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यह चूत माँगे मोर -


दोस्तों ये कहानी आप सेक्सवासना डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

“चुदाई के लिए एक लंड काफी नहीं – 1” से आगे की कहानी … दोस्तों मैंने इस कहानी के भाग 1 में आपको बताया कि कैसे हमने अदला बदली करके चुदाई की प्लानिंग की थी? अब में निशा के पति आकाश से चुदने वाली थी और निशा मेरे पति अमन

से चुदने वाली थी। अब आगे की कहानी कुछ ऐसे है। अब आकाश और में अपने पहले सेशन के बाद आराम करते हुए बातें कर रहे थे। आकाश : मीनू, तुम कुछ सीक्रेट बताने वाली थी, बताओ क्या बात थी? मीनू : कुछ नहीं आकाश, मुझे किसी जवान

लड़के का लंड अपने मुँह में लेकर चूसना है और लंड को मिल्क करना है, ये मेरी इच्छा है पता नहीं कब पूरी होगी? आकाश : हम्मम्म, जवान लड़को का माल ज्यादा निकलेगा और तुम्हें ज़्यादा ख़ुशी मिलेगी, तुमने अमन को बताया

है। मीनू : नहीं और अब तुम भी मत बताना। आकाश : कोई बात नहीं, में नहीं बताऊंगा और क्या पता कभी भविष्य में कोई जवान कपल हमारे इस प्रोग्राम में आ जाए? फिर तुम्हारी भी इच्छा पूरी हो जाएगी और मेरी भी इच्छा पूरी हो

जाएगी। मीनू : मतलब तुम भी किसी जवान लड़की को चोदना चाहते हो? आकाश : हाँ सोचने में क्या बुराई है? वैसे भी हम उम्र से जवान ना हो, लेकिन सोच से तो अभी भी जवान है। मीनू : जब तुम निशा को चोदते हो तो किसी जवान लड़की को

सोचते हो। आकाश : हाँ कभी-कभी सोचता हूँ। मीनू : किसे? आकाश : रहने दो बताऊंगा तो तुम भी गुस्सा करोगी? मीनू : नहीं करूँगी बताओं ना, वो प्रॉमिस मुझ पर भी लागू होती है। आकाश : में आहना के बारे में सोचता हूँ, में अपनी

बेटी को चोदने की इच्छा रखता हूँ आहना दिखती भी तो निशा जैसी ही है। मीनू : वाऊ आहना, आकाश यू नॉटी, लेकिन एक बात बोलूं सोचने में कोई बुराई नहीं है यदि ऐसा सोचने से तुम्हें निशा के साथ सेक्स करने में और भी ज़्यादा मज़ा

आता है तो अच्छी ही बात है ना। दोस्तों ये कहानी आप सेक्सवासना डॉट कॉम पर पड़ रहे है। आकाश : तुमने कभी सोचा है कि आरव तुम्हें चोद रहा है। मीनू : नहीं, ऐसा तो कभी नहीं सोचा, लेकिन हाँ कभी-कभी सोचती हूँ कि में उसका लंड

चूस रही हूँ, उसका लंड मेरे मुँह में है। आकाश : वाऊ, मीनू तुम सच में मस्त हो, चलो सोचने में तो कोई बुराई नहीं है, वैसे तुमने आरव का लंड खड़ा होने पर देखा है। मीनू : नहीं, खड़ा होने पर तो नहीं देखा है, लेकिन एक दिन मुझे

उसके बेड के नीचे से मेरी पेंटी और ब्रा मिली थी और उसमें उसने काफ़ी मुठ मारा हुआ था। आकाश : वाऊ, आरव को देखने से लगता नहीं है कि वो ऐसे चुप-चुपकर अपनी माँ की पेंटी और ब्रा में मुठ मारता होगा। मीनू : हाँ, लेकिन मुठ

मारना तो नॉर्मल है हो सकता है उसे मेरी पेंटी और ब्रा मिल गयी होगी और उसका मन कर गया होगा और तुम बताओं तुमने कभी आहना को बड़ी होने पर नंगी देखा है, चूची तो उसकी भी निशा की जैसी ही होने वाली है। आकाश : नहीं, पूरी नंगी

नहीं देखी, लेकिन एक बार अचानक से वो बाथरूम से बाहर आ गयी थी और में हॉल में ही था तो मैंने उसे पेंटी और ब्रा में देखा है, हाँ चूची तो उसकी भी मस्त हो रही है इसलिए तो उसे चोदने की सोचने लगा। मीनू : चलो ये तुम्हारा और

