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चूत की प्यसस तो चुदाई से ही बुझती है


दोस्तों ये कहानी आप सेक्सवासना डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

हैल्लो दोस्तों, में आज आप सभी को अपना एक सच्चा सेक्स अनुभव के बारे में बताने जा रहा हूँ, जिसमें मैंने एक पंजाबी शादीशुदा भाभी को चोदकर उसके मज़े लिए, वो मेरे बड़े भाई के एक बहुत अच्छे दोस्त की पत्नी है। दोस्तों वैसे

मुझे सेक्स करना और सेक्सवासना डॉट कॉम पर सेक्सी कहानियाँ पढ़ना बहुत अच्छा लगता है और में यह सभी बहुत समय से करता आ रहा हूँ और पिछले कुछ समय में मैंने अब तक बहुत सारी कहानियों के मज़े लिए और अब में आप सभी का ज्यादा

समय खराब ना करते हुए सीधे अपनी आज की कहानी पर आता हूँ। दोस्तों मेरे घर पर में मेरे भाई और मेरी भाभी रहती है और मेरे माता पिता हमारे गाँव में रहते है। मेरे भाई की और मेरी नौकरी यहाँ शहर में है तो इसलिए हम सभी लोग

यहाँ पर अपने एक फ्लेट में रहते है। मेरा भाई एक बीमा कंपनी में सलाहकार का काम करते है और में एक प्राइवेट बैंक में काम करता हूँ। एक बार मेरे भैया उनके ऑफिस के लोगों के साथ दो दिन के लिए कहीं बाहर घूमने जा रहे थे। मेरे

भाई के ऑफिस में उनका एक दोस्त भी काम करता है और जिसके साथ भैया की बहुत गहरी दोस्ती है, वो उस दिन तैयार होकर हमारे घर पर आ गए और मेरे भैया भी उसकी ही राह देख रहे थे। फिर कुछ देर बाद में वो दोनों उनके ऑफिस में फिक्स किए

हुए स्थान पर जाने वाले थे, जहाँ से वो अपनी आगे की यात्रा शुरू करने वाले थे। तभी मेरे भैया ने अचानक से मुझे अपने पास बुलाया और फिर उन्होंने मुझसे कहा कि उनके दोस्त की बाईक को में उसके घर पर ले जाकर छोड़ दूँ और उसकी

चाबी में उसकी बीवी को दे दूँ, मैंने भैया से कहा कि मैंने उनका घर नहीं देखा। फिर भैया ने मुझे उसका पता लिखकर दे दिया। उनका घर हमारे घर से पांच किलोमीटर दूर था और करीब आधे घंटे के बाद भैया वो लोग चले गये। करीब दो घंटे

के बाद मैंने सोचा कि चलो उसकी बाईक को लौटा देते है और में यह सोचकर उनकी बाईक को अपने घर से लेकर निकल गया और करीब 15 मिनट के बाद में उसके घर पर पहुंच गया। फिर मैंने पार्किंग में उसकी बाईक को खड़ा करके चाबी लेकर उसकी

बीवी को देने के लिए दूसरी मंजिल पर उनके फ्लेट पर पहुंचा। मैंने दरवाजे पर लगी घंटी को बजाया और जैसे ही दरवाजा खुला तो मैंने मेरे भाई के दोस्त की बीवी को देखा तो उसने मुझसे पूछा कि आप कौन हो और आपको क्या काम है? तो

मैंने कहा कि मुझे विजय ने भेजा है, जो आपके पति के दोस्त है और में उनका भाई हूँ और आपके पति ने मुझे आपकी बाईक को यहाँ तक पहुँचाने के लिए बोला था। अब वो मेरी तरफ मुस्कुराई और वो मुझसे बोली कि आप अंदर आ जाईये और उसके

कहने पर में अंदर चला गया और सोफे पर बैठ गया। फिर वो मेरे लिए रसोई में पानी लेने अंदर चली गयी, वो बहुत सेक्सी और सुंदर थी। कुछ मिनट बाद वो पानी लेकर आ गई और मैंने पानी पिया। उसने तब सफेद कलर का सलवार कुर्ता पहन रखा था,

