तीन लोड़ो ने मस्त चोदा

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Author :सोनिया Update On: 2016-07-20 Views: 19800

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम सोनिया है और में चुरु के पास एक छोटे से गाँव में रहती हूँ और में अपनी नौकरी के लिए तैयारी कर रही हूँ। मेरी दो दोस्त की मुझसे पहले ही नौकरी लग चुकी है और उनमे से एक की तो कुछ समय पहले शादी भी

हो गई। दोस्तों हम सभी का एक बहुत अच्छा दोस्त है जिसका नाम रेहान है और उसकी उम्र 21 साल, वो लंबा और पतला सा बहुत अच्छा दिखने वाला लड़का है। दोस्तों वो भले ही एक टेक्सी ड्राईवर है, लेकिन उसने करीब 9 महीने पहले हम तीनों

को पहली बार चोदा था और तब से में उसे राज़ा ही बोलती हूँ और अब में उससे शादी करना चाहती हूँ, लेकिन मेरे घरवाले किसी भी टेक्सी ड्राइवर से मेरी शादी नहीं करेंगे और इस बात का मुझे पूरा पता है, क्योंकि मेरे पापा की हमारे

पूरे गाँव में बहुत इज़्ज़त है और मेरे यह सब करने की वजह से उनकी इज्जत खराब होगी। फिर मैंने एक दिन मन ही मन फैसला लिया कि में मेरे रेहान राज़ा के साथ ऐसे ही मज़े लेती रहूँगी और अपनी बची हुई पढ़ाई के सिलसिले में

मैंने चुरु में एक रूम ले लिया था और फिर वहाँ पर में एकदम अकेली ही रहती हूँ और हर कभी अच्छा मौका पाकर में रेहान से मिल भी लेती हूँ और रेहान की हर बात को में हमेशा मानती थी, क्योंकि उसने ही मुझे पहली बार आज से 9 महीने

पहले चोदा और मुझे वो सब सुख दिया और मेरी कुंवारी चूत और गांड को फाड़ दिया था। दोस्तों रेहान ने कुछ दिन पहले मुझसे कहा कि जैसे तुम तीनों लड़कियों ने 9 महीने पहले मुझसे चूत और गांड मरवाई थी वैसे ही में और मेरे दो दोस्त

एक साथ मिलकर तेरी चूत और गांड को मारेंगे। मैंने उसकी यह बात सुनकर हंसकर टाल दिया और मैंने रेहान से कहा कि तू मेरी चूत और गांड से बदला लेगा और मेरी यह बात सुनकर वो भी हंसने लगा, लेकिन मेरे मन से यह बात निकली नहीं थी।

दोस्तों मुझे रेहान के अलावा आज तक किसी ने नहीं चोदा था। रेहान के लंड में कितना दम है वो मेरी चूत और गांड के अलावा कोई नहीं जान सकता। अब रेहान ने भी जितना मज़ा मेरी चूत और गांड का लिया उतना किसी का नहीं लिया था।

रेहान जब भी मुझे चोदता तो वो अपने लंड के टोपे को मेरी चूत और गांड में फंसाकर मुझे बहुत गरम करता और उसके लंड की साईज़ 7 इंच लंबा और 2 इंच मोटा था और उसके लंड का टोपा 2 इंच मोटा और लाल कलर का था। अब मेरी चूत और गांड पूरी

तरह से खुल चुकी थी, लेकिन इसका मतलब यह तो नहीं था कि 3-3 लड़के एक साथ मुझे चोदे और मुझे कोई फ़र्क नहीं पड़े। अब आख़िर वो टाईम भी आ गया जब रेहान का प्लान पूरा होने वाला था। उसने मुझे कॉल किया कि आज चुरु में ही रहेगी या

गाँव जाएगी? तो मैंने बोला कि में तो यहीं रहूँगी और मैंने उससे कहा कि राज़ा मुझे तुम्हारी बहुत याद आ रही है, प्लीज तुम आ जाओ ना। फिर वो फोन पर हंसते हुए बोलने लगा कि रानी में जरुर आऊंगा भी और आज रात में तुझे बहुत कुछ

दूंगा। दोस्तों रेहान के साथ मैंने रात में कभी सेक्स नहीं किया था। उसके साथ जब भी सेक्स किया वो दिन में ही किया था, क्योंकि रात में चुदाई का मौका हमे कभी मिलता ही नहीं था। फिर मैंने उस दिन मेरी चूत के बाल मेरे राज़ा

