जीजा मेरी बहेन ठोकता है और मे उसकी बहेन को

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Author :राहुल Update On: 2016-08-04 Views: 19409

हैल्लो दोस्तों मेरा नाम राहुल है और में एक सॉफ्टवेर इंजिनियर हूँ दोस्तों जो कहानी आज में आप सभी लोगों को बताने जा रहा हूँ यह कहानी नहीं मेरी एक सच्ची घटना है जो मेरे साथ कुछ समय घटित हुई। दोस्तों में पिछले कुछ

समय से लगातार सेक्सवासना डॉट कॉम पर सेक्सी कहानियाँ पढ़ता आ रहा हूँ और मुझे इनको पढ़ना बहुत अच्छा लगता है मैंने अब तक बहुत सारी सेक्सी कहानियाँ पढ़ी है और आज में अपनी खुद की कहानी आपको बताने जा रहा हूँ। में उम्मीद

करता हूँ कि यह आपको जरुर पसंद आएगी। दोस्तों यह कहानी मेरी और मेरे जीजा जी की छोटी बहन सोनल की है वैसे कहते है ना ऊपर वाला अगर किसी को मिलना चाहे तो वो कभी भी मिला सकता है और ऐसा ही कुछ मेरे साथ भी हुआ। दोस्तों में

और सोनल एक साथ एक ही स्कूल में पढ़ते थे और वो मुझे बहुत अच्छी लगती थी, लेकिन कुछ साल रुकने के बाद में वो चंडीगढ़ रहने चली गई वो हमारे पूरे स्कूल में बहुत ही हॉट और सेक्सी लड़की थी, लेकिन कुछ साल के बाद उसके बड़े भाई के

साथ मेरी बहन की शादी फिक्स हो गई और हम दोनों एक बार फिर से मिले और हमारी दोबारा से बात शुरू हो गई और धीरे धीरे हमारी बातें भी अब बढ़ने लगी थी और कब हम एक दूसरे के इतने करीब आ गए हमें उस बात का पता ही नहीं चला। प्लीज

मुझे माफ़ करना दोस्तों में आपको सोनल के बारे में तो बताना ही भूल गया, दोस्तों वो दिखने में बहुत ही सुंदर है और उसका फिगर बहुत ही सेक्सी है उसके फिगर का साईज 34-30-34 है जो मैंने खुद अपने हाथों से नाप कर देखा है वो मुझे

शुरू से ही बहुत अच्छी लगती थी और मेरा उसकी तरफ झुकाव कुछ ज्यादा ही था। में उसको देखकर उससे बातें करके बहुत खुश होता था। अब में एक बार फिर से अपनी कहानी पर आता हूँ। अब ऐसे ही धीरे धीरे हमारी बातें सेक्स चेट में

बदलने लगी थी और हम दोनों बहुत देर रात तक सेक्स चेट किया करते थे और अपना पानी बाहर निकालकर शांत हुआ करते थे, लेकिन हमे कोई भी सेक्स करने का मौका नहीं मिल पा रहा था। फिर में अपनी दीदी की शादी के बाद जब में पहली बार

दीदी को लेने उनके घर पर गया तो मैंने सही मौका देखकर उसी के घर पर उसे पहली बार किस किया। फिर रात को सभी लोगों के सोने के बाद हम दोनों रोज की तरह उस रात को भी सेक्स चेट कर रहे थे और फिर मेरा मूड बन गया और उन्होंने मुझे

अपने घर पर एक रूम दिया था जिसमें उस समय में बिल्कुल अकेला था। फिर मैंने उससे बोला कि तुम एक बार कैसे भी करके मेरे रूम में आ जाओ ना प्लीज। दोस्तों पहले तो वो मुझसे साफ मना कर रही थी, लेकिन मेरे बहुत बार बोलने पर वो

मान गई और कुछ देर के लिए वो मेरे पास आ गई और उसके अंदर आते ही मैंने तुरंत दरवाजा बंद किया। फिर उसके बाद हम दोनों ने बहुत टाइट हग किया जिसकी वजह से उसके बड़े आकार के बूब्स मेरी छाती से दब रहे थे और मुझे बहुत अच्छा लगा।

अब मैंने उसके बूब्स को कपड़ो के ऊपर से दबाना शुरू कर दिए, जिसकी वजह से वो सिसकियाँ लेने लगी आह्ह्ह्हह्ह उफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ राहुल प्लीज मत करो प्लीज वरना कोई आ जाएगा आह्ह्हह्ह अब प्लीज मुझे छोड़ दो स्ईईईईईईइ, लेकिन में