उसमें से उसकी ब्रा और बूब्स का आकार साफ साफ नजर आ रहा था और उसके वो बड़े आकार के बूब्स जैसे कि उसकी ब्रा से बाहर निकलने का रास्ता ढूँढ रहे थे। फिर मैंने मन ही मन सोचा कि वाह क्या मस्त हॉट है, यह पंजाबी लड़की यह बस एक

बार मेरे हाथ में आ जाए तो मज़ा आ जाए, में अब उसके कातिल जिस्म को छूने उसकी चुदाई के बारे में सोच रहा था। तब वो बोली कि आपका क्या नाम है? मैंने कहा कि राजीव और तब तक मैंने पानी पी लिया था और अब में उठते हुए उससे बोला कि

में अब चलता हूँ। फिर वो बोली कि अरे रुकिये आप चाय पानी तो पीते जाए वर्ना विजय भैया मुझे डाटेंगे। तब मैंने कहा कि अरे नहीं, में अब चलता हूँ, लेकिन फिर भी वो मेरे मना करने के बाद भी मेरे लिए चाय बनाने के लिए रसोई के

अंदर चली गयी। दोस्तों अब में वहां पर बैठकर उसके सेक्सी फिगर का मन ही मन नाप लेने लगा था, क्या मस्त बड़े एकदम गोल और क्या सुंदर गोरे फिगर थे? और उनको देखकर किसी की भी नियत बिगड़ जाए। फिर मैंने सोचा कि क्या मस्त

सेक्सी पंजाबी कुड़ी है, बेड पर तो यह तूफान ही मचा देती होगी और ऐसा सोचते सोचते मेरा लंड पूरा खड़ा हो चुका था, जो मेरी पेंट से साफ दिख रहा था और अब मेरा लंड पेंट से बाहर निकलने की कोशिश कर रहा था। फिर उतने में वो चाय

लेकर आ गई और मैंने चाय पीना शुरू किया, लेकिन फिर भी मेरा पूरा ध्यान उसके सेक्सी बदन पर ही था और अब वो मुस्कुराते हुए मुझसे पूछने लगी कि वैसे आप करते क्या है? तो मैंने कहा कि में एक बेंक में नौकरी करता हूँ। फिर उसने

मुझसे पूछा क्या आपकी शादी हो गयी है? तो मैंने कहा कि नहीं, अब तक तो नहीं और अब यह सभी बातें मुझसे पूछते वक़्त उनकी आवाज़ में कुछ जोश और चेहरे पर एक अजीब सी चमक आ गयी थी, जिसको देखकर में तुरंत समझ गया था कि वो अब मुझसे

जरुर अपनी चुदाई करवाएगी और वो मुझे अपनी चूत देने के लिए अब पूरी तरह से तैयार है। उसका मुझसे हंस हंसकर बातें करना मुझसे मेरे बारे में पूछना में उन सबका मतलब समझ चुका था। तभी वो बोली कि क्या बात है? ऐसे मस्त सुंदर

अच्छे दिखने वाले आदमी को तो बहुत सारी लड़कियाँ मिल जाएगी। फिर मैंने कहा कि आप रहने दीजिए, आपके सामने तो गुरु भैया जैसे अच्छे आदमी भी बुरे लगने लगे। ( दोस्तों मेरे भाई के दोस्त का नाम गुरु है ) अब मैंने उसकी तारीफ़

करना शुरू किया, जिसकी वजह से उसके तेवर अब बहुत ज्यादा बदल चुके थे और वो मेरी तरफ आकर्षित होने लगी थी, वो अब मुझसे थोड़ा सा इतराते हुए अपने शरारती अंदाज में प्यार से कहने लगी कि अरे कॉलेज टाईम पर तो कितने लड़के मेरे

आसपास मंडराया करते थे, लेकिन मैंने उन पर कभी भी इतना ध्यान नहीं दिया, क्योंकि में अकेली कितनों पर ध्यान देती? उस समय हर कोई मेरा दीवाना था। मैंने उसकी यह बात सुनकर मन ही मन सोचा कि आज में इसको नहीं छोड़ूँगा और

