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यह चूत माँगे मोर -1


दोस्तों ये कहानी आप सेक्सवासना डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम मीनू है और मेरी उम्र 45 साल है। मेरी शादी को 24 साल हो गये है। दोस्तों मेरी चूत की चुदाई तो काफ़ी हुई, मुझे उसकी कोई शिकायत नहीं है, लेकिन मेरा चुदाई से मन नहीं भरा है। मेरे पति एक इंजिनियर है

और उनकी उम्र 48 साल होगी, हमारी उम्र भले ही ज़्यादा हो गयी हो, लेकिन जब भी हम सेक्स करते है और किस्मत से मेरे पति काफ़ी अच्छा चोदते है, लेकिन शादी के 19 साल तक। अब लड़के सोचे कि 19 साल तक एक ही चूत चोदने को मिले और

लड़कियाँ सोचे कि 19 साल से एक ही लंड आपकी प्यास बुझा रहा है, आपको समझ में आ जाएगा कि क्यों हम दोनों अच्छा सेक्स करके भी संतुष्ट नहीं थे? वैसे में आपको बता दूँ कि हमारे एक बेटा भी है, उसकी उम्र 22 साल है, नहीं नहीं इस

कहानी में उसका अभी तक कोई किरदार नहीं है। अब में आपका समय ख़राब ना करती हुई सीधे अपनी स्टोरी पर आती हूँ। यह बात दीवाली के 2 हफ्ते पहले की है। अब में और मेरे पति शनिवार रात को सेक्स करने के बाद एक दूसरे की बाहों में थे,

हमारा सेक्स सेशन अच्छा था। में सीधे-सीधे बोल भी नहीं सकती थी कि अमन अब मुझे कोई दूसरा लंड भी दिला दो, अमन मेरे पति का नाम है, लेकिन उस दिन अमन ने ही बात उठाई। अमन : मीनू तुमसे अच्छी पत्नी और कोई नहीं हो सकती। आज हमारी

शादी को 24 साल होने वाले है, फिर भी तुम मुझे कभी मना नहीं करती। जब भी मुझे चूत चाहिए होती है, तुम मेरे लंड को कभी मना नहीं करती। इतने सालों में हमने क्या-क्या नहीं किया? तुम्हें याद है पहले तो तुम मेरा लंड अपने मुँह

में भी नहीं लेती थी और अब धीरे-धीरे तुम उसे इन्जॉय करने लगी हो। मैंने तुम्हारी गांड भी चोदी है और तुमने भी मेरी गांड को वाइब्रेटर से चोदा है। मैंने तुम्हारी चूची को तो ना जाने कितनी बार चोदा होगा, मैंने तुम्हारी

नाभि में भी अपने लंड का पानी डाला है और तुम्हारी चूत का रस पान किया है। मैंने तुम्हें अपने लंड का पानी भी पिलाया है, हमने खुले में भी सेक्स कर लिया और हमने अभी तक हज़ारों रोल प्ले कर लिए है। में : क्या बात है अमन,

सेक्स बायोडाटा क्यों बना रहे हो? अमन : सोच रहा था कि अब क्या नया किया जाए? में नहीं चाहता कि हम में सेक्स की इच्छा कम हो जाए। इतने दिनों तक कुछ-कुछ कोशिश करके हमने इस इच्छा को बनाए रखा है, अब में सोच रहा हूँ कि और क्या

किया जा सकता है?दोस्तों ये कहानी आप सेक्सवासना डॉट कॉम पर पड़ रहे है। में : क्या सोच रहे हो? कुछ नया कोशिश करना है, तो में हमेशा आपके साथ हूँ। अमन : मीनू वही तो सोच रहा हूँ कि कुछ नया अब बचा ही नहीं है जो हम कोशिश

करें। इतने साल से हम एक दूसरे को चोद रहे है, तुम बताओं सबसे ज़्यादा क्या मिस करती हो? में : अमन तुम तो जानते ही हो इस वक़्त में सबसे ज़्यादा तुम्हारे लंड का रस पीना पसंद करती हूँ, वो तो मुझे मिल ही जाता है और अगर संभव

