Home
Category
Sex Tips
Hinglish Story
English Story
Contact Us

माँ बनाया चाचा की मर्ज़ी से चाची को


दोस्तों ये कहानी आप सेक्सवासना डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

हैल्लो दोस्तों, यह मेरी सेक्सवासना डॉट कॉम पर पहली कहानी है और जिसको मैंने आप तक पहुँचाने में बहुत मेहनत की है। मेरा नाम राहुल है और में महाराष्ट्र का रहने वाला हूँ। दोस्तों में एक कॉलेज स्टूडेंट हूँ और में अपनी

पढ़ाई के साथ साथ कभी कभी अपने पापा की दुकान पर भी चला जाता हूँ, मेरी लम्बाई 5.9, मेरा रंग थोड़ा सांवला और शरीर दिखने में बहुत अच्छा है, मेरा लंड 7 इंच का है। यह घटना मेरी और मेरी चाची के बीच में हुए सेक्स की है जिसमें

मैंने उनको चोदकर बहुत मज़े किए। दोस्तों वो मेरी असली चाची नहीं है, वो तो हमारे घर पर किराए से रहती है। मेरी चाची का मनीषा है उनके फिगर का साईज 34 -28 -36 है और वो एक ग्रहणी है और उनके पति खुद का अपना एक बिजनेस करते है इसलिए

वो अक्सर सुबह 10 बजे घर से निकल जाते और रात को हमेशा ज्यादा देरी से आते थे और उनकी अब तक कोई औलाद भी नहीं थी। दोस्तों यह घटना आज से एक साल पहले की है, जब मेरी मम्मी, पापा एक सप्ताह के लिए शादी में बाहर गये हुए थे, तो मुझे

अब मेरी गहनों की दुकान पर बैठना था इसलिए मेरी मम्मी ने मुझे अपनी चाची के यहाँ पर खाना खाने के लिए कहा और फिर मैंने भी उन्हें हाँ कह दिया और मम्मी ने चाची को भी मुझे खाना खिलाने के लिए बोल दिया था। अब में अपने घर

वालों के चले जाने के बाद अपनी दुकान को जल्दी सुबह खोल लेता और दोपहर को करीब 12 बजे बंद कर देता और फिर में खाना खाने अपने घर पर चला जाता उसके बाद में घर पर कुछ घंटे आराम करने के बाद शाम को करीब 4:00 बजे अपनी दुकान फिर से

खोल लेता था। एक दिन मैंने दुकान को बंद किया और घर पर चला गया। सबसे पहले में चाची के यहाँ पर गया और वहां पर मैंने खाना खाया और फिर अपने कमरे में चला गया। उसके बाद में एक ब्लूफिल्म की सीडी चलाकर पूरा नंगा होकर बैठकर

देखने लगा। तभी दरवाजे पर किसी के खटखटाने की आवाज आने लगी तो मैंने जल्दी से टी-शर्ट पहनी और टावल लगाकर दरवाजा खोलने चला गया और फिर मैंने देखा कि सामने चाची खड़ी हुई थी और मैंने उनसे पूछा.. में : क्या हुआ चाची? चाची :

कुछ नहीं बस वो मुझे तुम्हारे बाथरूम में अपने कपड़े धोने थे, मेरे बाथरूम का नल खराब हो गया है, उससे अब अचानक ही पानी आना बिल्कुल ही बंद हो गया है। में : हाँ प्लीज आप अंदर आ जाइए ना। चाची : धन्यवाद राहुल। में : उसमे

धन्यवाद कैसा चाची? फिर चाची अंदर आई और मेरे बेडरूम से जुड़े हुए बाथरूम में वो अंदर चली गयी और में किचन में पानी पीने चला गया और जैसे ही मैंने पानी पीने के लिए गिलास को अपने हाथ में उठाया तो मुझे याद आया कि मैंने तो