मैंने उससे कहा कि हाँ आप हो भी वैसे इतनी सुंदर कि आपके अब भी बहुत चाहने वाले है, लेकिन आपको उनके बारे में क्या पता? फिर मैंने कहा कि तो ठीक है, अब में चलता हूँ। तभी उसने अचानक से लपककर मेरा हाथ पकड़ लिया और बोली कि

ऐसे कहाँ जा रहे हो राजा, आज इस जवानी का भी तो मज़ा ले ले, वो मेरा पति गुरु है ना उसको तो मेरी जवानी में कोई रूचि ही नहीं है, आजा मेरे राजा यह कहकर उसने मेरे लंड को पेंट के बाहर से पकड़ लिया और वो बोली कि तूने अब तक इसको

अंदर क्यों छुपा रखा है? यह कहकर उसने मेरी पेंट की क्लिप और ज़िप को खोलकर लंड तक अपना हाथ पहुंचा दिया और दूसरे झटके में उसने मेरी पेंट और अंदरवियर को उतार दिया और मेरे बँधे, तनकर खड़े हुए लंड को उसके एक ही झटके में

तुरंत आज़ाद कर दिया। अब वो बोली कि वाह यार यह इतना बड़ा लंड आज तक क्यों तेरी मुठ्ठी में घिस रहा था, आजा मेरी मुठ्ठी में आजा और वो मेरा लंड अपनी मुट्ठी में पकड़कर रगड़ने लगी, मुझे अब बहुत मज़ा आ रहा था, आहहह में सिसकने

लगा था। मैंने उसके कुल्हे को सलवार के ऊपर से ज़ोर से दबाया। फिर वो बोली कि ओहहह उफफ्फ्फ्फ़ दबा हाँ और ज़ोर से दबा। मैंने अब उसकी निप्पल को कपड़ो के बाहर से ही ज़ोर से दबाया, जिसकी वजह से वो सिसकने लगी, ऊऊऊऊहह आईईईईई

मैंने उसकी सलवार को जल्दी से निकालकर फेंक दिया और कुर्ते का नाड़ा भी खोल दिया, लेकिन फिर भी वो मेरे लंड को रगड़ रही थी। फिर वो बोली कि तेरा यह लंड तो बहुत बड़ा और मोटा है और आज मेरी चूत को इससे संतुष्टि मिलेगी, मेरी

चूत बहुत बरसों से प्यासी है, आज तू उसकी प्यास बुझा दे मेरे राजा। फिर मैंने कहा कि रानी तेरी चूत को तो आज में अपने लंड से फाड़ ही डालूँगा और वो सब तुझे जिंदगी भर यार रहेगा। अब वो मेरे सामने बस ब्रा और पेंटी में ही थी

और उसके बड़े बड़े आकार के बूब्स बाहर आने को तरस रहे थे। फिर मैंने अपना एक हाथ उसकी गीली पेंटी के अंदर डाल दिया और उसकी गरम गीली चूत पर अपनी दो उँगलियाँ रगड़ने लगा, वो सिसकियाँ लेने लगी आआहह उफफ्फ्फ्फ़ और अपने हाथ के

एक झटके से मैंने उसकी पेंटी को निकालकर फेंक दिया और वो तुरंत नीचे बैठकर मेरा लंड अब अपने मुहं में ले रही थी, वो बहुत जोश में आकर मेरा लंड चूस रही थी। फिर कुछ देर बाद मैंने उससे कहा कि रूको, तो वो रुकी और मैंने अपनी

पोज़िशन बदल दी और अब मैंने उसको सोफे पर लेटा दिया और में उस पर उल्टा लेट गया, जिसकी वजह से अब उसकी चूत मेरे मुहं के पास और मेरा लंड उसके मुहं के पास था। फिर उसने लपककर मेरा लंड अपने मुहं में ले लिया और मैंने अपनी जीभ

को उसकी चूत पर रख दिया और में उसकी चूत को चूसने लगा। फिर वो बोली ऊऊऊहह आह्ह्हह्ह चूस यार हाँ उसको और ज़ोर से चूस, गुरु ने तो इसको अब तक प्यासा ही छोड़ दिया है, उसने कभी उसको चूसा भी नहीं और वो सिर्फ़ महीने में दो तीन

