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मम्मी ने मुझे चोदना भी सिखाया


दोस्तों ये कहानी आप सेक्सवासना डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम युवराज है और में आपके साथ अपना सच्चा अनुभव शेयर करने जा रहा हूँ। मेरे पापा काम के सिलसिले में बाहर आते जाते रहते है और घर में कम ही रहते है। मेरे घर में मेरी मम्मी और बहन रहते है। में बहुत

सेक्सी किस्म का लड़का हूँ और मुझे सेक्स करने में बहुत मजा आता है इसलिए में मुठ मारता रहता हूँ। मुझे मुठ मारते समय अपनी मम्मी और बहन के बारे में सोचने से सबसे ज़्यादा मज़ा आता है। यह उन दिनों की बात है जब पापा बहुत

दिनों से बाहर रहते थे और घर पर बहुत कम आया करते थे, इसलिए मम्मी उनके साथ ज़्यादा सो नहीं सकती थी और इसलिए उनको सेक्स की तृप्ति नहीं हो पाती थी। मेरी मम्मी बहुत ही चिकनी और खूबसूरत औरत है और मैंने कई बार उन्हें

नहाते हुए और कपड़े बदलते हुए देखा था, उनके अंग गोरे, गोल और माखन की तरह बहुत चिकने थे। मुझे उन्हें नहाता देखने में बहुत मज़ा आता था, जब वो अपनी चूत साफ करने के लिए रगड़ती थी तो मेरा बहुत बुरा हाल हो जाता था। मैंने

अपनी बहन को भी कई बार नहाते हुए देखा है और मेरी बहन का शरीर मेरी मम्मी की तरह चिकना तो नहीं, लेकिन उनसे कही ज़्यादा भरा हुआ और एक अजीब सी कशिश रखता है। उसके भूरे बड़े निपल्स और बालों वाली चूत तो इतनी सेक्सी है कि

उसमें घुस जाने को और उसे चाटने को मन बेताब हो जाता है। उसकी गांड और चूतड़ तो इतने स्वीट है कि दिल करता है कि बस सारा दिन उन्हें चाटता और चूमता रहूँ, उसका गांड धोने का स्टाइल भी बहुत अलग है। अब में यह सब चोरी-चोरी

देखकर मजे लेता था और तभी मेरी जिंदगी में एक हसीन मोड़ आया। फिर एक दिन बहुत गर्मी थी, इसलिए रात के समय में सिर्फ़ नेकर पहनकर घूम रहा था। अब मेरी मम्मी का ध्यान बार-बार मेरे नंगे बदन पर जा रहा था तो उन्होंने मुझे एक दो

बार बाँहों में लेकर प्यार भी किया, जिससे मेरा लंड खड़ा हो गया और जिसका स्पर्श थोड़ा उनके शरीर से भी हुआ था। फिर हम टी.वी देखकर सोने चल पड़े और अब मुझे अपने कमरे में नींद नहीं आ रही थी। तभी मुझे लगा कि मम्मी भी अभी

तक सोई नहीं है। फिर में धीरे-धीरे नीचे आया तो मैंने देखा कि कोई ड्रॉइग रूम में बैठा है। फिर मैंने ध्यान से देखा तो मम्मी ही सोफे पर बैठी हुई थी। अब उनकी आँखे बंद थी और उनका हाथ चूत पर था, अब में गर्म हो गया और छुपकर

देखने लगा था। फिर थोड़ी देर में मम्मी ने अपनी आँखें बंद रखते हुए ही अपनी चूत पर हाथ फैरना शुरू कर दिया। अब मेरे समझ में आ गया था कि मम्मी किसी के बारे में सोचकर मुठ मार रही थी। अब वो अपने दाँतों के नीचे जीभ भी दबा

रही थी और अब यह सब देखकर मेरा लंड भी पूरा तन गया था। अब मम्मी अपनी सलवार के ऊपर से ही मज़े ले रही थी। फिर अचानक से मम्मी ने अपनी चूत को तेज़ी से रगड़ना शुरू कर दिया। अब यह सब देखकर में भी अपने लंड को रगड़ने लगा था और

अब में तो बहुत ही ज़्यादा गर्म हो गया था। फिर मम्मी एकदम से रुककर कुछ सोचने लगी और धीरे-धीरे अपना हाथ फैरने लगी और फिर एकदम से ज़ोर-ज़ोर से अपनी चूत रगड़ने लगी। फिर तीसरी बार उन्होंने इतनी ज़ोर से और तब तक रगड़ा, जब

तक उनका पानी निकल नहीं गया। अब जब उनका पानी निकलने वाला था तो उन्होंने अपनी चूत को ज़ोर से भींच लिया और उनका शरीर एकदम अकड़ गया। फिर जैसे ही उनकी पिचकारी निकली तो वो ढीली पड़ गयी और उनके चेहरे पर एक मुस्कान भी आ गयी।

अब वो सीन देखकर मेरा भी पानी निकल गया और मेरा नेकर भी गीला हो गया था। फिर कुछ देर तक वो अपनी आँखे बंद करके वहीं बैठी रही और फिर अपनी चूत को धोने बाथरूम में चली गयी। फिर मैंने उन्हें चूत धोते भी देखा, फिर में अपने

कमरे में ऊपर आ गया और कई बातें सोचते हुए में पता नहीं कब सो गया? मुझे पता ही नहीं चला। अब अगले दिन मुझे मम्मी बहुत खुश लग रही थी और मुझे बार-बार प्यार कर रही थी। इससे मुझे लग रहा था कि वो मेरे बारे में सोचकर ही मुठ