हो तो उसकी मात्रा बढ़ा दो उसके बाद मुझे कुछ नहीं चाहिए। अमन : हाँ मुझे पता है कि तुम मेरे लंड का पानी पीना कितना पसंद करती हो। चलो अब में वादा करता हूँ कि अब से मेरा चुदने का मन नहीं भी होगा तो तब भी में एक बार अपना

लंड तुम्हारे मुँह में दे ही दूँगा। अमन : लेकिन एक बात बताओ, एक ही लंड से इतनी बार रस पीकर तुम्हें आज भी अच्छा लगता है। मीनू : पानी भी तो हम रोज़ पीते है तो अच्छा तो लगता ही है ना, अच्छा लगने से इसका कोई मतलब नहीं है बस

एक आदत सी हो गयी है। तुम जब ऑफिस से थके हुए आते हो तो में तुम्हें कुछ नहीं बोलती, लेकिन मेरा बहुत मन करता है कि एक बार तुम्हारा लंड चूसकर रस निकाल ही लूँ। अमन: मीनू हाँ बात तो सही है, लेकिन तुम ही सोचो ना केवल पानी पी

लेने से हमारा मन तो नहीं भरता ना, इसलिए तो हम कोल्डड्रिंक, बियर पीते है ऐसा तो नहीं है ना कि हमेशा पानी पीकर ही हम संतुष्ट हो जाते है। मीनू : हाँ वो तो है, इसलिए तो कभी-कभी मेरा भी मन करता है कि किसी दूसरे लंड का रस मिल

जाए, लंड नहीं लेकिन रस ही कहीं से मिल जाए, कहीं से कोई लंड रस मुझे कप में दे दे और में पीकर देखूं कि वो कैसा लगता है? अमन : हाँ हम कोशिश करेंगे, जहाँ तुम्हें कोई दूसरा लंड चूसने के लिए मिल जाए। मीनू : और तुम्हें कोई

दूसरी चूत चूसने के लिए मिल जाए, लेकिन ऐसा व्यवस्था कहाँ होगी? में किसी कॉल बॉय के साथ नहीं जाउंगी और ना ही तुम्हें किसी कॉल गर्ल के पास जाने दूँगी। अमन : हाँ वो तो है, इतना तो तय हो गया कि अब हमें क्या करना है? अब ये

सोचना है कि कैसे करें? मीनू : हाँ, लेकिन उसके लिए तो अच्छा यही होगा ना कि कोई दूसरा कपल हो और वो यह सब करने को तैयार हो, ऐसा तुम्हारे दिमाग में कोई है। अमन : हाँ बेस्ट तो यही होगा, लेकिन सबसे ज्यादा बेस्ट यह होगा कि जो

हमारे अच्छे दोस्त है उनमें से कोई ये अविष्कार करने के लिए तैयार हो, तब ही ठीक होगा। मीनू : लेकिन, अमन हम स्वैपिंग की बात कर रहे है और कहीं आरव (मेरा बेटा) को पता ना चल जाए, उसे यदि मालूम चला तो वो जाने क्या सोचेगा? तो

इससे अच्छा तो यही होगा कि हम घर पर यह सब ना करें और कहीं बाहर जाकर करें। अमन : हाँ वो तो है हम घर पर नहीं कर सकते और सारी प्लानिंग तो हम कर लेंगे। अब हमें सबसे पहले तो कोई कपल मिलना चाहिए, जो हमारी तरह हो। तेरी दोस्त

है ना निशा, उससे बात करो, तुम लोग तो ऐसे ओपन बात करती हो, देखो यदि उन लोगों का मन हो। मीनू : में करूँ बात? अमन : लड़कों में ऐसी बात नहीं होती है, तुम ही तो बता रही थी कि तुम लोग चुदाई की बातें भी कर लेती हो। मीनू : अच्छा

ठीक है में उससे बात करती हूँ, निशा के बूब्स काफ़ी बड़े है इसलिए तुमने उसका नाम लिया ना। अमन : हाँ और इसलिए भी क्योंकि तुमने ही बताया था ना कि निशा बता रही थी कि कैसे वो अपना मुँह चुदाने की शौकीन है? अब हमारी

