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मौसी को औरत बनाया


दोस्तों ये कहानी आप सेक्सवासना डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

हैल्लो दोस्तों, ये बात उन दिनों की है जब उड़ीसा में खतरनाक तूफान आया था, जिस समय उड़ीसा की करीब आधी से ज़्यादा जगह बर्बाद हो गई थी, घर टूट गये थे, हर जगह पेड़ गिरे हुए थे, कम्यूनिकेशन पूरा ठप था, बिजली नहीं थी, लोग

अंधेरे में गुजारा करते थे, खाने को या पीने को ठीक से नहीं मिलता था। उस समय दशहरे का माहौल चल रहा था, यहाँ पर दशहरा काफ़ी धूम धाम से मनाया जाता है इसलिए मेरी मौसी दशहरा घूमने के लिए हमारे यहाँ आई हुई थी। वो सबलपुर में

रहती है और वो ट्रेन से आने वाली थी तो पापा उन्हें लेने स्टेशन गये थे। जब पापा उन्हें लेकर घर आए तो उन्हें देखकर तो में दंग ही रह गया, क्या सेक्सी फिगर था? उनके बूब्स ज्यादा बड़े नहीं थे लेकिन मस्त थे और उनकी गांड का

क्या कहना? वो बिल्कुल माल लग रही थी, उनका फिगर 32-28-34 था। (जो मुझे बाद में उनसे पता चला था) फिर जब वो घर पर पहुँची तो उन्होंने सभी को नमस्ते बोला और मुझे आकर गले लगा लिया। तभी उनके बूब्स मुझसे पहली बार टच हुए और मेरी

हालत खराब हो गई और मेरा लंड पेंट के नीचे से तन गया, जिसको उन्होंने नोटीस कर लिया था और सब लोग उनको वेलकम कर रहे थे। मेरी तो हालत खराब हो गयी थी। अब में सीधा बाथरूम में चला गया और मुठ मारने लगा। फिर वो फ्रेश होने

बाथरूम में गई तो में भी धीरे-धीरे में उनके पीछे बाथरूम में गया। वो अंदर थी तो मुझे कुछ दिखाई नहीं दे रहा था, तभी मुझे एक तरकीब सूझी और अब में छत पर जाकर बाथरूम की स्काई लाईट से उन्हें देखने लगा। वो नहा रही थी और उनके

शरीर पर एक भी कपड़ा नहीं था। में पहली बार किसी जवान लड़की को बिना कपड़ो के देख रहा था और मेरा हाथ अपने आप मेरी पेंट में छुपे लंड पर चला गया और में उसे हिलाने लगा। तभी माँ ने मुझे आवाज़ लगाई और में डर के मारे आधा

हिलाता हुआ नीचे चला गया, लेकिन उनका नंगा बदन मेरे सामने हर वक़्त आ रहा था। अगले दिन हमारा दशहरा घूमने का प्लान था तो हम सब खा पीकर सोने चले गये, तब हल्की-हल्की बारिश शुरू हो गई थी। फिर सुबह हम सब उठे तो देखा कि चारो

और तबाही मची हुई है और जोर से तूफान आ रहा है और सब कुछ तहस नहस कर रहा है। ऐसा 2 दिनों तक चला और अब सब कुछ तबाह हो चुका था, बहुत सारे पेड़, घर गिर गये थे, जानवर और लोग भी मारे गये थे तो दशहरे का माहौल बिल्कुल सन्नाटे में

बदल गया था। हम बाहर निकल ही नहीं पा रहे थे, बिजली चली गयी थी। इतने में और 3-4 दिन गुजर गये और फिर रोड़ थोड़ा खुला, लेकिन बिजली अभी तक नहीं आई थी और बस, ट्रेन कुछ नहीं चल रहा था। फिर एक दिन शाम को खबर आई कि हमारे पास के

गावं की बुआ की सास चल बसी है तो सब लोगों को अंतिम संस्कार के लिए वहाँ पर जाना पड़ा और मेरे 12वीं क्लास की परीक्षा होने की वजह से में नहीं गया और मेरी दादी माँ जो कि बहुत बूढ़ी थी वो भी नहीं गई थी। माँ ने मौसी को हमारी

देखभाल के लिए रुकने को कहा, फिर उस रात मौसी ने खाना बनाया और हम सब खाना ख़ाकर सोने चले गये। अब मेरा एग्जॉम होने की वजह से में मोमबत्ती जलाकर पढ़ने बैठ गया। तभी मौसी अपना सारा काम ख़त्म करके मेरे पास आई और मेरी पढ़ाई