मार रही थी। अब इससे में और भी ज्यादा गर्म हो गया था, लेकिन मुझे सारा दिन बाहर रहना पड़ा। फिर शाम को जब में वापस घर आया और सीधा नहाने चला गया। फिर मुझे नहाते हुए लगा कि कोई मुझे देख रहा है तो बाहर मम्मी ही थी। फिर

मैंने कुछ सोचा और शर्माने के बजाए में अपने लंड से खेलने लगा और ज़्यादा से ज़्यादा मम्मी को दिखाने लगा, ताकि मम्मी की चूत गीली हो जाए। फिर में काफ़ी देर तक ऐसा नाटक करता रहा और मम्मी भी बीच-बीच में मुझे देखती रही।

अब मैंने ऐसा करते-करते मुठ भी मार ली थी और अब मम्मी की सलवार भी जरुर गीली हो गयी होगी। उस दिन मेरी बहन हमारे किसी रिश्तेदार के वहाँ गयी हुई थी। फिर में नहाकर टावल लपेटकर जब बाथरूम से बाहर आया तो मैंने देखा कि मम्मी

दूसरे बाथरूम में गयी हुई थी। अब में समझ गया था कि वो अपनी चूत धोने गयी होगी। फिर में कांच के सामने जाकर नंगा होकर अपने मोटे और सेक्सी लंड और मस्त गांड को देखने लगा। अब मैंने सिर्फ़ चड्डी ही पहनी थी और फिर में टी.वी

देखने लगा। फिर मम्मी नहाकर बाहर आई और यह क्या? उन्होंने भी टावल ही लपेटा हुआ था। फिर वो मेरी तरफ देखकर मुस्कुराई और अपने कमरे में चली गयी। फिर जब वो बाहर आई तो उन्होंने सिर्फ़ पेंटी और एक टी-शर्ट, जो सिर्फ़ नाभि तक

थी और पेंटी को भी नहीं ढक रही थी पहनी हुई थी। असल में वो मेरी टी-शर्ट थी और उन्होंने ब्रा नहीं पहनी हुई थी। अब मेरा दिल तो कर रहा था कि अभी उन्हें पकड़कर अपनी गोद में बैठा लूँ और ब्लू फिल्म देखूं और फिर वैसे ही उनके

साथ सेक्स करूँ। तभी पापा का फोन आया और फोन सुनकर हमारा ध्यान उस तरफ चला गया। दोस्तों ये कहानी आप सेक्सवासना डॉट कॉम पर पड़ रहे है। अब मम्मी रोटी बनाने लग गयी और साथ-साथ गर्मी के बहाने से सेक्सी बातें करने लगी थी,

जैसे कि मेरा तो दिल करता है कि में कोई कपड़ा ना पहनूं और सारे दिन नहाती रहूँ। फिर हमने ऐसी बातें करते हुए और टी.वी देखते हुए डिनर किया और फिर में अपने कमरे में आकर ब्लू फिल्म देखने लगा। अब उधर मम्मी का भी सेक्स के

मारे बुरा हाल था और अब वो टी.वी पर सेक्सी चैनल देखने लगी थी और जब उसको लगा कि में सो गया हूँ तो वो अपने कमरे में चली गयी। अब आपको पता चल ही गया होगा कि वो क्या करने गयी थी? अब मुझे भी इसी पल का इंतजार था। अब मुझे लगा था

कि आज कुछ हो जाएगा। फिर में धीरे-धीरे नीचे आया और छुपके से मम्मी के कमरे में देखने लगा। अब मम्मी पूरी नंगी होकर कांच के सामने बैठी थी और अपने बूब्स के साथ खेल रही थी और उनके पास में ही एक केला पड़ा था। अब पहले तो वो

अपने हाथ से अपनी चूत को मसलने लगी थी और फिर कुछ देर के बाद केला छीलकर उसको अपनी चूत में डाल लिया और अंदर बाहर करने लगी थी। अब यह सब देखकर मेरा लंड मेरी चड्डी फाड़ने को तैयार हो गया था। फिर मैंने देखा कि उसने तो अपनी

पेंटी फाड़ ही दी थी। अब मम्मी मेरे फोटो को चूम रही थी और कभी उसे अपने बूब्स से तो कभी अपनी चूत से लगा रही थी। अब मेरे सब्र का प्याला भर गया था और अब में मम्मी के सामने जाने की सोचने लगा था। अब वो धीरे-धीरे बोल रही थी कि

मेरी प्यास बुझा दे मेरे लाल, मेरी चूत में समा जा मेरे प्यारे। फिर तभी में उनके सामने चला गया और अब पहले तो 1 मिनट तक में और वो हैरानी से एक दूसरे को देखते रहे। अब मेरा लंड पूरा तना हुआ मम्मी की तरफ मुँह करके खड़ा था।

फिर मम्मी एकदम से उठी और मेरे पास आकर मुझसे लिपट गयी। फिर उन्होंने मुझे बेड पर खींच लिया और मेरे ऊपर चढ़ती हुई बोली कि आज में तुझे जन्नत की सैर करवाती हूँ मेरे राजा। अब पहले तो वो मुझे बेतहाशा चूमने लगी थी, फिर वो

उठी और मेरे लंड को सहलाने लगी, जो कि तोप की तरह सीधा खड़ा था। फिर मम्मी ने मेरा लंड अपने मुँह में डाल लिया और चूसने लगी। अब में तो मज़े के आसमान में उड़ने लगा था। अब मम्मी मेरा लंड चूसे जा रही थी और में मज़े से झूम रहा

था। फिर मैंने अपना लंड उनके मुँह से बाहर निकाला और उन्हें उठाकर बेड पर सीधा लेटा दिया। फिर मैंने सीधा उनकी चूत में लंड डालकर उनको चोद दिया और उनकी चूत में ही झड़ गया ।।
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