ब्लूफिल्म को बंद ही नहीं किया है। फिर में तुरंत दौड़कर अपने रूम में गया तो मैंने देखा कि टीवी पहले से ही बंद है और चाची बैठी हुई अपने कपड़े धो रही है, वो सब देखकर मेरी जान में जान आ गई, लेकिन दोस्तों मुझे यह बात

बिल्कुल भी याद ही नहीं आ रही थी कि मैंने बाहर आने से पहले टीवी को कब बंद किया था और अगर मैंने टीवी को बंद नहीं किया तो क्या चाची ने उसे बंद किया था? फिर कुछ देर बाद चाची अपने कपड़े धोकर चली गयी और में अपनी दुकान पर चला

गया। फिर जब में रात को अपने घर पर आया और हाथ मुहं धोकर सीधा अपनी चाची के घर पर चला गया और में जाकर सोफे पर बैठ गया तो मैंने देखा कि उस समय चाची किचन में खाना बना रही थी। फिर मैंने टीवी को चालू किया और देखने लगा। फिर

थोड़ी ही देर बाद चाची अपना काम खत्म करके वहां पर आ गई और मैंने जब चाची को देखा तो में देखता ही रह गया, वो क्या मस्त सेक्सी लग रही थी? उन्होंने लाल, पीले कलर की साड़ी, बिना बाँह और पीछे से पूरा खुला हुआ ब्लाउज पहना हुआ

था। उस ब्लाउज में से उनके आधे बूब्स बाहर लटके हुए मुझे दिखाई दे रहे थे और में उन्हें घूर घूरकर लगातार देखे ही जा रहा था तभी चाची ने मुझसे कहा.. चाची : क्यों ऐसा क्या देख रहे हो राहुल? में : जी कुछ नहीं चाची। चाची : सच

बोलो राहुल में तुमसे कुछ नहीं कहूँगी। में : वो चाची आप आज बहुत ही सुंदर दिख रही हो। चाची : मुझसे ऐसा मज़ाक मत करो राहुल। में : नहीं चाची में आपसे बिल्कुल सच सच कह रहा हूँ, आप आज बहुत ही सुंदर सेक्सी दिख रही

हो। चाची : शरमाते हुए, क्या में सच में इतनी अच्छी लगती हूँ? में : हाँ क्या आपको कभी चाचा ने नहीं कहा? चाची : उनके पास टाईम कहाँ है मेरी तारीफ करने के लिये। चाची : क्यों तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है क्या? में : जी

नहीं, और इतना कहकर मैंने थोड़ा उदास सा चेहरा बना लिया। चाची : इसमे नाराज़ होने वाली क्या बात है? आज नहीं तो कल कोई ना कोई तुम्हारी भी गर्लफ्रेंड बन ही जाएगी, चलो अब हम खाना खाते है क्योंकि जब तक टाईम 9:30 बजे चुके थे।

फिर हम खाना खाने बैठे ही थे कि चाचा आ गये तो चाची ने उनसे पूछा.. चाची : क्यों आज आप जल्दी आ गए? चाचा : वो कल सुबह मुझे जल्दी कुछ काम से दो दिनों के लिए मुंबई जाना है इसलिए में आज थोड़ा जल्दी से अपना सभी काम खत्म करके आ

गया। चाची : अरे यार, आपको तो पता है ना मुझे रात को अकेला सोने में कितना डर लगता? चाचा : लेकिन, अब में इसका क्या कर सकता हूँ? मेरे वहां पर कल ना जाने से मुझे बहुत ज्यादा नुकसान हो जाएगा और अगर चाहो तो तुम भी मेरे साथ चल

सकती हो। चाची : (हड़बड़ते हुए बोली) नहीं में यहीं पर रहूंगी, में राहुल को मेरे पास सोने के लिए बुला लूँगी, क्यों ठीक हाँ ना राहुल? में : हाँ ठीक है चाची। चाचा : ओह में तो बिल्कुल ही भूल गया कि यहाँ पर राहुल भी तो