प्लानिंग बन रही थी, अब इस प्लानिंग से हम काफ़ी हॉट हो चुके थे और सोने से पहले एक बार फिर हमने 69 की पोज़िशन में एक दूसरे के रस का पान किया। फिर दूसरे दिन सुबह मैंने निशा को अपने घर पर लंच के लिए बुलाया, ताकि जब अमन और

आरव दोनों घर पर ना हो और हम खुलकर बात कर सकें। अब निशा लगभग 12 बजे मेरे घर पर आई थी, वो सच में बहुत हॉट है। मुझे भी कभी- कभी लगता है कि काश मेरी चूची भी उसके जैसी होती, मैंने उसकी चूची नंगी देखी थी और जानती थी कि उसकी चूची

36D की साईज की है, मेरी चूची थोड़ी लटक ही गयी है और साईज़ 34C है। उसकी कमर भी मुझसे पतली है, वो मेरी बेस्ट फ्रेंड है, में उसके साथ काफ़ी बार स्विमिंग पर जा चुकी हूँ। हमारे अपार्टमेन्ट का स्विमिंग पूल काफ़ी अच्छा है और

ज्यादातर समय काफ़ी खाली भी रहता है। मीनू : निशा, आई मिस यू डियर हमें मिले काफ़ी दिन हो गये ना। निशा : लव यू टू स्वीटी, हाँ 1 महीने से भी ज्यादा हो गया है। मीनू : चल स्विमिंग पर चलें या सीधे लंच? निशा : तुमने बताया

क्यों नहीं था कि स्विमिंग का प्लान है? में तो स्विमिंग ड्रेस लाई नहीं हूँ। मीनू : मेरा ले ले, मुझे पता है वो तुम्हें थोड़ी टाईट रहेगी, लेकिन स्विमिंग ही तो करनी है। निशा : दिखा मुझे, में पसंद करती हूँ, हाँ यह ला ये

वाली बिकनी, तू भी बिकनी में ही चल ज़्यादा शरमा मत। मीनू : चल ठीक है। फिर हम दोनों एक साथ अपने कपड़े उतारकर बिकनी पहनने लगे तो मुझे नज़र आया कि उसने अपनी चूत के बाल साफ नहीं किए है। फिर मैंने सोचा कि स्विमिंग के बाद

ही बात करूँगी। फिर हम दोनों ने बिकनी के ऊपर वन पीस डाली और स्विमिंग के लिए चल गये। फिर 30 मिनट तक स्विमिंग करने के बाद हम वहाँ रखी कुर्सी पर बैठकर आराम करने लगे। अब मुझे कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि स्वैपिंग की बात

कैसे करूँ? लेकिन फिर मैंने स्टार्ट किया। मीनू : निशा क्या बात है? आजकल तू अपनी झांट साफ नहीं कर रही है, तू तो हमेशा क्लीन रहती है। निशा : तुने देख लिया छी गंदी, ऐसा कुछ नहीं है वो आकाश (निशा का पति) उसे आजकल मेरी चूत

की झांटे चाटने का शौक हुआ है, वो ऐसे ही कुछ-कुछ नया करने को कहता रहता है। मैंने 2 महीने से अपनी चूत के बाल शेव नहीं किए है, अब मैंने उसे बोला है कि अब वो कुछ नया सोचे क्योंकि अब में क्लीन करने वाली हूँ। मीनू : आकाश भी

बड़ा रंगीला है कुछ भी करता है। निशा : क्यों तू बता तेरी प्यास बुझ रही है ना, अमन अपना लंड तेरे मुँह में दे रहा है ना? तू भी कुछ कम नहीं है तुमने बेचारे का लंड चूस-चूसकर सुखा दिया होगा, अब रहने भी दे। मीनू : रहने दूँ तो

मेरी प्यास कैसे मिटेगी? मुझे अच्छे से नींद भी नहीं आएगी। निशा : तू भी महान है, तुझे तो बस लंड का ही पानी चाहिए, मेरी चूत चूसेगी तो बता। मीनू : नहीं रे बिना लंड के कैसी प्यास और कैसा चूसना? निशा : अब क्या करूँ? बोल

