में मैं काफी सेक्सी लगती हूँ. मेरा फिगर 36 28 36 का हैं और उभरे हुए अंगो में जवानी की अंगूरी लटकी हुई हैं, बस इन अंगूर को किसी ने अभी तक चखा नहीं था. मामा जी

के क्लिनिक में कुछ बेड थे और यह एक छोटा सा क्लिनिक था. मम्मी ने कहा की मैं भाभी से मिल के आती हूँ. मामा केडोक्टर मामा के क्लिनिक के पीछे ही उनका रहने का ठिकाना था. मम्मी ने मुझे कहा की तू मामा से चेक करवा ले और इतना कह

के वो चली गई. डोक्टर मामा ने मुझे बहुत सब सवाल किये और वो मेरे बदन की चांज करने लगे. मैंने देखा की कुछ देर तक मेरे सर के आसपास चेक करने के बाद मामा जी के हाथ इधर उधर होने लगेथे. उन्होंने मेरी छाती के ऊपर हाथ रखा और

पूछा की सांस लेने में तो कभी तकलीफ नहीं हुईं न जोया? मैंने पूछा, मामा उसका मायग्रेन से क्या लेनादेना है? तो वो बोले की आयुर्वेद में सब चेक करना होता हैं हमें बेटा. मैंने कहा, नहीं सांस में कोई तकलीफ नहीं

हैं. लेकिन मामा तो मेरी छाती के ऊपर आराम से सहला रहे थे. और फिर उन्होंने मेरे बूब को टच कर लिया, मैं एकदम से चौंक सी गई और मैंने उन्हें देखा तो वो तो एकदम आराम से बूब को चेक करने में लगे थे. मैंने सोचा की उनका काम हैं

इसलिए वो इतने सहज हैं, और मैं चुपचाप लेटी रही. लेकिन जब जब उनका हाथ मेरी निपल को टच करता था मेरे बदन में अजब सा खिंचाव आता था. और फिर मामा ने कहा, जोया एक काम करो अपनी पेंट खोल दो. मुझे अजीब तो लगा लेकिन मैंने वैसा

किया. मैं पेंटी में थी उनके सामने. उन्होंने मुझे बेड पर लिटा दिया और धीरे से मेरी पेंटी को टच किया, मेरी झांट से भरी कच्ची चूत में जैसे एक साथ सेंकडो चींटियाँ रेंग रही हो ऐसी खुजली उभर आई. मामा ने हलके से चूत को टच

किया और कहा, कैसा लग रहा हैं? मैंने उनकी और देख के कुछ नहीं कहा. डोक्टर मामा ने फिर से मेरी चूत को अपने हाथ से टच किया और अब की तो उन्होंने मेरी झांटे भी अपने हाथ से फिल की, मेरे बदन में क्या आग लगी थी दोस्तों! मामा

ने कहा, कुछ चेक्स और करने पड़ेंगे, मैं मम्मी को घर भेज देता हूँ. मैं शाम को तुम्हे अपनी कार से घर छोड़ दूंगा. मैं कुछ नहीं बोली उन्होंने मुझे मेरी पेंट दी जिसे मैंने पहन ली. मामा ने अपने फोन से घर कॉल किया और मम्मी को

बताया की मुझे चेक करने हैं कुछ इसलिए शाम तक जोया को रहना पड़ेगा. मम्मी ने कहा की मैं जाऊं क्या? तो मामा ने कहा, हां आप जाओ मैं उसे ड्राप कर दूंगा अपनी कार से. और फिर मम्मी निकल पड़ी, मामा ने मेरे पास आके कहा, चलो वापस

पेंट उतार दो जोया, मैंने कहा, मुझे क्या हुआ हैं मामा जी? तो वो बोले की कुछ ख़ास नहीं कुछ एक्सरसाइज बताऊंगा वो करनी होगी तुम्हे. मैंने पूछा, कैसी एक्सरसाइज मामा? वो बोले, बताता हूँ जोया. मामा ने अब रूम को अन्दर से

लोक कर दिया और वो आये तो उनके हाथ में एक छोटा सा बोतल था. उस बोतल में कुछ तेल जैसा था. मामा के कहने पर मैं पेंट उतार चुकी थी. वो बोले, देखो मैं बताऊँ वैसे एक्सरसाइज करना हैं. फिर मामा ने अपनी ऊँगली से मेरी पेंटी को

साइड से पकड़ के खिंचा, एरी झांट वाली चूत को देख के मामा का मुहं खुला के खुला रह गया और मैं शर्म से पानी पानी हो रही थी. मैंने पूछा, यह सब जरुरी हैं मामा? तो वो बोले, इलाज के लिए जरुरी हैं. फिर उन्होंने अपनी ऊँगली के ऊपर

तेल की कुछ बुँदे निकाली और मेरी चूत की फांक पर लगा दी. मेरी चूत का पानी छुट गया उनके टच करने से और अब उन्होंने धीरे से तेलवाली ऊँगली को चूत के अन्दर भी डाली. फिर ऊँगली को बहार निकाल के उसे चाट लिया. मैं यह सब देख के