है। में : कोई बात नहीं चाचू, अब आइये खाना खाते है। चाचा : हाँ में अभी फ्रेश होकर आता हूँ। फिर कुछ देर बाद चाचा फ्रेश होकर आए और वो मुझसे कहने लगे। चाचा : राहुल कल क्या तू मुझे सुबह स्टेशन तक छोड़ने चलोगे? में : हाँ

ठीक है चाचा, में आपको स्टेशन तक छोड़ दूंगा। फिर हम सभी ने खाना खाया और में अपने कमरे में आकर सो गया। सुबह में उठा और चाचा को स्टेशन छोड़ने उनके साथ चला गया और फिर में वहीं से अपनी दुकान पर चला गया। दोस्तों उस दिन में

दोपहर को अपने घर पर नहीं गया और मैंने अपने दोस्तों के साथ बाहर ही खाना खा लिया था। फिर रात को जब में घर पर गया तो में फ्रेश होकर चाची के कमरे में चला गया, तो चाची आज मुझे और भी ज्यादा सेक्सी दिख रही थी, क्योंकि

उन्होंने आज गुलाबी कलर की एक पारदर्शी मेक्सी पहन रखी थी जिसकी वजह से उनके अंडर गारमेंट भी पूरी तरह से दिख रहे थे। मुझे उनकी काली कलर की ब्रा और गुलाबी कलर की पेंटी भी साफ साफ दिखाई दे रही थी। फिर चाची ने आते ही

मुझसे पूछा.. चाची : राहुल आज तुम दिन में खाने पर क्यों नहीं आए? में : चाची वो आज मुझे मेरे कुछ दोस्त मिल गये थे और उन्होंने मुझसे होटल चलने को कहा तो में क्या करता? में उनके साथ चला गया और हमने वहीं पर खाना खा

लिया। चाची : अरे एक बार मुझे बता तो देना था, में कितना घबरा गई थी। में : प्लीज मुझे माफ़ करना चाची। चाची : चलो खाना तैयार है चलो खा लो। में : हाँ ठीक है। फिर हमने साथ में बैठकर खाना खाया और कुछ देर टीवी देखने के बाद

हम सोने की तैयारी करने लगे, लेकिन दोस्तों मुझे आज मेरी चाची में मेरे लिए बहुत बदलाव नज़र आ रहा था, क्योंकि वो सोने के लिए इतना बैताब थी कि में तो बिल्कुल हैरान रह गया और मन ही मन सोचने लगा कि क्या चाची कई दिनों से

सोई नहीं है? फिर हम सोने उनके बेडरूम में चले गये तो मैंने उनसे कहा। में : चाची में बाहर सोफे पर सो जाता हूँ। चाची : अरे नहीं मुझे अकेले सोने में बहुत डर लगता है, इसलिए तो मैंने तुम्हे अपने पास सोने बुलाया है, प्लीज

यहीं पर सो जाओ। में : हाँ ठीक है चाची, आप कहती है तो में यहीं पर सो जाता हूँ। दोस्तों अब में और चाची एक ही बेड पर लेट गए उन्होंने लाईट को बंद कर दिया, लेकिन मुझे बहुत देर तक भी नींद नहीं आ रही थी और तब तक शायद चाची सो

गई थी। फिर कुछ देर बाद मुझे प्यास लगी तो में उठकर पानी पीने चला गया और जब में लौटकर वापस आया तो मैंने देखा कि चाची की मेक्सी उनके पैर ऊपर करने की वजह से उनकी कमर तक उठ गई है और अब वो सब देखकर मेरे अंदर का शैतान जाग

गया, लेकिन अभी तक मेरे मन में चाची के बारे में एसी कोई भी गलत बात नहीं थी। में चुपचाप जाकर चाची के पास में लेट गया और मैंने देखा कि चाची बहुत गहरी नींद में सो रही थी और फिर मैंने मन ही मन में सोचा कि क्यों ना इस बात का