के लिए साफ कर लिए और ब्यूटी पार्लर जाकर अच्छे से तैयार हो गई और मार्केट जाकर गुलाबी कलर की नई ब्रा और पेंटी जाली वाली ले आई, क्योंकि यह कलर रेहान को बहुत अच्छा लगता था और चुदाई के काम में आने वाले सामान क्रीम और तेल

मेरे पास पहले से ही थे, वो सब मुझे मेरी एक दोस्त माया जो एक नर्स है उसने लाकर दिए थे और अब में अपने राज़ा के लिए तैयार होकर उसका इंतज़ार करने लगी। फिर इतने में किसी ने दरवाजा खटखटाया मैंने दरवाजे के छेद में से बाहर

देखा तो मुझे बाहर रेहान खड़ा नज़र आया और उसके साथ करीब 18-19 साल के दो लड़के और वो दोनों भी दिखने में अच्छे और तन्दुरुस्त लग रहे थे, लेकिन में अब रेहान के साथ दो और लड़के देखकर थोड़ा सा घबरा गई, लेकिन फिर भी मैंने मेरे

रेहान राज़ा के लिए दरवाजा खोल दिया। फिर वो तीनों अंदर आ गये और मैंने तीनों को बैठाकर पानी पिलाया उस समय रात के करीब दस बज चुके थे। दोस्तों रेहान की तरह ही उनका भी शरीर साफ था और रेहान ने उनसे मेरा परिचय करवाया और

उनके बारे में मुझे बताया। उनमे से एक का नाम इरफ़ान था और वो एक सिनेमा हॉल में नौकरी करता है, दूसरे का नाम शाहिद था और वो कभी कभी रेहान की टेक्सी चला लेता था। दोस्तों मेरा कमरा इतना सुरक्षित है कि वहां पर किसी की

नज़र नहीं पड़ती कि कौन आ रहा है और कौन जा रहा है? अब हम चारों एक दूसरे को चुपचाप देख रहे थे कि तभी मैंने महसूस किया की इरफ़ान और शाहिद को रेहान धोखे से मेरे रूम पर लेकर आया था, इसलिए वो मेरी जालीदार स्कर्ट जिसमे से

मेरी पेंटी साफ साफ नज़र आ रही थी उसे देखकर अजीब सा महसूस कर रहे थे। अब रेहान ने मुझे आँख मारकर इशारा कर दिया कि आज हम तीनों तेरी प्यास को दूर करेंगे और अब मैंने ज़्यादा टाइम खराब ना करते हुए रेहान के प्लान को अंजाम

तक पहुँचाने की शुरुआत कर दी, क्योंकि में रेहान की हर बात की बहुत इज्जत करती थी और रेहान की वजह से मुझे उन दोनों से भी कोई डर नहीं था। अब मैंने बाथरूम में जाकर मेरी स्कर्ट के हुक को ऐसे लगाया कि अगर में उनके सामने

हल्की सी भी झुक जाऊँ तो मेरी स्कर्ट अपने आप नीचे गिर जाए और फिर बाथरूम से बाहर आकर में उनके सामने जाकर पानी का गिलास उठाने के लिए झुकी तो मेरी स्कर्ट गिर गयी और उस समय मेरे चूतड़ शाहिद की तरफ थे। अब में वापस

बाथरूम में भागने का नाटक करते हुए लड़खड़ाकर रेहान और इरफ़ान के बीच गिर गई और इरफ़ान की पेंट में लंड की जगह पर मेरा एक हाथ आ गया और अब में चोर नज़र से देख रही थी कि रेहान के साथ साथ उन दोनों का लंड भी पेंट के अंदर ही

अंदर हरकत करने लगा और इसी के साथ वो तीनों लंड मुझ पर टूट पड़े। रेहान मेरे बूब्स को दबा रहा था तो इरफ़ान मेरी चूत पर हाथ रगड़ रहा था और शाहिद मेरे चूतड़ दबा रहा था। अब रेहान ने मेरी ब्रा तो इरफ़ान ने मेरी पेंटी को उतार

दिया था। वैसे उसमे उतारना क्या था वो तो वैसे ही जालीदार थी, लेकिन उनके इरादे और मेरे प्लान के अनुसार चूत और गांड की चुदाई के लिए यह सब उतारना बहुत ज़रूरी भी था। दोस्तों इरफ़ान तो साला सबसे तेज लग रहा था और शाहिद भी