मेरे पास लंड तो है नहीं, में तो तुझे चूत ही ऑफर कर सकती हूँ, तू बस अमन का ही लंड चूस। मीनू : मुझे आकाश का लंड भी उखाड़कर ला दे, में उसे भी चूसती रहूंगी। निशा : हाँ और फिर मेरी चूत का क्या होगा? मीनू : अच्छा रहने दे उसका

लंड मत उखाड़, लेकिन कभी-कभी ऐसे ही चूसने के लिए तो दे दे। निशा : ऐसे ही मतलब, क्या बोल रही है मीनू? साफ़-साफ़ बोल ना, ऐसे घुमा-घुमाकर मत बोल। तुझे मालूम है कि तुम मुझे कुछ भी बोल सकती हो, सच में तुझे आकाश का लंड चाहिए,

बोल? मीनू : मेरा मतलब वो नहीं था रे, में यह बोल रही थी कि इतने दिन से एक ही लंड से मन कुछ भर सा गया है। अब कभी-कभी मेरी जीभ को कुछ चेंज चाहिए होता है और भी जगह बनाने के लिए, तू समझ रही है ना मेरी बात। निशा : तू साफ़-साफ़

बोलेगी तब तो कुछ समझ आएगा ना। मीनू : मेरा मतलब है कि चल हम दोनों अपने पति से बात करते है और कभी एक दिन अदला बदली करके कुछ नया करने की कोशिश करते है, तू अमन से चुदवा और में आकाश से चुदवा लेती हूँ। हम कोशिश करके देखते

है अच्छा लगा तो ठीक है नहीं तो फिर से सब नॉर्मल, क्या बोलती हो? निशा : मीनू तुम्हें पता भी है तुम क्या बोले रही हो? आकाश मुझे मारेगा और अमन तुझे मारेगा। सच बताऊं तो मुझे कोई प्रोब्लम भी नहीं है, लेकिन यार हमारे बच्चे

उन्हें कुछ पता चला तो क्या करेंगे? मीनू : कोई नहीं मारेगा बस एक बार समझाकर तो देख ना और बच्चों के लिए ही हम किसी के घर पर नहीं करेंगे, हम कही बाहर जाकर करेंगे। निशा : आकाश को कुछ नया-नया करने की लगी तो रहती है और वो

तेरी गांड का तो दीवाना है ही, वैसे में भी तेरी गांड की दीवानी हूँ। मीनू : मज़ाक मत कर, बोल तुझे क्या लगता है ऐसा कुछ संभव है या बहुत रिस्की है? हमारी लाईफ कहीं खराब ना हो जाए। निशा : संभव है मीनू और लाईफ क्या खराब

होगी? हम एक दूसरे को वादा करेंगे कि कभी भी बिना बताए एक दूसरे के पति से ऐसे ही ना चुदवाए। अब हम दोनों पर ही निर्भर करता है कि आगे क्या होगा? हम महीने में एक दिन ऐसा कुछ प्लान बनाएगें और बाकी दिन नॉर्मल पति को तो संभाल

ही लेंगे, यदि तू वादा करती है तो में आगे बात करती हूँ। मीनू : हाँ रे, हम एक दूसरे से ऑनेस्ट रहेगें। निशा : तूने इसलिए बुलाया था या लंच भी कराओगी? मीनू : चल ना, लंच बनाया है, चल चलते है। फिर निशा लंच करके वापस अपने घर

चली गयी। फिर मैंने अमन को कॉल करके बताया कि मैंने निशा को मना लिया है और वो अपने पति से बात करेगी, तो अब अमन काफ़ी खुश हुआ। फिर दूसरे दिन सुबह निशा ने मुझे कॉल किया और बताया कि आकाश इस प्रोग्राम से बहुत ही ज़्यादा