बार ही इसको चोदता है, इसलिए यह बहुत प्यासी है और वो जैसे ही अपना लंड मेरी चूत में डालता है और दो तीन झटके लगाकर चोद देता है, उसकी चुदाई ज्यादा देर नहीं चलती और वो झड़ जाता है, लेकिन तू आज इसको जमकर पूरा मज़ा दे दे मेरे

राजा। मैंने अपनी जीभ को उसकी चूत के अंदर डाल दिया और वो सिसकियाँ लेने लगी, आहहह्ह्ह ओहहह्ह्ह चोद मुझे, हाँ चोद मुझे, ज़ोर ज़ोर से चोद मुझे आआआहह अब वो मेरा लंड पूरे जोश से चूस रही थी और यह सब करीब 15 मिनट तक चला। दोस्तों

ये कहानी आप सेक्सवासना डॉट कॉम पर पड़ रहे है। अब में खड़ा हो गया और उसको लेटाए रखा और उसकी ब्रा को निकाल दिया। मैंने आज तक ऐसे बड़े बूब्स कभी अपनी आखों के सामने नहीं देखे थे, वाह इतने सुंदर बदन की मालकिन आज तक

प्यासी कैसे रह सकती है, तुम अगर पहले मुझे मिल गई होती तो में अब तक तुम्हें पूरी दुनियाभर की सेर करवा देता, लेकिन अब भी तुम्हें वैसा ही मज़ा दूंगा, जिसके लिए तुम इतनी परेशान हो और अब आगे से नहीं रहोगी, यह मेरा तुमसे

वादा रहा। फिर मैंने अब उसकी निप्पल को ज़ोर से दबाया तो वो करहा रही थी आआअहह ऊफ्फफ्फ्फ्फ़ में अब ज़ोर से उसके बड़े बड़े बूब्स को अपने दोनों हाथों से दबाने लगा और अब में उसकी एक निप्पल को अपने मुहं से चूसने लगा और फिर

दूसरी निप्पल को भी चूसा और चूसते चूसते मैंने अपने एक हाथ की उंगली को उसकी चूत में डाल दिया और वो सिसकियाँ लेने लगी आआहहहह और अब में अपनी उंगली को उसकी चूत के अंदर बाहर करने लगा। फिर कुछ देर बाद मैंने अपनी दूसरी

उंगली को भी उसकी चूत के अंदर डाल दिया और अब में ज़ोर से अपनी दोनों उंगली से उसकी चूत को चोदने लगा। अब तक उसकी चूत गीली हो चुकी थी और मैंने महसूस किया कि वो टाईट भी बहुत थी और वो उसका मज़ा ले रही थी आआहह ओह्ह्ह्हहह और

अंदर जाने दो, आह्ह्ह्ह हाँ थोड़ा सा और अंदर डालो वो बोलती रही और कुछ देर बाद में खड़ा हो गया। अब मैंने उससे कहा कि अब मेरा लंड और ज्यादा देर सब्र नहीं कर सकता। में इसको अब और नहीं तड़पा सकता और अब में तेरी चूत की

चुदाई से इसको शांत करूँगा तो वो बोली कि हाँ जल्दी से आजा और मेरी प्यासी चूत की प्यास को भी बुझा दे, यह तो कब से तेरे लंड की राह देखकर गीली हो रही है मेरे राजा। फिर मैंने उसके दोनों पैरों को उठाया और अपने लंड को उसकी

चूत के छेद पर रख दिया। मैंने देखकर महसूस किया कि उसकी चूत बहुत टाईट है, इसलिए एक झटके में तो मेरा पूरा लंड उसकी चूत में नहीं जाएगा। फिर भी मैंने अपने पूरे दम से एक झटका दिया, जिसकी वजह से मेरा आधा लंड उसकी चूत के

अंदर घुस गया और वो चिल्लाई आआहह आऊऊऊहह माँ में मर गई। फिर में थोड़ी देर रुका और मैंने एक बार फिर से एक और ज़ोर का झटका दिया और अपने पूरे लंड को उसकी चूत में डाल दिया और वो एक बार फिर से उस असहनीए दर्द की वजह से ज़ोर से

करहा गई आआआआहह मार डाला तेरे लंड ने तो ऊऊऊऊऊओह माँ यह कैसा दर्द है? फिर मैंने एक बार फिर से अपना लंड चूत से बाहर निकाला और एक ज़ोर से धक्का दे दिया। इस बार एक ही झटके में मैंने अपना पूरा लंड उसकी चूत में डाल दिया, वो