रेहान से कम नहीं था और मेरे रेहान राज़ा को तो मैंने पहले भी कई बार आजमाया हुआ था। अब में उनके सामने बिल्कुल नंगी थी और उन तीनों मदारचोदो ने अभी तक तो अपने अपने ऊपर के कपड़े भी नहीं उतारे थे तो मैंने इरफ़ान की शर्ट

को उतार दिया और उसकी जीन्स को खोलने के लिए उसका हुक निकाल दिया। दोस्तों पता नहीं क्यों, लेकिन आज में इरफ़ान की तरफ कुछ ज़्यादा ही आकर्षित हो रही थी और अब मैंने उसकी पेंट को भी उतार दिया तो उसके हाथ, पैर और जांघे

एकदम टाईट और मस्त लग रही थी। फिर मैंने रेहान की शर्ट और पेंट को भी उतार दिया और वो पीछे पलटकर मेरे चूतड़ को दबा रहा था और मैंने शाहिद की टी-शर्ट और पेंट को भी उतार दिया, जिसकी वजह से अब शाहिद भी अब बिल्कुल नंगा हो गया

था, क्योंकि उसने अंदर कुछ नहीं पहना हुआ था। अब मैंने उसके लंड को छेड़ा और कहा कि क्यों नौजवान अंडरवियर नहीं पहनता? तो वो बोला कि क्या करूं यार मेरा एक दोस्त और एक गर्लफ्रेंड मुझसे मना करते है। शाहिद का लंड भी

रेहान जैसा ही था और उसका टोपा गुलाबी नहीं होकर बिल्कुल लाल था, जिसको देखकर ऐसे लग रहा था कि जैसे खून निकलने वाला है और उसकी जांघे एकदम पतली थी, लेकिन देखते ही उसमे दम लग रहा था, क्योंकि वो अभी अभी तो जवान हुआ था। अब

मैंने रेहान की अंडरवियर और बनियान को भी उतार दिया और उसको यह मैंने ही उसके जन्मदिन पर दी थी। मैंने रेहान के लंड को किस किया और उसके आंड को अपने मुहं में लेकर चूसा तो शाहिद अपने लंड से मेरी गांड की दोनों दीवारों के

बीच हरकत करने लगा। फिर मैंने उससे कहा कि शाहिद बेटा थोड़ी तस्सली रख, अभी तो मैंने तेरे लंड को चूसा ही नहीं, इसलिए अभी मेरी गांड का नंबर नहीं आ सकता। अब वो मेरे बूब्स को दबाने लगा और इरफ़ान ने मेरे चूतड़ दबाने शुरू कर

दिए और अब इरफ़ान का लंड उसकी वी शेप वाली अंडरवियर से एक तरफ से बाहर निकल रहा था। फिर मैंने उसकी अंडरवियर उतारकर उसको भी पूरा नंगा कर दिया। फिर उसके फनफनाते हुए नाग ने मेरे चूतड़ पर ज़ोर से मारा तो मुझे ऐसे लगा

जैसे उसने किसी डंडे की मारी हो। दोस्तों आप विश्वास नहीं करोगे उसका लंड तो उन तीनों में सबसे मोटा और लंबा और बिल्कुल सुडोल था और उसके टोपे पर चमड़ी तो थी ही नहीं और आगे का टोपा 3 इंच का था और टोपे का आकार मशरूम जैसा था

जो किसी भी चूत या गांड में घुस जाए तो बाहर निकलते समय अंदर का सब कुछ बाहर निकल दे और इतने भयंकर टोपे के साथ ही लंड की लम्बाई 7 इंच थी। फिर मैंने ज़ोर से सिसकियाँ भरी और लंड को चूसने लगी। में अब एकदम पागल हो चुकी थी कि 18

साल का लड़का और उसका यह कमाल का लंड। मेरे मन की आवाज़ सुनकर इरफ़ान ने बहुत धीरे से मुझसे बोला कि पगली में हर दिन 10 किलोमीटर दौड़ लगता हूँ और 1 घंटे फुटबॉल भी खेलता हूँ और जिम भी करता हूँ और मेरे नाग की भी में सांडे के

तेल से लगातार मसाज करता हूँ और उसकी यह सभी बातें सुनकर तो में और भी जोश में आ गई। अब मैंने इरफ़ान का लंड चूसा और जीभ से उसकी गांड को भी चाटा और उसकी गांड के छेद में अपनी जीभ को फंसाने की कोशिश करने लगी। मुझे बहुत