खुश है। फिर निशा ने बताया कि कैसे आकाश ने खुश होकर रात में उसे लगातार चोदा? और उस रात निशा ने अपनी गांड भी चुदवाई और बोली कि वो अमन के लिए अपनी गांड को तैयार कर रही थी। अब में आपको बता दूँ कि निशा को चूत चुदवाने में

ज़्यादा मज़ा आता है और मुझे अपने मुँह में लेने में बहुत मजा आता है और मेरे पति को गांड चोदने में और आकाश को मुँह में देने में बड़ा मज़ा आता है। दोस्तों ये कहानी आप सेक्सवासना डॉट कॉम पर पड़ रहे है। अब मैंने और निशा

ने अपना काम कर दिया था, अब बाकी का काम हमारे पतियों को करना था। फिर रात में अमन ने मुझे बताया कि उन दोनों ने मिलकर प्लानिंग कर ली है, हम दीवाली के अगले दिन एक होटल में जाएगें और हम शुरुवात से ही अगला बदली कर लेंगे, अमन

निशा के साथ और में आकाश के साथ। यह हमारा पहला अविष्कार था इसलिए हमने एक ही रात की बुकिंग की थी। अब दीवाली की रात भी हमने एक साथ सेलीब्रेट की थी। अब निशा, आकाश और आहना के साथ आई थी, आहना उसकी बेटी है, उसकी उम्र 21 साल हो

चुकी है, आरव और आहना भी फ्रेंड्स है, आरव आहना से एक साल सीनियर है। फिर हम सबने दीवाली काफ़ी देर तक सेलीब्रेट की, अब कोई सोच भी नहीं सकता था कि हम अगले दिन सुबह किसी होटल में जाकर कुछ वैसा करने वाले है। फिर रात में वो

लोग वापस अपने घर चले गये। अब हमारा अगले दिन का प्लान था तो अमन ने आरव को बता दिया था कि हम एक रात के लिए बाहर जा रहे है। अब आरव भी काफ़ी समझदार था, उसे लगा कि मम्मी-पापा अकेले में टाईम बिताना चाहते है, तो उसने भी अपने

दोस्तों के साथ कहीं बाहर जाने की प्लानिंग कर ली। फिर दूसरे दिन सुबह 11 बजे निशा और आकाश अपनी कार से हमारे घर के नीचे आए, अब हमने एक ही कार में जाने का प्लान किया था। फिर जब हम नीचे पहुँचे तो हमने देखा कि आकाश ड्राइवर

सीट पर है और निशा पीछे बैठी हुई थी। फिर हमने भी उनका साथ दिया, अब में आकाश के साथ आगे बैठ गयी और अमन निशा के साथ पीछे बैठ गया। अब निशा और मैंने उस दिन साड़ी और पीठलेस ब्लाउज पहनने का प्लान किया था। उस दिन निशा लाल

साड़ी में काफ़ी अच्छी लग रही थी और मैंने मेहरून कलर की साड़ी पहनी थी। अब हमने कार में ज़्यादा बात भी नहीं की थी। फिर हम होटल में चैक इन करके अपने-अपने रूम में पहुँच गये, हमारा रूम आमने सामने था। फिर में आकाश के साथ एक

रूम में चली गयी और अमन निशा के साथ दूसरे रूम में चला गया। अब हमने पहले लंच करने का प्लान बनाया था तो फिर हम अपना सामान रखकर लंच के लिए रेस्टोरेंट की और चल पड़े। अब लंच के वक़्त ही मैंने और निशा ने यह डिसाइड किया था

कि आज पूरे दिन और रात में क्या होगा? ये हम लोग एक दूसरे के पति के साथ कभी डिसकस नहीं करेंगे। फिर लंच के बाद हम अपने-अपने रूम में चले गये, इसके बाद निशा और अमन के बीच में क्या हुआ, वो तो वो दोनों ही बता सकते है? और अब में

आपको अपने और आकाश की बात बताती हूँ। आकाश : मीनू तुम काफ़ी सेक्सी लग रही हो, मेहरून कलर तुम पर काफ़ी अच्छा लगता है। मीनू : थैंक्स आकाश, तुम भी काफ़ी हैंडसम लग रहे हो। आकाश : थैंक्स मीनू यह सारी तैयारी करने के लिए,