मेरा सीक्रेट है हम इस बारें में किसी से कोई और बात नहीं करेंगे। आकाश : अभी जब तुम मेरा लंड चूस रही थी तो सच बताना आरव को सोच रही थी क्या? मीनू : नहीं नहीं, ऐसा नहीं है मुझे तो इतने दिनों के बाद कोई दूसरा लंड हाथ में

मिला है, में किसी और को क्यों सोचूँ? अब हमें पता भी नहीं चला कि बातों-बातों में कब 4 बज गये। अब 5 बजे हमारा बिच पर जाने का प्लान था तो मैंने आकाश से बोला कि जल्दी से एक सेशन चुदाई का कर लेते है, इस बार मुझे चोदो, फिर बिच

पर जाने के लिए तैयार हो जायेंगे। तब तक आकाश भी इन सब बातों से गर्म हो चुका था और अब मुझे उसका लंड फिर से तैयार दिख रहा था। फिर मैंने बोला कि चुदाई से पहले थोड़ा चूस लेती हूँ और फिर से आकाश के लंड को अपने मुँह में लेकर

दमदार चुसाई देने लगी थी। अब सच बताऊं तो उन बातों का यह असर हुआ कि सच में इस बार जब में उसका लंड चूस रही थी, तो में ये सोचने लगी कि में आरव का लंड चूस रही हूँ। अब कुछ देर में उसका लंड पूरी तरह से तैयार था, अब मेरी चूत भी

गीली हो चुकी थी, बस अब चूत और लंड को मिलना था। फिर आकाश ने थोड़ी देर तक अपने लंड को सहलाया और फिर मुझे बेड पर लेटाया और पोज़िशन बनाने लगा। अब मैंने भी उसे अपने पैरो से कस लिया और अपनी चूत को थोड़ा ऊपर करके उसके लंड को

बुलावा दे दिया। फिर आकाश ने अपने लंड को मेरी चूत के पास रखा और धीरे-धीरे से अंदर डालने लगा, अब उसके लंड का सुपाड़ा ही अंदर गया था कि उसकी मोटाई से मेरे मुँह से आहहह निकल गयी। मीनू : डाल दो आकाश, पूरा अंदर डालो। फिर

आकाश ने एक और धक्के से अपना पूरा लंड मेरी चूत के अंदर दे दिया। अब मेरी चूत को भी एहसास था कि आज कोई दूसरा लंड मिला है तो भर-भरकर पानी छूट रहा था। अब में भी अपनी गांड उठा-उठाकर उसके लंड को अपने अंदर ले रही थी। फिर आकाश

ने भी अपनी स्पीड तेज कर दी और बिना रुके मेरी चूत को चोदता रहा। अब में भी अपनी आ आ से उसके लंड के मोशन का साथ दे रही थी और मैंने अपनी चूची को कस कर दबाकर रखा था। फिर आकाश ने मेरी एक चूची अपने हाथ में ले ली और चोदने की

स्पीड को और बढ़ाया और मेरी चूची भी उतनी ही ज़ोर से दबाने लगा। उसका लंड हालाँकि अमन से थोड़ा छोटा था, लेकिन शायद अपनी बीवी के अलावा किसी और को चोदने के जोश में उसका लंड मेरी चूत में तूफान मचा रहा था। अब में पूरी तरह

से झड़ने वाली थी और फिर में आई एम कमिंग-कमिंग करते-करते झड़ गयी। अब आकाश अभी भी ज़ोरदार धक्के लगा रहा था। फिर अचानक से उसके लंड का बाँध टूट गया और उसने ढेर सारा रस मेरी चूत में ही छोड़ दिया। अब उसे मालूम था कि मुझे

रसपान करना है, तो वो फिर से वाईन का गिलास लेकर आया और मेरी चूत के पास रखा। अब में भी मूतने की पोज़िशन में आकर धीरे- धीरे रस को अपनी चूत से निकालकर वाईन के गिलास में डालने लगी थी। इस बार का रस केवल आकाश का नहीं था,