अब सिसक रही थी आआआहह ओहूऊओह अब में धीरे धीरे अपना लंड अंदर बाहर करने लगा और हल्के झटके देने लगा। अब उसको भी मज़ा आने लगा था और वो अब और ज्यादा जोश में आ चुकी थी। फिर वो बोली कि आआ राजा और ज़ोर से झटके लगा और ज़ोर से

डाल, मार ज़ोर से मार और ज़ोर से मार तू आज मेरी इस चूत को फाड़ दे। मेरी आज सभी तमन्नाए पूरी कर दे। फिर में ज़ोर से अपने लंड को उसकी चूत में धक्के देने लगा, वो फिर से बोली हाँ और ज़ोर से और ज़ोर से हाँ पूरा अंदर तक घुसा और

अंदर तक जाने दे हाँ और थोड़ा जाने दे। अब मैंने अपनी स्पीड को एकदम तेज कर दिया। मैंने उससे पूछा क्यों मज़ा आ रहा है ना? तो ऐसा मज़ा तो मुझे आज तक कभी नहीं आया राजा। अब मैंने उसकी चूत से लंड को निकालकर उसको खड़ा किया और

अब मैंने उसको पीछे जाकर डोगी स्टाईल में सोफे पर बैठा दिया। अब मैंने पीछे से उसकी चूत में अपने लंड को डाल दिया ऊऊऊऊओह वो बोली चोद मुझे अह्ह्ह्ह हाँ मुझे इसी स्टाईल में चोद और ज़ोर से चोद। में अब पीछे से उसकी चूत को

लगातार धक्के देकर चोदने लगा। मैंने अपने दोनों हाथ से उसके दोनों बड़े आकार के बूब्स को पकड़कर दबा रहा था और पीछे से धक्के देकर चोद भी रहा था। मैंने करीब आधे घंटे तक उसकी पीछे से चुदाई की और अब मैंने उसको कहा कि मेरा

लंड अब झड़ने वाला है। फिर वो मुझसे बोली कि तू इसको पूरा अंदर ही झड़ने दे, मुझे आज उसका पूरा मज़ा लेने दे मेरे राजा और मैंने अपने धक्को की स्पीड और बढाई और वो अब करहा रही थी आअहह ओहह्ह्ह और बोल रही थी हाँ आने दे आने दे

पूरा अंदर और अंदर और ज़ोर से आने दे। मैंने अपनी स्पीड बढाई और अब मेरे लंड ने उसकी चूत को अपने वीर्य से पूरा भर दिया, वो और ज़ोर से चिल्लाने लगी आआआहह आईईईईई मेरे राजा आऊऊऊऊहह चोद मुझे और ज़ोर से चोद। अब में पूरी तरह

थक चुका था, इसलिए मैंने अपने लंड को उसकी चूत से बाहर निकालकर में सोफे पर लेट गया और वो भी मेरे पास लेट गयी। अभी भी मेरा हाथ उसके बूब्स पर ही था और में उसको अभी भी दबा रहा था। फिर थोड़ी देर बाद वो खड़ी हुई और अपने कपड़े

लेकर बाथरूम की तरफ चली गयी। में भी उठकर उसके पीछे पीछे चला गया और वो बोली कि चलो ठीक है आज हम दोनों एक साथ में नहाते है। हम दोनों अभी भी पूरे नंगे ही थे। उसने मेरे लंड को साफ कर दिया और मैंने उसकी चूत की सफाई की और अब

मेरा लंड एक बार फिर से खड़ा हो चुका था। उसका भीगा हुआ बदन देखकर मेरा लंड अब उसकी चुदाई करने के लिए फुकारने लगा था। फिर वहीं पर बाथरूम में ही मैंने उसको कहा कि तूने कभी अपनी गांड को चुदवाया है या नहीं? तो वो बोली कि

नहीं मैंने कहा कि आज में तेरी प्यासी बिना चुदी गांड की भी प्यास बुझा देता हूँ, चल आजा मेरी रानी यह बोलकर मैंने बाथरूम की अलमारी से उसकी तेल की बोतल को उठाया और थोड़ा सा तेल अपनी उंगली पर लगाया और थोड़ा सा उसकी गांड पर