मुझे तो काफ़ी ख़ुशी हुई थी जब निशा ने मुझे बताया था कि तुम भी ऐसा चाहती हो। मीनू : क्यों? इतनी ज़्यादा ख़ुशी क्यों हुई? आकाश : में भी तो 22 सालों से बस निशा को ही चोद रहा हूँ, निशा को आज भी मेरा लंड अपने मुँह में लेने

में मज़ा नहीं आता, उसकी चूत में ही ज़्यादा खुजली होती है। मीनू : हाँ, निशा ने बताया था। आकाश : मुझे भी निशा ने बताया कि तुम कैसे लंड को अपने मुँह में लेने की दीवानी हो? मीनू : वादा करो कि हम दोनों जो कुछ भी बात

करेंगे, तुम कभी भी किसी को कुछ नहीं बताओगे, निशा को भी नहीं बताओगे। आकाश : मीनू ये भी कोई पूछने की बात है मुझे मालूम है तुम अपनी बातें निशा के साथ शेयर करती हो और वो तुम्हारे साथ शेयर करती है। लेकिन तुम मुझसे कुछ

ऐसी बात भी कर सकती हो जो तुम किसी और के साथ शेयर नहीं कर सकती, में तुमसे वादा करता हूँ कि हमारे बीच में सब कुछ सीक्रेट होगा। मीनू : थैंक्स आकाश, अब अपना लंड दिखाओं ना प्लीज़। आकाश : आज के लिए सब तुम्हारा ही है, तुम

खुद ही मेरे हथियार को निकाल लो। फिर मैंने आकाश को बेड पर लेटाया और उसकी पेंट के हुक खोलने लगी, उसने अंदर लाल-काली कलर की चड्डी पहनी हुई थी। मीनू : तुमने काफ़ी रंगीन अंडरवियर पहनी है। आकाश : कल ही खरीदी है, देखो

मैंने ये प्राईज टैग भी नहीं हटाया मैंने सोचा कि इसे तुम्हारे हाथों ही हटाया जाएगा। मीनू : अच्छा काफ़ी तैयारी करके आए हो, देखूं तो इसके नीचे क्या है? फिर मैंने उसके लंड को उसकी चड्डी से बाहर निकाला, तो उसका लंड

सलामी करते हुए तनकर मेरे आगे खड़ा हो गया। आकाश का लंड अमन से थोड़ा छोटा था, लेकिन मोटाई में अमन से थोड़ा ज़्यादा था। फिर मैंने उसके लंड को अपने हाथ में लेकर अच्छे से हिलाया और सहलाया। अब उसका लंड मेरे हाथ में लेते

ही मुझमें अजीब सा करंट दौड़ने लगा था, अब बहुत सालों के बाद कोई दूसरा लंड मेरे हाथ में था। मीनू : आकाश, तुम्हारा लंड काफ़ी क्लीन है। आकाश : मीनू तुम्हें क्लीन पसंद है ना, निशा ने बताया था कि तुम्हें बाल पसंद नहीं

है। मीनू : हाँ मुझे क्लीन पसंद है, थैंक्स आकाश मेरे लिए इतनी तैयारी करने के लिए। आकाश : मेरे लंड की खुशकिस्मती है कि वो तुम्हारे हाथों में है। फिर मैंने उसके लंड पर थोड़ा थूक लगाया और उसके लंड को गीला किया और

उसके लंड के सुपाड़े को सहलाने लगी, उसका सुपाड़ा इतना लाल था कि वो बिल्कुल लॉलीपोप लग रहा था। फिर मैंने उसके सुपाड़े को किस किया और अपनी जीभ से चाटने लगी। फिर मैंने उसके पूरे लंड को किस किया और अपनी जीभ से चाटना

स्टार्ट किया। आकाश : मीनू तुम बहुत मस्त हो, ऐसे मेरे लंड की चुसाई करोगी तो शायद में पहली बार जल्दी ही झड़ जाऊंगा। मीनू : तुम्हें नहीं पता, में कितने दिनों से किसी दूसरे लंड को प्यार करने के लिए इंतज़ार कर रही