मज़ा आया और वो भी 69 पोज़िशन में आकर मेरी चूत और गांड को बारी बारी से चाटने लगा वो मेरी चूत के दाने को भी चाट रहा था और उधर शाहिद मेरे चूतड़ और रेहान मेरे निप्पल को दबा रहा था। में इरफ़ान की गांड पर और इरफ़ान मेरी गांड

पर मार रहा था, जिससे मेरी गांड पर उसके हाथों के निशान बन गये थे और ऐसा करने से हम दोनों को बहुत जोश आ रहा था और इतने में करीब 30-35 मिनट के बाद में हम दोनों अकड़कर झड़ गये और इरफ़ान के लंड का गरम गरम लावा मेरे मुहं में

पिचकारी की तरह निकल गया और में उसके लंड के पानी को पूरा पी गयी और अब मेरा पानी मेरी चूत से बाहर बहने लगा जिसको इरफ़ान पीकर शांत हो गया और फिर इरफ़ान वहीं पर लेट गया और में उसे सम्भालने लगी। दोस्तों अब रेहान और

शाहिद मुझ पर भूखे की तरह टूट पड़े शाहिद और रेहान ने मेरी चूत और गांड को चाटा और में उन दोनों के लंड का जूस बारी बारी से पी गई और जैसे ही में झड़ी तो मेरा जूस भी वो दोनों आधा आधा बाँटकर पी गये। दोस्तों में इस बीच दो बार

झड़ चुकी थी और झड़ने के बाद अब हमने करीब दस मिनट तक थोड़ा सा आराम किया और हम सभी ने कॉफी पी, लेकिन हम सभी तब भी एकदम नंगे ही थे। उस समय तक रात के 12.30 बज चुके थे, लेकिन तब तक भी मेरी चूत और गांड की चुदाई नहीं हुई थी। फिर उन

तीनों ने मिलकर मुझे डॉगी स्टाइल में करके मेरे दोनों पैर तो बेड पर रख दिए और मेरे आगे का हिस्सा कुर्सी पर एक तकिया रखकर मेरी ऐसी पोज़िशन बनाई कि यह तीनों लंड एक साथ मेरी चूत, गांड और मेरे मुहं की चुदाई कर सके और साथ

ही साथ मेरे निप्पल और चूतड़ और जांघे भी एक साथ दबा दबाकर मसाज भी कर सके। फिर मुझे उसी पोज़िशन में तैयार करके उन्होंने तेल और क्रीम से मेरे पूरे शरीर की मसाज की और तेल और क्रीम मेरी गांड और चूत पर कुछ ज़्यादा ही लगा

रहे थे। जिसकी वजह से मुझे अंदर से ठंडक महसूस हो रही थी और हल्की हल्की गुदगुदी भी हो रही थी कुल मिलाकर यह तेल और क्रीम के साथ मसाज की भी तैयारियां हो रही थी और वो सब मेरी चूत और मेरी गांड में इरफ़ान के लंड का मोटा

टोपा घुसाने की तैयारियां थी। में यह सब समझ चुकी थी और मुझे तो केवल और केवल इरफ़ान का लंड और उसका मोटा टोपा ही नज़र आ रहा था और अब यह सब सोच सोचकर में बहुत ज़्यादा जोश में आ रही थी। मुझे मेरी चूत की ज़्यादा टेंशन नहीं

थी, क्योंकि वैसे भी हर चूत में कितना भी मोटा लंड लेने की क्षमता और लचीलापन वैसे भी कुछ ज़्यादा ही होता है और ऊपर से रेहान 9 महीने से मेरी गदराई हुई चूत का भोसड़ा बनाने की शुरुआत तो बहुत पहले से ही कर चुका था। अब में

उनसे अपनी तरफ से कुछ भी नहीं कर रही थी, क्योंकि मुझे रेहान ने मना कर दिया था कि तुम तो इसी पोज़िशन में रहो, अब जो भी करेंगे हम ही करेंगे और में मेरे राज़ा की बात मानकर चुपचाप मज़े लिए जा रही थी। अब रेहान ने अपना लंड

मेरे मुहं में दे दिया और इरफ़ान ने नीचे जाकर अपना लंड मेरी चूत पर रगड़ना शुरू कर दिया, जो बार बार गांड के छेद की तरफ जा रहा था और शाहिद ने मेरे ऊपर पोज़िशन बनाकर मेरी गांड की दोनों दीवारो के बीच क्रीम के साथ अपने लंड