एकदम होर्नी फिल कर रही थी. मामा ने अब दुसरे हाथ से मेरे बूब को पकड़ा और कहा, इसे भी निकाल दो ना. उन्होंने मुझे टी-शर्ट और ब्रा उतरवा के पूरा नंगा किया. और फिर तेल की कुछ बूंदों को उन्होंने मेरे बूब्स पर लगा दिया. मेरे

निपल्स एकदम कडक हो गए थे और बेचेनी सी हो रही थी पुरे बदन में. मैंने पहले मस्टरबेट किया था इसलिए मुझे पता था की मेरी चूत उबल रही थी अन्दर से. मैंने मामा का हाथ पकड़ के कहा मामा जी, आह्ह्हह्ह, प्लीज़ नहीं. वो बोले, तुझे

देख के रहा नहीं जाता हैं जोया, अब कर लेने दे न प्लीज़, फिर तेरे माइग्रेन का भी इलाज करेंगे. मैंने कहा, किसी ने देख लिया तो. वो बोले, कोई नहीं देखेगा डार्लिंग, कोई हैं ही नहीं यहाँ. मैंने कहा, कुछ हो गया तो. मामा बोले,

पागल मैं डोक्टर हूँ पहले से ही इलाज कर के भेजूंगा तुझे. और फिर उन्होंने अपनी पेंट खोल के अपना तगड़ा लंड बहार निकाला. बाप रे सांड का होता हैं ऐसा एकदम मोटा लंड था डोक्टर मामा का और सुपाडा एकदम लाल था. एकदम कडक लंड को

उन्होंने मेरी जांघ पर टच करवाया तो उसकी गर्मी से मेरी चूत में और भी पानी आ गया. मैंने देखा की मामा का लोडा एकदम लप्कार ले रहा था और उसके सुपाडे से पानी की एक बूंद बहार आई थी, मेरा मन इस लंड को अपने मुह में लेने को हुआ

पोर्न मूवी के जैसे. और मामा ने मेरे कहे बिना ही अपना लंड नजदीक रख दिया, मैंने मुहं खोला और लंड अन्दर कब घुसा दिया पता ही नहीं चला. मुश्किल था मेरे लिए इस लंड को अपने मुह में समा लेना लेकिन मामा ने लौड़े को अन्दर बहार

कर के मेरा मुहं चोदना चालू कर दिया था. वो मेरे बालों को पकड के मुहं में लंड को जोर जोर से अन्दर बहार कर रहे थे. और फिर उन्होंने मुझे छोड़ दिया. अब वो बेड के पीछे की तरफ गए और मेरी टाँगे खोल के मेरी झाट ससे भरी हुई बुर को

देख के बोले, तेरा बुर तो तेरी माँ से भी हॉट हैं! इसका मतलब यही था की मम्मी भी शायद डोक्टर अंकल से चुदवाती थी, कही मुझे चुदवाने के लिए ही तो मम्मी यहाँ ले के नहीं आई थी! डोक्टर मामा की जबान मेरी झांट और बुर दोनों में

समा गई और मेरे चूत के रस को उन्होंने २ मिनिट में ही बहा दिया चाट चाट के. मैंने बेड की चद्दर को अपने हाथ से पूरा मरोड़ दिया था क्यूंकि मेरे पुरे बदन में जैसे आग लगी थी. जब मामा ने अपनी जबान को पूरा अन्दर किया तो मैं उनके

मुहं में ही झड़ गई. मामा मेरी बुर का पानी पी गए और फिर खड़े हुए. मैंने कहा, मामा डाल दो अब अपना तोता सबर नहीं होता हैं. वो बोले अभी देता हु. फिर उन्होंने वही बोतल से कुछ तेल की बुँदे अपने लंड पर लगाईं और मेरे ऊपर आ गए.

उनका लंड चूत में घुसा तो मुझे दर्द सा हुआ. लेकिन चुदवाने के नशे में मैंने उस दर्द को सह लिया. और फिर मामा का लोडा मेरी जवान चूत को पेलता गया और मैं बिस्तर पर हिल हिल के उन्हें सपोर्ट करती रही. पुरे १० मिनिट उन्होंने

मुझे चोदा और चोद चोद के मेरा बुर लाल कर दिया. फिर जब उनका छुटा तो उन्होंने सब वीर्य मेरी बुर और जांघ पर छोड़ दिया. मैं भी तृप्त हो गई थी डोक्टर मामा के लौड़े की गर्मी से. उन्होंने मेरे कपडे पहनाये और मुझे बूब्स पर किस

देते हुए बोले, चलो अब माइग्रेन के लिए दवाई देता हूँ. शाम को मामा मुझे घर छोड़ गए और मम्मी ने पूछा की मामा ने कैसे इलाज किया? मैंने कहा बड़ा सही इलाज किया हैं मम्मी. मैं समझ गई की मेरा बुर चुदवाने में शायद मम्मी का ही

हाथ था.
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