उसकी बातें कहाँ मानने वाला था और में अब पहले से भी ज्यादा तेज़ तेज़ दबाने लगा और थोड़ी देर में वो भी मेरा साथ देने लगी थी और वो मुझसे कहने लगी कि राहुल और ज़ोर से दबाओ हाँ उह्ह्ह्हह्ह और मेरे बूब्स से पूरा रस निचोड़

दो और फिर मैंने उसका हाथ अपने लंड पर रख दिया जिसको छूते ही वो अचानक से डर गई और वो चकित होकर मुझसे बोली कि राहुल इतना बड़ा? तो मैंने सोनल को बोल दिया कि हाँ अब तुम ही इसे शांत कर सकती हो और फिर मैंने अपनी पेंट की ज़िप

को खोलकर लंड को बाहर निकाल दिया। तो वो मेरे लंड को पकड़कर धीरे धीरे आगे पीछे करने लगी। मुझे बहुत मज़ा आ रहा था और वैसे दोस्तों किसी लड़की के हाथ से मुठ मरवाने का अपना अलग ही मज़ा होता है वो सब में आप सभी को किसी भी

शब्दों में नहीं बता सकता। दोस्तों ये कहानी आप सेक्सवासना डॉट कॉम पर पड़ रहे है। फिर अचानक से हमें किसी के उठने की आवाज़ आई और वो तुरंत कमरे से बाहर चली गई जिसकी वजह से उस रात को मुझे उसकी गीली, गरम चूत के बारे में

सोचकर मुठ मारनी पड़ी और में ना जाने कब सो गया। अगले दिन दोस्तों हमें अपने घर पर वापस जाना था तो मैंने सही मौका देखकर सोनल को पकड़ लिया और मैंने उसको किस किया उसने भी मेरा साथ दिया। अब मैंने उससे बोला कि प्लीज तुम

कोई भी बहाना बनाकर हमारे साथ चलो तो वो मेरी बात मान गई और फिर उसने हमारे साथ जाने की बात अपने घर वालों से कही और उन्होंने उसको हाँ कहा और फिर हम सभी घर के लिए निकल पड़े। कुछ देर चलने के बाद रास्ते में मेरी दीदी सो गई

और वो ठंड का मौसम था तो इसलिए उस समय सोनल ने एक जेकेट पहन रखी थी। फिर मैंने उससे बोला कि तुम अपनी इस जेकेट को आगे से पहन लो और फिर उसने तुरंत वैसा ही किया जैसा जैसा मैंने उससे कहा। अब मैंने उसकी जेकेट के अंदर हाथ

डालकर उसके बूब्स बहुत मज़े लेकर दबाए और फिर कुछ देर बाद मैंने अंदर हाथ डालकर उसकी ब्रा को भी बूब्स की गोलाई से उतार दिया, दोस्तों मैंने अंदर से उसके मुलायम मुलायम बूब्स को पहली बार छुआ था। फिर शाम को हम अपने घर पर

पहुंच गए और उसके दूसरे दिन हम दोनों उसके कहने पर हमारे घर वालों से कहकर बहाना बनाकर उनके पुराने घर पर चले गये जहाँ पर उस समय कोई भी नहीं रहता था। वहां पर जाते ही मैंने दरवाजे को बंद किया और में उसे अब जल्दी से रूम

में ले गया और मैंने उसके होंठो पर किस किया हमारी वो किस पूरे 10 मिनट तक चली। फिर उसके बाद मैंने उसके बूब्स दबाने शुरू किए और धीरे धीरे उसके सारे कपड़े उतार दिए और अब वो मेरे सामने सिर्फ ब्रा और पेंटी में थी। में अपने

एक हाथ से उसके बूब्स को दबा रहा था और दूसरे हाथ से उसकी चूत को पेंटी के ऊपर से सहला रहा था। मेरे ऐसा करने की वजह से वो भी अब और भी ज्यादा जोश में आकर गरम हो रही थी और मैंने अपना हाथ लगाकर महसूस किया कि उसकी पेंटी अब

पूरी गीली हो चुकी थी। फिर उसने मेरे भी सारे कपड़े उतार दिए और जैसे ही उसने मेरी अंडरवियर को नीचे किया तो मेरा 7 इंच का लंड फनफनाता हुआ बाहर निकल गया और वो उसे देखते ही डर गई और अब वो डरते हुए मुझसे बोली कि में