को स्पीड से रगड़ना शुरू किया जो फिसलकर चूत की तरफ जा रहा था, लेकिन शाहिद के लंड का टोपा तो फिर भी चूत और गांड के छेद पर कुछ अटक रहा था जबकि इरफ़ान के लंड का टोपा तो ऐसे फिसल रहा था जैसे मार्बल के फर्श पर पानी में पैर

फिसल रहे हो। फिर करीब दस मिनट बाद उन सभी ने अपनी अपनी जगह बदल ली थी, जिसकी वजह से अब रेहान मेरे नीचे और शाहिद मेरे ऊपर तो इरफ़ान मेरे मुहं की तरफ आकर तीनों अपने अपने काम में लग गये थे, लेकिन मुहं के अलावा चूत और गांड

में उनके लंड अंदर नहीं जा रहे थे और रेहान जानबूझ कर लंड नहीं घुसा रहा था क्योंकि वो आज मुझे नये लंड से चुदवाना चाहता था, लेकिन फिर भी रेहान ने मेरी गांड पर लंड का टोपा रखकर ज़ोर का धक्का मारा तो वो मेरी गांड में फंस

गया और उसने क्रीम लगाकर धीरे धीरे मेरी गांड को धक्को से उन दोनों के लंड के लिए खोल दिया। दोस्तों ये कहानी आप सेक्सवासना डॉट कॉम पर पड़ रहे है। फिर करीब दस मिनट बाद फिर से उन्होंने अपनी जगह बदल ली और अब इरफ़ान मेरी

गांड पर अपना टोपा रखकर ज़ोर लगाने लगा, लेकिन मेरी टाईट गांड में उसका टाईट लंड भी अंदर नहीं जा सका और इस बीच रेहान ने मेरी चूत में लंड डालकर 5-6 बार रगड़कर बाहर निकाल दिया ताकि नये लंड के लिए चूत का मुहं कुछ खुल जाए।

दोस्तों में एक बात तो साफ कर दूँ कि रेहान ने मेरी गांड और चूत में जो 5-6 धक्के लगाए थे वो मुझे चोदने के इरादे से नहीं, लेकिन उन दोनों लंड के लिए मेरी गांड और चूत में रास्ता साफ तैयार करने के लिए लगाए थे। अब वो दोनों लंड

मुझे चोदने के लिए बिल्कुल तैयार थे और इतने में शाहिद ने सही मौका देखकर अपने लंड का टोपा एक जोरदार धक्के के साथ मेरी गांड में डाल दिया। मुझे दर्द हुआ, क्योंकि वो बिल्कुल अनाड़ी की तरह कर रहा था और वो मेरी गांड का

सत्यानाश करने पर तुला हुआ था और नीचे से रेहान मेरी चूत को चोद रहा था जिससे मुझे थोड़ा दर्द कम हो गया था। फिर से अनाड़ी शाहिद ने मेरी गांड में जड़ तक पूरा का पूरा लंड 3-4 धक्को के साथ घुसा दिया और तेज धक्के देकर चोदने

लगा और उसका लंड बिल्कुल रेहान जैसा था, इसलिए मुझे उससे गांड मरवाने में कोई परेशानी नहीं हुई। अब रेहान मेरे मुहं के पास चला गया और मेरा सपनों का राजकुमार इरफ़ान मेरे नीचे आकर मेरी चूत को चोदने लगा तो मेरी चूत में

उसका टोपा नहीं गया। फिर रेहान ने मेरी जगह बदलवाई, क्योंकि उसको पता था कि लड़की कैसे चुदती है और उसने मुझे सीधा लेटाकर मेरी गांड के नीचे एक तकिया रख दिया और शाहिद और रेहान ने मेरे दोनों पैरों को ऊपर करके एक साईड में

फैला दिया। अब मेरी चूत पूरी खुल गई थी और इरफ़ान अपना लंड लेकर मेरी चूत पर आ गया और उसने अपने लंड का टोपा मेरी चूत पर रगड़ा तो पहली बार लंड मेरी चूत के छेद पर जाकर रुका और उसने ज़ोर से धक्का मारा तो मेरी चूत फिर से फट

गई और दर्द के साथ उसका टोपा मेरी चूत में फंस गया, जिसकी वजह से में तड़प रही थी, लेकिन उन कुत्तों ने मुझे कसकर पकड़ रखा था और थोड़ा रुककर वो मुझे फिर से चोदने लगे

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