फायदा उठाया जाए? मैंने अपना एक हाथ चाची की जाँघो पर रख दिया और धीरे धीरे सहलाने लगा। तभी चाची थोड़ा सा हिलने लगी और में डर गया, लेकिन वो अब बिल्कुल सीधी होकर सो गई। में अब उनकी नाभि से खेलने लगा और वो अब भी सो रही थी।

में इसके आगे कुछ करने की हिम्मत ही नहीं कर सका और सो गया। फिर में सुबह उठा तो तब तक 9:00 बज चुके थे और मुझे दुकान पर जाने के लिए देरी हो रही थी। में उठा और बाथरूम में जाकर जल्दी से फ्रेश होकर बाहर आ गया। चाची उस समय मेरे

लिए किचन में नाश्ता तैयार कर रही थी तो मैंने चाची को गुड मॉर्निंग बोला। फिर चाची ने मुझसे पूछा कि क्यों कल रात को नींद नहीं आई? तो में उनकी यह बात सुनकर बहुत डर गया, मुझे लगा कि शायद चाची को कल रात को मेरी सभी हरकतों

के बारे में पता चल गया तो मैंने उनसे कहा.. में : (बहुत घबराते हुए) क्यों कल रात को ऐसा क्या हुआ चाची? चाची : अरे तुम देर से उठे इसलिए मैंने यह सब पूछा। में : नहीं चाची, ऐसी कोई बात नहीं है। चाची : अच्छा अब जल्दी से

नाश्ता करके जाओ। में : हाँ, ठीक है चाची। फिर हमने नाश्ता किया और में जल्दी से अपनी दुकान पर चला गया। दोपहर हुई और में अपने घर पर खाना खाने आ गया, तो मैंने देखा कि चाची ने वही कल रात वाली जालीदार मेक्सी उस समय पहनी

हुई थी और में उन्हें कुछ देर तक लगातार देखता रहा। फिर हमने साथ में बैठकर खाना खाया और बातें करने लगे और तभी चाची ने मुझसे कहा। चाची : अरे अब तो कोई गर्लफ्रेंड बना ले कब तक ऐसे ही घूमता रहेगा। में : क्या मतलब में

कुछ नहीं समझा? चाची : अरे अब मुझे ही सब बताना पड़ेगा क्या? में : (थोड़ा हड़बड़ते हुए बोला) क्यों ऐसा क्या हुआ चाची? चाची : अरे तू वो सब कुछ देखता है जो काम तुझे इस उम्र में करना चाहिए? में : में कुछ समझा नहीं चाची, में

ऐसा क्या देखता हूँ? चाची : अब ज्यादा भोला मत बन, में वो सब जानती हूँ। में : क्या चाची, आप क्या जानती है? चाची : कल जब में घर पर कपड़े धोने आई थी तो तू टीवी पर वो सब क्या देख रहा था? दोस्तों में उनकी यह बात सुनकर वो सब

सोचने लगा तो मेरी वो बात याद करके हवा टाईट हो गई और मुझे याद आया कि मैंने तो कल टीवी पर ब्लूफिल्म लगाई थी और चाची ने ही वो सब देखकर टीवी को बंद कर दिया था। में : (बहुत डरते हुए बोला) चाची प्लीज आप मम्मी को वो सब कुछ मत

बताना प्लीज। चाची : (मुस्कुराते हुए बोली) अरे पागल में भला मम्मी को क्यों बताउंगी, लेकिन तुझे भी मेरा एक काम करना होगा। में : हाँ में आपके वो सब काम जरुर करूँगा जो भी आप मुझसे कहोगी, लेकिन मम्मी को मत बताना। चाची :

अरे नहीं, कहा ना में नहीं बताउंगी। में : आपको बहुत धन्यवाद चाची। चाची : ठीक है। में : बताओ अब मुझे क्या करना है? चाची : वही सब जो कल उस वीडियो में हो रहा था। में : क्या, लेकिन किसके साथ? चाची : किसके साथ का क्या मतलब?