उसमें मेरा वीर्य भी मिक्स था। अब हम दोनों का रस मिलाकर पीने से मुझे और भी ज़्यादा आनंद आया था। अब चुदाई के सेशन से आकाश फिर से थक गया था, उसने सच में मेरी चूत को फाड़ने में जी जान लगा दी थी, तो थक तो जाएगा ही। अब में

अपनी ड्रिंक का मज़ा ले रही थी और वो बेड पर चित्त हो गया था। फिर थोड़ी देर के बाद मैंने उसे आराम करने दिया और उसके बाद मैंने उसे बोला कि बिच पर जाने के लिए तैयार होते है। आकाश : मीनू, ऐसी चुदाई बड़े दिनों बाद हुई है तो

में थक गया हूँ, हम आराम करते है और हम उन्हें मैसेज कर देते है कि हम नहीं आ रहे है। मीनू : वो ठीक नहीं रहेगा आकाश, जैसी हमने प्लानिंग की है वैसा ही करते है तुम बिच पर ही लेट जाना, क्या पता वहाँ अमन और निशा की भी यही हालत

हो? हम सब वहीं लेट जाएगें। आकाश : हाँ ठीक है, चलो में तैयार होता हूँ। फिर आकाश ने हाफ पैंट और टी-शर्ट पहनी और मैंने स्विम्मिंग बिकनी पहनी और उसके ऊपर लोवर और टॉप पहन लिया। अब हमारा प्लान था की यदि हमें बिच पर मौका

मिले तो हम खुले आसमान में कुछ मज़े करेंगे। अब आकाश को देखने से लग नहीं रहा था कि वो अभी कुछ करने की हालत में है, सच में उसने मेरी बहुत अच्छी चुदाई की थी, यदि वो थक गया था तो में उसे टाईम देना चाहती थी। फिर 5 बजे हम लोग

अपने रूम से बाहर निकले, तो अब सामने वाले रूम से अमन और निशा भी निकल ही रहे थे। फिर हम एक दूसरे को हाय बोलकर बिच पर जाने लगे, वो बिच उस होटल का प्राइवेट बिच था, उन होटल वालों ने छोटे से एरिया में प्राइवेट बिच को काफ़ी

साफ रखा हुआ था। फिर जब हम वहाँ पहुँचे तो वहाँ कुछ दूसरी फेमिली भी थी। फिर हमें वहाँ 4 आराम करने वाली कुर्सीयां दिखी, अभी हम सब थके हुए थे इसलिए हम सब आराम करने के लिए बैठ गये और दूसरी फेमिली जो बिच में थी, उनके बच्चे

खेल रहे थे। दोस्तों ये कहानी आप सेक्सवासना डॉट कॉम पर पड़ रहे है। अब में और निशा बिकनी में साथ-साथ ही थे, अब हमारे अलावा वहाँ 2 और लड़कीयां बिकनी में आराम कर रही थी और मर्द लोग हाफ पैंट में थे। अब प्राइवेट बिच होने

से वहाँ ज़्यादा भीड़ भी नहीं थी, अब लोग वहाँ अच्छे से इन्जॉय कर रहे थे। फिर कुछ देर के बाद हम सबकी आँख लग गयी और कुछ 2 घंटे के बाद मेरी नींद खुली तो मैंने देखा कि वो तीनों घोड़े बेचकर सो रहे है। अब बिच लगभग खाली था और जो

फेमिली वहाँ खेल रही थी, वो लोग भी जा चुके थे। फिर मैंने राईट साईड में देखा तो एक लड़का करीब 20 साल का होगा, वो हमारे से कुछ दूर पर रखी एक कुर्सी पर बैठा था। फिर मेरी नज़र उसके हाथ पर गयी तो वो अपना हाथ अपनी पैंट के अंदर

डाले हुए था। अब देखने से तो यही लग रहा था कि वो मुठ मार रहा है, अब मेरे देख लेने से शायद वो डर गया था। फिर मैंने निशा को उठाया और बोली कि चल वॉक पर चलते है। अब अमन और आकाश वो दोनों तो गहरी नींद में सो रहे थे। फिर निशा

उठी और हम बिच पर वॉक करने के लिए चले गये। मीनू : निशा, ज़्यादा नहीं पूछ रही हूँ लेकिन इन्जॉय कर रही हो ना, कैसा रहा अब तक का अनुभव? निशा : मीनू, हमें ये लगातार रखना चाहिए, तू बता तू इन्जॉय कर रही है ना। मीनू : में भी