के बारे में पूछने लगी क्योंकि वो कॉलेज में साइन्स की स्टूडेंट थी और मेरी गणित बहुत कमजोर थी तो उन्होंने मेरी गणित की समस्या हल करने में मदद की। तब वो नाइटी में थी जो कि काफ़ी ढीली थी और उनके बूब्स हल्की-हल्की

रोशनी में साफ दिखाई दे रहे थे। उसे देखकर मुझे वो दिन याद आ गए और मेरा लंड खड़ा हो गया, जिसको उन्होंने नोटीस कर लिया था। अब मेरी दादी माँ सो चुकी थी और हमें भी अब सोना था तो हमने अपना बिस्तर लगाया और सो गये, लेकिन मुझे

नींद ही नहीं आ रही थी और ना ही मौसी को नींद आ रही थी। फिर हम गप्पे मारने लगे और बात पढ़ाई से लेकर फ्रेंड और फिर गर्लफ्रेंड तक पहुँच गई। फिर मौसी ने मुझसे पूछा कि मेरी कोई गर्लफ्रेंड है या नहीं? तो मैंने कहा कि मेरी

कोई गर्लफ्रेंड नहीं है। तब मैंने उनसे उनके बॉयफ्रेंड के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि उनके कोई बॉयफ्रेंड नहीं है तो मैंने कहा कि आप झूठ बोल रहे हो, आप जैसी सुंदर लड़की के कोई बॉयफ्रेंड नहीं है, ऐसा हो ही नहीं

सकता। तब वो थोड़ा शर्मा गयी और बोली कि तुझे कैसी गर्लफ्रेंड चाहिए? बता में ढूंढ लूँगी, तो मैंने कहा कि बिल्कुल आप जैसी सुंदर होनी चाहिए। तब उन्होंने बोला कि मेरी जैसी तो सिर्फ़ में ही हूँ, क्या में तुम्हारी

गर्लफ्रेंड बन सकती हूँ? तब में पूरा चौंक गया और बोला कि आप मज़ाक कर रहे हो तो उन्होंने बोला कि नहीं में सीरीयस हूँ, तो मैंने बोला कि ठीक है आज से आप और में बॉयफ्रेंड गर्लफ्रेंड है। तब वो मेरे थोड़ा पास आकर मुझसे

कान में कहने लगी कि क्या तुम जानते हो कि जब बॉयफ्रेंड गर्लफ्रेंड अकेले होते हैं तो क्या करते हैं? तो मैंने बोला कि में नहीं जानता। तब उसने मेरे और पास आकर मुझसे लिपटकर मुझे एक किस कर दिया। अब मेरी तो ख़ुशी का ठिकाना

ही नहीं रहा और मेरा लंड खड़ा हो गया जो उनको महसूस हो रहा था। फिर वो मेरी पेंट के ऊपर अपना हाथ फैरने लगी और बोली कि क्या ये तेरा लंड है? तो मैंने हाँ कहा, तब वो मेरे लंड को हाथ में लेकर सहलाने लगी और अब में सातवें आसमान

पर था। फिर उन्होंने मेरी पेंट को उतार दिया और मेरे लंड को हाथ में लेकर हिलाने लगी और मुझे किस करने लगी। अब में उनके बूब्स को दबा रहा था और तब उन्होंने अपनी नाइटी को खोल दिया और अब वो सिर्फ़ ब्रा और पेंटी में थी। अब

में उनकी ब्रा के ऊपर से ही उनके बूब्स दबा रहा था तो उन्होंने अपनी ब्रा को भी खोल दिया और उनके बूब्स को चूसने के लिए इशारा किया। दोस्तों ये कहानी आप सेक्सवासना डॉट कॉम पर पड़ रहे है। अब में एक हाथ से उनका बूब्स दबा

रहा था और उनका दूसरा बूब्स मेरे मुँह में था और मेरा एक हाथ उनके पेंटी के ऊपर रगड़ रहा था। तब मैंने महसूस किया कि वो पूरी तरह से गीली हो चुकी है और मैंने उनकी पेंटी को उतार दिया और उनकी चूत में अपनी उंगली घुसा दी तो

उनके मुँह से सिसकारी निकल पड़ी और वो ज़ोर-ज़ोर से मेरा लंड हिलाने लगी और में भी ज़ोर-ज़ोर से अपनी उंगली उनकी चूत में घुसाने लगा। अब मेरा पानी निकलने ही वाला था तो मैंने कहा कि मौसी मुझे कुछ हो रहा है तो उन्होंने

कहा कि जो होगा तुम्हें बहुत अच्छा लगेगा और सच में ऐसा ही हुआ। अब मेरी पिचकारी निकल गई और पिचकारी का सारा पानी जाकर उनके पेट पर गिर गया। फिर उन्होंने बोला कि कितनी पिचकारी मारता है रे तू और तेरा कितना गर्म है? अब