लगाकर अच्छे से मालिश करने लगा और अब में अपनी उंगली को धीरे से उसकी गांड में डालने लगा और वो दर्द से चिल्लाई ऊऊऊओह उफ्फ्फफ्फ्फ़, लेकिन तेल लगा हुआ होने की वजह से उसको ज्यादा दर्द नहीं हुआ। अब में अपनी उंगली से उसकी

गांड को चोदने लगा और वो हल्की आवाज से करहा रही थी आआहह ओहह्ह्ह अब मैंने अपनी दूसरी उंगली को भी उसकी गांड के अंदर डाल दिया और अंदर बाहर करने लगा। फिर मैंने अपने लंड को पूरा तेल से भिगाया और उसको डोगी स्टाईल में

बाथरूम में ही खड़ा कर दिया। अब मैंने उसकी गांड पर थोड़ा और तेल लगाया और अपने खड़े हुए लंड को मैंने उसकी गांड में डाल दिया, वो दर्द के मारे बहुत ज़ोर से चिल्लाई, आआआआहह आईईईइ माँ मुझे तूने आज मार ही डाला, तूने यह क्या

किया? मुझे बहुत दर्द हो रहा है ऊऊहह्ह्ह्ह प्लीज अब इसको बाहर निकाल दे वरना में इसकी वजह से मर ही जाउंगी, प्लीज मुझ पर थोड़ा सा रहम कर। दोस्तों फिर भी मैंने उसकी बातों पर ध्यान ना देते हुए अपने लंड को बार बार अंदर

बाहर करके में उसको चोदने लगा और कुछ देर बाद मैंने अपना लंड उसकी गांड में और भी अन्दर डाल दिया। अब मैंने महसूस किया कि उसका दर्द अब मज़े में बदल चुका था और वो भी मेरे साथ मज़े लेने लगी थी, इसलिए में अब धीरे धीरे अपने

लंड को उसकी गांड में धक्के देने लगा था, लेकिन वो अभी भी हल्की सी सिसकियाँ ले रही थी आह्ह्हह्ह माँ मर गई, प्लीज थोड़ा धीरे करो। उसका मतलब यह था कि उसकी गांड में मेरा लंड पूरी तरह से रगड़कर अंदर बाहर हो रहा था, लेकिन में

अपने काम में लगा रहा और कुछ देर बाद अब उसको भी मज़ा आने लगा था, क्योंकि वो अब अपनी गांड को इधर उधर हिलाकर लंड को पूरा अंदर डालने के लिए मुझसे हर बार कह रही थी और इस तरह में करीब 15 मिनट तक लगातार उसकी गांड में अपने लंड

को धक्के मारता रहा और अब तेल की चिकनाई की वजह से उसकी गांड से पच पच की आवाज़ पूरे ज़ोर से आ रही थी। फिर जब में झड़ने वाला था, तो मैंने अपने धक्कों की स्पीड को बढ़ा दिया और अब में दो चार धक्के देने के बाद उसकी गांड में ही

झड़ गया और वो दर्द से कराह रही थी आआआहह ऊऊऊऊहह और वो अब मुझसे कहने लगी कि तुमने आज मुझे पूरी औरत बना दिया है, मुझे चुदाई का असली मज़ा वो सुख दिया है, जो मुझे आज तक मेरे पति ने कभी नहीं दिया है और तुम्हारी चुदाई करने का

तरीका और बहुत देर तक रुककर चोदना मुझे बहुत अच्छा लगा, सच में तुम्हारे अंदर बहुत दम और जोश भी है और तुम्हारे साथ मुझे चुदाई करके बहुत मज़ा आया। दोस्तों करीब 15 मिनट के बाद में उसके घर से निकल गया और मैंने उसको अपना

मोबाईल नंबर दे दिया था। अब उसको जब बी कोई सही मौका अपनी चुदाई करवाने के लिए मिलता है तो वो मुझे फोन कर देती है और अब हम दोनों हर बार अलग अलग जगह पर अलग तरीके से चुदाई का मज़ा लेते है ।।
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