मेरे साथ और किसके साथ, में बोल रही हूँ तो मतलब कि मेरे साथ ही करोगे ना, मेरे अलावा यहाँ पर तुम्हारे साथ और कौन है जिसके साथ तुम यह सब करोगे? में : मगर चाची में आपके साथ ऐसा कैसा कर सकता हूँ? चाची : अगर, मगर में कुछ नहीं

जानती, अगर तुमने मेरा कहा काम नहीं किया तो में तुम्हारी मम्मी को वो सभी बातें बता दूँगी जिसको में तुम्हारे कहने पर छुपा रही हूँ। दोस्तों में बहुत डर गया क्योंकि अब मेरी चाची सीधे सीधे मुझे ब्लेकमेल कर रही थी और

में भी क्या करता? क्योंकि मेरे पास कोई बचने का रास्ता भी नहीं दिखाई दे रहा था इसलिए मैंने तुरंत उनसे हाँ कह दिया और अब हम दोनों चाची के बेडरूम में चले गये। वहां पर जाते ही चाची मुझे किस करने लगी और उन्होंने मुझे

धीरे से धक्का देकर बेड पर गिरा दिया। हमने करीब दस मिनट तक एक दूसरे को किस किया जिसकी वजह से में बहुत गरम हो चुका था। फिर मैंने जोश में आकर चाची को अपने ऊपर से हटा दिया और मैंने तुरंत उनकी मेक्सी को उतार दिया,

दोस्तों उन्हे मैंने आज पहली बार ब्रा, पेंटी में देखा था और यह मेरा पहला सेक्स होने की वजह से मुझसे अब रहा नहीं जा रहा था। में उस समय बहुत जोश में था और मेरे अंदर का शैतान अब तक जाग चुका था। अब मैंने चाची से कहा कि

मेरा लंड पानी छोड़ने वाला है। मेरी यह बात सुनकर चाची ने झट से मेरी पेंट को उतार दिया और पेंट में इलास्टिक लगा होने की वजह से उसके साथ साथ मेरी अंडरवियर भी उतर गई। अब चाची ने मेरा 7 इंच का लंबा मोटा लंड देखते ही तुरंत

उसे अपने मुहं में ले लिया और जैसे छोटे बच्चे लोलीपोप चूसते है वैसे ही वो मेरा लंड चूसने लगी। दोस्तों यह मेरा पहला अनुभव था जब कोई औरत मेरे लंड को अपने हाथों से पकड़कर धीरे धीरे चूस रही थी। में उस समय बहुत जोश में था

इसलिए में जल्दी ही उनके मुहं में झड़ गया और उन्होंने मेरा पूरा वीर्य पी लिया और मेरे लंड को चाट चाटकर पूरा साफ किया, अब मुझसे कहने लगी.. चाची : वाह राहुल मज़ा आ गया, लेकिन तुम्हारा लंड तो तुम्हारे चाचा से भी बड़ा

है। में : क्या सच में चाची? चाची : हाँ, में तुमसे बिल्कुल सच कह रही हूँ। फिर इतना कहकर वो हंसने लगी और मैंने अब चाची की ब्रा को उतार दिया और में उनके बूब्स चूसने, दबाने लगा और मैंने अपनी शर्ट भी अब उतार दिया। फिर

उन्होंने अपनी पेंटी को भी तुरंत उतार दिया फिर मैंने चाची से कहा कि अब हम थोड़ा जल्दी करते है, क्योंकि मुझे दुकान भी खोलनी है नहीं तो दुकान पर जो लड़का काम करता है वो पापा को फोन कर देगा और मेरे देरी से पहुंचने की बात

पापा को पता चल जाएगी। फिर चाची ने कहा कि ठीक है और मैंने चाची को बेड के एक साईड में लेटा दिया और मैंने उनके दोनों पैर अपने कंधो पर रख लिए। यह सब देखकर चाची मुझसे बोली कि तुम तो आज पहली बार सेक्स कर रहे हो तो तुम्हे