मेरा पानी निकल जाने की वजह से में ठंडा पड़ गया था और अब में ज़्यादा उंगली नहीं घुसा रहा था, लेकिन वो अभी तक नहीं झड़ी थी तो उन्होंने मेरा लंड अपने मुँह में लेकर चूसना शुरू कर दिया। ये मेरे लिए एक अलग अनुभव था और सोया

हुआ शेर फिर से खड़ा हो गया। फिर उन्होंने बोला कि चल मेरे राजा अब अपना असली खेल शुरू कर दे और वो पीठ के बल सोकर अपनी टाँगे फैलाकर बोली कि आजा मेरे राजा, चोद दे अपनी मौसी रानी को और बना दे औरत। अब में तो बहुत ही

उत्तेजित था और उनके कहने पर मुझे और जोश आ गया था और में सीधे उनके ऊपर चढ़ गया और अपने लंड को उनकी चूत में घुसाने की कोशिश में लग गया। अब उनकी चूत काफ़ी गीली हो गयी थी इसलिए मेरा लंड बार-बार फिसल रहा था। फिर उन्होंने

मेरा लंड पकड़कर अपनी चूत पर लगाया और बोला कि अब इसे अंदर डाल। फिर मैंने एक ज़ोर का शॉट मारा तो मेरा आधा लंड उनकी चूत में चला गया और वो चिल्ला उठी आअहह में मरररर गइईईईईईईईई, उनकी आवाज़ इतनी जोर से थी कि पास के रूम में

सोई हुई मेरी दादी भी इस चीख से उठ गई और पूछने लगी कि क्या हुआ? और हम दोनों घबरा गये। तभी मौसी ने कहा कि कुछ नहीं करवट लेते वक़्त थोड़ी सी मोच आ गई। फिर कुछ देर तक हम ऐसे ही रुके रहे, फिर जब हमें लगा कि दादी सो गई है तो

हमने अपना अधूरा काम फिर से चालू कर दिया। अब मौसी ने इस बार मुझे धीरे से डालने को कहा और में धीरे-धीरे उन्हें चोदने लगा और अब उन्हें भी मज़ा आने लगा था तो मैंने मौका देखकर एक और जोरदार शॉट मारा और मेरा लंड पूरा उनकी

चूत में चला गया और में उन्हें ज़ोर-ज़ोर से चोदने लगा। अब वो काफ़ी जोश में थी और सिसकारियाँ ले रही थी और जोर से करो, मेरे राजा फाड़ दो अपनी मौसी की चूत, फिर में भी जोश में आ गया और तेज-तेज झटके लगाता रहा और अब में झड़ने

ही वाला था कि उन्होंने मुझे पोज़िशन चेंज करने को कहा। फिर मैंने बोला कि मेरा होने वाला है, तो उन्होंने कहा कि अभी नहीं थोड़ा उसे रोक ले, तेरे लंड को उठाने में बहुत मेहनत करनी पड़ती है। अब वो डॉगी की स्टाइल में आ गई

और मुझे पीछे से करने को कहा। फिर मैंने उनके पीछे आकर उनको पीछे से करना स्टार्ट कर दिया, इस स्टाईल में मुझे बहुत अच्छा लग रहा था। अब में ज़ोर-ज़ोर से उन्हें चोदने लगा और वो सिसकारियां लेने लगी, अब मुझे लग रहा था कि

उनका निकलने ही वाला है तो मैंने अपनी स्पीड तेज कर दी और में उन्हें फुल स्पीड में चोदता गया और 10-12 झटकों के बाद में झड़ गया और उसके तुरंत बाद वो भी झड़ गई। अब हम दोनों काफ़ी थके हुए थे तो हम नंगे ही सो गये, अब रात के 12 बज

गये थे और अब में उनके बूब्स दबा रहा था और वो मेरा लंड सहला रही थी। फिर उन्होंने कहा कि ये उनका पहला सेक्स है, फिर मैंने और मोमबत्ती जलाकर थोड़ी रौशनी तेज करके में उन्हें नंगा देखने लगा, तो मैंने देखा कि हमारी

बेडशीट पर खून लगा हुआ है तो में डर गया। फिर उन्होंने बोला कि उनकी सील टूटी है इसलिए थोड़ा सा खून निकला है और उसके बाद हम वापस से बातें करने लगे। फिर उन्होंने कहा कि वो उस दिन मुझे गले लगाते वक़्त मेरे लंड को महसूस

कर चुकि थी, फिर उसके बाद मैंने उन्हें उस रात और 2 बार चोदा और मैंने उनकी गांड भी मारी।
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