मुठ मारते पकड़ाया


Author :Unknown Update On: 2015-11-03 11:08:27 Views: 1929

मेरा नाम सुमेर है और मैं बांसवाड़ा (राजस्थान) का रहने वाला हूँ। मैंsexvasna.com की लगभग सभी कहानियां पढ़ चुका हूँ। मैं आज आपको अपनी एक सच्ची घटना बताने जा रहा हूँ। यह घटना दो साल पुरानी है, जब मैंने पहली बार सेक्स

किया। मेरे पड़ोस में एक आंटी और अंकल रहते हैं। आंटी की उम्र 34 साल होगी। उनका एक बेटा है, जो विदेश में रहता है। एक दिन मैं कालेज नहीं गया और घर पर भी मैं अकेला ही था, तो मैं अपने मोबाईल में ब्लु-फिल्म देख रहा

था!!! जिसे देखकर मेरे मन में भी सेक्स करने की बहुत इच्छा होने लगी, तो मैं वही सोफे पर बैठकर मुठ मारने लगा। जब मैं मुठ मारने में खोया हुआ था तभी मेरे पडोस वाली आंटी कुछ काम से मेरे घर आईं और उन्होंने मुझे देख

लिया। मैं घबरा गया और जल्दी से अपनी जि़प बंद करने लगा और सीधा होकर बैठ गया। मैं उनसे नजरे नहीं मिला पा रहा था। मुझे ड़र भी लग रहा था कि आंटी मेरी मम्मी को बता देंगी। इसी डर से मुझे नींद आ गई और मैं सो गया। दूसरे

दिन मैं कालेज से घर आया, खाना खाया और टीवी देखने लगा। मम्मी बाजार चली गईं, थोड़ी देर बाद आंटी ने मुझे आवाज दी!!! मैं घबराता हुआ उनके पास गया तो उन्होंने मुझे दवाई लेने भेजा। जब मैं वापस आया तो आंटी ने पूछा – चाय

पिओगे? तो मैंने ना बोल दिया। फिर उन्होंने मुझे कल वाली बात के बारे में पूछा तो मैं कुछ नहीं बोल पाया, सिर्फ सुनता रहा। तभी आंटी मेरे पास आकर बैठी और बोलीं – टेंशन मत लो, मैं किसी को नहीं बोलुंगी। फिर वो टीवी चला कर

चाय बनाने चली गईं। मैं टीवी देख रहा था। आंटी वापस आईं और मेरे पास बैठ कर टीवी देखने लगीं। तभी धीरे धीरे आंटी ने हाथ बढ़ाया और मेरा लण्ड सहलाने लगीं, जो पहले ही गरम हो चुका था। मुझे भी मजा आ रहा था, पर मैं कुछ नहीं

बोला। धीरे धीरे आंटी गर्म हो गई और मैं भी उनके संतरे सहलाने लगा। वो और भी गर्म हो गईं। दस मिनट बाद मैंने अपना हाथ उनकी चूत पर रख दिया और उसमें उंगली घुसा दी। आंटी को झटका लगा पर मुझे कुछ नहीं बोलीं… यह मेरा

पहला अनुभव था, मैंने कभी चूत नहीं देखी थी!! आंटी ने चूत को एकदम साफ किया हुआ था। फिर आंटी खड़ी हुईं और मेरे लण्ड को अपने मुंह में लेकर चुसने लगीं। मुझे तो मानो जन्नत मिल गई थी। सच में बहुत मजा आ रहा था। फिर आंटी

ने मुझे अपनी चूत चाटने को बोला पर मैंने ना बोल दिया। आंटी ने भी ज्यादा जोर नहीं दिया। आंटी ने दस मिनट तक मेरे लण्ड को चुसा फिर मैं उनके मुंह में ही झड़ गया। थाड़ी देर बाद आंटी ने मुझे चाय पिलायी और फिर से मेरे

लण्ड के साथ खेलने लगीं। मैं फिर से गर्म हो गया और आंटी को बिस्तर पर लिटा कर, मेरा छः इंच का लण्ड उनकी चूत में डालने लगा। आंटी बोलीं – जल्दी ड़ाल। मैं जोश मे आ गया और जोर का धक्का लगाया। आंटी की सिसकारियाँ लेने

लगीं और मुझे कस कर पकड़ लिया। थोड़ी देर में आंटी भी नीचे से धक्के लगाने लगीं। फिर यह चुदाई लगभग 15 मिनट चली और मैं झड़ गया। इस दौरान आंटी दो बार झड़ चुकी थीं। इसके बाद मैं आंटी को एक साल तक मौका मिलने पर चोदता

रहा!!! आपको मेरी कहानी कैसी लगी? Comment please...

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