सेक्स करने की यह सभी पोज़िशन कैसे पता है? तो मैंने कहा कि यह तो मैंने ब्लूफिल्म में बहुत बार देखा है और अब मैंने ज्यादा देर ना करते हुए चाची की खुली हुई चूत के मुहं पर अपना लंड रख दिया और एक ज़ोर का झटका मारा। मेरे इस

झटके की वजह से मेरा आधा लंड चाची की चूत में फिसलता हुआ बिना किसी रुकावट के चला गया, लेकिन उन्हे बहुत दर्द हुआ और उनके मुहं से सिसकियाँ निकलने लगी, क्योंकि चाचा का लंड इतना मोटा नहीं था। फिर मैंने उनकी कमर पर अपनी

पकड़ को और भी ज्यादा मजबूत करते हुये एक और ज़ोर का झटका दिया तो मेरा पूरा लंड उनकी चूत में चला गया और अब मैंने महसूस किया कि वो उस दर्द से तड़पने लगी थी। मेरा लंड उनकी बच्चेदानी से टकरा रहा था और वो बहुत ज़ोर से चीख

पड़ी, लेकिन सभी खिड़की दरवाजे बंद होने की वजह से हमें किसी बात का कोई डर नहीं था। अब वो थोड़ी तक दर्द से करारहती रही और में उसके बूब्स को सहलाता रहा। फिर कुछ देर बाद जब दर्द थोड़ा कम हुआ तो मैंने अपने लंड को धीरे धीरे

अंदर बाहर करना शुरू किया। दोस्तों ये कहानी आप सेक्सवासना डॉट कॉम पर पड़ रहे है। अब वो भी अपनी गांड को थोड़ा ऊपर नीचे करने लगी और सिसकियाँ लेने लगी और मुझसे कहने लगी हाँ थोड़ा और अंदर जाने दो उह्ह्हह्ह आह्ह्हह्ह हाँ

और ज़ोर से चोदो मुझे आईईईईई तुम्हारे अंकल के पास मेरी चूत को शांत करने के लिए बिल्कुल भी समय नहीं है, लेकिन अब तुम मुझे मिल गए हो स्सीईईईई में अपनी चुदाई तुमसे हर दिन करवाउंगी उह्ह्ह्ह जाने दो पूरा अंदर, वाह मज़ा आ

गया। दोस्तों में उनके मुहं से यह सभी बातें सुनकर अब और भ
दोस्तों आज की एक और नई सेक्स कहानी पड़ने के लिये यहाँ क्लिक करें।
Notice For Our Readers

दोस्तो डाउनलोड क्र्रे हमारा अफीशियल आंड्राय्ड अप (App) ओर अनद लीजिए सेक्स वासना कहानियो का . हमारी अप(App) क्म डेटा खाती है और जल्दी लोड होती है 2जी नेट मे वी ..अप(App) को आप अपने फोन मे ओपन रख सकते है

अप(App) का डिज़ाइन आपकी प्राइवसी देखते हुए ब्नाई गयइ है.. अप(App) का अपना खुद का पासवर्ड लॉक है जिसे आप अपने हिसाब से सेट कर सकते ह .जिसे दूसरा कोई ओर अप(App) न्ही ओपन क्र सकता है और ह्र्मारी अप(App) का नाम sxv शो होगा आफ्टर इनस्टॉल आपकी गॅलरी मे .

तो डाउनलोड करे Aur अपना पासवर्ड सेट क्रे aur एंजाय क्रे हॉट सेक्स कहानियो का ...
डाउनलोड करने क लिए यहा क्लिक क्रे --->> Download Now Sexvasna App

हमारी अप कोई व किसी भी तारह के नोटिफिकेशन आपके स्क्रीन पर सेंड न्ही करती .तो बिना सोचे डाउनलोड kre और अपने दोस्तो मे भी शायर करे

   Please For Vote This Story
22
7