इन्जॉय कर रही हूँ। निशा : बिच काफ़ी खाली हो गया ना, हम काफ़ी देर तक सो गये। मीनू : हाँ, बस हमारे अलावा वो लड़का दिख रहा है, वो भी शायद इसलिए बैठा है क्योंकि वो हमें देख पाए। निशा : सच? मीनू : हाँ, जब में उठी थी तो मैंने

देखा था कि वो हमारी तरफ ही देखकर अपनी पैंट में हाथ डालकर मुठ मार रहा था। निशा : ये जवान लड़के, इनका लंड तो हमें ऐसे ही देखकर खड़ा हो जाए और अभी तो हम बिकनी में है, वो बेचारा भी क्या करेगा? उसे मुठ मार लेने दे। मीनू :

मैंने उसे कहाँ रोका है, मैंने जैसे ही उसे देखा शायद उसने डर कर अपना हाथ बाहर निकाल लिया और अभी चुपचाप बैठा है। निशा : चल उसकी मदद करते है, अपने पति को नहीं बताएगें। मीनू : नहीं कहीं चिपकू निकला तो, मालूम पड़ा पीछे

पीछे हमारे कमरे में आ गया है और बेकार में ही हमारे पति से पिट जाएगा। निशा : अरे नहीं, चल ना बात कर लेंगे, बोले देंगे कि आगे से ऐसा कुछ नहीं करना। मीनू : तू बात करेगी। निशा : हाँ बाबा में बात करूँगी, चल अब। फिर हम

अचानक से उसकी तरफ जाने लगे, अब वो डरकर और भी सीधा बैठ गया था। निशा : हाय बॉय, क्या कर रहे हो? बॉय : कुछ नहीं आंटी, बैठा हूँ। निशा : दूसरी जो आंटी है, वो तो बता रही थी कि तुम कुछ और भी कर रहे हो। बॉय : सॉरी, वो इतना अच्छा

सीन है तो बस उसी का आनंद ले रहा हूँ। निशा : ओह, डबल मीनिंग कौन सा सीन? तुम्हारे साथ कौन है? बताना ज़रा अभी खबर लेती हूँ। बॉय : सॉरी आंटी आगे से ऐसा नहीं होगा। निशा : सॉरी, तुम हमें देखकर अपना लंड हिला रहे हो और जब

पकड़े गये तो सॉरी बोल रहे हो, तुम्हारे साथ कौन है? बोलो तुम्हारे मम्मी-पापा कहाँ है? तुम्हारी उम्र अभी पढ़ने की है, लंड हिलाने की नहीं है। बॉय : सॉरी आंटी, प्लीज़ मम्मी-पापा को कुछ मत बताना वो रूम में है, सॉरी आंटी,

वैसे मेरी उम्र 20 साल हो गयी है। निशा : 20 साल के हो तो ऐसे पब्लिक में लंड हिलाओगे? बॉय : नहीं आंटी आगे से कभी ऐसा नहीं करूँगा। निशा : ध्यान रखना, तुम अच्छे बच्चे लगते हो ये सब अच्छी बात नहीं है, मान लो हम अपने पति को बता

देते तो अभी तुम्हारी अच्छी से पिटाई हो जाती ना। बॉय : नहीं आंटी सॉरी, अंकल को भी कुछ मत बताना। निशा : अच्छा चलो, किसी को नहीं बताउंगी और क्योंकि तुम अच्छे लड़के हो, तुम अभी मुठ भी मार लेना, पहले ये बताओ कि तुम किसे

देखकर मुठ मार रहे थे? बॉय : जी, यहाँ से मुझे इन दूसरी आंटी की गांड दिख रही थी, बस वही देखकर अपना लंड हिला रहा था। मीनू : अच्छा, मेरी गांड देखकर तुम्हारा लंड खड़ा हुआ था? बॉय : हाँ आंटी, आप दोनों बहुत गर्म माल हो। निशा

: अच्छा, निकालो अपना लंड और उसे सहलाओ। बॉय : आंटी, आपके पति उठ गये तो क्या होगा? मीनू : इसलिए तो बोल रही हूँ जल्दी निकालो। बॉय : ये लो आंटी, देखो मेरा लंड कैसे सलामी दे रहा है? निशा : हिलाओ स्पीड में। फिर वो लड़का हम