तुम्हारा इतना मोटा नहीं ले सकती। फिर हम 69 पोज़िशन में आ गए और एक दूसरे को लगातार चूसते, चाटते रहे, लेकिन कुछ देर बाद में झड़ गया और मैंने अपना सारा वीर्य उसके मुहं में ही निकाल दिया। में अब भी उसकी चूत को चूस रहा था वो

जोश में आकर मेरा सर अपनी चूत पर दबाकर मुझसे चटवा रही थी वो मुझसे कह रही थी हाँ थोड़ा और ऊफ्फ्फफ्फ्फ्फफ् हाँ मज़ा आ गया आह्ह्हह्ह हाँ पूरी अंदर डाल दो ऊउईईईईईइ माँ वाह मज़ा आ गया वो लगातार सिसकियाँ ले रही थी और थोड़ी

देर चूत चाटने के बाद मेरा लंड एक बार फिर से धीरे धीरे खड़ा हो गया। फिर मैंने उसकी चूत का चाटना छोड़कर उसके दोनों पैरों को थोड़ा सा फैला दिया और अब में एकदम उसके बीच में आ गया और अपने लंड को एक हाथ से पकड़कर में उसकी

चूत पर रगड़ने लगा था में थोड़ी देर तक ऐसे ही करता रहा। फिर वो मुझसे बोली कि प्लीज राहुल और मत तड़पाओ मुझे आह्ह्हह्ह अब प्लीज डाल दो इसको मेरी चूत में और आज तुम फाड़ दो मेरी इस वर्जिन चूत को। फिर मैंने जैसे ही अपना

पहला जोरदार धक्का मारा तो मेरा लंड उसकी सील को तोड़ता हुआ अंदर चला गया और उसकी सील टूट गई और अब उसकी चूत से खून निकलने लगा था और उस दर्द की वजह से वो बहुत ज़ोर से चीखी और तड़पने लगी। मुझे अपने ऊपर से हटाने की कोशिश

करने लगी, लेकिन मैंने उसके मुहं पर हाथ रख दिया जिसकी वजह से उसकी आवाज अंदर ही दबी रह गई। मैंने उसको अपने नीचे दबाए रखा और मैंने उसे हिलने भी नहीं दिया, लेकिन मैंने महसूस किया कि उसे अब बहुत दर्द होने लगा था और वो

मुझसे बार बार मना करने लगी थी। फिर में थोड़ी देर वैसे ही रुक गया और मैंने लंड को बाहर निकाल लिया दोबारा लंड को उसके मुहं में डालकर उससे लंड चुसवाया और जब उसका दर्द थोड़ा कम हुआ तो मैंने एक बार फिर से उसकी चूत में

डालना शुरू किया। पहले तो मैंने उसकी चूत में धीरे धीरे से लंड को अंदर डालना शुरू किया और फिर मौका देखकर मैंने एकदम से एक ज़ोर का झटका मारा और पूरा 7 इंच का लंड उसकी चूत में उतार दिया। फिर थोड़ी देर बाद में उसको

दूसरी स्टाइल में चोदने लगा था और अब उसे भी मज़ा आने लगा था और वो मुझसे बोल रही हाँ और ज़ोर से अह्ह्हहह चोदो मुझे ऊफफ्फ्फ्फ़ वाह बहुत मज़ा आ रहा है और अहहहहहहह की चीख निकालने लगी। फिर थोड़ी देर बाद उसका पानी निकल

गया, लेकिन में अभी भी नहीं झड़ा था और थोड़ी देर बाद जब मेरा निकलने वाला था तो मैंने उससे पूछा कि में कहाँ निकालूं? तो उसने बोला कि मेरे बूब्स पर निकाल दो। फिर मैंने अपना सारा स्पर्म उसके बूब्स पर निकाल दिया और उसने

मेरा लंड चाटकर साफ कर दिया और फिर हम दोनों बेड पर एक साइड में लेट गये फिर थोड़ी देर बाद हम दोनों साथ में नहाने चले गए और वहां पर मेरा फिर से खड़ा हो गया तो हमने एक बार फिर से बाथरूम में ही चुदाई की और इस बार मैंने अपना

लंड बाहर निकालकर उसके मुहं में अपना वीर्य निकाल दिया और फिर शाम को हम वापस अपने घर पर आ गये। दोस्तों उस दिन हम दोनों बहुत खुश थे ।।

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