भैया फाड़ दो मेरी चूत को


Author :Rahul Update On: 2016-07-24 Views: 31194

हेल्लो दोस्तों आज एक मजेदार कहानी पेश कर रहा हूँ वैसे तो आप लोगो ने मेरी ढेर सारी कहानियां पढ़ी है पर आज और मसालेदार कहानी लिख रहा हूँ प्रियंका करता हूँ आप लो जरुर पसंद करेगे | अनुष्का और रीता दो बहने मस्ताराम की

कहानिया पढने की इतनी शौक़ीन है की अक्सर कहानियों के चक्कर में घर का हर कोना, बेड के नीचे, रैक में और आलमारी में खंगालती रहतीं थीं। दोनों अब जवान हो चलीं थीं, उनकी छोटी स्कर्ट उनके बड़े चूंचों को अक्सर न छुपा पाती थी

और बडी चूंचियों को घूर के देखने वालों में स्कूल, मुहल्ले और अब तो घर के कुछ जवान और बुजुर्ग सदस्य भी शामिल हो गये थे। पर सबसे ज्यादा वो अपने स्तनों को नहाने के बाद आपस में घूर और टटोल कर देखती थीं। उन्हें इस बात का

अंदाजा हो चला था कि उनके स्तन बढ रहे हैं। आज दोनों ही कालेज से वापस आईं तो अपने भाई राजू की रैक में कहानियों के चक्कर में टटोलने लगीं। एकाद उपन्यास मिले और अंत में मिली एक मुड़ी तुड़ी किताब, पतली सी, किताबों के बीच

में छुपा के रखी हुई। अनुष्का ने रीता को दिखाई और दोनों ने उसे स्कर्ट में खोंस कर दूसरी मंजिल पर अपने बेडरुम में चली गयीं। अब बारी थी कहानी पढने की। अनुष्का अक्सर पढ के सुनाती थी और रीता हां में हां मिलाती थी।

अनुष्का ने पहली कहानी शुरु की। भाई का लंड नमकीन! अनुष्का- छि छि कितनी गंदी कहानी है, मन कर रहा है कि अभी खिड़की से बाहर टुकड़े टुकड़े करके फेंक दें इस किताब को! रीता – ” अरे यार रुको! जरा धीरे धिरे पढो, फिर फेंक देंगे।

अनुष्का ने कहानी शुरु की – मेरा नाम प्रियंका है, मेरी उम्र १७ है, मेरी चूंचियां ३४ साईज की हैं और मेरे हुस्न को देखने के लिए सभी लोग मुहल्ले में लालायित रहते हैं। आज मेरा भाई जो कि मुझसे छोटा था। उसने मुझे नहाते

हुए देख लिया। और मूठ मारने लगा।” रीता – अरे ये मूठ मारना क्या होता है। अनुष्का – पगली, लड़के अपना नून्नू पकड़ के हाथों से हिलाते हैं ना, उसे ही मूठ मारना कहते हैं। रीता – ओह! ऐसा क्या मजा आता है उनको? अब अनुष्का की

चूत में हलचल मच रही थी। उसने कहानी आगे सुनाते हुए कहा। प्रियंका ने अपने भाई को बाथरुम के दरवाजे के पास मूठ मारते पकड़ लिया और उसे अंदर खींच लिया। भाई का लंड पकड़ के उसने उसे चूसना शुरु कर दिया। अब प्रियंका का बदन

भीगे होने के बावजूद जल रहा था। अनुष्का इतना पढ के रुक गयी। उसे शायद चूत में खुजली हो रही थी और रीता ने कहा कि कहानी तो आगे पढ। अनुष्का ने कहानी को मोड़ के रख दिया और अपनी स्कर्ट खोल दी। दरवाजा पहले से बन्द था। उसने

रीता के सामने ही अपनी टाप भी खोल दी। रीता अवाक! पागल हो गयी क्या बहना? अनुष्का ने कहा – देख आज ना हम दोनों कुछ करते हैं। रीता ने कहा क्या करने वाली हो तुम तो अनुष्का ने आलमारी खोली। उसमें से निकाला एक केलों का गुच्छा

और कहा – देख इसे मान ले भाई का लंड। और चल ले ले इसे अपने मुह में मान ले कि कहानी में जो भी हो रहा था हमारे साथ ही हो रहा था। दोस्तों ये कहानी आप सेक्सवासना डॉट कॉम पर पड़ रहे है | ऐसा सुनकर रीता सहमत हुई दोनों बहनों ने