दोनों के सामने अपना लंड हिलाने लगा, उसका लंड अच्छा था, उसका लंड काफ़ी गोरा भी था। निशा : देखो और बताओं तुम्हें किसकी गांड ज़्यादा अच्छी लग रही है? बॉय : दोनों की आंटी। निशा : तुम्हें हम दोनों में से एक गांड छूने को

मिले, तो किसकी गांड छुओगे? बॉय : दूसरी आंटी की। मीनू : और किसकी चूचीयाँ ज़्यादा अच्छी है? बॉय : आंटी क्या आप अपना बूब्स नंगा दिखा सकती है? फिर हम दोनों ने अपने बूब्स को बिकनी से बाहर निकालकर उसे दिखाया, अब वो और भी

ज़्यादा गर्म हो गया और अब उसने अपने लंड हिलाने की स्पीड भी बढ़ा दी थी। निशा : बोलो किसके बूब्स तुम्हें ज़्यादा अच्छे लग रहे है? बॉय : दोनों के आंटी, लेकिन में आपकी चूचीयों के बीच में अपना लंड डालना चाहूँगा। मीनू :

क्यों? बॉय : क्योंकि आंटी के बूब्स आपसे बड़े-बड़े है। निशा : अच्छा तो तुम्हें बड़े-बड़े बूब्स अच्छे लगते है, तुम्हारी माँ के कितने बड़े है? बॉय : मेरी माँ के तो आपसे भी बड़े-बड़े है आंटी, उनकी साईज़ 38 है मैंने उनकी ब्रा

देखी है। मीनू : अपनी माँ की ब्रा चैक करते हो, फिर तो अपनी माँ की चूचीयों को सोचकर अपना लंड भी हिलाते होगें। बॉय : हाँ आंटी, काश मेरी माँ भी आप लोगों के जैसी होती। अब वो इन बातों से और भी गर्म हो गया था। अब उसके लंड

हिलाने की स्पीड से लग रहा था कि अब वो झड़ने वाला है। फिर मैंने अपनी बिकनी ब्रा निकालकर उसे दे दी और बोली कि लो इसमें अपना पानी निकालना। फिर उसने जैसे ही मेरी ब्रा को अपने लंड पर लगाया तो उसके लंड ने ज़ोरदार पानी

छोड़ा और मैंने उसके लंड के पानी को अपनी ब्रा में ले लिया। निशा : चलो अब जल्दी से यहाँ से निकल जाओ, कहीं हमारे पतियों को मालूम पड़ा ना तो तुम्हारे लंड की अच्छे से पिटाई हो जाएगी, तो फिर वो भी डरकर भाग गया। निशा : मीनू

तू उसके रस का क्या करेगी? मीनू : में तो चाटने वाली हूँ, तू टेस्ट करेगी तो बता? निशा : पहले तू टेस्ट कर ले और थोड़ा सा मेरे लिए भी रखना में देखूं तो सही जवान लड़के का टेस्ट कैसा होता है? फिर में उसके स्पर्म को अपनी

ब्रा में ही चाटने लगी और थोड़ा सा निशा को भी दिया। उसने सच में काफ़ी ज़्यादा स्पर्म गिराया था और उसका टेस्ट भी काफ़ी नया था। फिर अच्छे से चाटने के बाद मैंने अपनी ब्रा को पानी से धोया और फिर से पहन लिया। निशा :

कितना नॉटी लड़का था, देखो अपनी माँ की चूचीयों को भी सोचकर अपना लंड हिलाता है। मीनू : हाँ, अभी उसकी उम्र ही ऐसी है एक बार गर्लफ्रेंड बन जाएगी तो शायद फिर अपनी माँ पर बुरी नज़र ना रखे। निशा : तुने आरव को मुठ मारते हुए

देखा है? मीनू : नहीं रे। निशा : लेकिन हिलाता तो वो भी होगा, सोच यदि वो भी तुझे सोचकर अपना लंड हिलाता हो तो। मीनू : नहीं रे ऐसा मत बोल। निशा : अच्छा चल सॉरी सॉरी, चलो अब पतियों को उठाते है। अब अंधेरा भी होने वाला है तो

अब ओपन में एक ब्लोवजोब तो बनता है, अभी कोई है भी नहीं, तू आकाश को लेकर उधर जा और में अमन के साथ इधर ही रहती हूँ। फिर हमने अमन और आकाश को उठाया। फिर में आकाश को पकड़कर बिच के एक तरफ ले जानी लगी और निशा भी अमन को लेकर