थी। आकाश : अब अपनी साड़ी तो उतार दो, मेरा लंड अपने हाथ में ले लिया और अपना एक भी कपडा नहीं उतारा। फिर मैंने अपनी साड़ी का पल्लू हटाया और फिर अपनी साड़ी को निकाल दिया, अब में पेटीकोट और ब्लाउज में थी। मीनू : ब्लाउज को

तुम खोलो। आकाश : इतना सेक्सी ब्लाउज मैंने आज तक नहीं देखा, तुम्हारी पीठ क्या मस्त लग रही है? मेरा मन तो कर रहा है कि अपने लंड का सारा पानी तुम्हारी पीठ पर ही डाल दूँ। मीनू : नहीं आकाश लंड का रस तो मुँह में ही डालना,

जब भी आने वाला हो। मेरी पीठ को तुम चाहो तो किस कर-करके चाट जाओ, अब पहले हुक तो खोलो। आकाश : अभी तुम्हें देखकर मन नहीं भरा, थोड़ी देर रुक जाओ और देखने दो। फिर आकाश बिना ब्लाउज उतारे मेरी पीठ को सहलाने लगा और चाटने

लगा। फिर धीरे-धीरे उसने मेरे ब्लाउज का हुक खोला और मैंने भी अपने ब्लाउज को अपनी चूचीयों से अलग करने में उसकी मदद की। फिर आकाश मेरे सामने आकर मेरी चूचीयों को घूरने लगा। मीनू : क्या हुआ तुम्हें मेरे बूब्स पसंद

नहीं आए? आकाश : किसी अंधे का लंड भी इसे देखते ही खड़ा हो जाएगा। मीनू : नहीं, मुझे मालूम है निशा की चूचीयाँ ज़्यादा बड़ी और शेप में है, मेरी देखो कैसे लटक गयी है। आकाश : तुम्हें नहीं पता कि मुझे थोड़ी लटकी हुई चूचीयाँ

ही ज़्यादा पसंद है। मीनू : अच्छा, ठीक है फिर ले लो मेरी चूचीयों को सब तुम्हारा है, खेलो इसके साथ फिर आकाश ने मेरी लेफ्ट चूची को अपने हाथ में लिया और सहलाने लगा और मेरी राईट चूची को अपने दूसरे हाथ से दबाना शुरू

किया। फिर वो मेरी लेफ्ट चूची को दबाने लगा और राईट चूची को अपने मुँह में लेकर चूसने लगा। अब बीच-बीच में वो अपने दाँत से मेरे निपल को हल्का सा काट भी रहा था। अब में नीचे से पूरी गीली हो रही थी, फिर उसने अपने दोनों

हाथों से मेरी राईट चूची पकड़ी और ज़ोर- ज़ोर से चूसने लगा। अब उसके ऐसे चूसने से मेरी हालत खराब हो रही थी। फिर उसने अपने दोनों हाथों से मेरी लेफ्ट चूची को चूसना स्टार्ट किया। अब में भी उसके लंड को अपने हाथ में लेकर

हल्का-हल्का सहला रही थी। फिर मैंने उसे खड़ा किया और में नीचे बैठकर उसके लंड को चूसने लगी। अब जितनी ज़ोर से उसने मेरी चूची चूसी थी, तो अब में भी उतना ही ज़ोर लगाकर उसके लंड को चूसने लगी थी। अब उसके लंड की मोटाई मेरे

मुँह में अच्छे से फिट हो रही थी। अब किसी दूसरे लंड को चूसने का मज़ा ही कुछ अलग था, अब उधर आकाश की हालत भी खराब हो रही थी। आकाश : मीनू मेरा रस निकल जाएगा, माँ कसम आज तक निशा ने मेरा लंड ऐसे कभी नहीं चूसा। फिर मैंने

उसके लंड को अपने मुँह में से बाहर निकाला और उसके लंड को कस कर दबाया और फिर अपनी दोनों चूचीयों के निपल पर लंड के सुपाड़े से मारने लगी। अब आकाश यह सब देखकर पागल हो रहा था, अब उसका लंड भी एकदम गर्म हो गया था। फिर में उसके