एक एक केला ले लिआ और अपने मुह में अंदर बाहर करने लगी। अनुष्का ने रीता को भी नंगा कर दिया। बिना बाल की सफाचट कंवारी चूत अब जोड़े में दिख रही थी। रीता को नीचे लिटा कर अनुष्का ने कहा – रुक तेरे को मजा देती हूं। वो उसकी

चूत के उपर बैठ गयी। दोनों की चूत ट्करा रही थी। कहानी हाथ में लेकर उसने पढना शुरु किया – प्रियंका के भाई ने उसके चूंचे चूसे” अरे वाह ये तो मैं भी कर सकती हू। और उसने अपनी बहन के चूंचे उसकी चूत पर बैठे बैठे चूसने शुरु

किये। रीता मचल रही थी! क्या कर रही हो बहन! पागल हो गयी हो क्या आह्ह्ह्॰ उफ्फ़्फ धीरे धीरे चूसो। और अनुष्का तो राजधानी एक्स्प्रेस हो गयी थी। उसने अपनी कमर हिलाते हुए रीता की चूत में अपनी चूत रगड़ते हुए रीता के एक

चूंचे को पकड़ के जोर से दबा दिया। रीता चीख उठी – अबे मारेगी क्या? अनुष्का ने कहा नहीं यार , बस मजे दे रहीं हूं तुझे अब रुक बताती हूं। और अनुष्का ने रीता को पेट के बल लिटा कर उसके पेट के नीचे एक तकिया रख दिया। अब क्या

करेगी तू अनुष्का? अनुष्का – रुक यार तेरे को जिंदगी के मजे चखाती हूं। और अब उसने दो केले निकाले। केलों में कांडोम लगाया और एक केला रीता की गांड के छेद पर रगड़ने लगी। रीता डर गयी और बोली, रुक यार ये क्या कर रही है, वो

ह्गने के लिए है केला खाने के लिए मुह होता है। अनुष्का हसने लगी – ही ही दी तू भी ना एकदम घोंचू रह गयी। और उसने रीता से कहा- चल मेरे हथेली पर थूक! जैसा कहती हूं वैसा ही किये जा। अब अनुष्का ने रीता का ढेर सारा थूक उसके

गांड पर मल दिया। खुद भी उसने गांड और चूत पर जम के थूका और कंडोम लगे केले से धीरे धीरे गांड में घुसाने लगी। रीता -अ आह फट जाएगी यार क्या कर रही हो। पर वो रुकी नहीं और केला आधा घुसा दिया। अब उसने वही काम दूसरे कंडोम लगे

केले से उसकी चूत में करना शुरु किया। अनुष्का ने दोनों छेदों में केले घुसाते हुए स्पीड बढा दी। सोचो कि दोनों भाई तुम्हें चोद रहे हों। क्या रीता ने अपनी आंखें बंद कीं और सोचने लगी। नरेन्द्र और सूरज दोनों ही मुझे

चोद रहे हैं। आह्ह आह्ह्ह चोदो भैया मेरी गाँड को चोदते रहो। दोस्तों ये कहानी आप सेक्सवासना डॉट कॉम पर पड़ रहे है | मस्त चोद दो, मुझे। उसने आंखें मूंदे ही बड़बड़ाना शुरु कर दिया था। अब दोनों ही मस्ती में थीं आधे घंटे

तक अनुष्का ने रीता को फंतासी देते हुए चोदना जारी रक्खा और फिर मौका मिलते ही कहानी में ट्विस्ट आ गया। रीता अब ड्राईविंग सीट पर थी और रीता के छोटे छेदों में दो दो केले घुसा रही थी। अचानक कंडोम कम पड गया और उसने एक

केला अंदर गांड में डाला जो टूट गया। अब कोई चारा नहीं था सिवाय जीभ अंदर घुसा कर केले को धीरे धीरे बाहर की तरफ खींचने के। अनुष्का को इस केले को जीभ से बाहर निकलवाने में मजा आ रहा था और वह अपनी चूत को रगड़ते हुए बड़बडा

रही थी, चोदो भैया चोदो मेरी चूत को। आह्ह आह्ह और कहानी के सीन के बारे में सोचती रही। केले के बाहर आते ही उसने एक केला छील कर अपनी चूत में घुसेड़ लिया और रीता को फिर एक चैलेंज दे दिया। रीता ने उसके चूत से फिर जीभ अंदर

घुसेड़ केले को खींच खींच के खाया। आज दोनों बहनों ने अश्लील कहानी पढ कर एक नयी लेस्बियन कहानी बना दी थी। आज भी वो ये कहानी दुहराती रहती हैं।

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