दूसरी तरफ जा रही थी। फिर थोड़ी दूर तक में आकाश का हाथ पकड़कर चल रही थी। मीनू : अपनी पैंट उतारो ना, लंड पकड़कर चलती हूँ। फिर आकाश ने भी झट से अपनी पैंट उतारी और में उसके लंड को पकड़कर चलने लगी। फिर मैंने पीछे मुड़कर

देखा तो निशा और अमन भी दूसरी और पहुँच चुके थे। अब अंधेरे में मुझे ज़्यादा कुछ दिख भी नहीं रहा था, लेकिन इतना जरुर दिख रहा था कि वो अमन के लंड को चूसने लगी है। फिर मैंने भी आकाश के लंड पर अपना हाथ टाईट किया और नीचे

बैठकर उसे अपने मुँह में ले लिया। अब में तो उस लड़के वाले एपिसोड से पहले से ही गर्म थी, तो मैंने भी स्पीड में आकाश के लंड को चूसना शुरू किया। अब कुछ ही देर में उसका लंड पूरे तरीके से टाईट हो चुका था। फिर मैंने उसके

लंड को अपने हाथों से पकड़कर उसके बॉल्स को अपने मुँह में लिया और ज़ोर-ज़ोर से चूसने लगी। अब आकाश किसी तरह से अपने आप पर कंट्रोल कर रहा था और अपनी आँखे बंद करके आ आ की आवाज़े निकाल रहा था। फिर मैंने उसके बॉल्स को

अच्छे से दबाया और उसके लंड को अपने मुँह में लेकर आगे पीछे करने लगी। अब आकाश भी अपनी गांड हिला-हिलाकर मेरा साथ दे रहा था। अब उसने भी मेरे मुँह को चोदना शुरू कर दिया था और अब उसका लंड पूरे तरीके मेरे मुँह के अंदर बाहर

हो रहा था। आकाश : मीनू अब मुझसे कंट्रोल नहीं हो रहा है में नीचे लेट जाता हूँ तुम भी अपनी चूत मेरे मुँह में रखो। फिर वो नीचे बिच पर ही लेट गया और में 69 की पोज़िशन में उसके लंड को फिर से चूसने लगी। अब वो भी मेरी चूत

जोर-जोर से चूसने लगा था, उसकी भी चूसने की स्पीड बहुत अच्छी थी। अब में भी मज़े से उसका लंड चूस रही थी। फिर कुछ देर में उसके लंड ने पानी छोड़ दिया और सारा पानी मैंने पी लिया। लंच टाईम के बाद से आज का सेक्स बड़ा अच्छा था,

अब मेरी प्यास बुझ गयी थी। फिर आकाश ने अपनी पैंट पहन ली और मैंने भी अपनी बिकनी ठीक कर ली। फिर हम वापस से अपनी कुर्सी की और जाने लगे तो अब निशा और अमन भी अपना सेशन पूरा कर चुके थे और वो भी वहाँ आ गये थे। अब हम सब संतुष्ट

थे। फिर हमने डिसाइड किया कि हम फ्रेश होकर डिनर के लिए चलेंगे। अब में बहुत उत्तेजित थी कि डिनर के बाद में फिर से आकाश के साथ रहूंगी और हम फिर से इन्जॉय करेंगे। उसके बाद हम सब फ्रेश होकर डिनर के लिए गये। अब इतने

सेक्स के बाद सब लोग भूखे थे और रात के लिए एनर्जी भी चाहिए थी। फिर अमन और आकाश ने ड्रिंक करने का डिसाइड किया। फिर हम दोनों उन्हें लिमिट में पीने को कहकर में और निशा वॉक पर चले गये। फिर कुछ देर तक हम दोनों चुपचाप वॉक

करते रहे। फिर अचानक से हम दोनों ने एक साथ बोला कि यार हमें और भी कपल्स को इस ग्रुप में लाना होगा, हमें और भी ज़्यादा मज़ा आएगा। अब हम दोनों एक साथ हँसने भी लगी थी। अब हम दोनों को पता था कि हम इसे आगे भी जारी रखना चाहते

है। लेकिन इसके लिए हमारे पति भी तैयार होने चाहिए। अब में आपको आगे की रात की कहानी और बहुत कुछ अगले पार्ट में बताउंगी। आगे की कहानी अगले भाग में …
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