लंड को अपनी दोनों चूचीयों के बीच में रखकर मसलने लगी, अब मेरी चूची के नर्म स्पर्श से उसका लंड बेहाल हो रहा था। मीनू : आकाश झड़ने वाले हो तो बता देना। आकाश : मीनू अब मुझसे नहीं रहा जाएगा, मैंने बहुत कंट्रोल कर लिया अब

ले लो अपने मुँह में, नहीं तो में तुम्हारी चूची में ही झड़ जाऊंगा। फिर मैंने उसके लंड को जल्दी से अपने मुँह में लेकर फिर से जोरदार चूसना शुरू किया। अब आकाश पूरा गर्म हो गया था, अब उसकी पूरी बॉडी काँप रही थी। इतने में

ही उसके लंड ने पानी छोड़ना स्टार्ट किया, वाऊ में बता नहीं सकती मुझे कैसा लगा जब उसके लंड से गर्म-गर्म रस मेरे मुँह में गया था? और उसके लंड की रस की मात्रा भी काफ़ी ज़्यादा थी, शायद निशा उसका ज़्यादा रस नहीं चूसती

थी। अमन : अभी अंदर मत लेना, सारा अपने मुँह में रखो में वाईन का गिलास लाता हूँ। फिर अमन वाईन का गिलास लेकर आया और अपने लंड से चिपका हुआ थोड़ा सा रस उसने अपने हाथ से साफ करके वाईन के गिलास में डाल दिया और फिर मैंने भी

अपने मुँह से सारा वीर्य वाईन के गिलास में डाल दिया। फिर उसने एक गिलास में अपने लिए वाईन डाली और फिर हम दोनों चियर्स करके अपना-अपना ड्रिंक पीने लगे। आकाश : मीनू तुमने चूस-चूसकर मेरी जान निकाल दी, आज तक ऐसे ज़ोरदार

तरीके से किसी ने मेरा लंड नहीं चूसा था, में तो तक गया हूँ अब हम अगला राउंड थोड़ी देर के बाद करेंगे। मीनू : कोई बात नहीं, हम थोड़ी देर आराम कर लेते है। अभी तो मेरी चूत तुम्हारा इंतजार कर रही है। आकाश : तुम रोजाना अमन

का लंड ऐसे ही चूसती हो क्या? मीनू : कोशिश करती हूँ कि रोजाना चूस पाऊँ, लेकिन कभी-कभी संभव नहीं होता है। आकाश : तुम्हें बुरा लगेगा यदि में एक सिगरेट जला लूँ तो? मीनू : नहीं बुरा क्यों लगेगा? एक मुझे भी दो ना जलाकर, में

भी सेक्स के बाद सिगरेट पीना पसंद करती हूँ। फिर अमन ने 2 सिगरेट जलाई, फिर में उसी सिगरेट को अगरबत्ती बनाकर आकाश के लंड के चारो और घूमाने लगी। आकाश : ये क्या कर रही हो? मीनू : पूजा कर रही हूँ मैंने मन्नत माँगी थी कि

यदि तुम्हारे लंड ने मेरी प्यास बुझा दी तो उसकी पूजा करूँगी, बस वही कर रही हूँ। आकाश : मीनू तुम बड़ी मस्त हो, मुझे यकीन नहीं हो रहा है कि मेरा तुम्हें चोदने का सपना पूरा होने वाला है। मीनू : तुम मुझे चोदने का सपना भी

देखते हो क्या? आकाश : निशा जब भी तुम्हारी बात करती है, तो में कल्पना करता हूँ कि तुम्हें चोद सकूँ, तेरी जैसी चुदासी किसी को भी मिल जाए तो वो तुझे चोदे बिना नहीं रह पाएगा। मीनू : आकाश आज मेरी चूत तुम्हारी है, चोद लेना

जितना चोद सको। अब में सिगरेट पीते हुए उसकी बाहों में लेटी हुई थी। दोस्तों आगे की कहानी अगले भाग में …
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